Chetan ↔ जड़
यह संपूर्ण ब्रह्मांड जड़ प्रकृति और चेतन आत्मा के परस्पर संयोग से संचालित होता है।
सृष्टि में जड़ प्रकृति और चेतन आत्मा के अनवरत संयोग से जीवन का चक्र चलता है।
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Chetan ↔ जड़
यह संपूर्ण ब्रह्मांड जड़ प्रकृति और चेतन आत्मा के परस्पर संयोग से संचालित होता है।
सृष्टि में जड़ प्रकृति और चेतन आत्मा के अनवरत संयोग से जीवन का चक्र चलता है।
Jaagrat ↔ सुषुप्त
जाग्रत राष्ट्र ही अपनी सीमाओं और अधिकारों की रक्षा कर सकता है, सुषुप्त समाज पिछड़ जाता है।
सुषुप्त प्रतिभा को उचित प्रोत्साहन मिलने पर वह अद्भुत चमत्कार कर दिखाती है।
Supt ↔ जाग्रत
मनुष्य के भीतर सुप्त शक्तियां सही प्रेरणा मिलते ही जाग्रत हो जाती हैं।
जाग्रत समाज ही अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सदा सजग रहता है।
Jeevan ↔ मृत्यु
जीवन और मृत्यु ईश्वर के हाथ में है, मनुष्य का कर्तव्य केवल सत्कर्म करना है।
मृत्यु शाश्वत सत्य है, जो जन्म लेता है उसका अंत निश्चित है।
Janma ↔ मृत्यु
जन्म से कोई महान नहीं होता, व्यक्ति अपने कर्मों से महान बनता है।
मृत्यु शाश्वत सत्य है, जो जन्म लेता है उसका अंत निश्चित है।
Maran ↔ जीवन
जन्म और मरण का चक्र संसार का सनातन नियम है।
जीवन और मृत्यु ईश्वर के हाथ में है, मनुष्य का कर्तव्य केवल सत्कर्म करना है।
Jay ↔ पराजय
धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने वाले की अंततः जय होती है और अधर्मी की पराजय।
साहसी खिलाड़ी पराजय से निराश होने के बजाय अपनी कमियों से सीख लेता है।
Jeet ↔ हार
खेल में जीत और हार से बढ़कर खेल भावना का महत्व होता है।
हार मान लेना ही सबसे बड़ी असफलता है, निरंतर प्रयास ही जीत की कुंजी है।
Jimmedaaree ↔ लापरवाही
सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना प्रत्येक जागरूक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है।
सड़क पर कचरा फेंकने जैसी छोटी सी लापरवाही भी पूरे मोहल्ले में गंदगी फैला देती है।
Aabhijaatya ↔ जनसाधारण
राजदरबार का वैभवशाली आभिजात्य वर्ग सुख-सुविधाओं और ठाठ-बाट में जीवन व्यतीत करता था।
सच्चे लोकतंत्र का मुख्य उद्देश्य जनसाधारण के जीवन स्तर को ऊंचा उठाना और उन्हें अधिकार देना है।
Mahala ↔ झोपड़ी
राजधानी के भव्य महल में संगमरमर के खंभे और विशाल उद्यान बने हुए थे।
नदी किनारे अपनी छोटी सी झोपड़ी में गरीब मछुआरा सादगी और संतोष से जीवन बिता रहा था।
Jhopadpattee ↔ अट्टालिका
महानगरों के किनारे बसी झोपड़पट्टी में पेयजल और स्वच्छता की भारी किल्लत रहती है।
शहर के आधुनिक हिस्से में शीशे और कंक्रीट से बनी भव्य अट्टालिकाएं आकाश छूती दिखाई देती हैं।
Shayana ↔ जागरण
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार रात्रि में समय पर शयन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
परीक्षा की तैयारी के लिए छात्रों ने पूरी रात जागरण किया और पढ़ाई में जुटे रहे।
Jal ↔ अग्नि
सृष्टि के संतुलन हेतु शीतल जल और प्रज्वलित अग्नि दोनों तत्व अनिवार्य हैं।
अग्नि की भीषण लपटों को शांत करने के लिए प्रचुर मात्रा में जल की आवश्यकता होती है।
Thal ↔ जल
उभयचर प्राणी जल और थल दोनों ही स्थानों पर सुगमता से जीवन यापन कर सकते हैं।
सृष्टि के संतुलन हेतु शीतल जल और प्रज्वलित अग्नि दोनों तत्व अनिवार्य हैं।
Jwaar ↔ भाटा
चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण से समुद्र में ज्वार और भाटा की चक्रीय प्रक्रिया घटित होती है।
भाटा के समय समुद्र का जलस्तर पीछे हट जाता है, जबकि ज्वार के समय लहरें तट को लांघती हैं।
Jyoti ↔ तम
उपनिषद् का अमर संदेश है: तमसो मा ज्योतिर्गमय अर्थात् अंधकार से प्रकाश की ओर चलो।
