R
CLASSICAL POETIC TREASURY

Couplets Starting with 'R'

33 प्रामाणिक दोहे उपलब्ध हैं।

📜रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना)🤝सत्संगति एवं मित्रता🎓 Class 6-8

रहिमन धागा प्रेम का, मत तोरो चटकाय।

टूटे पे फिर ना जुरे, जुरे गाँठ परि जाय॥

Rahiman dhaaga prem ka, mat toro chatkaay. / Toote pe phir na jure, jure gaanth pari jaay.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी कहते हैं कि प्रेम और आपसी विश्वास का संबंध एक कोमल और नाजुक धागे के समान होता है। इसे क्रोध, अहंकार या नासमझी के झटके से कभी नहीं तोड़ना चाहिए। यदि यह प्रेम रूपी धागा एक बार टूट जाता है, तो फिर पहले जैसा नहीं जुड़ता; और यदि बहुत प्रयास करके उसे जोड़ भी लिया जाए, तो उसमें सदा के लिए एक अविश्वास और संकोच की गाँठ पड़ जाती है।

English: Rahim counsels never to snap the delicate thread of love in a sudden fit of anger or ego. Once severed, it cannot be rejoined as before; and even if re-tied, an indelible knot of distrust and distance remains forever in the relationship.

रहिमन धागा प्रेम का • प्रेम का महत्वपूरी व्याख्या व संदर्भ→
📜रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना)💡नीति एवं सदाचार🎓 Class 9-10

रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून।

पानी गए न ऊबरै, मोती, मानुष, चून॥

Rahiman paani rakhiye, bin paani sab soon. / Paani gaye na oobarai, moti, maanush, choon.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी श्लेष अलंकार का अप्रतिम प्रयोग करते हुए 'पानी' के संरक्षण का संदेश देते हैं। वे कहते हैं कि जीवन में पानी अवश्य बनाए रखना चाहिए, क्योंकि पानी के बिना सब कुछ व्यर्थ (शून्य) है। पानी (चमक/आभा) के बिना मोती मूल्यहीन है, पानी (सम्मान/प्रतिष्ठा/विनम्रता) के बिना मनुष्य का कोई अस्तित्व नहीं, और पानी (जल) के बिना चूना या आटा किसी काम का नहीं रहता।

English: Preserve water with the utmost care, for without water all creation becomes desolate, advises Rahim. When water is lost, three things lose all worth: the pearl loses its luster, human beings lose their honor and dignity, and flour or lime cannot bind into substance.

रहिमन पानी राखिए • पानी का महत्वपूरी व्याख्या व संदर्भ→
📜रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना)🌱विनम्रता एवं निरहंकार🎓 Class 6-8

रहिमन देखि बड़ेन को, लघु न दीजिए डारि।

जहाँ काम आवै सुई, कहा करै तरवारि॥

Rahiman dekhi baden ko, laghu na dijiye daari. / Jahan kaam aavai sui, kaha karai tarvaari.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी कहते हैं कि किसी बड़े, धनी अथवा शक्तिशाली व्यक्ति को पाकर अपने पुराने, छोटे अथवा निर्धन मित्रों व सहायकों की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए। प्रत्येक वस्तु और व्यक्ति का अपना एक विशिष्ट महत्त्व होता है। जिस स्थान पर फटे वस्त्र को सिलने के लिए छोटी सी सुई काम आती है, वहाँ विशाल और तीक्ष्ण तलवार कुछ भी नहीं कर सकती। समानता और आदर ही जीवन का सत्य है।

English: Upon encountering the wealthy or powerful, never discard or disrespect the humble and small, says Rahim. Where a tiny sewing needle is required to mend a cloth, what possible utility can a mighty battle sword have? Every entity possesses unique worth.

रहिमन देखि बड़ेन को • समानतापूरी व्याख्या व संदर्भ→
📜रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना)💡नीति एवं सदाचार🎓 Class 6-8

रहिमन निज मन की बिथा, मन ही राखो गोय।

सुनि अठिलैहैं लोग सब, बाँटि न लैहै कोय॥

Rahiman nij man ki bitha, man hi raakho goy. / Suni athilaihain log sab, baanti na laihai koy.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी लोक-व्यवहार की अत्यंत सूक्ष्म चेतावनी देते हुए कहते हैं कि अपने मन के दुख, पीड़ा और गुप्त कष्टों को अपने मन के भीतर ही छिपाकर रखना चाहिए। संसार के लोगों के सामने अपना दुखड़ा रोने से कोई लाभ नहीं होता; लोग आपके दुख को सुनकर पीठ पीछे आपकी हँसी उड़ाएंगे और आनंद लेंगे, परंतु आपके दुख को बाँटने के लिए कोई भी आगे नहीं आएगा।

English: Conceal the sorrow and torment of your heart within your own quiet soul, advises Rahim. Upon hearing of your distress, people will merely mock and derive secret amusement behind your back; none will step forward to shoulder your burden.

