Shanka ↔ समाधान
मन में कोई भी शंका हो तो शिक्षक से बेझिझक पूछना चाहिए।
तर्कों और प्रमाणों से सभी जटिल प्रश्नों का समाधान हो गया।
अक्षर 'श' से प्रारंभ होने वाले विपरीतार्थक शब्द युग्म (प्रदर्शित: 51–100 / कुल: 180):
Shanka ↔ समाधान
मन में कोई भी शंका हो तो शिक्षक से बेझिझक पूछना चाहिए।
तर्कों और प्रमाणों से सभी जटिल प्रश्नों का समाधान हो गया।
Aanandmay ↔ शोकमय
मित्रों का मिलन एक आनंदमय उत्सव बन गया।
आपदा के उपरांत बस्ती का वातावरण अत्यंत शोकमय था।
Klesh ↔ शांति
पारिवारिक क्लेश से घर का सारा आनंद नष्ट हो जाता है।
आपसी समझदारी से घर में पुनः सुख और शांति की स्थापना हुई।
Shokgrast ↔ आनंदमग्न
शोकग्रस्त परिवार को सांत्वना देने पूरा गाँव एकत्र हो गया।
उत्सव के संगीत में सब लोग आनंदमग्न होकर नाचने लगे।
Adheer ↔ शांत
परिणाम की प्रतीक्षा में उसका अधीर मन बार-बार घड़ी देख रहा था।
गहरे जल की तरह ज्ञानी पुरुष हर परिस्थिति में शांत रहता है।
Shantipriya ↔ युद्धप्रिय
भारत की परंपरा सदैव से एक शांतिप्रिय और सहिष्णु राष्ट्र की रही है।
युद्धप्रिय साम्राज्यवादी शासक पड़ोसी राज्यों पर आक्रमण करते रहते थे।
Shirsh ↔ पाद
मानव शरीर में शीर्ष सबसे संवेदनशील और विचारशील अंग माना जाता है।
शारीरिक संतुलन बनाए रखने में पाद अर्थात पैरों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
Badhir ↔ श्रवणक्षम
बधिर छात्र संकेत भाषा की सहायता से संवाद स्थापित करने में निपुण था।
श्रवणक्षम व्यक्तियों को भी शोर-शराबे वाले वातावरण में कानों की रक्षा करनी चाहिए।
Gaur ↔ श्याम
पहाड़ी अंचल में रहने वाले लोगों का शारीरिक वर्ण प्रायः गौर होता है।
भगवान कृष्ण के आकर्षक श्याम वर्ण की उपमा सजल मेघों से दी जाती है।
Shaaririk ↔ मानसिक
कठिन दौड़ और तैराकी से शारीरिक सहनशक्ति में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।
ध्यान और स्वाध्याय से मानसिक एकाग्रता और आंतरिक स्थिरता प्राप्त होती है।
Nakha ↔ शिख
योग और आयुर्वेद में नख अर्थात पैर के नाखूनों की स्वच्छता और रंग से शारीरिक स्वास्थ्य परखा जाता है।
प्राचीन काव्य परंपरा में सौंदर्य का संपूर्ण वर्णन नख से शिख अर्थात पैर के अंगूठे से सिर की चोटी तक किया जाता था।
Shirobhaaga ↔ पादभाग
शारीरिक संरचना के अध्ययन में शिरोभाग मस्तिष्क और प्रमुख ज्ञानेंद्रियों का आवास माना गया है।
मानव शरीर का पादभाग पूरे शरीर का भार वहन करने तथा गतिशीलता प्रदान करने का आधार है।
Shvaasa ↔ प्रश्वास
प्राणायाम की क्रिया में गहरी श्वास भीतर खींचकर फेफड़ों को प्राणवायु से भरा जाता है।
मन को शांत करने के लिए प्रश्वास के माध्यम से शरीर से धीरे-धीरे वायु बाहर छोड़ी जाती है।
Shravya ↔ अश्रव्य
मानव कर्ण केवल 20 हर्ट्ज से 20000 हर्ट्ज तक की श्रव्य ध्वनि तरंगों को सुन सकते हैं।
पराश्रव्य और अपश्रव्य तरंगें सामान्य मानव कान के लिए अश्रव्य होती हैं।
Shuchita ↔ अशुचिता
सार्वजनिक जीवन में धन और विचारों की शुचिता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
मन में छिपी अशुचिता बाहरी पूजा-पाठ से कभी दूर नहीं की जा सकती।
Shreya ↔ प्रेय
बुद्धिमान व्यक्ति श्रेय के मार्ग को चुनते हैं जो आत्मिक कल्याण की ओर ले जाता है।
