Kasaila ↔ मधुर
कच्चे आंवले और हरड़ को चबाने पर पहला स्वाद कसैला महसूस होता है।
गन्ने के ताजे रस का स्वाद अत्यंत मधुर और शीतलता प्रदान करने वाला होता है।
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Kasaila ↔ मधुर
कच्चे आंवले और हरड़ को चबाने पर पहला स्वाद कसैला महसूस होता है।
गन्ने के ताजे रस का स्वाद अत्यंत मधुर और शीतलता प्रदान करने वाला होता है।
Khaara ↔ मधुर
समुद्र का पानी अत्यधिक खारा होने के कारण पीने योग्य नहीं होता।
पहाड़ी झरने का मधुर और शीतल जल थके यात्रियों की प्यास बुझाता है।
Khaadya ↔ अखाद्य
खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग ने छापे मारे।
प्लास्टिक और रासायनिक रंग अखाद्य वस्तुएं हैं जिन्हें भोजन में नहीं मिलाना चाहिए।
Supeya ↔ कुपेय
हर्बल काढ़ा और छाछ शरीर को तरोताजा रखने वाले सुपेय हैं।
केमिकल युक्त कृत्रिम रंगीन शरबत कुपेय हैं जो बच्चों के गले को खराब करते हैं।
Kurkura ↔ सीला
गरमागरम समोसे का ऊपरी आवरण एकदम कुरकुरा और खस्ता था।
बरसात की नमी के कारण डिब्बे में रखा बिस्कुट सीला और बेमजा हो गया।
Khasta ↔ कड़ा
कारीगर ने हलवाई की दुकान पर खस्ता कचौड़ियाँ तैयार कीं।
अधिक सेंकने के कारण तवे की रोटी कड़ा होकर चबाने में मुश्किल हो गई।
Bhuna ↔ कच्चा
अलाव की राख में भुना हुआ भुट्टा गरमागरम खाने में बड़ा स्वादिष्ट लगता है।
कच्चा भुट्टा कड़ा होता है और बिना पकाए नहीं खाया जाता।
Khataas ↔ मिठास
नींबू के रस की तीखी खटास ने शिकंजी को ताजगी भरा बना दिया।
पके हुए आम की स्वाभाविक मिठास सबको आकर्षित करती है।
Kadwaahat ↔ मिठास
काली कॉफी की कड़वाहट कम करने के लिए उसने उसमें थोड़ा दूध मिलाया।
शहद की प्राकृतिक मिठास गले की खराश को शांत कर देती है।
Kshudha ↔ तृप्ति
कठोर श्रम के बाद क्षुधा शांत करने के लिए उसने गरम रोटियाँ खाईं।
संतुष्ट होकर थाली हटाने पर चेहरे पर पूर्ण तृप्ति के भाव झलक रहे थे।
Maadhurya ↔ कटुता
दूध की रबड़ी में केसर का माधुर्य घुलमिल गया था।
सड़े हुए तेल के कारण पूरियों में अजीब कटुता आ गई थी।
Kashaaya ↔ मधुर
त्रिफला चूर्ण का स्वाद कषाय होता है जो आंतों को साफ करता है।
मिश्री का स्वाद मधुर होता है जो पित्त को शांत करता है।
Amla ↔ क्षार
सिरके और नीबू में प्राकृतिक अम्ल पाया जाता है जो खट्टापन देता है।
बेकिंग सोडा में क्षार होता है जो ढोकले को फूलाता है।
Aamleeya ↔ क्षारीय
अधिक कोला और सोड़ा पीने से पेट में अम्लीय प्रभाव बढ़ जाता है।
खीरे का रस और नारियल पानी पेट को क्षारीय आधार देकर एसिडिटी घटाते हैं।
Chhaunk ↔ कच्चा
घी और जीरे के छौंक से अरहर की दाल में जान आ गई।
बिना पकाए कच्चा भोजन हर किसी के हाजमे को अनुकूल नहीं बैठता।
Khameeri ↔ अखमीरी
खमीरी नान तंदूर में फूलकर स्पंज की तरह मुलायम बन जाती है।
रोजमर्रा की रोटी अखमीरी आटे से तवे पर सेकी जाती है।
Kuposhan ↔ सुपोषण
गरीबी और अभाव के कारण बच्चे कुपोषण का शिकार होकर दुर्बल हो जाते हैं।
आंगनवाड़ी में दिए जा रहे पौष्टिक आहार से बच्चों में सुपोषण का स्तर बढ़ा है।