रहिमन निज मन की बिथा • मन की व्यथापूरी व्याख्या व संदर्भ→
📜रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना)🤝सत्संगति एवं मित्रता🎓 Class 6-8

रूठे सुजन मनाइए, जौ रूठैं सौ बार।

रहिमन फिरि फिरि पोइए, टूटे मुक्ताहार॥

Roothe sujan manaaiye, jau roothain sau baar. / Rahiman phiri phiri poiye, toote muktahaar.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी सज्जनों के महत्त्व को बताते हुए कहते हैं कि यदि कोई सच्चा हितैषी अथवा सज्जन व्यक्ति किसी कारणवश आपसे रूठ जाए, तो उसे तुरंत मना लेना चाहिए, भले ही वह सौ बार रूठे। जिस प्रकार यदि मोतियों की बहुमूल्य माला टूट जाए, तो हम उन मोतियों को फेंकते नहीं बल्कि बार-बार धागे में पिरोकर सहेजते हैं; उसी प्रकार सज्जन पुरुष समाज के अनमोल मोती हैं, उन्हें खोना नहीं चाहिए।

English: Reconcile with a virtuous and wise friend even if they take offense a hundred times, counsels Rahim. Just as one repeatedly re-strings a broken necklace of genuine pearls rather than casting them aside, a noble soul is a treasure never to be lost.

रूठे सुजन मनाइए • सज्जनों का आदरपूरी व्याख्या व संदर्भ→
📜रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना)💡नीति एवं सदाचार🎓 Class 9-10

रहिमन बिपतिहूँ भली, जे थोरे दिन होय।

हित अनहित या जगत में, जानि परत सब कोय॥

Rahiman bipatihoon bhali, je thore din hoy. / Hit anhit ya jagat mein, jaani parat sab koy.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी संकट के सकारात्मक पक्ष को उद्घाटित करते हुए कहते हैं कि यदि विपत्ति थोड़े दिनों के लिए आए, तो वह भी एक प्रकार से भली और हितकारी ही होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि उस अल्पकालिक संकट के समय में ही यह स्पष्ट रूप से प्रकट हो जाता है कि इस संसार में कौन हमारा वास्तविक हितैषी (शुभचिंतक) है और कौन हमारा अहित चाहने वाला अथवा स्वार्थी है। संकट संबंधों का सच्चा आईना है।

English: Adversity is truly a blessing in disguise if it lasts for but a brief season, proclaims Rahim. For during those trying moments alone is the veil lifted, revealing unmistakably who in this world is genuinely your well-wisher and who is merely a hollow fair-weather friend.

रहिमन बिपतिहूँ भली • विपत्ति की परखपूरी व्याख्या व संदर्भ→
📜रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना)⏳समय एवं नश्वरता🎓 Class 6-8

रहिमन चुप ह्वै बैठिए, देखि दिनन को फेर।

जब नीके दिन आइहैं, बनत न लगिहै देर॥

Rahiman chup hvai baithiye, dekhi dinan ko pher. / Jab neeke din aaihain, banat na lagihai der.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी प्रतिकूल समय में धैर्य रखने की प्रेरणा देते हुए कहते हैं कि जब समय विपरीत और परिस्थितियाँ प्रतिकूल हों, तो व्यर्थ का विवाद या अशांति करने के बजाय मौन और शांत होकर समय के चक्र को देखना चाहिए। जब शुभ और अनुकूल दिन आएंगे, तब बिगड़े हुए कार्यों को बनते और सफलता प्राप्त होते तनिक भी देर नहीं लगेगी। धैर्य ही विपत्ति का सबसे बड़ा संबल है।

English: Remain calm and composed in quiet endurance during adverse times, observes Rahim. When favorable and auspicious days return, your endeavors will materialize without any delay. Patience through hardship guarantees victory.

रहिमन चुप ह्वै बैठिए • धैर्यपूरी व्याख्या व संदर्भ→
📜रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना)🤝सत्संगति एवं मित्रता🎓 Class 9-10

रहिमन ओछे नरन सौं, बैर भलो न प्रीत।

काटे चाटे श्वान के, दोऊ भाँति विपरीत॥

Rahiman oochhe naran saun, bair bhalo na preet. / Kaate chaate shwaan ke, do-u bhaanti vipreet.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी दुष्ट और नीच प्रकृति के लोगों से दूरी बनाए रखने की चेतावनी देते हुए कहते हैं कि ओछे (तुच्छ मानसिकता वाले) मनुष्यों से न तो मित्रता अच्छी होती है और न ही शत्रुता। यह ठीक कुत्ते (श्वान) के समान है; यदि वह काटे तो विषैला घाव करता है, और यदि वह चाटे तो अशुद्ध और लज्जित करता है। दोनों ही स्थितियों में हानि ही होती है, अतः उनसे निष्पक्ष दूरी ही श्रेयस्कर है।

English: Neither friendship nor enmity with vile, ignoble people is advisable, cautions Rahim. It resembles a rabid dog: if it bites, it poisons; if it licks, it defiles. Both extremes yield grief and dishonor.