सद्गुरु का सान्निध्य मन के अज्ञानांधकार तम को मिटाकर ज्ञान की पावन ज्योति जगाता है।
Jaagriti ↔ सुषुप्ति
प्रभात की प्रथम किरण के साथ प्रकृति में नव जागृति की लहर दौड़ जाती है।
शीत ऋतु में अनेक वन्य जीव सुषुप्ति में चले जाते हैं और वसंत में जागृति प्राप्त करते हैं।
Jwalant ↔ शांत
ज्वालामुखी से निकलता ज्वलंत लावा कुछ दिनों बाद ठंडा होकर शांत चट्टान बन जाता है।
शांत समुद्र में यात्रा सुखद होती है जबकि अशांत लहरों में जहाज डगमगाने लगता है।
Anoop ↔ जांगल
प्राचीन भूगोल में जलप्रचुर आर्द्र भूमि को अनूप और शुष्क झाड़ीदार प्रदेश को जांगल कहा जाता था।
जांगल प्रदेश में कांटेदार वनस्पतियां उगती हैं, जबकि अनूप भूमि में धान और कमल खिलते हैं।
Sthal ↔ जल
स्थल मंडल पर मानव सभ्यताएं विकसित हुईं, जबकि जल मंडल संपूर्ण जीवमंडल को जीवन देता है।
सृष्टि के संतुलन हेतु शीतल जल और प्रज्वलित अग्नि दोनों तत्व अनिवार्य हैं।
Mrit Jwalamukhi ↔ जीवंत ज्वालामुखी
मृत ज्वालामुखी के क्रेटर में समय के साथ वर्षा का जल भरकर सुंदर झील का रूप ले लेता है।
मृत ज्वालामुखी सदियों तक शांत रहता है, जबकि जीवंत ज्वालामुखी से निरंतर लावा निकलता है।
Jal-Strot ↔ मरुभूमि
पहाड़ों के प्राकृतिक जलस्रोत घाटी के निवासियों की प्यास बुझाते हैं, जहां मरुभूमि का अभाव है।
मरुभूमि में मीलों तक हरियाली का नामोनिशान नहीं मिलता, जहां केवल कंटीले कैक्टस उगते हैं।
Jungle ↔ शहर
जंगल में वन्यजीव स्वतंत्र विचरण करते हैं, जबकि शहर में कंक्रीट की ऊंची इमारतें होती हैं।
प्रदूषण मुक्त जीवन जीने के लिए लोग कभी-कभी शहर का शोर छोड़कर जंगल की शांति की शरण लेते हैं।
Jagrook ↔ उदासीन
जागरूक मतदाता ही लोकतंत्र की वास्तविक रीढ़ होते हैं।
पर्यावरण प्रदूषण की समस्या पर उदासीन बने रहना आत्मघाती है।
Chaitanya ↔ जड़
मानव शरीर में वास करने वाली चैतन्य आत्मा ही समस्त कर्मों की साक्षी है।
पत्थर और मिट्टी जड़ पदार्थ हैं जिनमें चेतना का अभाव होता है।
Josh ↔ होश
युद्ध में सैनिकों का जोश आकाश गुंजा रहा था।
जोश के साथ-साथ होश रखना भी अत्यंत आवश्यक है ताकि भूल न हो।
Sachchaai ↔ झूठ
सच्चाई के मार्ग पर चलने वाले व्यक्ति को आरंभ में कठिनाइयाँ आती हैं किंतु अंत में विजय उसी की होती है।
झूठ का सहारा लेकर खड़ा किया गया व्यापार या संबंध अधिक समय तक टिक नहीं पाता।
Sachcha ↔ झूठा
सच्चा मित्र वही है जो विपत्ति के समय ढाल बनकर साथ खड़ा रहे।
झूठा इंसान अपनी चिकनी-चुपड़ी बातों से कुछ समय के लिए ही भ्रमित कर सकता है।
Paaltu ↔ जंगली
कुत्ता और गाय मनुष्य के सबसे वफादार और उपयोगी पालतू पशु हैं।
जंगली जानवरों का शिकार करना वन्यजीव संरक्षण कानून के अंतर्गत दंडनीय है।
Jalchar ↔ थलचर
मछली और व्हेल जलचर प्राणी हैं जो गहरे समुद्र में निवास करते हैं।
घोड़ा और ऊँट थलचर जीव हैं जो जमीन पर तेजी से दौड़ सकते हैं।
Andaj ↔ जरायुज
पक्षी, सर्प और छिपकली अंडज प्राणी हैं जिनकी संतानों का जन्म अंडों से होता है।
मनुष्य, गाय और हिरण जरायुज प्राणी हैं जो सीधे बच्चों को जन्म देते हैं।
Jaaykedaar ↔ फीका
मसालों के सही संतुलन से दाल तड़का बेहद जायकेदार बना था।
नमक भूल जाने के कारण पूरा पुलाव एकदम फीका रह गया।
Ubaala ↔ जमाया
चाय बनाने के लिए उसने दूध और पानी को पतीले में अच्छी तरह उबाला।
हलवाई ने मटके में जामन डालकर गाढ़ा मीठा दही जमाया।
Jalpaan ↔ उपवास
सुबह की सैर से लौटने के बाद उसने फल और दूध का जलपान किया।
व्रत के दिन संध्या तक किसी भी प्रकार का जलपान न करके उपवास रखा जाता है।
Jala ↔ कच्चा
आंच तेज होने के कारण तवे पर पड़ा पराठा एक तरफ से जला निकला।
धीमी आंच पर कम सेकने से पूरी अंदर से कच्ची रह गई।
