Athak ↔ थका-हारा
अथक प्रयासों के बल पर वैज्ञानिक दल ने मंगल अभियान को सफल बनाया।
दिन भर की चिलचिलाती धूप में मजदूरी करने के बाद वह थका-हारा घर लौटा।
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Athak ↔ थका-हारा
अथक प्रयासों के बल पर वैज्ञानिक दल ने मंगल अभियान को सफल बनाया।
दिन भर की चिलचिलाती धूप में मजदूरी करने के बाद वह थका-हारा घर लौटा।
Aklaant ↔ क्लांत
अक्लांत परिश्रमी व्यक्ति लक्ष्य प्राप्ति तक कभी रुकने का नाम नहीं लेता।
लंबी दौड़ पूरी करने के बाद धावक अत्यंत क्लांत अवस्था में जमीन पर बैठ गया।
Shramadaan ↔ आरामपरस्ती
गांव के युवाओं ने मिलकर श्रमदान द्वारा टूटे हुए तटबंध की मरम्मत कर दी।
आरामपरस्ती में डूबा व्यक्ति जीवन में कोई ठोस मुकाम हासिल नहीं कर पाता।
Dridhasankalp ↔ अनिर्णय
दृढ़संकल्प के बल पर पर्वतारोही ने माउंट एवरेस्ट की चोटी फतह की।
लगातार अनिर्णय की स्थिति में बने रहने से अच्छे अवसर हाथ से निकल जाते हैं।
Kaaryabhaar ↔ अवकाश
नए पद पर पदोन्नत होते ही अधिकारी पर भारी कार्यभार आ गया।
साल भर की निरंतर व्यस्तता के बाद कर्मचारियों को ग्रीष्मकालीन अवकाश मिला।
Rojgaaronmukh ↔ अनुत्पादक
युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं।
कोरी सैद्धांतिक बातें सिखाना आधुनिक युग में अनुत्पादक सिद्ध होता है।
Aatmanirbhar ↔ पराश्रित
देश को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
विदेशी सहायता पर पराश्रित अर्थव्यवस्थाएं संकट के समय असहाय हो जाती हैं।
Aatmanirbharata ↔ पराश्रय
खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करना राष्ट्र की पहली प्राथमिकता थी।
दूसरों के पराश्रय में जीने से व्यक्ति की अपनी मौलिक प्रतिभा कुंठित हो जाती है।
Udyamavaan ↔ अकर्मण्य
उद्यमवान पुरुष अपने बाहुबल से बंजर भूमि को भी उपजाऊ बना देता है।
अकर्मण्य व्यक्ति उत्तम अवसर मिलने पर भी कोई कदम नहीं उठाता।
Yatna ↔ अयत्न
जंगल की आग बुझाने के लिए ग्रामीणों ने हर संभव यत्न किया।
सिद्ध संतों के मुख से ज्ञान की बातें अयत्न ही प्रवाहित होती हैं।
Saprayaas ↔ अनायास
विदेशी भाषा सीखने के लिए सप्रयास व्याकरण और शब्दावली रटनी पड़ती है।
मातृभाषा तो बच्चा अपने परिवार में अनायास ही बोलना सीख जाता है।
Prayaasasheel ↔ आलसी
प्रयासशील छात्र हर असफलता को नई सीख मानकर पुनः प्रयास करता है।
आलसी व्यक्ति छोटी सी बाधा आते ही सब कुछ छोड़कर बैठ जाता है।
Saadhya ↔ असाध्य
नियमित व्यायाम और संतुलित आहार से कई रोग पूरी तरह साध्य हो जाते हैं।
लापरवाही के चलते जब रोग अंतिम चरण में पहुंच जाए तो वह असाध्य बन जाता है।
Shramasheel ↔ अनुद्यमी
श्रमशील समुदाय अपनी कड़ी मेहनत से बंजर धरती पर भी फसलें उगा लेता है।
अनुद्यमी लोग संसाधनों से संपन्न होकर भी कोई नया कार्य आरंभ नहीं कर पाते।
Shramapriya ↔ आरामपसंद
श्रमप्रिय किसान अपने हाथों से कुदाल चलाकर पसीना बहाने में गर्व अनुभव करता है।
आरामपसंद व्यक्ति वातानुकूलित कमरे से बाहर निकलने में भी कतराता है।
Adheekshak ↔ अधीनस्थ
अधीक्षक ने सभी वार्डों का औचक निरीक्षण करके व्यवस्था का जायजा लिया।
अधीनस्थ कर्मचारियों ने अधीक्षक द्वारा दिए गए निर्देशों का तुरंत पालन किया।
Kaaryaanubhav ↔ अनभिज्ञता
