Oordhva ↔ अधः
अग्नि की लौ सदा ऊर्ध्व गति करती है, जबकि जल का प्रवाह अधः दिशा में होता है।
सदाचारी विचार मनुष्य को ऊर्ध्व लोक की ओर उठाते हैं, जबकि हीन कर्म अधः पतन कराते हैं।
अक्षर 'ऊ' से प्रारंभ होने वाले कुल 7 विपरीतार्थक शब्द युग्म नीचे दिए गए हैं:
Oordhva ↔ अधः
अग्नि की लौ सदा ऊर्ध्व गति करती है, जबकि जल का प्रवाह अधः दिशा में होता है।
सदाचारी विचार मनुष्य को ऊर्ध्व लोक की ओर उठाते हैं, जबकि हीन कर्म अधः पतन कराते हैं।
Urvar ↔ ऊसर
गंगा के मैदानों की उर्वर मिट्टी में प्रचुर अन्न उपजता है, जबकि ऊसर भूमि में तिनका भी नहीं उगता।
कठिन परिश्रम और वैज्ञानिक तकनीकों से किसान ऊसर भूमि को भी उर्वर बना देते हैं।
Oopari ↔ निचला
शरीर के ऊपरी भाग में फेफड़े, हृदय और मस्तिष्क जैसे नाजुक अंग सुरक्षित रहते हैं।
निचला भाग अर्थात् जांघें और पैर संपूर्ण शरीर का भार वहन करते हैं।
Oordhvaanga ↔ अधोअंग
कसरत करते समय ऊर्ध्वांग अर्थात भुजाओं और कंधों को सुदृढ़ बनाने के लिए डंबल उठाए जाते हैं।
दौड़ने और कूदने से अधोअंग अर्थात जांघों और पैरों की मांसपेशियों में सशक्तिकरण आता है।
Adhomukha ↔ ऊर्ध्वमुख
लज्जा या निराशा के कारण व्यक्ति अधोमुख होकर भूमि की ओर देखने लगता है।
विजय और आत्मविश्वास के क्षणों में मनुष्य ऊर्ध्वमुख होकर आकाश की ओर निहारता है।
Oont ↔ ऊँटनी
ऊँट रेगिस्तान के रेतीले टीलों पर भारी बोझ लेकर मीलों चलता है।
ऊँटनी का दूध मरुस्थल के निवासियों के लिए पोषण का बड़ा स्रोत है।
Oopar ↔ नीचे
विमान जब बादलों के ऊपर पहुंचता है तो नीचे की धरती अत्यंत छोटी और सुरम्य दिखाई देती है।
पहाड़ से नीचे उतरते समय फिसलन भरे पत्थरों पर बहुत संभलकर कदम रखना पड़ता है।