E
CLASSICAL POETIC TREASURY

Couplets Starting with 'E'

1 प्रामाणिक दोहे उपलब्ध हैं।

📜रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना)💡नीति एवं सदाचार🎓 Class 9-10

एकै साधै सब सधै, सब साधे सब जाय।

रहिमन सींचै मूल को, फूलै फलै अघाय॥

Ekai saadhe sab sadhai, sab saadhe sab jaay. / Rahiman seenchai mool ko, phoolai phalai aghaay.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी जीवन में लक्ष्य की एकाग्रता और मूल तत्व को साधने का रहस्य समझाते हैं। वे कहते हैं कि एक मुख्य परम तत्व (ईश्वर या मूल कर्तव्य) को साध लेने से अन्य सभी कार्य स्वतः सिद्ध हो जाते हैं; किंतु यदि मनुष्य एक साथ सब कुछ पाने के फेर में भटकता है, तो उसके हाथ से सब कुछ निकल जाता है। जैसे वृक्ष की जड़ (मूल) को सींचने से तना, शाखाएं, फूल और फल सभी तृप्त होकर लहलहा उठते हैं।

English: By nurturing the single essential root, all branches flourish; by scattering effort on everything simultaneously, all is lost. When the gardener waters the primary roots of a tree, its stems, leaves, flowers, and fruits thrive in abundance.

एकै साधै सब सधै • मूल को सींचनापूरी व्याख्या व संदर्भ→