Khurdura ↔ चिकना
रेगमाल से रगड़ने पर खुरदुरी लकड़ी की सतह बिल्कुल चिकनी हो जाती है।
चिकने पत्थर पर पानी टिक नहीं पाता, जबकि खुरदुरी मिट्टी वर्षा की नमी को सोख लेती है।
अक्षर 'ख' से प्रारंभ होने वाले कुल 40 विपरीतार्थक शब्द युग्म नीचे दिए गए हैं:
Khurdura ↔ चिकना
रेगमाल से रगड़ने पर खुरदुरी लकड़ी की सतह बिल्कुल चिकनी हो जाती है।
चिकने पत्थर पर पानी टिक नहीं पाता, जबकि खुरदुरी मिट्टी वर्षा की नमी को सोख लेती है।
Chokha ↔ खोटा
चोखा माल हर कोई खरीदता है, खोटा सिक्का कोई स्वीकार नहीं करता।
खोटा सिक्का बाज़ार में नहीं चलता, उसी प्रकार कपटी व्यक्ति का समाज में आदर नहीं होता।
Khara ↔ खोटा
खरा सोना आग में तपकर भी कुंदन बनता है जबकि खोटा धातु जलकर भस्म हो जाता है।
खोटा सिक्का बाज़ार में नहीं चलता, उसी प्रकार कपटी व्यक्ति का समाज में आदर नहीं होता।
Khinna ↔ प्रसन्न
विफलता से खिन्न होने के स्थान पर नए उत्साह से प्रयास करो।
प्रसन्न चित्त व्यक्ति कठिन से कठिन परिस्थिति में भी सकारात्मक मार्ग खोज लेता है।
Baadal ↔ खुला आसमान
काले बादल हटते ही नीला खुला आसमान चमक उठा और चारों तरफ रोशनी फैल गई।
खगोलीय अवलोकन के लिए खुला आसमान अनिवार्य शर्त है, क्योंकि बादलों में तारे नहीं दिखते।
Khushi ↔ दुख
सफलता मिलने पर पूरे परिवार में खुशी और उल्लास का माहौल बन गया।
संकट के समय धैर्य बनाए रखने से दुख और निराशा का प्रभाव कम हो जाता है।
Prasannata ↔ खिन्नता
मित्रों से मिलकर उसके चेहरे पर स्वाभाविक प्रसन्नता झलकने लगी।
असफलता की सूचना पाकर उसके मन में गहरी खिन्नता छा गई।
Khed ↔ हर्ष
अपनी भूल का अहसास होने पर उसने विनम्रतापूर्वक खेद व्यक्त किया।
प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक मिलने पर विद्यालय में हर्ष छा गया।
Prafullit ↔ खिन्न
वर्षा की फुहारें पड़ते ही कृषक का हृदय प्रफुल्लित हो उठा।
फसल खराब होने की आशंका से किसान का मन खिन्न हो गया।
Khalvaata ↔ सकेश
उम्र ढलने के साथ सिर के बाल झड़ने से कई व्यक्तियों का मस्तक खल्वाट हो जाता है।
आयुर्वेदिक तेलों और उचित पोषण से सिर का भाग घने बालों से युक्त और सकेश बना रहता है।
Khatta ↔ मधुर
कच्चे आम का स्वाद खट्टा होता है जो चटनी बनाने के काम आता है।
पके हुए पपीते का स्वाद अत्यंत मधुर और रुचिकर होता है।
Khaara ↔ मधुर
समुद्र का पानी अत्यधिक खारा होने के कारण पीने योग्य नहीं होता।
पहाड़ी झरने का मधुर और शीतल जल थके यात्रियों की प्यास बुझाता है।
Khaadya ↔ अखाद्य
खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग ने छापे मारे।
प्लास्टिक और रासायनिक रंग अखाद्य वस्तुएं हैं जिन्हें भोजन में नहीं मिलाना चाहिए।
Khasta ↔ कड़ा
कारीगर ने हलवाई की दुकान पर खस्ता कचौड़ियाँ तैयार कीं।
अधिक सेंकने के कारण तवे की रोटी कड़ा होकर चबाने में मुश्किल हो गई।
Khataas ↔ मिठास
नींबू के रस की तीखी खटास ने शिकंजी को ताजगी भरा बना दिया।
पके हुए आम की स्वाभाविक मिठास सबको आकर्षित करती है।
Khameeri ↔ अखमीरी
खमीरी नान तंदूर में फूलकर स्पंज की तरह मुलायम बन जाती है।
रोजमर्रा की रोटी अखमीरी आटे से तवे पर सेकी जाती है।
Kangaali ↔ खुशहाली
लगातार सूखा पड़ने से किसानों के घर में कंगाली छा गई।
अच्छी पैदावार और उचित मूल्य मिलने से संपूर्ण अंचल में खुशहाली लौट आई।
Kifaayati ↔ खर्चीला
सार्वजनिक बस सेवा आम नागरिकों के लिए अत्यंत किफायती माध्यम है।
निजी विमान से यात्रा करना बहुत खर्चीला और विलासितापूर्ण शौक है।
Kamaai ↔ खर्च
कड़ी धूप में पसीना बहाकर उसने महीने भर की कमाई जुटाई।
दवाइयों और इलाज का खर्च अचानक बढ़ जाने से बजट बिगड़ गया।
Thok ↔ खुदरा
थोक व्यापारी बड़े ट्रकों में सीधे कारखाने से माल मंगवाते हैं।
खुदरा दुकानदार मोहल्लों में ग्राहकों को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में वस्तुएं बेचते हैं।
Jamaakhori ↔ खुला-बाजार
अनाज की कृत्रिम कमी पैदा करने के लिए व्यापारियों ने जमाखोरी शुरू कर दी।
