Pramaanita ↔ अप्रमाणित
विद्या और बौद्धिक विकास में प्रमाणित का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में अप्रमाणित की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
अक्षर 'प' से प्रारंभ होने वाले विपरीतार्थक शब्द युग्म (प्रदर्शित: 251–277 / कुल: 277):
Pramaanita ↔ अप्रमाणित
विद्या और बौद्धिक विकास में प्रमाणित का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में अप्रमाणित की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
Praaveenya ↔ अयोग्यता
विद्या और बौद्धिक विकास में प्रावीण्य का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में अयोग्यता की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
Deekshaa ↔ परित्याग
विद्या और बौद्धिक विकास में दीक्षा का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में परित्याग की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
Paathyakrama ↔ सह-पाठ्यक्रम
विद्या और बौद्धिक विकास में पाठ्यक्रम का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में सह-पाठ्यक्रम की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
Prashnottaree ↔ मौन
विद्या और बौद्धिक विकास में प्रश्नोत्तरी का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में मौन की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
Deekshaanta-samaaroha ↔ प्रवेश-उत्सव
विद्या और बौद्धिक विकास में दीक्षांत-समारोह का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में प्रवेश-उत्सव की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
Pustakeeya-jnyaana ↔ व्यावहारिक-अनुभव
विद्या और बौद्धिक विकास में पुस्तकीय-ज्ञान का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में व्यावहारिक-अनुभव की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
Medhaavee-chhaatra ↔ पिछड़ा-छात्र
विद्या और बौद्धिक विकास में मेधावी-छात्र का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में पिछड़ा-छात्र की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
Prajnyaachakshu ↔ ज्ञानहीन
विद्या और बौद्धिक विकास में प्रज्ञाचक्षु का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में ज्ञानहीन की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
Uchcha-shikshaa ↔ प्राथमिक-शिक्षा
विद्या और बौद्धिक विकास में उच्च-शिक्षा का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में प्राथमिक-शिक्षा की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
Paathyapustaka ↔ कहानी-किताब
विद्या और बौद्धिक विकास में पाठ्यपुस्तक का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में कहानी-किताब की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
Praadhyaapaka ↔ शिक्षार्थी
विद्या और बौद्धिक विकास में प्राध्यापक का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में शिक्षार्थी की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
Pratibhaashaalee ↔ प्रतिभाहीन
विद्या और बौद्धिक विकास में प्रतिभाशाली का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में प्रतिभाहीन की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
Anukoola-mausama ↔ प्रतिकूल-मौसम
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में अनुकूल-मौसम की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में प्रतिकूल-मौसम का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Pavanaabhimukha ↔ पवनविमुख
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में पवनाभिमुख की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में पवनविमुख का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Puravaaee ↔ पछुआ
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में पुरवाई की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में पछुआ का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Pahaadee-havaa ↔ मैदानी-लू
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में पहाड़ी-हवा की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में मैदानी-लू का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Parvateeya-jalavaayu ↔ मरुस्थलीय-जलवायु
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में पर्वतीय-जलवायु की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में मरुस्थलीय-जलवायु का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Anukoola-pavana ↔ प्रतिकूल-पवन
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में अनुकूल-पवन की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में प्रतिकूल-पवन का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Pavana-vega ↔ शांत-वायु
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में पवन-वेग की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में शांत-वायु का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Vasnta-bahaara ↔ पतझड़-का-सन्नाटा
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में वसंत-बहार की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में पतझड़-का-सन्नाटा का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Aage ↔ पीछे
कठिन परिस्थितियों से घबराए बिना हमें निरंतर आगे बढ़ते रहने का संकल्प लेना चाहिए।
असफलता के भय से अपने कदम पीछे खींच लेना प्रगति के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा है।
Paas ↔ दूर
विद्यालय हमारे घर के बिलकुल पास होने के कारण बच्चों को आने-जाने में कोई असुविधा नहीं होती।
रोजगार की तलाश में युवाओं को अपने परिवार से बहुत दूर महानगरों में रहना पड़ता है।
Khona ↔ पाना
लापरवाही के कारण अपने बहुमूल्य दस्तावेज खोना भविष्य के लिए भारी पड़ सकता है।
सच्ची निष्ठा से कर्म करने पर मनवांछित फल पाना कोई असंभव बात नहीं है।
Pahunchana ↔ छूटना
समय पर स्टेशन पहुंचना यात्रा को सुखद और तनावमुक्त बनाए रखता है।
ट्रैफिक जाम में फंसने के कारण ऐन वक्त पर गाड़ी का छूटना भारी असुविधाजनक रहा।
Chhodna ↔ पकड़ना
स्वास्थ्य को हानि पहुंचाने वाली बुरी आदतों को तुरंत छोड़ना ही श्रेयस्कर है।
क्रिकेट मैच में जीत हासिल करने के लिए क्षेत्ररक्षक को हर कठिन कैच पकड़ना पड़ता है।
Utaarna ↔ पहनाना
घर में प्रवेश करने से पूर्व बाहर ही गंदे जूते उतारना स्वच्छता का परिचायक है।
माता ने अपने नन्हे बालक को उत्सव के लिए सुंदर नए वस्त्र पहनाना शुरू किया।