दोहा छंद (13-11 मात्राएँ)
Classical Couplet (दोहा)

रहिमन देखि बड़ेन को, लघु न दीजिए डारि।जहाँ काम आवै सुई, कहा करै तरवारि॥

Rahiman dekhi baden ko, laghu na dijiye daari. Jahan kaam aavai sui, kaha karai tarvaari.

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Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या)

हिंदी सरल व्याख्या (Hindi Vyakhya):

रहीम जी कहते हैं कि किसी बड़े, धनी अथवा शक्तिशाली व्यक्ति को पाकर अपने पुराने, छोटे अथवा निर्धन मित्रों व सहायकों की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए। प्रत्येक वस्तु और व्यक्ति का अपना एक विशिष्ट महत्त्व होता है। जिस स्थान पर फटे वस्त्र को सिलने के लिए छोटी सी सुई काम आती है, वहाँ विशाल और तीक्ष्ण तलवार कुछ भी नहीं कर सकती। समानता और आदर ही जीवन का सत्य है।

English Translation & Meaning:

Upon encountering the wealthy or powerful, never discard or disrespect the humble and small, says Rahim. Where a tiny sewing needle is required to mend a cloth, what possible utility can a mighty battle sword have? Every entity possesses unique worth.

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Literary Context & Source (साहित्यिक संदर्भ व स्रोत)

मूल ग्रंथ / संकलन: रहीम सतसई (विनम्रता उपदेश)
काव्य विधा: दोहा (मात्रिक छंद)

रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना) का यह दोहा 16वीं-17वीं शताब्दी (मध्यकालीन नीति व शृंगार काव्य) की अमर साहित्यिक धरोहर है। यह दोहा मध्यकालीन भक्ति एवं नीति काव्य परंपरा का अत्यंत प्रामाणिक अंश है जो जीवन के व्यावहारिक सत्य, सदाचार और मानवीय चेतना को जागृत करता है।

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"रहिमन देखि बड़ेन को, लघु न दीजिए डारि।" दोहे के रचयिता कौन हैं?▼

यह प्रसिद्ध एवं प्रामाणिक दोहा रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना) द्वारा रचित है। यह दोहा 'रहीम सतसई (विनम्रता उपदेश)' में संकलित है।

"रहिमन देखि बड़ेन को, लघु न दीजिए डारि।" दोहे का सरल हिंदी भावार्थ (व्याख्या) क्या है?▼

रहीम जी कहते हैं कि किसी बड़े, धनी अथवा शक्तिशाली व्यक्ति को पाकर अपने पुराने, छोटे अथवा निर्धन मित्रों व सहायकों की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए। प्रत्येक वस्तु और व्यक्ति का अपना एक विशिष्ट महत्त्व होता है। जिस स्थान पर फटे वस्त्र को सिलने के लिए छोटी सी सुई काम आती है, वहाँ विशाल और तीक्ष्ण तलवार कुछ भी नहीं कर सकती। समानता और आदर ही जीवन का सत्य है।

What is the English meaning of the doha "रहिमन देखि बड़ेन को, लघु न दीजिए डारि।"?▼

Upon encountering the wealthy or powerful, never discard or disrespect the humble and small, says Rahim. Where a tiny sewing needle is required to mend a cloth, what possible utility can a mighty battle sword have? Every entity possesses unique worth.

यह दोहा किस विषय और जीवन-मूल्य पर आधारित है?▼

यह दोहा मुख्य रूप से 'विनम्रता एवं निरहंकार' (Humility & Ego) विषय पर आधारित है, जो मानव जीवन में सदाचार, विवेक और आत्म-सुधार की प्रेरणा देता है।

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बड़े बड़ाई ना करैं, बड़े न बोलैं बोल।