Sulah ↔ जंग
दोनों कबीलों के बुजुर्गों ने बातचीत करके शांतिपूर्ण सुलह कर ली।
विनाशकारी जंग में किसी भी पक्ष की वास्तविक जीत नहीं होती।
Jeth ↔ देवर
पारंपरिक परिवार में जेठ का आदर ससुर के समान माना जाता है।
देवर और भाभी का रिश्ता पारिवारिक हंसी-मजाक और आत्मीयता से भरा होता है।
Jeeja ↔ साला
जीजा जी के आगमन पर ससुराल में सभी छोटे-बड़े प्रसन्न हो उठे।
साला अपनी बहन की ससुराल में कुशलता का समाचार लेने पहुँचा।
Jyeshtha ↔ कनिष्ठ
परिवार में ज्येष्ठ सदस्य की राय को सर्वोच्च सम्मान और प्राथमिकता दी जाती है।
कनिष्ठ कर्मचारियों के उत्साह और नई सोच को भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
Jethaani ↔ देवरानी
जेठानी ने घर की बड़ी बहू के रूप में रसोई और पूजा का प्रबंध संभाला।
देवरानी अपनी जेठानी का आदर बड़ी बहन की तरह करती थी।
Jameendaar ↔ भूमिहीन
रियासत काल में जमींदार किसानों से भारी लगान वसूल करते थे।
भूमि सुधार कानूनों के तहत भूमिहीन श्रमिकों को कृषि योग्य पट्टे बांटे गए।
Aavak ↔ जावक
फसल के दिनों में मंडी में अनाज की आवक चरम पर पहुंच जाती है।
कारखाने से तैयार माल की जावक देश के विभिन्न राज्यों में हो रही है।
Jama ↔ निकासी
बचत खाते में नियमित रूप से धन जमा करने पर उचित ब्याज मिलता है।
एटीएम से नकदी की निकासी करते समय सावधानी बरतना आवश्यक है।
Aaharan ↔ जमा
अचानक चिकित्सा खर्च के लिए उसने अपनी भविष्य निधि से आहरण किया।
वेतन आते ही खाते में धन का नया जमा दर्ज हो गया।
Jamaakhori ↔ खुला-बाजार
अनाज की कृत्रिम कमी पैदा करने के लिए व्यापारियों ने जमाखोरी शुरू कर दी।
खुला-बाजार होने के कारण सभी खरीदारों को बिना किसी बाधा के माल मिल रहा है।
Jawaabdehee ↔ मनमानी
लोकतांत्रिक शासन प्रणाली में जनता के प्रति सरकार की जवाबदेही तय होती है।
तानाशाह शासक की मनमानी से पूरे देश की व्यवस्था तहस-नहस हो गई।
Jeevikopaarjan ↔ दानवृत्ति
ईमानदारी से किया गया जीविकोपार्जन व्यक्ति को गौरव और संतोष प्रदान करता है।
सक्षम होते हुए भी दानवृत्ति पर निर्भर रहना मनुष्य के आत्मसम्मान को गिराता है।
Kriyaasheelta ↔ जड़ता
प्रकृति की निरंतर क्रियाशीलता हमें बिना थके आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
मानसिक जड़ता त्यागकर ही समाज नए वैज्ञानिक विचारों को स्वीकार कर सकता है।
Jaldee ↔ देरी
ट्रेन पकड़ने के लिए हमें घर से जल्दी निकलना पड़ेगा।
कागजी कार्रवाई में देरी होने के कारण पासपोर्ट बनने में समय लगा।
Jaldbaajee ↔ धैर्य
सड़क पार करते समय जल्दबाजी करने से गंभीर दुर्घटना हो सकती है।
कठिन समय में धैर्य धारण करने से ही मनुष्य सही मार्ग खोज पाता है।
Jara ↔ यौवन
जरा और व्याधि से कोई भी प्राणी बच नहीं सकता, यह संसार का नियम है।
यौवन के उन्माद में कभी भी दूसरों के प्रति अनादर की भावना नहीं लानी चाहिए।
Ajar ↔ जीर्ण
देवताओं को अजर और अमर माना जाता है जिन पर वृद्धावस्था का प्रभाव नहीं होता।
सदियों पुरानी हवेली अब जीर्ण अवस्था में पहुंच चुकी है जिसकी दीवारें दरक रही हैं।
Chiranaveen ↔ जीर्णशीर्ण
प्रकृति का सौंदर्य चिरनवीन है जो हर ऋतु में नए रूप में प्रकट होता है।
सड़क किनारे जीर्णशीर्ण मकान कभी भी गिर सकता है, अतः सतर्कता आवश्यक है।
Ajarata ↔ जराग्रस्तता
योगियों की साधना उनके चेहरे पर अद्भुत तेज और अजरता बनाए रखती है।
आयु बढ़ने के साथ जराग्रस्तता से अंगों में शिथिलता आना स्वाभाविक है।
Ajeya ↔ जेय
संकट और विपत्ति के समय अजेय का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने जेय का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Jigaravaalaa ↔ डरपोक
