दोहा छंद (13-11 मात्राएँ)
Classical Couplet (दोहा)

रहिमन छोटी बूँद तें, प्रगट भयो संसार।अहंकार मन में कियो, सो नर मूरख ग्वार॥

Rahiman chhoti boond tain, pragat bhayo sansaar. Ahankaar man mein kiyo, so nar moorakh gwaar.

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Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या)

हिंदी सरल व्याख्या (Hindi Vyakhya):

रहीम जी मनुष्य के अस्तित्व की वास्तविकता का बोध कराते हुए कहते हैं कि जल की एक अत्यंत सूक्ष्म बूँद से इस संपूर्ण मानव देह और संसार की उत्पत्ति हुई है। जो मनुष्य इस नश्वर देह, रूप या धन पर घमंड करता है, वह वास्तव में परम मूर्ख और अज्ञानी है। अपनी उत्पत्ति की तुच्छता को स्मरण रखकर मनुष्य को अहंकार से मुक्त रहना चाहिए।

English Translation & Meaning:

From a mere tiny droplet of fluid did this mortal body emerge, observes Rahim. The human who puffs up with overweening pride over this transient flesh is utterly foolish. True wisdom recognizes our humble origin and sheds arrogance.

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Literary Context & Source (साहित्यिक संदर्भ व स्रोत)

मूल ग्रंथ / संकलन: रहीम सतसई (अहंकार त्याग)
काव्य विधा: दोहा (मात्रिक छंद)

रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना) का यह दोहा 16वीं-17वीं शताब्दी (मध्यकालीन नीति व शृंगार काव्य) की अमर साहित्यिक धरोहर है। यह दोहा मध्यकालीन भक्ति एवं नीति काव्य परंपरा का अत्यंत प्रामाणिक अंश है जो जीवन के व्यावहारिक सत्य, सदाचार और मानवीय चेतना को जागृत करता है।

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"रहिमन छोटी बूँद तें, प्रगट भयो संसार।" दोहे के रचयिता कौन हैं?▼

यह प्रसिद्ध एवं प्रामाणिक दोहा रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना) द्वारा रचित है। यह दोहा 'रहीम सतसई (अहंकार त्याग)' में संकलित है।

"रहिमन छोटी बूँद तें, प्रगट भयो संसार।" दोहे का सरल हिंदी भावार्थ (व्याख्या) क्या है?▼

रहीम जी मनुष्य के अस्तित्व की वास्तविकता का बोध कराते हुए कहते हैं कि जल की एक अत्यंत सूक्ष्म बूँद से इस संपूर्ण मानव देह और संसार की उत्पत्ति हुई है। जो मनुष्य इस नश्वर देह, रूप या धन पर घमंड करता है, वह वास्तव में परम मूर्ख और अज्ञानी है। अपनी उत्पत्ति की तुच्छता को स्मरण रखकर मनुष्य को अहंकार से मुक्त रहना चाहिए।

What is the English meaning of the doha "रहिमन छोटी बूँद तें, प्रगट भयो संसार।"?▼

From a mere tiny droplet of fluid did this mortal body emerge, observes Rahim. The human who puffs up with overweening pride over this transient flesh is utterly foolish. True wisdom recognizes our humble origin and sheds arrogance.

यह दोहा किस विषय और जीवन-मूल्य पर आधारित है?▼

यह दोहा मुख्य रूप से 'विनम्रता एवं निरहंकार' (Humility & Ego) विषय पर आधारित है, जो मानव जीवन में सदाचार, विवेक और आत्म-सुधार की प्रेरणा देता है।

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रहिमन देखि बड़ेन को, लघु न दीजिए डारि।

जहाँ काम आवै सुई, कहा करै तरवारि॥

Rahiman dekhi baden ko, laghu na dijiye daari. / Jahan kaam aavai sui, kaha karai tarvaari.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी कहते हैं कि किसी बड़े, धनी अथवा शक्तिशाली व्यक्ति को पाकर अपने पुराने, छोटे अथवा निर्धन मित्रों व सहायकों की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए। प्रत्येक वस्तु और व्यक्ति का अपना एक विशिष्ट महत्त्व होता है। जिस स्थान पर फटे वस्त्र को सिलने के लिए छोटी सी सुई काम आती है, वहाँ विशाल और तीक्ष्ण तलवार कुछ भी नहीं कर सकती। समानता और आदर ही जीवन का सत्य है।

English: Upon encountering the wealthy or powerful, never discard or disrespect the humble and small, says Rahim. Where a tiny sewing needle is required to mend a cloth, what possible utility can a mighty battle sword have? Every entity possesses unique worth.

