Ushna-mausama ↔ शीत-मौसम
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में उष्ण-मौसम की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में शीत-मौसम का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
अक्षर 'श' से प्रारंभ होने वाले विपरीतार्थक शब्द युग्म (प्रदर्शित: 151–180 / कुल: 180):
Ushna-mausama ↔ शीत-मौसम
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में उष्ण-मौसम की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में शीत-मौसम का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Toophaanee ↔ शांत
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में तूफानी की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में शांत का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Aandhee-toophaana ↔ शांत-वातावरण
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में आंधी-तूफान की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में शांत-वातावरण का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Tadita ↔ शांत-आकाश
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में तड़ित की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में शांत-आकाश का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Ushnakatibndha ↔ शीतकटिबंध
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में उष्णकटिबंध की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में शीतकटिबंध का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Nidaagha ↔ शिशिर
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में निदाघ की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में शिशिर का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Sheetakaala ↔ ग्रीष्मकाल
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में शीतकाल की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में ग्रीष्मकाल का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Varshaakaala ↔ शुष्ककाल
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में वर्षाकाल की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में शुष्ककाल का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Sheetaprada ↔ तापप्रद
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में शीतप्रद की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में तापप्रद का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Reta-kaa-toophaana ↔ शांत-रेगिस्तान
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में रेत-का-तूफान की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में शांत-रेगिस्तान का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Sheeta-lahara ↔ लू-का-प्रकोप
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में शीत-लहर की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में लू-का-प्रकोप का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Sheetprakop ↔ उष्ण-राहत
पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण मैदानी क्षेत्रों में भीषण शीतप्रकोप बढ़ गया।
दोपहर में धूप निकलने से कड़ाके की सर्दी में लोगों को उष्ण-राहत मिली।
Himjhanjha ↔ शांत-हिमपात
पहाड़ी दर्रों में उठी तीव्र हिमझंझा ने पर्वतारोहियों का मार्ग अवरुद्ध कर दिया।
घाटी में हो रहे शांत-हिमपात से देवदार के वृक्षों पर बर्फ की सुंदर परत जम गई।
Vasnta-ritu ↔ शिशिर-ऋतु
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में वसंत-ऋतु की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में शिशिर-ऋतु का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Sheeta-vaayu ↔ उष्ण-पवन
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में शीत-वायु की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में उष्ण-पवन का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Aardra-havaa ↔ शुष्क-पवन
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में आर्द्र-हवा की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में शुष्क-पवन का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Sheeta-shaama ↔ तपती-दोपहर
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में शीत-शाम की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में तपती-दोपहर का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Jhnjhaavaatee-mausama ↔ शांत-मौसम
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में झंझावाती-मौसम की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में शांत-मौसम का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Sheeta-bindu ↔ क्वथनांक
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में शीत-बिंदु की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में क्वथनांक का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Varshaa-maapee ↔ शुष्कता-मापी
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में वर्षा-मापी की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में शुष्कता-मापी का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Sheetala-phuhaara ↔ गरम-हवा
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में शीतल-फुहार की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में गरम-हवा का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Sheetoshna-katibndha ↔ उष्ण-कटिबंध
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में शीतोष्ण-कटिबंध की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में उष्ण-कटिबंध का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Sheeta-prabhaava ↔ उष्ण-प्रभाव
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में शीत-प्रभाव की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में उष्ण-प्रभाव का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Sheeta-ritu ↔ ग्रीष्म-ऋतु
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में शीत-ऋतु की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में ग्रीष्म-ऋतु का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Tadita-jhnjhaa ↔ शांत-नभ
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में तड़ित-झंझा की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में शांत-नभ का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Sheeta-havaa ↔ गर्म-हवा
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में शीत-हवा की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में गर्म-हवा का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Chilachilaatee-dhoopa ↔ शीतल-छाया
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में चिलचिलाती-धूप की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में शीतल-छाया का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Pavana-vega ↔ शांत-वायु
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में पवन-वेग की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में शांत-वायु का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Kaale-megha ↔ श्वेत-मेघ
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में काले-मेघ की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में श्वेत-मेघ का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Aardra-vaayumndala ↔ शुष्क-वायुमंडल
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में आर्द्र-वायुमंडल की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में शुष्क-वायुमंडल का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।