समय पाय फल होत है, समय पाय झरि जाय।
सदा रहे नहिं एक सी, का रहीम पछिताय॥
Samay paay phal hot hai, samay paay jhari jaay. / Sada rahe nahin ek si, ka rahim pachhitaay.
रहीम जी काल के अटल नियम को समझाते हुए कहते हैं कि समय आने पर ही वृक्षों पर फल लगते हैं और समय पूरा होने पर वे स्वतः पककर गिर जाते हैं। संसार में कोई भी अवस्था, सुख या दुख सदैव एक जैसी नहीं रहती। जब परिवर्तन प्रकृति का नियम है, तो मनुष्य को समय के उतार-चढ़ाव पर व्यर्थ पछतावा या शोक क्यों करना चाहिए? समभाव से हर परिस्थिति को स्वीकार करना चाहिए।
English: Trees bear fruit when their appointed season arrives, and shed them when the time has run its course. No condition in this mortal realm remains permanent. When change is the immutable law of nature, why lament over the turning tides of fortune?