Tez ↔ धीमा
कछुआ धीमा चलकर भी जीत गया जबकि तेज़ दौड़ने वाला खरगोश सोता रह गया।
धीमा किंतु निरंतर प्रयास खरगोश की तेज़ चाल वाले को भी पीछे छोड़ देता है।
अक्षर 'ध' से प्रारंभ होने वाले कुल 54 विपरीतार्थक शब्द युग्म नीचे दिए गए हैं:
Tez ↔ धीमा
कछुआ धीमा चलकर भी जीत गया जबकि तेज़ दौड़ने वाला खरगोश सोता रह गया।
धीमा किंतु निरंतर प्रयास खरगोश की तेज़ चाल वाले को भी पीछे छोड़ देता है।
Dhani ↔ निर्धन
धनी व्यक्ति यदि कृपण हो तो समाज में उसका सम्मान निर्धन ज्ञानी से कम ही होता है।
सच्चा दानी वह है जो निर्धन और असहाय लोगों की पीड़ा समझकर सहायता के लिए आगे आए।
Chamkila ↔ धुंधला
धूल जम जाने से चमकीला कांच भी धुंधला और मैला दिखाई देने लगता है।
कुहासे में धुंधला दिखने वाला मार्ग सूर्योदय के साथ स्पष्ट और आलोकित हो उठा।
Ujjwal ↔ धूमिल
कड़ी मेहनत से छात्र का भविष्य उज्ज्वल बनता है, जबकि कुसंगति उसे धूमिल कर देती है।
समय के थपेड़े ऐतिहासिक स्मारकों की चमक को धूमिल कर देते हैं जिसे संरक्षण की आवश्यकता होती है।
Dhaarmik ↔ अधार्मिक
धार्मिक व्यक्ति सदा नीति-सम्मत राह चुनता है जबकि अधार्मिक अनीति की ओर आकर्षित होता है।
अधार्मिक आचरण समाज की नींव को खोखला कर कलह और अशांति को जन्म देता है।
Dhoop ↔ छांव
कड़कड़ाती धूप के बाद घने वृक्ष की शीतल छांव पथिक को नवजीवन प्रदान करती है।
जीवन धूप और छांव की भांति सुख और दुख का अनवरत संगम है।
Chhaya ↔ धूप
पेड़ स्वयं कड़ी धूप सहकर दूसरों को सुखद छाया प्रदान करते हैं।
कड़कड़ाती धूप के बाद घने वृक्ष की शीतल छांव पथिक को नवजीवन प्रदान करती है।
Dhara ↔ गगन
वर्षा की बूंदें गगन से गिरकर प्यासी धरा को तृप्त और हरा-भरा कर देती हैं।
विशाल गगन और शस्य-श्यामला धरा के मध्य प्रकृति की अनुपम शोभा दृष्टिगोचर होती है।
Vyom ↔ धरा
वैज्ञानिकों ने धरा से रॉकेट प्रक्षेपित कर अनंत व्योम के रहस्यों को उजागर किया।
वर्षा की बूंदें गगन से गिरकर प्यासी धरा को तृप्त और हरा-भरा कर देती हैं।
Megh ↔ धूप
आसमान में काले मेघ छाते ही तेज धूप छिप गई और मौसम सुहाना हो गया।
कड़कड़ाती धूप के बाद घने वृक्ष की शीतल छांव पथिक को नवजीवन प्रदान करती है।
Ghata ↔ धूप
सावन की घनी घटा घिरने से दिन में ही अंधेरा छा गया और धूप का नामोनिशान न रहा।
कड़कड़ाती धूप के बाद घने वृक्ष की शीतल छांव पथिक को नवजीवन प्रदान करती है।
Paala ↔ धूप
शीत लहर में पाला पड़ने से सब्जियों की फसल नष्ट हो जाती है, जिसे धूप ही बचा सकती है।
कड़कड़ाती धूप के बाद घने वृक्ष की शीतल छांव पथिक को नवजीवन प्रदान करती है।
Dhundh ↔ स्पष्टता
सर्दियों की सुबह छाई घनी धुंध धूप खिलने पर अद्भुत स्पष्टता में बदल गई।
सर्दियों की सुबह छाई धुंध छंटते ही वातावरण में अद्भुत स्पष्टता फैल गई।
Dhaara ↔ भंवर
कुशल नाविक शांत धारा में नाव दौड़ाते हैं और खतरनाक भंवर से नौका को बचाते हैं।
भंवर में फंसी नाव को किनारे की ओर मोड़ना नाविक के धैर्य और पराक्रम की परीक्षा है।
Oos ↔ धूप
हरी घास पर चमकती ओस की बूंदें सुबह की धूप खिलते ही भाप बनकर उड़ जाती हैं।
कड़कड़ाती धूप के बाद घने वृक्ष की शीतल छांव पथिक को नवजीवन प्रदान करती है।
Kohra ↔ धूप
सर्दियों की सुबह घना कोहरा छाने से यातायात धीमा हो गया, जो दोपहर की धूप में सामान्य हुआ।
कड़कड़ाती धूप के बाद घने वृक्ष की शीतल छांव पथिक को नवजीवन प्रदान करती है।
Dhoop-Chhaun ↔ एकरस मौसम
पहाड़ों का धूप-छांव भरा मौसम पल-पल में बदलता रहता है और पर्यटकों को चमत्कृत करता है।
पहाड़ों की बदलती धूप-छांव के विपरीत तटीय इलाकों में एकरस मौसम का अनुभव होता है।
Dhairya ↔ अधैर्य
कठिनाइयों के बीच धैर्य रखना ही सफल मनुष्य की सबसे बड़ी पहचान है।
जल्दबाजी में अधैर्य दिखाना बनते हुए काम को बिगाड़ देता है।