संकट और विपत्ति के समय जिगरवाला का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने डरपोक का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Jokhima ↔ सुरक्षा
संकट और विपत्ति के समय जोखिम का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने सुरक्षा का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Nirbhaya-drishti ↔ झुकी-नजरें
संकट और विपत्ति के समय निर्भय-दृष्टि का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने झुकी-नजरें का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Medhaavee ↔ जड़बुद्धि
विद्या और बौद्धिक विकास में मेधावी का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में जड़बुद्धि की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
Jnyaanapipaasu ↔ उदासीन
विद्या और बौद्धिक विकास में ज्ञानपिपासु का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में उदासीन की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
Jijnyaasaa ↔ उदासीनता
विद्या और बौद्धिक विकास में जिज्ञासा का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में उदासीनता की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
Jijnyaasu ↔ अजिज्ञासु
विद्या और बौद्धिक विकास में जिज्ञासु का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में अजिज्ञासु की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
Jnyaanaarjana ↔ अज्ञानता
विद्या और बौद्धिक विकास में ज्ञानार्जन का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में अज्ञानता की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
Jnyaanadeepaka ↔ अज्ञान-अंधकार
विद्या और बौद्धिक विकास में ज्ञानदीपक का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में अज्ञान-अंधकार की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
Jnyaanodaya ↔ अंधविश्वास
विद्या और बौद्धिक विकास में ज्ञानोदय का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में अंधविश्वास की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
Prajnyaachakshu ↔ ज्ञानहीन
विद्या और बौद्धिक विकास में प्रज्ञाचक्षु का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में ज्ञानहीन की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
Jnyaanachakshu ↔ मोहांध
विद्या और बौद्धिक विकास में ज्ञानचक्षु का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में मोहांध की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
Jnyaana-prakaasha ↔ अज्ञान-तिमिर
विद्या और बौद्धिक विकास में ज्ञान-प्रकाश का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में अज्ञान-तिमिर की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
Jnyaanagngaa ↔ अविद्या-गर्त
विद्या और बौद्धिक विकास में ज्ञानगंगा का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में अविद्या-गर्त की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
Jnyaana-pipaasaa ↔ संतुष्टि
विद्या और बौद्धिक विकास में ज्ञान-पिपासा का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में संतुष्टि की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
Jalaplaavana ↔ अनावृष्टि
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में जलप्लावन की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में अनावृष्टि का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Jhnjhaavaata ↔ मंद-समीर
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में झंझावात की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में मंद-समीर का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Sameera ↔ झंझा