रहिमन ओछे नरन सौं • दुष्ट संगतिपूरी व्याख्या व संदर्भ→
📜रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना)💡नीति एवं सदाचार🎓 Class 9-10

रहिमन अँसुवा नयन ढरि, जिय दुख प्रगट करेइ।

जाहि निकारौ गेह तें, कस न भेद कहि देइ॥

Rahiman ansuwa nayan dhari, jiya dukh pragat kareyi. / Jaahi nikaaro geh tain, kas na bhed kahi deyi.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी घर के भेदी के मनोवैज्ञानिक सत्य को समझाते हुए कहते हैं कि आँखों से बहने वाले आँसू हृदय के भीतर के सारे गोपनीय दुख और वेदना को संसार के सामने प्रकट कर देते हैं। इसमें आश्चर्य कैसा? जिसे भी घर (आँखों रूपी घर) से बाहर निकाल दिया जाएगा, वह घर का सारा भेद बाहर वालों को क्यों नहीं बताएगा? आंतरिक बातों को बाहर प्रकट होने से रोकना चाहिए।

English: Tears streaming from the eyes unveil to the world all the sorrow hidden within the heart, observes Rahim. And why should they not? Whosoever is expelled from the house will naturally disclose every confidential secret to outsiders.

रहिमन अँसुवा नयन ढरि • घर का भेदपूरी व्याख्या व संदर्भ→
📜रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना)🤝सत्संगति एवं मित्रता🎓 Class 9-10

रहिमन प्रीति सराहिए, मिले होत रंग दून।

ज्यों जरदी हरदी तजै, तजै सफेदी चून॥

Rahiman preeti sarahiye, mile hot rang doon. / Jyon jardi hardi tajai, tajai safedi choon.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी सच्चे, समर्पित प्रेम की सराहना करते हुए कहते हैं कि सच्चा प्रेम वही है जिसमें दोनों पक्ष मिलकर एक हो जाएँ और दोनों का प्रेम दुगुना हो जाए। इसका सुंदर उदाहरण हल्दी और चूना हैं: जब पीली हल्दी और सफेद चूना परस्पर मिलते हैं, तो हल्दी अपना पीलापन छोड़ देती है और चूना अपनी सफेदी त्याग देता है, और दोनों मिलकर एक नवीन लाल (सिंदूरी) रंग रच देते हैं। सच्चा प्रेम अहंकार का विसर्जन है।

English: Praise that authentic love where two souls merge and their brilliance doubles, says Rahim. Consider turmeric and lime: turmeric surrenders its yellow hue and lime sheds its stark white, and in selfless union, they create a vibrant, beautiful crimson.

रहिमन प्रीति सराहिए • सच्चा प्रेमपूरी व्याख्या व संदर्भ→
📜रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना)🗣️मधुर वाणी एवं सद्व्यवहार🎓 Class 6-8

रहिमन जिह्वा बावरी, कहि गइ सरग पताल।

आप तो कहि भीतर रही, जूती खात कपाल॥

Rahiman jihwa baawari, kahi gayi sarag pataal. / Aap to kahi bheetar rahi, jooti khaat kapaal.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी वाणी के असंयम पर हास्य और व्यंग्य के साथ गंभीर चेतावनी देते हुए कहते हैं कि यह जीभ (जिह्वा) तो पगली है, जो बिना सोचे-समझे स्वर्ग और पाताल की अनर्गल बातें कह डालती है। वह तो बोलकर तुरंत मुँह के भीतर सुरक्षित छिप जाती है, किंतु उसके द्वारा कहे गए अनुचित शब्दों का दंड बेचारे सिर (कपाल) को जूतियों की मार सहकर भुगतना पड़ता है। जीभ पर नियंत्रण रखें।

English: The tongue is utterly reckless: it blurts out wild, unrestrained words reaching from heaven to the underworld. Having spoken, it slips safely back behind the teeth, while the poor head is left to suffer the blows and shoes of retribution. Guard the tongue.

रहिमन जिह्वा बावरी • वाणी संयमपूरी व्याख्या व संदर्भ→
📜रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना)💡नीति एवं सदाचार🎓 Class 6-8

रहिमन वे नर मर चुके, जे कहुँ माँगन जाहिं।

उनते पहिले वे मुए, जिन मुख निकसत नाहिं॥

Rahiman ve nar mar chuke, je kahun maangan jaahin. / Unte pahile ve muye, jin mukh niksat naahin.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी स्वाभिमान और दानशीलता दोनों का उपदेश देते हुए कहते हैं कि जो मनुष्य किसी के आगे हाथ फैलाने या याचना करने जाते हैं, वे तो आत्मसम्मान की दृष्टि से जीते जी मरे हुए के समान हैं। परंतु उनसे भी पहले वे लोग मृतप्राय हैं, जिनके द्वार पर याचक के आने पर उनके मुख से 'नाहीं' (इनकार) निकल जाता है और वे सामर्थ्य होते हुए भी दान नहीं देते।

English: Those people are already dead in self-respect who must go begging at another’s threshold, declares Rahim. But even before them perished those miserly souls from whose lips comes forth a refusal to help when they possess the means to give.

