Sahasi ↔ डरपोक
साहसी नाविकों ने उफनते समुद्र की विशाल लहरों को पार कर लिया।
डरपोक व्यक्ति छोटी सी परेशानी देखकर ही मैदान छोड़ देता है।
अक्षर 'ड' से प्रारंभ होने वाले कुल 13 विपरीतार्थक शब्द युग्म नीचे दिए गए हैं:
Sahasi ↔ डरपोक
साहसी नाविकों ने उफनते समुद्र की विशाल लहरों को पार कर लिया।
डरपोक व्यक्ति छोटी सी परेशानी देखकर ही मैदान छोड़ देता है।
Daah ↔ सद्भाव
दूसरों की समृद्धि देखकर मन में डाह पालना अपनी ही काया को सुखाना है।
सद्भाव रखने वाला व्यक्ति सबकी प्रगति पर प्रसन्न होता है।
Avichal ↔ डांवाडोल
सत्य के प्रति उसकी निष्ठा कठिन से कठिन प्रलोभन के सामने भी अविचल रही।
कमजोर मनोबल वाले व्यक्ति का निर्णय थोड़ी-सी कठिनाई आते ही डांवाडोल हो जाता है।
Nirbheeka ↔ डरपोक
संकट और विपत्ति के समय निर्भीक का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने डरपोक का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Bahaadura ↔ डरपोक
संकट और विपत्ति के समय बहादुर का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने डरपोक का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Adiga ↔ डांवाडोल
संकट और विपत्ति के समय अडिग का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने डांवाडोल का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Jigaravaalaa ↔ डरपोक
संकट और विपत्ति के समय जिगरवाला का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने डरपोक का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Shooraveera ↔ डरपोक
संकट और विपत्ति के समय शूरवीर का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने डरपोक का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Datakara ↔ डरकर
संकट और विपत्ति के समय डटकर का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने डरकर का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Daraavanaa ↔ आकर्षक
संकट और विपत्ति के समय डरावना का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने आकर्षक का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Atala-iraadaa ↔ डांवाडोल-मन
संकट और विपत्ति के समय अटल-इरादा का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने डांवाडोल-मन का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Nirbhaya-bhaava ↔ डर-का-भाव
संकट और विपत्ति के समय निर्भय-भाव का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने डर-का-भाव का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Doobna ↔ उतराना
भारी लोहे की कील पानी में डालते ही पेंदे में डूबना शुरू कर देती है।
हल्की सूखी लकड़ी और कॉर्क पानी की सतह पर तैरना और उतराना जारी रखते हैं।