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बड़े बड़ाई ना करैं, बड़े न बोलैं बोल।

रहिमन हीरा कब कहै, लाख टका मेरो मोल॥

Bade badai na karain, bade na bolain bol. / Rahiman heera kab kahai, laakh taka mero mol.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी कहते हैं कि जो लोग वास्तव में महान और गुणी होते हैं, वे कभी अपनी प्रशंसा स्वयं अपने मुँह से नहीं करते और न ही कभी अहंकार से भरे बड़े-बड़े बोल बोलते हैं। जिस प्रकार बहुमूल्य हीरा कभी स्वयं यह दावा नहीं करता कि मेरा मूल्य लाखों टके है; उसकी चमक और शुद्धता ही उसकी परख करा देती है। उसी प्रकार महान व्यक्तियों का कर्म ही उनकी महत्ता सिद्ध करता है।

English: Those genuinely great never boast of their own virtues, nor do they utter haughty, boastful words. When has a radiant diamond ever proclaimed loudly that its worth is millions? True brilliance speaks silently through intrinsic merit.

बड़े बड़ाई ना करैं • निरहंकारपूरी व्याख्या व संदर्भ→
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जो बड़ेन को लघु कहें, नहिं रहीम घटि जाहिं।

गिरधर मुरलीधर कहें, कछु दुख मानत नाहिं॥

Jo baden ko laghu kahain, nahin rahim ghati jaahin. / Giridhar murlidhar kahain, kachhu dukh maanat naahin.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी कहते हैं कि यदि कोई क्षुद्र बुद्धि वाला व्यक्ति किसी सचमुच महान व्यक्ति को छोटा या तुच्छ कह दे, तो इससे उस महान व्यक्ति का बड़प्पन तनिक भी कम नहीं होता। जैसे भगवान श्री कृष्ण को जिन्होंने गोवर्धन पर्वत उठाया था (गिरिधर), उन्हें यदि लोग केवल बांसुरी बजाने वाला (मुरलीधर) कहकर पुकारते हैं, तो वे तनिक भी बुरा नहीं मानते। सच्चा बड़प्पन निंदा से अप्रभावित रहता है।

English: If envious or small-minded people belittle those who are truly great, their stature does not diminish by a fraction. Lord Krishna lifted the Govardhan mountain (Giridhar), yet when people address Him simply as the flute-player (Murlidhar), He takes no offense whatsoever.

जो बड़ेन को लघु कहें • गिरधर मुरलीधरपूरी व्याख्या व संदर्भ→
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छमा बड़न को चाहिये, छोटन को उतपात।

कह रहीम हरि का घट्यौ, जो भृगु मारी लात॥

Chhama badon ko chaahiye, chhotan ko utpaat. / Kah rahim hari ka ghatyau, jo bhrigu maari laat.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी क्षमाशीलता को श्रेष्ठ पुरुषों का स्वाभाविक गुण बताते हुए कहते हैं कि बड़ों को क्षमा करना शोभा देता है, और छोटों की चंचलता या उत्पात को सहन करना चाहिए। उदाहरण देते हुए वे कहते हैं कि महर्षि भृगु ने जब भगवान विष्णु की छाती पर क्रोधवश लात मारी थी, तब भी भगवान विष्णु ने क्षमा करते हुए उनका आदर किया; इससे प्रभु का क्या घट गया? क्षमा से मनुष्य की महिमा बढ़ती है, घटती नहीं।

English: Magnanimous forgiveness befits the great, while erratic agitation often characterizes the small. When sage Bhrigu insolently kicked Lord Vishnu upon His chest, what was diminished of the Lord’s glory by His gentle forgiveness? Forgiveness exalts nobility.

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