रहिमन वे नर मर चुके • दानशीलतापूरी व्याख्या व संदर्भ→
📜रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना)💡नीति एवं सदाचार🎓 Class 9-10

रहिमन मोहि न सुहाय, अमिय पिआवै मान बिनु।

बरु विष देइ बुलाय, मान सहित मरिबो भलो॥

Rahiman mohi na suhaay, amiy piaavai maan binu. / Baru vish deyi bulaay, maan sahit maribo bhalo.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी अपने स्वाभिमान की अडिग भावना व्यक्त करते हुए कहते हैं कि यदि कोई अनादर और अपमान के साथ मुझे अमर करने वाला अमृत भी पिलाए, तो मुझे वह तनिक भी स्वीकार नहीं है। इसके विपरीत, यदि कोई पूरे सम्मान और आदर के साथ बुलाकर मुझे विष भी दे दे, तो स्वाभिमान की रक्षा करते हुए उस विष को पीकर मर जाना कहीं अधिक श्रेष्ठ और गौरवशाली है।

English: It pleases me not in the least if someone offers nectar stripped of respect, proclaims Rahim. Far better would it be if someone summons me with profound honor and offers poison; dying with self-respect is immeasurably more glorious than surviving in humiliation.

रहिमन मोहि न सुहाय • स्वाभिमानपूरी व्याख्या व संदर्भ→
📜रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना)💡नीति एवं सदाचार🎓 Class 9-10

रहिमन विद्या बुद्धि नहिं, धरम न ध्यान विवेक।

मानुष तन भुवि भार है, पशु बिनु पूँछ परेख॥

Rahiman vidya buddhi nahin, dharam na dhyan vivek. / Maanush tan bhuvi bhaar hai, pashu binu poonch parekh.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी ज्ञान और विवेक के अभाव में मानव जीवन की निरर्थकता बताते हुए कहते हैं कि जिस मनुष्य के पास न तो विद्या है, न सद्बुद्धि, न धर्म का आचरण है और न ही आत्म-चिंतन व विवेक है; ऐसा मनुष्य इस धरती पर केवल भार रूप है। वह केवल आकृति से मनुष्य दिखता है, परंतु वास्तव में वह बिना पूँछ और सींग वाले पशु के समान ही है। ज्ञान ही मनुष्य को पशुता से ऊपर उठाता है।

English: He who possesses neither learning nor intellect, neither righteousness nor contemplative discernment, is merely a heavy burden upon the earth. Though clothed in human form, he is in truth nothing more than a beast lacking a tail.

रहिमन विद्या बुद्धि नहिं • विवेक का महत्वपूरी व्याख्या व संदर्भ→
📜रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना)🌱विनम्रता एवं निरहंकार🎓 Class 6-8

रहिमन रिस को मारिबो, सब प्रकार सुख होय।

रिस ते कबहूँ नहिं भलो, समुझि लेहु सब कोय॥

Rahiman ris ko maaribo, sab prakaar sukh hoy. / Ris te kabahun nahin bhalo, samujhi lehu sab koy.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी कहते हैं कि अपने भीतर उठने वाले क्रोध (रिस) का दमन करना और उसे शांत कर देना ही हर प्रकार से सुख और शांति प्रदान करने वाला है। क्रोध से कभी किसी का कोई भला नहीं हुआ है, यह बात सभी को भलीभाँति समझ लेनी चाहिए। क्रोध विवेक को हर लेता है और संबंधों को भस्म कर देता है, अतः क्रोध पर विजय पाना ही सच्ची विजय है।

English: Subduing and conquering one’s inner anger yields unalloyed peace and well-being in every possible way, advises Rahim. Anger has never accomplished any good for anyone anywhere; let everyone realize this timeless truth.

रहिमन रिस को मारिबो • क्रोध निवारणपूरी व्याख्या व संदर्भ→
📜रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना)🪔भक्ति एवं आध्यात्म🎓 Class 11-12

रहिमन बात अगम्य की, कहन सुनन की नाहिं।

जे जानत ते कहत नहिं, कहत ते जानत नाहिं॥

Rahiman baat agamy ki, kahan sunan ki naahin. / Je jaanat te kahat nahin, kahat te jaanat naahin.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी गूढ़ आत्मज्ञान और ईश्वरीय अनुभूति के रहस्य को प्रकट करते हुए कहते हैं कि उस अगम्य और असीम परमात्मा की बात केवल कहने और सुनने का विषय नहीं है। जो तत्ववेत्ता वास्तव में उस परमसत्य को जान लेते हैं, वे मौन हो जाते हैं और व्यर्थ नहीं बोलते; और जो केवल बड़ी-बड़ी बातें बनाते फिरते हैं, वे वास्तव में उस सत्य से सर्वथा अनभिज्ञ होते हैं।

English: The transcendental mystery of the Supreme Reality is beyond mere speaking and listening, observes Rahim. Those enlightened souls who truly realize it fall silent; while those who chatter endlessly about it remain utterly ignorant of its truth.