Suswaad ↔ कुस्वाद
पके हुए आम के पने का सुस्वाद हर किसी को ताजगी से भर देता है।
सड़ी हुई दाल का कुस्वाद आते ही उसने तुरंत मुंह धोया।
Subhojan ↔ कुभोजन
हरी सब्जियों, रोटी और छाछ का सुभोजन दीर्घायु प्रदान करता है।
बासी और अस्वच्छ स्थान पर बना कुभोजन शरीर को रोगों का घर बना देता है।
Dhoopit ↔ कच्चा
कोयले के धुएं से धूपित रायता एक विशेष सोंधा स्वाद देता है।
कच्चा दूध बिना उबाले पीने से पेट में जीवाणु जा सकते हैं।
Kasailapan ↔ मिठास
कच्चे जामुन खाने पर मुंह में हल्का कसैलापन महसूस होता है।
पके हुए खरबूजे की मिठास गर्मी में सबको भाती है।
Soup ↔ कड़ा
सर्दियों में टमाटर का गरमागरम सूप पीना स्वास्थ्यवर्धक होता है।
दांतों से चबाने के लिए कड़ा भुना हुआ चना ही पसंद किया जाता है।
Vyanjan ↔ कच्चा-अन्न
दावत में छप्पन प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन परोसे गए थे।
गोदाम में रखा कच्चा-अन्न पकाने के बाद ही खाने योग्य बनता है।
Madhur-ras ↔ कटुरस
आयुर्वेद के अनुसार मधुररस शरीर को पोषण और बल प्रदान करता है।
नीम और कुटकी में पाया जाने वाला कटुरस खून को साफ करता है।
Supakwata ↔ कच्चापन
वृक्ष पर प्राकृतिक सुपक्वता पाने वाला अमरूद मीठा और मुलायम होता है।
जल्दबाजी में तोड़े गए फल का कच्चापन स्वाद को किरकिरा कर देता है।
Jala ↔ कच्चा
आंच तेज होने के कारण तवे पर पड़ा पराठा एक तरफ से जला निकला।
धीमी आंच पर कम सेकने से पूरी अंदर से कच्ची रह गई।
Kreta ↔ विक्रेता
भूमि रजिस्ट्री के समय क्रेता ने समस्त राशि का भुगतान चेक द्वारा किया।
विक्रेता ने आवश्यक कानूनी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करके मालिकाना हक सौंपा।
Saujanya ↔ कटुता
पड़ोसियों के बीच का सौजन्य त्योहारों की खुशियों को कई गुना बढ़ा देता है।
आपसी कटुता को त्याग कर ही समाज में शांति और सहयोग का निर्माण हो सकता है।
Jyeshtha ↔ कनिष्ठ
परिवार में ज्येष्ठ सदस्य की राय को सर्वोच्च सम्मान और प्राथमिकता दी जाती है।
कनिष्ठ कर्मचारियों के उत्साह और नई सोच को भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
Varishtha ↔ कनिष्ठ
वरिष्ठ अधिकारियों का अनुभव कठिन प्रशासनिक चुनौतियों को सुलझाने में काम आता है।
कनिष्ठ सहायकों ने आंकड़ों का संकलन करके रिपोर्ट समय पर पूरी की।
Kishoree ↔ किशोर
किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए सरकार ने विशेष योजनाएं बनाई हैं।
किशोर अवस्था में सही मार्गदर्शन मिलने पर बालक उत्तम चरित्रवान बनता है।
Kunwaara ↔ विवाहित
कुँवारा लड़का नौकरी लगने के बाद ही विवाह बंधन में बंधना चाहता था।
विवाहित पुरुष अपने परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी निष्ठा से उठाता है।
Kutumb ↔ एकांत
बड़े कुटुंब में रहकर बच्चे मिल-बांटकर खाने और सहयोग के संस्कार सीखते हैं।
भीड़-भाड़ से दूर एकांत में रहने पर व्यक्ति आत्मचिंतन कर पाता है।
Sadmitra ↔ कुमित्र
सद्मित्र विपत्ति के समय ढाल बनकर रक्षा करता है और सही सलाह देता है।
