Samdhee ↔ समधिन
वर और वधू के पिता आपस में समधी बनकर एक-दूसरे से गले मिले।
विवाह के मंडप में दोनों परिवारों की समधिन ने मिलकर मंगल गीत गाए।
अक्षर 'स' से प्रारंभ होने वाले विपरीतार्थक शब्द युग्म (प्रदर्शित: 301–350 / कुल: 473):
Samdhee ↔ समधिन
वर और वधू के पिता आपस में समधी बनकर एक-दूसरे से गले मिले।
विवाह के मंडप में दोनों परिवारों की समधिन ने मिलकर मंगल गीत गाए।
Sagotra-bandhu ↔ पराया
संकट की घड़ी में सगोत्र-बंधु एकजुट होकर एक-दूसरे की ढाल बन जाते हैं।
निःस्वार्थ सेवा करने वाले सज्जन किसी को भी पराया नहीं समझते।
Sahodara ↔ अन्योदरा
सहोदरा बहनें एक-दूसरे के सुख-दुख को बिना कहे ही समझ लेती हैं।
अन्योदरा बहन के साथ भी उसने कभी सौतेला व्यवहार नहीं किया और पूरा मान दिया।
Samkaksh ↔ अधीनस्थ
समकक्ष अधिकारियों ने मिलकर नीति निर्माण पर विचार-विमर्श किया।
अधीनस्थ कर्मचारियों ने वरिष्ठों के मार्गदर्शन में काम पूरा किया।
Sahmat ↔ असहमत
व्यापारिक समझौते की शर्तों पर दोनों भागीदार पूरी तरह सहमत थे।
परियोजना के बजट को लेकर कई सदस्य असहमत होकर पुनर्विचार की मांग करने लगे।
Sandhikarta ↔ युद्धोन्मादी
कुशल संधिकर्ता ने बातचीत के जरिए दो देशों को युद्ध के कगार से बचा लिया।
युद्धोन्मादी नेताओं के भड़काऊ बयानों ने सीमा पर तनाव और बढ़ा दिया।
Mahanga ↔ सस्ता
आजकल बाजार में सोने के आभूषण बहुत महंगे हो गए हैं।
थोक बाजार से सामान खरीदने पर वस्तुएं काफी सस्ती मिल जाती हैं।
Anmol ↔ सस्ता
माता-पिता का स्नेह संसार की सबसे अनमोल निधि है।
सस्ता सामान अक्सर टिकाऊ नहीं होता और शीघ्र खराब हो जाता है।
Sampannata ↔ दरिद्रता
हरित क्रांति के फलस्वरूप गांव में आर्थिक संपन्नता लौट आई।
उचित रोजगार के अभाव में समाज के कई वर्ग दरिद्रता में जीवन बिता रहे हैं।
Sadhan ↔ निर्धन
सधन वर्ग को जरूरतमंद नागरिकों की सहायता हेतु सदैव तत्पर रहना चाहिए।
निर्धन बच्चों को विद्यालय में मुफ्त पाठ्य-पुस्तकें वितरित की गईं।
Poonjipati ↔ सर्वहारा
पूँजीपति वर्ग उद्योगों में भारी धन निवेश करके रोजगार के अवसर बनाता है।
सर्वहारा वर्ग अपने खून-पसीने की कमाई से ही राष्ट्र का निर्माण करता है।
Saamant ↔ किसान
मध्यकाल में सामंत प्रजा पर मनमाने कर लगाकर अपना खजाना भरते थे।
देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ धरती पुत्र किसान है जो अन्न उपजाता है।
Sakal-laabh ↔ शुद्ध-लाभ
खाते के अनुसार बिक्री पर पचास लाख रुपये का सकल-लाभ हुआ।
करों और भत्तों के भुगतान के पश्चात शुद्ध-लाभ तीस लाख रुपये बचा।
Sanchay ↔ अपव्यय
बुजुर्गों ने सदा धर्मपूर्वक धन के संचय की सीख दी है।
संसाधनों का अपव्यय आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों पर कुठाराघात है।
Divaaliya ↔ समर्थ
सट्टे में भारी नुकसान उठाने के बाद व्यापारी दिवालिया घोषित हो गया।
वित्तीय रूप से समर्थ कंपनी ने घाटे में चल रहे कारखाने को खरीद लिया।
Sashulk ↔ मुफ्त
विशिष्ट परामर्श प्राप्त करने के लिए यह सेवा सशुल्क उपलब्ध कराई जाती है।
सार्वजनिक पुस्तकालय में वाचनालय की सुविधा सभी पाठकों के लिए मुफ्त है।
Savetan ↔ अवैतनिक
कर्मचारियों को बीमारी के दौरान नियमानुसार सवेतन अवकाश दिया जाता है।