Dheer ↔ अधीर
विपत्तियों के आने पर धीर पुरुष कभी अपना संतुलन नहीं खोते।
ट्रेन के आने में देरी देखकर यात्री अधीर होने लगे।
Adheerta ↔ धैर्य
अधीरता में लिया गया कदम अक्सर नुकसान का कारण बनता है।
गंभीर संकट में भी धैर्य बनाए रखना महापुरुषों का लक्षण है।
Dharm ↔ अधर्म
सत्य, अहिंसा और परोपकार का आचरण करना ही मानव का सच्चा धर्म है।
अधर्म का मार्ग अपनाने वाले दुष्टों का विनाश अंततः निश्चित होता है।
Dharmaatma ↔ पापात्मा
धर्मात्मा पुरुष सदैव दूसरों के सुख-दुख में सहभागी बनकर उनकी सेवा करते हैं।
पापात्मा मनुष्य दूसरों का धन हड़पने और निर्दोषों को सताने में ही सुख खोजता है।
Dharmnishth ↔ धर्मविमुख
धर्मनिष्ठ नागरिक नियमों और नैतिक मर्यादाओं का निष्ठापूर्वक पालन करता है।
कर्तव्य से धर्मविमुख होकर भागने वाला व्यक्ति समाज में विश्वसनीयता खो देता है।
Dharmsammat ↔ धर्मविरुद्ध
शास्त्रों के अनुसार दीन-दुखियों की रक्षा करना ही धर्मसम्मत कर्म है।
किसी को धोखा देकर संपत्ति हड़पना धर्मविरुद्ध और दंडनीय आचरण है।
Dharmparaayan ↔ धर्मभ्रष्ट
धर्मपरायण राजा के राज्य में प्रजा भय और अभाव से मुक्त होकर सुखपूर्वक रहती थी।
धर्मभ्रष्ट शासक ने प्रजा की संपदा को लूटकर अपने विलास पर व्यय कर दिया।
Dharmaacharan ↔ अधर्माचरण
दैनिक जीवन में धर्माचरण का पालन करने से मनुष्य का आत्मबल और तेज बढ़ता है।
अधर्माचरण और छल-प्रपंच से अर्जित धन कभी सुख और शांति नहीं दे सकता।
Dhoopit ↔ कच्चा
कोयले के धुएं से धूपित रायता एक विशेष सोंधा स्वाद देता है।
कच्चा दूध बिना उबाले पीने से पेट में जीवाणु जा सकते हैं।
Dhanaadhya ↔ कंगाल
धनाढ्य सेठ ने नगर में विशाल चिकित्सालय का निर्माण करवाया।
जुआ खेलने की लत ने अमीर व्यापारी को एक ही वर्ष में कंगाल बना दिया।
Dhaneemaani ↔ दीनहीन
शहर के सभी धनीमानी लोग दान उत्सव में सम्मिलित हुए।
कड़ाके की ठंड में दीनहीन लोगों को गर्म कंबल बांटे गए।
Dhanaagaman ↔ धनहानि
त्योहारों के मौसम में दुकानों में बिक्री बढ़ते ही धनागमन बढ़ जाता है।
गलत निवेश योजनाओं में पूंजी लगाने से व्यापारियों को भयंकर धनहानि हुई।
Dhanaadesh ↔ नकदी
बड़ी व्यावसायिक खरीद का भुगतान धनादेश द्वारा करना अधिक सुरक्षित रहता है।
सब्जी मंडी में छोटे विक्रेताओं को तुरंत नकदी में भुगतान करना पड़ता है।
Dhanvaan ↔ कंगाल
धनवान व्यक्ति यदि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझे तो कई बुराइयां मिट सकती हैं।
व्यापार में धोखाधड़ी का शिकार होकर वह देखते ही देखते कंगाल हो गया।
Dhanaarjan ↔ धनक्षय
नैतिक मार्ग पर चलकर किया गया धनार्जन ही परिवार में स्थायी सुख लाता है।
जुआ और नशा धनक्षय के सबसे बड़े और विनाशकारी कारण माने गए हैं।
Dhankuber ↔ कंगाल
विशाल बहुराष्ट्रीय कंपनियों का स्वामी नगर का सबसे बड़ा धनकुबेर माना जाता है।
सट्टेबाजी के दलदल में फंसकर वह धनकुबेर से कंगाल बन गया।
Rachanaatmak ↔ ध्वंसात्मक
युवाओं की असीम ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों में लगाना राष्ट्रहित में है।
अराजक तत्वों की ध्वंसात्मक गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
Dhyeyanishth ↔ लक्ष्यहीन
ध्येयनिष्ठ युवा हर बाधा को पार करते हुए सफलता के शिखर पर पहुंचते हैं।
स्पष्ट योजना न होने से लक्ष्यहीन जीवन जीने वाले लोग बीच में ही भटक जाते हैं।
Atisheeghra ↔ धीमे
रोगी की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे अतिशीघ्र अस्पताल पहुंचाया गया।
पहाड़ी रास्तों पर वाहन को बहुत धीमे और संभलकर चलाना चाहिए।
Tvarit ↔ धीमा
आपदा प्रबंधन दल ने त्वरित राहत अभियान चलाकर हजारों लोगों को बचाया।
प्रशासनिक प्रक्रियाओं का धीमा चलना आम जनता में असंतोष उत्पन्न करता है।