कुमित्र केवल मौज-मस्ती के समय साथ रहता है और संकट आते ही किनारा कर लेता है।
Kutumbi ↔ अजनबी
संकट के समय सभी कुटुंबी एक छत के नीचे जमा होकर सहायता करते हैं।
अजनबी व्यक्ति से कोई भी निजी जानकारी साझा करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए।
Grihaswaami ↔ किरायेदार
गृहस्वामी ने मकान की रंगाई-पुताई करवाकर उसे नया रूप दिया।
किरायेदार ने प्रत्येक माह की पहली तारीख को ईमानदारी से किराया चुका दिया।
Niyokta ↔ कर्मचारी
एक सहृदय नियोक्ता अपने कर्मचारियों के कल्याण और स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखता है।
परिश्रमी कर्मचारी अपनी लगन और मेहनत से कंपनी को सफलता की नई ऊंचाइयों पर ले गया।
Kutumbjan ↔ गैर
विवाह के निमंत्रण पर सभी कुटुंबजन एकत्र होकर उत्सव का आनंद ले रहे थे।
मुश्किल वक्त में अक्सर गैर भी परिजनों से बढ़कर सहारा बन जाते हैं।
Keemti ↔ कम-मूल्य
दादी माँ का कीमती हार तिजोरी में सुरक्षित रखा गया है।
दैनिक उपयोग की वस्तुएं कम-मूल्य वाली होने से आसानी से खरीदी जा सकती हैं।
Bahumoolya ↔ कौड़ी-का
संग्रहालय में प्राचीन राजाओं के बहुमूल्य रत्न प्रदर्शित हैं।
धोखेबाज व्यापारी ने खरीदार को कौड़ी-का नकली पत्थर थमा दिया।
Dhanaadhya ↔ कंगाल
धनाढ्य सेठ ने नगर में विशाल चिकित्सालय का निर्माण करवाया।
जुआ खेलने की लत ने अमीर व्यापारी को एक ही वर्ष में कंगाल बना दिया।
Kuber ↔ दरिद्र
व्यापार में अप्रत्याशित सफलता से वह रातों-रात कुबेर बन बैठा।
सच्चे संत दरिद्र की झोपड़ी में भी प्रेम से भोजन ग्रहण करते हैं।
Kangaali ↔ खुशहाली
लगातार सूखा पड़ने से किसानों के घर में कंगाली छा गई।
अच्छी पैदावार और उचित मूल्य मिलने से संपूर्ण अंचल में खुशहाली लौट आई।
Saamant ↔ किसान
मध्यकाल में सामंत प्रजा पर मनमाने कर लगाकर अपना खजाना भरते थे।
देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ धरती पुत्र किसान है जो अन्न उपजाता है।
Kifaayat ↔ अपव्यय
गृहस्थी के प्रबंधन में किफायत बरतने से संकट के समय सहायता मिलती है।
सार्वजनिक धन का अपव्यय किसी भी लोक-कल्याणकारी सरकार के लिए अनुचित है।
Kifaayati ↔ खर्चीला
सार्वजनिक बस सेवा आम नागरिकों के लिए अत्यंत किफायती माध्यम है।
निजी विमान से यात्रा करना बहुत खर्चीला और विलासितापूर्ण शौक है।
Kamaai ↔ खर्च
कड़ी धूप में पसीना बहाकर उसने महीने भर की कमाई जुटाई।
दवाइयों और इलाज का खर्च अचानक बढ़ जाने से बजट बिगड़ गया।
Kamaaoo ↔ निठल्ला
परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य होने के नाते उस पर भारी जिम्मेदारी है।
दिन भर ताश खेलकर समय बर्बाद करने वाला निठल्ला व्यक्ति समाज में मान नहीं पाता।
Mahaajan ↔ कर्जदार
पुराने समय में महाजन ऊंचे ब्याज पर किसानों को धन उधार देते थे।
कर्जदार ने फसल बिकते ही अपना पुराना हिसाब चुकता कर दिया।
Poonji ↔ कर्ज
व्यवसाय शुरू करने के लिए उसने अपनी वर्षों की संचित पूँजी लगाई।
उच्च ब्याज पर लिया गया भारी कर्ज चुकाने में उसकी सारी आय चली जाती है।