रहिमन बात अगम्य की • गूढ़ ज्ञानपूरी व्याख्या व संदर्भ→
📜रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना)⚖️सत्य एवं धर्म🎓 Class 9-10

रहिमन भेष बनाय के, कीजै नाहिं बड़ाई।

जैसे काच न कनक सम, चमकत है अधिकाई॥

Rahiman bhesh banaay ke, keejai naahin badai. / Jaise kaach na kanak sam, chamkat hai adhikai.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी बाह्य आडंबर और दिखावे का खंडन करते हुए कहते हैं कि केवल साधु या महात्मा का भेष बनाकर अपनी झूठी बड़ाई या प्रशंसा नहीं करानी चाहिए। जिस प्रकार चमकता हुआ काँच कभी शुद्ध सोने (कनक) के समान मूल्यवान नहीं हो सकता, भले ही वह धूप में सोने से भी अधिक चमकता हुआ दिखाई दे; उसी प्रकार बाह्य वेशभूषा से कोई महान नहीं बनता, आंतरिक गुण ही सच्चे आभूषण हैं।

English: Never seek unearned praise and status by donning the mere outward guise of holiness, warns Rahim. Just as glittering glass can never equal precious gold even if it sparkles brilliantly in sunlight, outer appearance can never substitute for authentic virtue.

रहिमन भेष बनाय के • आडंबर का खंडनपूरी व्याख्या व संदर्भ→
📜रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना)🪔भक्ति एवं आध्यात्म🎓 Class 9-10

रहिमन सब घटि में बसै, अंतरजामी राम।

जैसे तिल में तेल है, त्यों घट-घट में धाम॥

Rahiman sab ghati mein basai, antarjaami ram. / Jaise til mein tel hai, tyon ghat-ghat mein dhaam.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी परमात्मा की सर्वव्यापकता को स्पष्ट करते हुए कहते हैं कि वह अंतर्यामी परमात्मा प्रत्येक प्राणी के हृदय में विद्यमान है। जिस प्रकार तिल के छोटे से बीज के भीतर अदृश्य रूप से तेल समाया रहता है, ठीक उसी प्रकार प्रत्येक घट (शरीर) के भीतर साक्षात् प्रभु का दिव्य धाम है। उसे बाहर ढूँढ़ने के बजाय अपने अंतःकरण में खोजना चाहिए।

English: The omniscient Supreme Lord dwells within every mortal vessel, reveals Rahim. Just as oil is invisibly present throughout every sesame seed, so too does the divine abode reside within the core of every living heart.

रहिमन सब घटि में बसै • अंतर्यामी रामपूरी व्याख्या व संदर्भ→
📜रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना)💡नीति एवं सदाचार🎓 Class 11-12

रहिमन कठिन कुठार की, सहै न तनक चकोर।

चढ़ि के वृक्ष कुल्हाड़ पै, चोंच मार मुख छोर॥

Rahiman kathin kuthaar ki, sahai na tanak chakor. / Chadhi ke vriksh kulhaad pai, chonch maar mukh chhor.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी वृक्ष और पक्षियों के परस्पर संबंध व प्रेम की वीरता का वर्णन करते हुए कहते हैं कि जब कोई लकड़हारा कुल्हाड़ी से वृक्ष को काटने लगता है, तो वृक्ष पर रहने वाला चकोर पक्षी उस प्रहार को सहन नहीं कर पाता और साहसपूर्वक उस कुल्हाड़ी पर अपनी चोंच मारकर अपने आश्रयदाता वृक्ष की रक्षा का प्रयास करता है। आश्रयदाता के प्रति निष्ठा और कृतज्ञता ही सच्ची वीरता है।

English: When the harsh axe strikes the tree, the bird dwelling upon its branches cannot bear the wound to its benefactor, daring to peck at the axe blade in defense. Gratitude toward one’s protector inspires courageous loyalty.

कठिन कुठार की • कृतज्ञतापूरी व्याख्या व संदर्भ→
📜रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना)⚖️सत्य एवं धर्म🎓 Class 9-10

रहिमन तहाँ न जाइए, जहाँ कपट को हेत।

हम तन ढारत ढेहुरी, वे मन ढारत रेत॥

Rahiman tahaan na jaaiye, jahan kapat ko het. / Ham tan dhaarat dhehuri, ve man dhaarat ret.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी कपटपूर्ण और झूठे संबंधों से दूर रहने की चेतावनी देते हुए कहते हैं कि उस स्थान पर कभी नहीं जाना चाहिए जहाँ केवल कपट और छल का संबंध हो। जहाँ हम तो निष्कपट भाव से अपना तन-मन समर्पित करने जाते हैं, परंतु सामने वाले के मन में केवल छल की सूखी रेत भरी होती है जो कभी किसी को तृप्ति नहीं दे सकती। कपटी लोगों से दूर रहना ही हितकर है।

English: Never venture into associations where deceit and hypocrisy are the hidden foundation, cautions Rahim. You may approach with pure, wholesome devotion, while in their calculating minds lies only barren, shifting sand that can support nothing genuine.