Sheeghrata ↔ धीमापन
डॉक्टरों की सूझबूझ और शीघ्रता से जहर का असर फैलने से पहले रोक लिया गया।
दफ्तर के कामकाज में धीमापन नागरिकों की परेशानी का कारण बनता है।
Jaldbaajee ↔ धैर्य
सड़क पार करते समय जल्दबाजी करने से गंभीर दुर्घटना हो सकती है।
कठिन समय में धैर्य धारण करने से ही मनुष्य सही मार्ग खोज पाता है।
Kaatarataa ↔ धीरता
संकट और विपत्ति के समय कातरता का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने धीरता का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Hadbadaahata ↔ धैर्य
संकट और विपत्ति के समय हड़बड़ाहट का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने धैर्य का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Nirmala-aakaasha ↔ धुंधला-आकाश
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में निर्मल-आकाश की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में धुंधला-आकाश का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Himapaata ↔ धूप
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में हिमपात की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में धूप का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Neehaara ↔ धूप
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में नीहार की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में धूप का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Dhoolabharee-aandhee ↔ स्वच्छ-हवा
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में धूलभरी-आंधी की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में स्वच्छ-हवा का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Himaachchhaadita ↔ धूप-खिली
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में हिमाच्छादित की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में धूप-खिली का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Kuhaase-daara ↔ धूप-खिला
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में कुहासे-दार की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में धूप-खिला का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Baadala-ghiranaa ↔ धूप-खिलना
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में बादल-घिरना की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में धूप-खिलना का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Dhundhalaa-mausama ↔ साफ-मौसम
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में धुंधला-मौसम की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में साफ-मौसम का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Teja-barasaata ↔ धीमी-फुहार
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में तेज-बरसात की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में धीमी-फुहार का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Dhruveeya-sheeta ↔ विषुवतीय-ताप
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में ध्रुवीय-शीत की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में विषुवतीय-ताप का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Kuharaa-yukta ↔ धूप-खिला
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में कुहरा-युक्त की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में धूप-खिला का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Chamakna ↔ धुंधलाना
रात के शांत आकाश में ध्रुव तारे का चमकना नाविकों को सही दिशा दिखाता है।
धूल और नमी की परत जम जाने से दर्पण का धुंधलाना स्वाभाविक है।