अज्ञानी जन केवल प्रेय अर्थात् तात्कालिक सांसारिक सुखों के पीछे भागते रहते हैं।
Shaaleen ↔ अशिष्ट
शालीन व्यवहार करने वाले व्यक्ति की समाज में सभी लोग सराहना करते हैं।
अशिष्ट स्वभाव का व्यक्ति अपनी कड़वी बातों से दूसरों के मन को ठेस पहुँचाता है।
Shishtaachaar ↔ अशिष्टता
अतिथियों का सत्कार करते समय शिष्टाचार और सौम्यता का परिचय देना हमारी परंपरा है।
बड़ों के सामने अशिष्टता दिखाना सुसंस्कृत होने का लक्षण नहीं है।
Shraddheya ↔ अश्रद्धेय
श्रद्धेय गुरुजी के चरणों में बैठकर शिष्यों ने जीवन का गूढ़ ज्ञान प्राप्त किया।
चरित्रहीन आचरण के कारण वह व्यक्ति समाज की दृष्टि में अश्रद्धेय हो गया।
Shlaaghya ↔ गर्ह्य
शत्रु के समक्ष भी धर्म और शौर्य का पालन करना श्लाघ्य आचरण माना जाता है।
निहत्थे बंदियों पर अत्याचार करना युद्ध के नियमों में गर्ह्य अपराध है।
Maansahaari ↔ शाकाहारी
शेर और चीता विशुद्ध मांसाहारी जीव हैं जो शिकार पर निर्भर रहते हैं।
हाथी और हिरण जैसे शाकाहारी जीव घास और पत्तियों को खाकर जीवन यापन करते हैं।
Shikaari ↔ शिकार
तेज नजरों वाला शिकारी बाज पलक झपकते ही झपट्टा मारता है।
कमजोर हिरण शिकारी शेर का शिकार बनने से बचने के लिए तेज दौड़ा।
Sher ↔ शेरनी
शेर की दहाड़ सुनकर जंगल के सभी छोटे जीव छिपने लगे।
शेरनी अपनी संतान की रक्षा के लिए प्राणों की बाजी लगा देती है।
Shaakaahaar ↔ मांसाहार
अनाज, दलहन और ताजी हरी सब्जियों से युक्त शाकाहार शरीर को निरोगी रखता है।
अत्यधिक मांसाहार करने से कोलेस्ट्रॉल और हृदय संबंधी विकार बढ़ सकते हैं।
Shuddhghee ↔ वनस्पति
शुद्धघी में बने बेसन के लड्डू अपनी महक और स्वाद के लिए जाने जाते हैं।
वनस्पति घी का अत्यधिक उपयोग धमनियों में रुकावट पैदा कर सकता है।
Sharkara ↔ नमक
चाय में शर्करा अधिक होने से वह बहुत मीठी हो गई।
सब्जी में नमक संतुलित मात्रा में ही डालना चाहिए।
Sharkaraayukt ↔ शर्करारहित
हलवाई की दुकान पर शर्करायुक्त मिठाइयाँ शीशे के डिब्बों में सजी थीं।
मधुमेह के रोगियों के लिए शर्करारहित चाय और बिस्कुट तैयार किए गए।
Mitra ↔ शत्रु
सच्चा मित्र विपत्ति के समय ढाल बनकर साथ खड़ा रहता है।
कपटी शत्रु मीठी बातें बोलकर पीठ में छुरा घोंपने का अवसर खोजता है।
Mitrata ↔ शत्रुता
कृष्ण और सुदामा की निस्वार्थ मित्रता संसार में अमर उदाहरण है।
पुरानी शत्रुता को भुलाकर दोनों परिवारों ने आपस में सुलह कर ली।
Shaasak ↔ शासित
एक दूरदर्शी शासक प्रजा के कल्याण को ही अपना सर्वोच्च धर्म समझता है।
शासित जनता के अधिकारों का सम्मान करना किसी भी न्यायप्रिय व्यवस्था की पहली शर्त है।
Poshankarta ↔ शोषक
माता-पिता अपनी संतान के प्राथमिक पोषणकर्ता और मार्गदर्शक होते हैं।
मजदूरों का खून पसीने की कमाई छीनने वाला शोषक समाज के लिए अभिशाप है।
Suhrid ↔ शत्रु
सच्चा सुहृद आपके अवगुणों को अकेले में समझाता है और गुणों की प्रशंसा करता है।
शत्रु सदा आपकी दुर्बलताओं का लाभ उठाकर आघात करने की ताक में रहता है।
Sahyoddha ↔ शत्रुयोद्धा
युद्धभूमि में घायल सहयोद्धा को बचाने के लिए सैनिक ने अपनी जान जोखिम में डाली।
शत्रुयोद्धा के पराजित होने पर भी उसके साथ युद्ध-नियमों के अनुसार सम्मान का व्यवहार किया गया।
Mitrapaksh ↔ शत्रुपक्ष