रहिमन तहाँ न जाइए • कपट का त्यागपूरी व्याख्या व संदर्भ→
📜रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना)💡नीति एवं सदाचार🎓 Class 9-10

रहिमन पाँव कुपाथ में, धरत न कोऊ जानि।

कहु रहीम केहि भाँति अब, राखै लाज सयानि॥

Rahiman paanw kupaath mein, dharat na ko-u jaani. / Kahu rahim kehi bhaanti ab, raakhai laaj sayaani.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी कहते हैं कि कोई भी बुद्धिमान मनुष्य जान-बूझकर कुमार्ग (गलत रास्ते) पर अपना पाँव नहीं रखता। यदि असावधानी से गलत मार्ग पर कदम पड़ जाए, तो समझदार मनुष्य को तुरंत संभलकर अपनी मर्यादा और लज्जा की रक्षा कर लेनी चाहिए। भूल को पहचानकर तुरंत सही मार्ग पर लौट आना ही बुद्धिमत्ता का लक्षण है।

English: No discerning soul willingly places their foot upon an ignoble path, notes Rahim. If by momentary error one strays, true wisdom lies in turning back immediately to preserve honor and righteousness.

रहिमन पाँव कुपाथ में • सदाचारपूरी व्याख्या व संदर्भ→
📜रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना)🤝सत्संगति एवं मित्रता🎓 Class 9-10

रहिमन बहु गुनि संग मिलि, भइ रहीम मति हीन।

ज्यों जल संग कुसंग तें, भयो दूध मति हीन॥

Rahiman bahu guni sang mili, bhayi rahim mati heen. / Jyon jal sang kusang tain, bhayo doodh mati heen.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी संगति की सूक्ष्मता समझाते हुए कहते हैं कि कई बार अधिक चतुर और कुटिल लोगों की संगति में पड़कर अच्छी बुद्धि भी भ्रष्ट हो जाती है। जिस प्रकार यदि दूध में गंदा या बहुत अधिक पानी मिला दिया जाए, तो वह दूध अपने मूल गाढ़ेपन और स्वाद को खोकर बेकार हो जाता है; उसी प्रकार अयोग्य संगति श्रेष्ठ व्यक्ति के गुणों को भी नष्ट कर देती है।

English: Associating with calculating and corrupt minds can degrade even a sharp intellect, explains Rahim. Just as pure, wholesome milk loses its rich essence and nutritive worth when diluted with foul water, so does unprincipled company degrade human character.

रहिमन बहु गुनि संग मिलि • कुसंगति से हानिपूरी व्याख्या व संदर्भ→
📜रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना)🌱विनम्रता एवं निरहंकार🎓 Class 9-10

रहिमन छोटी बूँद तें, प्रगट भयो संसार।

अहंकार मन में कियो, सो नर मूरख ग्वार॥

Rahiman chhoti boond tain, pragat bhayo sansaar. / Ahankaar man mein kiyo, so nar moorakh gwaar.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी मनुष्य के अस्तित्व की वास्तविकता का बोध कराते हुए कहते हैं कि जल की एक अत्यंत सूक्ष्म बूँद से इस संपूर्ण मानव देह और संसार की उत्पत्ति हुई है। जो मनुष्य इस नश्वर देह, रूप या धन पर घमंड करता है, वह वास्तव में परम मूर्ख और अज्ञानी है। अपनी उत्पत्ति की तुच्छता को स्मरण रखकर मनुष्य को अहंकार से मुक्त रहना चाहिए।

English: From a mere tiny droplet of fluid did this mortal body emerge, observes Rahim. The human who puffs up with overweening pride over this transient flesh is utterly foolish. True wisdom recognizes our humble origin and sheds arrogance.

रहिमन छोटी बूँद तें • अहंकार त्यागपूरी व्याख्या व संदर्भ→
📜रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना)💡नीति एवं सदाचार🎓 Class 9-10

रहिमन मन को मारिए, मत मन को ठहराय।

मन के मारे सुख लहै, मन के साधे जाय॥

Rahiman man ko maariye, mat man ko thahraay. / Man ke maare sukh lahai, man ke saadhe jaay.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी कहते हैं कि अपने चंचल मन की अनियंत्रित वासनाओं और कुइच्छाओं का दमन करना ही श्रेयस्कर है, मन को वासनाओं में स्वच्छंद भटकने की अनुमति नहीं देनी चाहिए। जो साधक अपने मन की वासनाओं पर विजय पा लेता है, वही सच्चा आंतरिक सुख और शांति प्राप्त करता है; और जो मन को एकाग्र कर लेता है, उसके समस्त कार्य सिद्ध हो जाते हैं।

English: Master and subdue the wild cravings of the restless mind; grant it no free rein to wander into delusion. He who conquers the lower impulses of the mind attains serene happiness, and he who disciplines it achieves all goals.

रहिमन मन को मारिए • मन पर नियंत्रणपूरी व्याख्या व संदर्भ→
📜रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना)💡नीति एवं सदाचार🎓 Class 9-10

रहिमन लोहा एक है, बाजत घंटी-घंट।

ताहि का बख्तर बनै, ताहि का खड़ग प्रचंड॥

Rahiman loha ek hai, baajat ghanti-ghant. / Taahi ka bakhtar banai, taahi ka khadag prachand.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी लोहे के रूपक द्वारा समानता और उपयोगिता का रहस्य समझाते हैं। वे कहते हैं कि लोहा एक ही धातु है, जिससे मंदिर की मधुर ध्वनि उत्पन्न करने वाली घंटी भी बनती है, रक्षा करने वाला कवच (बख्तर) भी बनता है और विनाश करने वाली प्रचंड तलवार (खड़ग) भी बनती है। इसी प्रकार मानव एक ही मूल तत्व से बने हैं, उनके कर्म और संस्कार ही उनके स्वभाव को तय करते हैं।

English: Iron is fundamentally a single metal, yet from it is cast the melodious temple bell, the protective armor, and the lethal battle sword. All humans share the same divine source; individual choices forge their true character.

