ऐ
CLASSICAL POETIC TREASURY

अक्षर 'ऐ' से शुरू होने वाले दोहे

1 प्रामाणिक दोहे उपलब्ध हैं।

🪔संत कबीरदास🗣️मधुर वाणी एवं सद्व्यवहार🎓 Class 6-8

ऐसी बानी बोलिए, मन का आपा खोय।

औरन को सीतल करै, आपहु सीतल होय॥

Aisi baani boliye, man ka aapa khoy. / Ouran ko seetal karai, aapahu seetal hoy.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

कबीरदास जी मधुर वाणी के प्रयोग का उपदेश देते हुए कहते हैं कि हमें अपने अहंकार, क्रोध और घमंड को त्यागकर ऐसी विनम्र व मधुर वाणी में बात करनी चाहिए, जो सुनने वाले के हृदय को शीतलता और शांति प्रदान करे तथा स्वयं हमारे अपने मन को भी सुख और शांति से परिपूर्ण रखे। कटु वचन अग्नि के समान होते हैं, जबकि मधुर वचन अमृत जैसे होते हैं।

English: Speak such sweet and tender words, renouncing all egotism and pride, that cool and comfort the hearts of those who listen while bathing your own being in deep serenity and tranquility.

ऐसी बानी बोलिए • मधुर वचनपूरी व्याख्या व संदर्भ→