G
CLASSICAL POETIC TREASURY

Couplets Starting with 'G'

1 प्रामाणिक दोहे उपलब्ध हैं।

🪔संत कबीरदास📖गुरु महिमा एवं ज्ञान🎓 Class 6-8

गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पाय।

बलिहारी गुरु आपनो, गोविंद दियो बताय॥

Guru govind do-u khade, kaake laagun paay. / Balihari guru aapno, govind diyo batay.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

कबीरदास जी कहते हैं कि मेरे समक्ष मेरे गुरु और साक्षात् ईश्वर (गोविंद) दोनों एक साथ खड़े हैं। मेरे मन में यह धर्मसंकट उत्पन्न हो गया कि मैं पहले किसके चरण स्पर्श करूँ। अंततः मैं अपने गुरु के चरणों पर ही बलिहारी जाता हूँ, जिन्होंने मुझे ईश्वर का साक्षात्कार कराया और प्रभु तक पहुँचने का मार्ग दिखाया। गुरु का स्थान ईश्वर से भी ऊँचा है।

English: Both my spiritual Guru and the Supreme Lord Govinda stand before me; to whose lotus feet should I bow first? I offer my total surrender and homage to the Guru first, for it was the Guru whose gracious light revealed the presence and path of the Divine.

गुरु गोविंद • गुरु महिमापूरी व्याख्या व संदर्भ→