रहिमन लोहा एक है • कर्म भेदपूरी व्याख्या व संदर्भ→
📜रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना)⚖️सत्य एवं धर्म🎓 Class 9-10

रहिमन धर्म न छोड़िए, संकट परे हजार।

धर्म सहाई होत है, अंत समय संसार॥

Rahiman dharam na chhodie, sankat pare hazaar. / Dharam sahaayi hot hai, ant samay sansaar.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी धर्म और सत्यनिष्ठा पर अडिग रहने का उपदेश देते हुए कहते हैं कि चाहे जीवन में हजारों संकट और विपत्तियां आ जाएं, फिर भी मनुष्य को अपने धर्म, नैतिकता और सत्य के मार्ग को कभी नहीं छोड़ना चाहिए। जब जीवन के अंतिम समय में सारा संसार, धन-दौलत और सगे-संबंधी साथ छोड़ देते हैं, तब केवल मनुष्य का धर्म और सत्कर्म ही उसका सच्चा सहायक बनता है।

English: Never abandon the path of righteousness, even if a thousand perils beset you, urges Rahim. When mortal existence concludes and the entire world falls away, your moral virtue and righteous deeds alone stand as your steadfast protector.

रहिमन धर्म न छोड़िए • धर्म निष्ठापूरी व्याख्या व संदर्भ→
📜रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना)🗣️मधुर वाणी एवं सद्व्यवहार🎓 Class 9-10

रहिमन तब लगि मौन भल, जब लगि बोल न जान।

बोलत ही खुलि जात है, सब मूरख की बान॥

Rahiman tab lagi maun bhal, jab lagi bol na jaan. / Bolat hi khuli jaat hai, sab moorakh ki baan.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी मौन के महत्त्व को प्रतिपादित करते हुए कहते हैं कि जब तक किसी विषय का यथार्थ ज्ञान न हो और उचित ढंग से बोलना न आता हो, तब तक मौन धारण किए रहना ही सबसे श्रेष्ठ है। क्योंकि एक मूर्ख व्यक्ति जब तक चुप रहता है तब तक उसकी मूर्खता छिपी रहती है, परंतु जैसे ही वह मुँह खोलता है, उसकी सारी अज्ञानता और मूर्खता संसार के सामने तुरंत प्रकट हो जाती है।

English: Silence is golden until one learns to speak with genuine wisdom, cautions Rahim. A fool remains undetected as long as he holds his tongue, but the instant he speaks, his ignorance is laid bare before everyone.

रहिमन तब लगि मौन भल • मौन का महत्वपूरी व्याख्या व संदर्भ→
📜रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना)💡नीति एवं सदाचार🎓 Class 11-12

रहिमन दुख सुख एक सम, जे नर धीर गंभीर।

सुख में भूलैं नाहिं कछु, दुख में धरैं न धीर॥

Rahiman dukh sukh ek sam, je nar dheer gambheer. / Sukh mein bhoolain naahin kachhu, dukh mein dharain na dheer.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी स्थितप्रज्ञ और गंभीर पुरुषों के लक्षण बताते हुए कहते हैं कि जो मनुष्य गंभीर, ज्ञानी और धैर्यवान होते हैं, वे सुख और दुख दोनों को एक समान समभाव से ग्रहण करते हैं। वे सुख आने पर अहंकार में अपना विवेक नहीं खोते और दुख आने पर कभी विचलित होकर अधीर नहीं होते। जीवन के द्वंद्वों में समत्व भाव ही सच्ची परिपक्वता है।

English: Those endowed with profound spiritual wisdom view joy and sorrow with identical equanimity. In times of prosperity they never lose their sober humility, and during adversity they never surrender their inner fortitude.

दुख सुख एक सम • समत्व भावपूरी व्याख्या व संदर्भ→
📜रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना)⚙️कर्म एवं पुरुषार्थ🎓 Class 9-10

रहिमन करम की रेख पै, काहू को नहिं जोर।

जतन किए कछु ना बनै, जो कछु लिख्यो सो होर॥

Rahiman karam ki rekh pai, kaahu ko nahin jor. / Jatan kiye kachhu na banai, jo kachhu likhyo so hor.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी पूर्वसंचित कर्मों के विधान को स्पष्ट करते हुए कहते हैं कि मनुष्य के कर्मों के फल पर किसी का कोई ज़ोर नहीं चलता। मनुष्य चाहे कितने भी बाहरी उपाय या यत्न कर ले, कर्मफल के अटल विधान को कोई टाल नहीं सकता। जो प्रारब्ध में लिखा है, वह घटित होकर ही रहता है। अतः फल की व्यर्थ आसक्ति छोड़कर निष्काम भाव से सत्कर्म करते रहना चाहिए।

English: Upon the indelible lines etched by destiny through past actions, no mortal holds absolute sway, says Rahim. Contrive what you will, the harvest of karmic law must inevitably be reaped. Focus therefore on performing righteous deeds in the present.