दस वर्षों के कार्यानुभव के आधार पर उन्हें इस विशाल परियोजना का प्रमुख बनाया गया।
नियमों के प्रति अनभिज्ञता के कारण नए कर्मचारी से फॉर्म भरने में त्रुटि हो गई।
Shramasaadhana ↔ आरामपरस्ती
श्रमसाधना से ही मनुष्य इतिहास रचता है और समाज को नई दिशा देता है।
आरामपरस्ती के कारण कई सभ्यताओं का वैभव धूल में मिल गया।
Nipunata ↔ अकुशलता
सर्जन ने अद्भुत निपुणता के साथ जटिल हृदय प्रत्यारोपण पूरा किया।
ड्राइवर की अकुशलता के कारण बस मोड़ पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
Kaaryakushalta ↔ अक्षमता
कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए नियमित कार्यशालाएं आयोजित की जाती हैं।
नेतृत्व की अक्षमता के चलते कंपनी घाटे से उबरने में विफल रही।
Anubhavee ↔ नौसिखिया
तूफान में जहाज को सुरक्षित किनारे लाने का श्रेय अनुभवी नाविक को जाता है।
नौसिखिया तैराक को गहरे पानी में जाने से पहले प्रशिक्षक की सहायता लेनी चाहिए।
Praveenata ↔ अकुशलता
सॉफ्टवेयर कोडिंग में अपनी प्रवीणता के कारण उसे विदेश में उच्च पद मिला।
तकनीकी अकुशलता के कारण डाटा ट्रांसफर में गंभीर त्रुटियां आ गईं।
Athak-parishram ↔ आलस्य
किसानों के अथक-परिश्रम से ही बंजर धरती पर लहलहाती फसलें खड़ी हुईं।
आलस्य के कारण मनुष्य सुनहरे अवसर भी अपने हाथों से गंवा देता है।
Kaaryapranaalee ↔ अव्यवस्था
पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनाने से कार्यालय में भ्रष्टाचार समाप्त हो गया।
अव्यवस्था के चलते अस्पताल में मरीजों को घंटों कतार में खड़े रहना पड़ा।
Suvyavasthit ↔ अव्यवस्थित
सुव्यवस्थित पुस्तकालय में कोई भी पुस्तक ढूंढना अत्यंत सरल होता है।
अव्यवस्थित दफ्तर में फाइलें इधर-उधर बिखरी रहने से कामकाज बाधित होता है।
Kaaryadaksh ↔ अयोग्य
कार्यदक्ष अभियंता ने मशीन की खराबी को तुरंत पहचानकर ठीक कर दिया।
अयोग्य कर्मियों के कारण महत्वपूर्ण परियोजना समय पर पूरी न हो सकी।
Shramasaadhak ↔ आरामतलब
श्रमसाधक युवक ने अपनी बाहों के बल पर परिवार की तकदीर बदल दी।
आरामतलब पुत्र पैतृक संपत्ति के सहारे जीवन बिताने का सपना देखता रहा।
Shramanishtha ↔ आलस्य
सच्ची श्रमनिष्ठा ही किसी भी साधारण श्रमिक को असाधारण व्यक्तित्व बनाती है।
आलस्य में डूबा मनुष्य अपने भीतर छिपी प्रतिभा को भी कभी पहचान नहीं पाता।
Pahalkarta ↔ अनुगामी
साहसी पहलकर्ता नए उद्योग स्थापित करके दूसरों के लिए मार्ग प्रशस्त करता है।
रूढ़िवादी अनुगामी केवल दूसरों द्वारा बनाए गए ढर्रे पर ही चलना जानता है।
Ateet ↔ अनागत
इतिहासकार अतीत के गौरवशाली अध्यायों की खोज में लगे रहते हैं।
अनागत संकट की पूर्व तैयारी कर लेने से समाज सुरक्षित रहता है।
Nitya ↔ अनित्य
आत्मा को नित्य और अविनाशी माना गया है जिसका कभी नाश नहीं होता।
संसार के सभी भौतिक सुख अनित्य हैं और समय के साथ समाप्त हो जाते हैं।
Aadikaal ↔ आधुनिक-काल
हिंदी साहित्य के आदिकाल में वीरगाथाओं और रासो काव्यों की रचना हुई।
आधुनिक-काल में गद्य साहित्य और तकनीकी विधाओं का अभूतपूर्व विकास हुआ।
Praagaitihaasik ↔ ऐतिहासिक
भीमबेटका की गुफाओं में प्रागैतिहासिक काल के शैलचित्र आज भी सुरक्षित हैं।
ताजमहल और लाल किला भारत के प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्मारक हैं।