खुला-बाजार होने के कारण सभी खरीदारों को बिना किसी बाधा के माल मिल रहा है।
Bikree ↔ खरीद
त्योहारी सीजन में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की बिक्री में भारी इजाफा हुआ।
कच्चे माल की समय पर खरीद न होने से उत्पादन कुछ दिनों के लिए रुक गया।
Khajaana ↔ खाली-तिजोरी
पुरातत्वविदों को किले के तहखाने में सोने के सिक्कों से भरा खजाना मिला।
युद्ध के निरंतर खर्चों ने राजशाही की खाली-तिजोरी को दुनिया के सामने उजागर कर दिया।
Sikke ↔ खोटे-सिक्के
टक्साल से जारी किए गए नए तांबे और निकल के सिक्के बाजार में आ गए।
धोखेबाजों द्वारा फैलाए गए खोटे-सिक्के पकड़ने के लिए पुलिस ने अभियान चलाया।
Khara-sona ↔ खोटा-सिक्का
कठिन परिस्थितियों की अग्नि-परीक्षा में तपकर ही खरा-सोना चमकता है।
विपत्ति के समय कपटी व्यक्ति खोटा-सिक्का साबित हुआ और किसी काम न आया।
Satat ↔ खंडित
सतत विकास का लक्ष्य प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
बार-बार बिजली जाने से उत्पादन का चक्र खंडित हो गया।
Khaupha ↔ सुकून
संकट और विपत्ति के समय खौफ का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने सुकून का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Khataranaaka ↔ हानिरहित
संकट और विपत्ति के समय खतरनाक का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने हानिरहित का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Khauphanaaka ↔ सुहावना
संकट और विपत्ति के समय खौफनाक का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने सुहावना का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Umasadaara ↔ खुशनुमा
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में उमसदार की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में खुशनुमा का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Jhadee ↔ खुला-मौसम
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में झड़ी की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में खुला-मौसम का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Barphaanee-toophaana ↔ खिला-मौसम
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में बर्फानी-तूफान की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में खिला-मौसम का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Aandhee-paanee ↔ खिला-धूप
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में आंधी-पानी की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में खिला-धूप का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Khareedna ↔ बेचना
किसान अपनी मेहनत की कमाई से नई फसल के लिए उन्नत बीज और खाद खरीदना चाहता था।
मंडी में अच्छी कीमत मिलते ही व्यापारी ने अपना सारा अनाज बेचना उचित समझा।
Khushboo ↔ बदबू
बगीचे में खिले चमेली और गुलाब के फूलों की खुशबू पूरे वातावरण को महका देती है।
कूड़े-कचरे के ढेर से उठती बदबू के कारण रास्ते से गुजरना दूभर हो जाता है।
Khula ↔ बंद
ताजी हवा के आवागमन के लिए प्रातःकाल खिड़कियां खुला रखना उत्तम रहता है।
रात के समय सुरक्षा की दृष्टि से मुख्य द्वार को बंद रखना अनिवार्य है।
Khona ↔ पाना
लापरवाही के कारण अपने बहुमूल्य दस्तावेज खोना भविष्य के लिए भारी पड़ सकता है।
सच्ची निष्ठा से कर्म करने पर मनवांछित फल पाना कोई असंभव बात नहीं है।
Kholna ↔ बाँधना
पार्सल की जटिल गांठ को कैंची से काटने के बजाय धीरे-धीरे खोलना चाहिए।
सामान को सुरक्षित रखने के लिए उसे मजबूत रस्सी से कसकर बाँधना जरूरी होता है।
Khilna ↔ मुरझाना
वसंत ऋतु के आते ही उपवन में रंग-बिरंगी कलियों का खिलना मन मोह लेता है।
तीखी धूप और पानी के अभाव में कोमल पौधों का मुरझाना स्वाभाविक है।
Khada ↔ बैठा
बुजुर्गों और गुरुजनों के सम्मान में कक्षा के सभी विद्यार्थी आदरपूर्वक खड़े हो गए।
लंबी यात्रा की थकान के बाद पेड़ की शीतल छाया में बैठा यात्री सुखद विश्राम पा सका।