रहिमन करम की रेख • कर्म विधानपूरी व्याख्या व संदर्भ→
📜रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना)🪔भक्ति एवं आध्यात्म🎓 Class 6-8

रहिमन ऐसी बुद्धि दे, मन नहिं होय मलीन।

पर उपकार करै सदा, रहै धर्म लवलीन॥

Rahiman aisi buddhi de, man nahin hoy maleen. / Par upkaar karai sada, rahai dharam lavleen.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी परमात्मा से प्रार्थना करते हुए कहते हैं कि हे प्रभु! मुझे ऐसी निर्मल और श्रेष्ठ बुद्धि प्रदान कीजिए जिससे मेरा मन कभी पाप, ईर्ष्या और वासना से मलिन न हो। मेरा जीवन सदा दूसरों के उपकार और सेवा में लगा रहे, और मेरा चित्त सदैव धर्म, सत्य और ईश्वरीय प्रेम में लीन रहे। परोपकार ही मनुष्य जीवन की सार्थकता है।

English: Grant me such pure and luminous intellect, O Lord, that my heart may never be defiled by vice or malice. May my life be spent perpetually in benevolent service to others, anchored firmly in truth and divine contemplation.

रहिमन ऐसी बुद्धि दे • सद्बुद्धि प्रार्थनापूरी व्याख्या व संदर्भ→
🌸गोस्वामी तुलसीदास🪔भक्ति एवं आध्यात्म🎓 Class 9-10

राम नाम मनिदीप धरु, जीहँ देहरीं द्वार।

तुलसी भीतर बाहिरहुँ, जौं चाहसि उजियार॥

Ram naam manideep dharu, jeehan dehreen dwaar. / Tulsi bheetar baahirahun, jaun chaahasi ujiyaar.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

तुलसीदास जी कहते हैं कि हे मनुष्य! यदि तू अपने अंतःकरण और बाह्य संसार दोनों में आध्यात्मिक प्रकाश और आनंद चाहता है, तो अपनी जिह्वा रूपी देहरी के द्वार पर 'राम' नाम रूपी मणि-दीपक को प्रज्वलित कर ले। जैसे देहरी पर रखा दीपक घर के अंदर और बाहर दोनों ओर प्रकाश फैलाता है, वैसे ही राम नाम भीतर-बाहर प्रकाश कर देता है।

English: Tulsidas counsels: if you yearn for the illuminating glow of truth and spiritual peace both within your inner heart and across your outer daily existence, place the jewel-lamp of Rama’s divine name upon the doorway threshold of your tongue.

राम नाम मनिदीप धरु • ईश्वर नाम जपपूरी व्याख्या व संदर्भ→
🌸गोस्वामी तुलसीदास💡नीति एवं सदाचार🎓 Class 9-10

रिपु रुज पावक पाप प्रभु, अहि गनिअ न छोट करि।

असमंजस होइ अंत महुँ, कहहिं नीति सब धरि॥

Ripu ruj paawak paap prabhu, ahi gania na chhot kari. / Asamanjas hoi ant mahun, kahahin neeti sab dhari.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

तुलसीदास जी व्यावहारिक नीति का उपदेश देते हुए कहते हैं कि शत्रु (रिपु), रोग (रुज), अग्नि (पावक), पाप, समर्थ स्वामी (प्रभु) और विषैला सर्प (अहि)—इन छह को कभी भी छोटा या नगण्य समझकर अनदेखा नहीं करना चाहिए। समय रहते इन पर नियंत्रण न पाने पर अंत में भारी संकट उत्पन्न होता है।

English: Practical statesmanship and life wisdom dictate that six things must never be underestimated or dismissed as insignificant: an enemy, a disease, a spark of fire, a sinful transgression, an authoritative master, and a venomous snake. Neglecting them early invites fatal disaster later.

रिपु रुज पावक पाप • सावधानी और नीतिपूरी व्याख्या व संदर्भ→
🌸गोस्वामी तुलसीदास🪔भक्ति एवं आध्यात्म🎓 Class 9-10

राम नाम कलि कामतरु, राम भगति सुरधेनु।

सकल सुमंगल मूल जग, चितवति चितवनि वेनु॥

Ram naam kali kaamtaru, ram bhagati surdhenu. / Sakal sumangal mool jag, chitwati chitwani venu.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

तुलसीदास जी कहते हैं कि इस कलियुग में प्रभु राम का पावन नाम समस्त मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाले कल्पवृक्ष (कामतरु) के समान है और राम-भक्ति समस्त सुखों को प्रदान करने वाली कामधेनु गाय के समान है। यह संसार के समस्त मंगलों और कल्याणों का मूल स्रोत है।

English: In this present age of discord (Kali Yuga), the sacred name of Rama is the wish-fulfilling tree (Kalpavriksha) and loving devotion to Rama is the wish-yielding divine cow (Kamadhenu), serving as the supreme foundation of all auspiciousness in the universe.

राम नाम कलि कामतरु • कलियुग में नामपूरी व्याख्या व संदर्भ→