समाजसेवी संस्था में सचिव का पद पूरी तरह अवैतनिक और सेवाभावी है।
Savaitanik ↔ मानद
महाविद्यालय के प्राचार्य का पद एक स्थायी सवेतनिक पद है।
खेल संघ के अध्यक्ष का पद मानद है जिसके लिए कोई पारिश्रमिक नहीं मिलता।
Sakal ↔ शुद्ध
देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) इस वर्ष सात प्रतिशत बढ़ा।
मूल्यह्रास और कर घटाने के बाद फर्म की शुद्ध आय सामने आती है।
Saakh ↔ अनादर
समय पर ऋण चुकाने से व्यापारी की बाजार में साख बढ़ जाती है।
चेक बाउंस होने से वित्तीय संस्थाओं में व्यापारी का अनादर होता है।
Baajaar-bhaav ↔ सरकारी-दर
मंडी में गेहूं का बाजार-भाव प्रतिदिन की मांग और आपूर्ति पर निर्भर करता है।
राशन की दुकान पर गरीबों को अनाज निर्धारित सरकारी-दर पर उपलब्ध कराया जाता है।
Kaalaadhan ↔ सफेदधन
कर न चुकाकर छिपाया गया कालाधन देश की अर्थव्यवस्था को खोखला करता है।
ईमानदारी से अर्जित और कर-चुकाया सफेदधन व्यक्ति को निश्चिंतता प्रदान करता है।
Munaafaakhori ↔ सेवाभाव
आपदा के समय मुनाफाखोरी करना मानवता के सिद्धांतों के विरुद्ध है।
सच्चे स्वयंसेवक सेवाभाव से प्रेरित होकर संकटग्रस्तों को निःशुल्क राहत बांटते हैं।
Sikka ↔ कागजी-मुद्रा
पुरातात्विक खुदाई में गुप्त काल का सोने का प्राचीन सिक्का प्राप्त हुआ।
आधुनिक अर्थव्यवस्था का अधिकांश नकद लेन-देन कागजी-मुद्रा द्वारा संपन्न होता है।
Svarn ↔ पीतल
विवाह के अवसर पर कन्या को शुद्ध स्वर्ण के आभूषण भेंट किए गए।
पूजा के बर्तनों के निर्माण के लिए पीतल धातु का उपयोग किया जाता है।
Svaamitva ↔ पट्टा
रजिस्ट्री कराने के बाद ही भवन का पूर्ण स्वामित्व क्रेता को प्राप्त हुआ।
खनिज खनन के लिए सरकार ने कंपनी को बीस वर्षों का पट्टा जारी किया।
Sampatti ↔ विपत्ति
सम्पत्ति में सभी लोग मित्र बनने के लिए आगे आते हैं।
सच्चे मित्र की परीक्षा केवल विपत्ति और कठिनाइयों में ही होती है।
Sikke ↔ खोटे-सिक्के
टक्साल से जारी किए गए नए तांबे और निकल के सिक्के बाजार में आ गए।
धोखेबाजों द्वारा फैलाए गए खोटे-सिक्के पकड़ने के लिए पुलिस ने अभियान चलाया।
Mehnat ↔ सुस्ती
किसान की कड़ी मेहनत का ही परिणाम है कि देश का अन्न भंडार भरा है।
सुबह की सुस्ती को त्यागकर व्यायाम करना स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।
Kaaryarat ↔ सेवानिवृत्त
वह पिछले बीस वर्षों से इस प्रतिष्ठित संस्थान में सफलतापूर्वक कार्यरत है।
साठ वर्ष की आयु पूर्ण होने पर वरिष्ठ अधिकारी ससम्मान सेवानिवृत्त हो गए।
Saadhana ↔ लापरवाही
शास्त्रीय गायन वर्षों की अटूट साधना और गुरु-सेवा से सिद्ध होता है।
अस्पताल में दवाओं के रखरखाव में तनिक भी लापरवाही जानलेवा हो सकती है।
Pahal ↔ सन्नाटा
ग्राम प्रधान ने स्वच्छता अभियान में स्वयं आगे बढ़कर सराहनीय पहल की।
विपदा के समय अधिकारियों के कार्यालयों में सन्नाटा पसरा हुआ था।
Srijan ↔ विनाश
कवि और चित्रकार अपनी कल्पना शक्ति से सुंदर कला का सृजन करते हैं।
युद्ध की विभीषिका केवल विनाश और जन-हानि लेकर आती है।
Srijanaatmak ↔ संहारकारी
वैज्ञानिकों ने मानव कल्याण के लिए नई ऊर्जा के सृजनात्मक स्रोत खोजे।
परमाणु हथियारों की संहारकारी क्षमता संपूर्ण मानव सभ्यता को मिटा सकती है।
Sangathit ↔ असंगठित
संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को पेंशन और स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलता है।
असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा दिलाने के लिए कानून बनाए गए हैं।
Suprabandh ↔ कुप्रबंध
मेले में लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बावजूद पुलिस के सुप्रबंध से कोई अनहोनी नहीं हुई।
हवाई अड्डे पर कुप्रबंध के चलते यात्रियों को घंटों तक अपनी उड़ानों की प्रतीक्षा करनी पड़ी।
Kaaryaanvayan ↔ स्थगन
नीतियों का कागजों से धरातल पर सफल कार्यान्वयन ही लोकतंत्र की वास्तविक विजय है।
बजट की कमी के कारण महत्वपूर्ण सड़क निर्माण योजना का अनिश्चितकाल के लिए स्थगन हो गया।
Siddhi ↔ असिद्धि
कठोर तपस्या और निरंतर श्रम के पश्चात साधक को आत्मज्ञान की सिद्धि प्राप्त हुई।
प्रयासों में ढिलाई रखने पर कार्य में असिद्धि का मुंह देखना पड़ता है।
Saphal ↔ असफल
दृढ़ इच्छाशक्ति और कठिन परिश्रम से साधारण बालक भी सफल नागरिक बन सकता है।
शुरुआती दौर में असफल होने पर भी साहसी व्यक्ति कभी निराश नहीं होता।
Sakriyata ↔ निष्क्रियता
पर्यावरण संरक्षण के प्रति युवाओं की बढ़ती सक्रियता एक सुखद संकेत है।
प्रशासन की निष्क्रियता के कारण ऐतिहासिक इमारतों की हालत जर्जर हो रही है।
Vetanbhogee ↔ स्वरोजगारी
वेतनभोगी कर्मचारी को माह के अंत में मिलने वाले निश्चित वेतन पर निर्भर रहना पड़ता है।
स्वरोजगारी व्यक्ति अपनी लगन और समय के अनुसार स्वतंत्र रूप से कमाई करता है।
Svaavalamban ↔ परावलंबन
स्वावलंबन से मनुष्य का आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान बढ़ता है।
परावलंबन की आदत व्यक्ति को कमजोर और लाचार बना देती है।
Svaavalambee ↔ परावलंबी
स्वावलंबी नारी अपने परिश्रम से परिवार का भरण-पोषण करने में सक्षम है।
परावलंबी व्यक्ति छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी दूसरों का मुंह ताकता है।
Kriyaasheel ↔ सुस्त
सदा क्रियाशील रहने वाला व्यक्ति वृद्धावस्था में भी स्वस्थ और प्रसन्न रहता है।
सुस्त स्वभाव के कारण वह दिन भर बिस्तर पर ही पड़ा रहता है।
Saprayaas ↔ अनायास
विदेशी भाषा सीखने के लिए सप्रयास व्याकरण और शब्दावली रटनी पड़ती है।
मातृभाषा तो बच्चा अपने परिवार में अनायास ही बोलना सीख जाता है।
Saadhya ↔ असाध्य
नियमित व्यायाम और संतुलित आहार से कई रोग पूरी तरह साध्य हो जाते हैं।
लापरवाही के चलते जब रोग अंतिम चरण में पहुंच जाए तो वह असाध्य बन जाता है।
Susaadhya ↔ दुःसाध्य
पारस्परिक सहयोग और तालमेल से जटिल कार्य भी सुसाध्य बन जाता है।
दुर्गम बर्फीले पहाड़ों पर चढ़ना अकेले किसी के लिए भी दुःसाध्य कार्य है।
Saadhak ↔ बाधक
अनुशासन और एकाग्रता अध्ययन में सदा साधक सिद्ध होते हैं।
अनावश्यक मोबाइल फोन का उपयोग विद्यार्थियों के लिए सबसे बड़ा बाधक तत्व है।
Kaaryaadhyaksh ↔ सहायक
कार्याध्यक्ष ने पूरी टीम को समयबद्ध लक्ष्य निर्धारित करके सौंपे।
सहायक ने आवश्यक दस्तावेज और रिपोर्ट तैयार करके तुरंत प्रस्तुत की।
Suvyavasthit ↔ अव्यवस्थित
सुव्यवस्थित पुस्तकालय में कोई भी पुस्तक ढूंढना अत्यंत सरल होता है।
अव्यवस्थित दफ्तर में फाइलें इधर-उधर बिखरी रहने से कामकाज बाधित होता है।