Madhyakaaleen ↔ आधुनिककालीन
मध्यकालीन भारत में भक्ति आंदोलन ने समाज में समरसता का संदेश दिया।
आधुनिककालीन समाज में वैज्ञानिक अनुसंधान और डिजिटल क्रांति का बोलबाला है।
Puraatanata ↔ आधुनिकता
ऐतिहासिक खंडहर अपनी पुरातनता से पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
आधुनिकता की दौड़ में हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों को नहीं भूलना चाहिए।
Samakaaleen ↔ असमकालीन
तुलसीदास और अकबर एक ही कालखंड के प्रसिद्ध समकालीन व्यक्तित्व थे।
कालिदास और कबीर सर्वथा असमकालीन कवि थे जिनके जीवनकाल में सदियों का अंतर था।
Poorvaahn ↔ अपराह्न
कार्यालय की महत्वपूर्ण बैठक पूर्वाह्न दस बजे आयोजित की गई है।
अपराह्न के समय धूप ढलने पर बच्चे मैदान में खेलने के लिए निकलते हैं।
Paurvaahnik ↔ अपराह्निक
वैदिक अनुष्ठानों में पौर्वाह्निक कृत्यों का विशेष धार्मिक महत्व बताया गया है।
अपराह्निक सभा में दिन भर के निर्णयों की समीक्षा की गई।
Arunoday ↔ गोधूलि
अरुणोदय होते ही पक्षियों का सुमधुर कलरव वन में गूंजने लगा।
गोधूलि बेला में चरवाहे अपनी गायों को चराकर घर की ओर लौटने लगे।
Atisheeghra ↔ धीमे
रोगी की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे अतिशीघ्र अस्पताल पहुंचाया गया।
पहाड़ी रास्तों पर वाहन को बहुत धीमे और संभलकर चलाना चाहिए।
Avilamb ↔ सविंलब
आदेश प्राप्त होते ही पुलिस दल अविलंब घटनास्थल के लिए रवाना हो गया।
तकनीकी बाधाओं के कारण परियोजना की रिपोर्ट सविंलब प्रस्तुत की जा सकी।
Saamayik ↔ असामयिक
किसानों को समय पर खाद-बीज का वितरण एक अत्यंत सामयिक कदम था।
युवा खिलाड़ी के असामयिक निधन से संपूर्ण खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
Samayochit ↔ असामयिक
अग्निशामकों की समयोचित सहायता से विशाल मॉल को जलने से बचा लिया गया।
फसल कटाई के समय असामयिक ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया।
Samayabaddh ↔ अनियत
मेट्रो रेल परियोजना को समयबद्ध तरीके से तीन वर्षों में पूर्ण कर लिया गया।
अनियत कार्यप्रणाली के कारण कई अदालतें मुकदमों के बोझ तले दबी रहती हैं।
Samayanishtha ↔ अनियमितता
जर्मनी और जापान में नागरिकों की समयनिष्ठा पूरे विश्व में प्रसिद्ध है।
दफ्तरों में उपस्थिति की अनियमितता को रोकने के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी लगाई गई।
Udbhav ↔ अवसान
हिमालय की चोटियों से पवित्र गंगा नदी का उद्भव होता है।
दिन ढलते ही सूर्य के अवसान के साथ ही चारों ओर गोधूलि बेला छा गई।
Pratham ↔ अंतिम
दौड़ प्रतियोगिता में प्रथम आने वाले धावक को स्वर्ण पदक मिला।
अभियान के अंतिम चरण में सभी सैनिकों ने पूरी शक्ति झोंक दी।
Aadya ↔ अन्त्य
ऋग्वेद मानव जाति की सबसे आद्य लिखित कृति माना जाता है।
काव्य के अन्त्य चरण में कवि ने अपनी आध्यात्मिक अनुभूतियों को समेटा है।
Aagaamee ↔ विगत
आगामी चुनाव के लिए सभी राजनीतिक दलों ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
विगत वर्ष में देश ने खाद्यान्न उत्पादन में नया कीर्तिमान स्थापित किया।
Vartamaan ↔ अतीत
जो मनुष्य अपने वर्तमान को संवार लेता है, उसका भविष्य स्वतः सुंदर हो जाता है।
अतीत के दुखों को बार-बार याद करने से केवल निराशा ही हाथ लगती है।