रहिमन हीरा कब कहै, लाख टका मेरो मोल॥

Bade badai na karain, bade na bolain bol. / Rahiman heera kab kahai, laakh taka mero mol.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी कहते हैं कि जो लोग वास्तव में महान और गुणी होते हैं, वे कभी अपनी प्रशंसा स्वयं अपने मुँह से नहीं करते और न ही कभी अहंकार से भरे बड़े-बड़े बोल बोलते हैं। जिस प्रकार बहुमूल्य हीरा कभी स्वयं यह दावा नहीं करता कि मेरा मूल्य लाखों टके है; उसकी चमक और शुद्धता ही उसकी परख करा देती है। उसी प्रकार महान व्यक्तियों का कर्म ही उनकी महत्ता सिद्ध करता है।

English: Those genuinely great never boast of their own virtues, nor do they utter haughty, boastful words. When has a radiant diamond ever proclaimed loudly that its worth is millions? True brilliance speaks silently through intrinsic merit.

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जो बड़ेन को लघु कहें, नहिं रहीम घटि जाहिं।

गिरधर मुरलीधर कहें, कछु दुख मानत नाहिं॥

Jo baden ko laghu kahain, nahin rahim ghati jaahin. / Giridhar murlidhar kahain, kachhu dukh maanat naahin.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी कहते हैं कि यदि कोई क्षुद्र बुद्धि वाला व्यक्ति किसी सचमुच महान व्यक्ति को छोटा या तुच्छ कह दे, तो इससे उस महान व्यक्ति का बड़प्पन तनिक भी कम नहीं होता। जैसे भगवान श्री कृष्ण को जिन्होंने गोवर्धन पर्वत उठाया था (गिरिधर), उन्हें यदि लोग केवल बांसुरी बजाने वाला (मुरलीधर) कहकर पुकारते हैं, तो वे तनिक भी बुरा नहीं मानते। सच्चा बड़प्पन निंदा से अप्रभावित रहता है।

English: If envious or small-minded people belittle those who are truly great, their stature does not diminish by a fraction. Lord Krishna lifted the Govardhan mountain (Giridhar), yet when people address Him simply as the flute-player (Murlidhar), He takes no offense whatsoever.

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छमा बड़न को चाहिये, छोटन को उतपात।

कह रहीम हरि का घट्यौ, जो भृगु मारी लात॥

Chhama badon ko chaahiye, chhotan ko utpaat. / Kah rahim hari ka ghatyau, jo bhrigu maari laat.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी क्षमाशीलता को श्रेष्ठ पुरुषों का स्वाभाविक गुण बताते हुए कहते हैं कि बड़ों को क्षमा करना शोभा देता है, और छोटों की चंचलता या उत्पात को सहन करना चाहिए। उदाहरण देते हुए वे कहते हैं कि महर्षि भृगु ने जब भगवान विष्णु की छाती पर क्रोधवश लात मारी थी, तब भी भगवान विष्णु ने क्षमा करते हुए उनका आदर किया; इससे प्रभु का क्या घट गया? क्षमा से मनुष्य की महिमा बढ़ती है, घटती नहीं।

English: Magnanimous forgiveness befits the great, while erratic agitation often characterizes the small. When sage Bhrigu insolently kicked Lord Vishnu upon His chest, what was diminished of the Lord’s glory by His gentle forgiveness? Forgiveness exalts nobility.

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रहिमन रिस को मारिबो, सब प्रकार सुख होय।

रिस ते कबहूँ नहिं भलो, समुझि लेहु सब कोय॥

Rahiman ris ko maaribo, sab prakaar sukh hoy. / Ris te kabahun nahin bhalo, samujhi lehu sab koy.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी कहते हैं कि अपने भीतर उठने वाले क्रोध (रिस) का दमन करना और उसे शांत कर देना ही हर प्रकार से सुख और शांति प्रदान करने वाला है। क्रोध से कभी किसी का कोई भला नहीं हुआ है, यह बात सभी को भलीभाँति समझ लेनी चाहिए। क्रोध विवेक को हर लेता है और संबंधों को भस्म कर देता है, अतः क्रोध पर विजय पाना ही सच्ची विजय है।

English: Subduing and conquering one’s inner anger yields unalloyed peace and well-being in every possible way, advises Rahim. Anger has never accomplished any good for anyone anywhere; let everyone realize this timeless truth.

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