दोहा छंद (13-11 मात्राएँ)
Classical Couplet (दोहा)

ऐसी बानी बोलिए, मन का आपा खोय।औरन को सीतल करै, आपहु सीतल होय॥

Aisi baani boliye, man ka aapa khoy. Ouran ko seetal karai, aapahu seetal hoy.

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Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या)

हिंदी सरल व्याख्या (Hindi Vyakhya):

कबीरदास जी मधुर वाणी के प्रयोग का उपदेश देते हुए कहते हैं कि हमें अपने अहंकार, क्रोध और घमंड को त्यागकर ऐसी विनम्र व मधुर वाणी में बात करनी चाहिए, जो सुनने वाले के हृदय को शीतलता और शांति प्रदान करे तथा स्वयं हमारे अपने मन को भी सुख और शांति से परिपूर्ण रखे। कटु वचन अग्नि के समान होते हैं, जबकि मधुर वचन अमृत जैसे होते हैं।

English Translation & Meaning:

Speak such sweet and tender words, renouncing all egotism and pride, that cool and comfort the hearts of those who listen while bathing your own being in deep serenity and tranquility.

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Literary Context & Source (साहित्यिक संदर्भ व स्रोत)

मूल ग्रंथ / संकलन: कबीर बीजक (बानी को अंग)
काव्य विधा: दोहा (मात्रिक छंद)

संत कबीरदास का यह दोहा 15वीं शताब्दी (भक्तिकाल - निर्गुण ज्ञानाश्रयी शाखा) की अमर साहित्यिक धरोहर है। यह दोहा मध्यकालीन भक्ति एवं नीति काव्य परंपरा का अत्यंत प्रामाणिक अंश है जो जीवन के व्यावहारिक सत्य, सदाचार और मानवीय चेतना को जागृत करता है।

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"ऐसी बानी बोलिए, मन का आपा खोय।" दोहे के रचयिता कौन हैं?▼

यह प्रसिद्ध एवं प्रामाणिक दोहा संत कबीरदास द्वारा रचित है। यह दोहा 'कबीर बीजक (बानी को अंग)' में संकलित है।

"ऐसी बानी बोलिए, मन का आपा खोय।" दोहे का सरल हिंदी भावार्थ (व्याख्या) क्या है?▼

कबीरदास जी मधुर वाणी के प्रयोग का उपदेश देते हुए कहते हैं कि हमें अपने अहंकार, क्रोध और घमंड को त्यागकर ऐसी विनम्र व मधुर वाणी में बात करनी चाहिए, जो सुनने वाले के हृदय को शीतलता और शांति प्रदान करे तथा स्वयं हमारे अपने मन को भी सुख और शांति से परिपूर्ण रखे। कटु वचन अग्नि के समान होते हैं, जबकि मधुर वचन अमृत जैसे होते हैं।

What is the English meaning of the doha "ऐसी बानी बोलिए, मन का आपा खोय।"?▼

Speak such sweet and tender words, renouncing all egotism and pride, that cool and comfort the hearts of those who listen while bathing your own being in deep serenity and tranquility.

यह दोहा किस विषय और जीवन-मूल्य पर आधारित है?▼

यह दोहा मुख्य रूप से 'मधुर वाणी एवं सद्व्यवहार' (Sweet Speech & Conduct) विषय पर आधारित है, जो मानव जीवन में सदाचार, विवेक और आत्म-सुधार की प्रेरणा देता है।

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बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय।

जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय॥

Bura jo dekhan main chala, bura na miliya koy. / Jo dil khoja aapna, mujhse bura na koy.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

कबीरदास जी कहते हैं कि जब मैं संसार में दूसरों की बुराइयाँ और दोष ढूँढ़ने निकला, तो मुझे कोई भी वास्तव में बुरा नहीं मिला। परंतु जब मैंने अंतर्मुखी होकर अपने ही मन और हृदय की गहराइयों में झाँका, तो मुझे ज्ञात हुआ कि संसार में मुझसे अधिक अवगुणों से भरा कोई दूसरा नहीं है। यह दोहा आत्म-समीक्षा और निरहंकारिता का सर्वोच्च संदेश देता है।

English: When I set out to search for evil and fault in the world, I could find no truly wicked person. But when I probed deep into my own heart and mind, I realized that none was more flawed than myself. True transformation begins with honest self-introspection rather than judging others.

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ढाई आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होय॥

Pothi padhi padhi jag mua, pandit bhaya na koy. / Dhai aakhar prem ka, padhe so pandit hoy.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

कबीरदास जी कहते हैं कि संसार भर के लोग मोटे-मोटे धार्मिक ग्रंथ और शास्त्र पढ़-पढ़कर मृत्यु को प्राप्त हो गए, किंतु केवल किताबी ज्ञान से कोई भी सच्चा ज्ञानी अथवा पंडित नहीं बन सका। वास्तव में जो व्यक्ति प्रेम के केवल ढाई अक्षर का मर्म समझ लेता है और प्राणिमात्र से निष्कपट ईश्वरीय प्रेम करता है, वही सच्चा ज्ञानी और तत्ववेत्ता है।

English: Countless generations passed away perusing heavy treatises and scriptures, yet none attained true wisdom through mere bookish knowledge. He who truly comprehends and lives the two and a half letters of unconditional divine love is the truly enlightened sage.

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Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

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English: Both my spiritual Guru and the Supreme Lord Govinda stand before me; to whose lotus feet should I bow first? I offer my total surrender and homage to the Guru first, for it was the Guru whose gracious light revealed the presence and path of the Divine.

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Kaal kare so aaj kar, aaj kare so ab. / Pal mein parlay hoyegi, bahuri karega kab.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

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English: What you intend to do tomorrow, accomplish today; what you plan for today, execute this very moment. In the blink of an eye catastrophe or death may arrive; when then will you accomplish what was left undone? Seize the present without procrastination.

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