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में समीर की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में झंझा का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Jhamaajhama ↔ बूंदाबांदी
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में झमाझम की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में बूंदाबांदी का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Jhadee ↔ खुला-मौसम
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में झड़ी की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में खुला-मौसम का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Jalavrishti ↔ अनावृष्टि
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में जलवृष्टि की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में अनावृष्टि का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Jalavaayu ↔ मौसम
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में जलवायु की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में मौसम का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Jalabharaava ↔ सूखा
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में जलभराव की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में सूखा का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Jalamagna ↔ मरुस्थलीय
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में जलमग्न की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में मरुस्थलीय का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Hima-kana ↔ ज्वाला
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में हिम-कण की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में ज्वाला का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Jhnjhaavaatee-mausama ↔ शांत-मौसम
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में झंझावाती-मौसम की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में शांत-मौसम का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Aana ↔ जाना
त्योहार के अवसर पर दूर-दराज से रिश्तेदारों का घर आना वातावरण को उल्लासपूर्ण बना देता है।
छुट्टियां समाप्त होते ही परदेस वापस जाना हर किसी के मन को भावुक कर देता है।
Jeetna ↔ हारना
खिलाड़ी का मुख्य ध्येय केवल मुकाबला जीतना ही नहीं, बल्कि खेल भावना का परिचय देना भी है।
मैच में हारना निराशाजनक हो सकता है, परंतु यह नई सीख और अनुभव भी प्रदान करता है।
Jaagna ↔ सोना
देश की सीमाओं पर तैनात पहरेदारों का रात भर जागना ही नागरिकों को सुरक्षित रखता है।
समय पर सोना और पर्याप्त नींद लेना मस्तिष्क की एकाग्रता के लिए आवश्यक है।
Jodna ↔ घटाना
गणित में संख्याओं को जोड़ना और उनका योग निकालना सबसे पहला बुनियादी नियम है।
फिजूलखर्ची में कटौती करके अनावश्यक व्यय को घटाना ही बचत की कुंजी है।
Jalna ↔ बुझना
अंगीठी में सूखी लकड़ियों का जलना कड़कड़ाती ठंड में सबको गर्माहट देता है।
हवा का तेज झोंका आते ही दीये की लौ का बुझना स्वाभाविक था।
Jeena ↔ मरना
स्वाभिमान और सत्यनिष्ठा के साथ जीना ही मानव जीवन की वास्तविक सार्थकता है।
कायरता और अपमान के साए में घुट-घुट कर जीने से देश के लिए मरना कहीं अधिक श्रेष्ठ है।
Ubaalna ↔ जमाना
पानी को अच्छी तरह उबालना उसमें मौजूद हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट कर देता है।
गर्मियों में ताजगी के लिए फ्रीजर में पानी रखकर बर्फ जमाना बहुत आसान है।