विश्वयुद्ध में मित्रपक्ष की सेनाओं ने संयुक्त रणनीति बनाकर विजय प्राप्त की।
शत्रुपक्ष की हर चाल पर खुफिया एजेंसियों द्वारा कड़ी निगरानी रखी जा रही थी।
Mitrarashtra ↔ शत्रुराष्ट्र
आपदा के समय मित्रराष्ट्र ने तुरंत राहत सामग्री और दवाएं भेजीं।
शत्रुराष्ट्र की सीमा पर होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर सेना सतर्क रहती है।
Mitramandalee ↔ शत्रुदल
शाम को पार्क में मित्रमंडली बैठकर हँसी-मजाक और विचार साझा करती है।
शत्रुदल ने राजा के खिलाफ षड्यंत्र रचने के लिए गुप्त बैठक की।
Udyogpati ↔ श्रमिक
उद्योगपति ने नई स्वचालित इकाई स्थापित करने का निर्णय लिया।
श्रमिक के निरंतर पसीने से ही विशाल कल-कारखाने सुचारू चलते हैं।
Shreemant ↔ निर्धन
श्रीमंत परिवारों ने कन्या विवाह कोष में मुक्तहस्त दान दिया।
निर्धन परिवारों को शासकीय योजनाओं से पक्के आवास प्रदान किए गए।
Sakal-laabh ↔ शुद्ध-लाभ
खाते के अनुसार बिक्री पर पचास लाख रुपये का सकल-लाभ हुआ।
करों और भत्तों के भुगतान के पश्चात शुद्ध-लाभ तीस लाख रुपये बचा।
Shulk ↔ निःशुल्क
परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए सभी विद्यार्थियों को निर्धारित शुल्क भरना पड़ा।
सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में पाठ्य-पुस्तकें और भोजन पूरी तरह निःशुल्क प्रदान किए जाते हैं।
Sakal ↔ शुद्ध
देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) इस वर्ष सात प्रतिशत बढ़ा।
मूल्यह्रास और कर घटाने के बाद फर्म की शुद्ध आय सामने आती है।
Shree ↔ श्रीहीन
धर्म और सत्य के आचरण से राजा का सिंहासन श्री और सम्मान से चमकता रहा।
पराजय और विपन्नता के बाद वह प्रतापी राजा पूरी तरह श्रीहीन दिखाई देने लगा।
Share ↔ ऋणपत्र
कंपनी के विकास में सीधी भागीदारी के लिए उसने इक्विटी शेयर खरीदे।
निश्चित ब्याज की गारंटी चाहने वाले निवेशकों ने सुरक्षित ऋणपत्र में धन लगाया।
Shram ↔ विश्राम
खेतों में दिन-रात कठोर श्रम करने के बाद ही फसल पकती है।
थके हुए मजदूरों ने वृक्ष की शीतल छाया में बैठकर कुछ देर विश्राम किया।
Shilpee ↔ अनाड़ी
कुशल शिल्पी ने संगमरमर के पत्थर को तराशकर सजीव मूर्ति का रूप दे दिया।
अनाड़ी कारीगर ने महंगे लकड़ी के दरवाजे को काटकर पूरी तरह बिगाड़ दिया।
Tatparata ↔ शिथिलता
अग्निशमन दल ने अद्भुत तत्परता दिखाते हुए आग को कुछ ही पलों में बुझा दिया।
प्रशासनिक शिथिलता के चलते विकास योजनाएं वर्षों तक अधूरी पड़ी रहीं।
Shramajeevee ↔ परजीवी
श्रमजीवी इंसान अपने परिश्रम से रूखी-सूखी रोटी खाकर भी आत्मसम्मान से जीता है।
दूसरों की गाढ़ी कमाई पर पलने वाला परजीवी कभी सम्मान का पात्र नहीं हो सकता।
Shramasaadhya ↔ अनायास
पहाड़ काटकर मार्ग बनाना अत्यंत श्रमसाध्य और जोखिम भरा कार्य था।
प्रकृति की कृपा से फसल को अनायास ही पर्याप्त वर्षा का जल मिल गया।
Shramadaan ↔ आरामपरस्ती
गांव के युवाओं ने मिलकर श्रमदान द्वारा टूटे हुए तटबंध की मरम्मत कर दी।
आरामपरस्ती में डूबा व्यक्ति जीवन में कोई ठोस मुकाम हासिल नहीं कर पाता।
Shramabal ↔ यंत्रबल
कृषि और निर्माण कार्यों में आज भी विशाल श्रमबल की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
यंत्रबल के बढ़ते उपयोग ने भारी काम को बहुत कम समय में संभव बना दिया है।