Peya ↔ अपेय
नारियल पानी और नीबू शिकंजी गर्मियों में स्वास्थ्यवर्धक पेय माने जाते हैं।
मदिरा और दूषित नाले का पानी मानव स्वास्थ्य के लिए सर्वथा अपेय है।
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Peya ↔ अपेय
नारियल पानी और नीबू शिकंजी गर्मियों में स्वास्थ्यवर्धक पेय माने जाते हैं।
मदिरा और दूषित नाले का पानी मानव स्वास्थ्य के लिए सर्वथा अपेय है।
Sika ↔ अधपका
तंदूर में अच्छी तरह सिका हुआ नान खस्ता और सुगंधित था।
हड़बड़ी में निकाला गया अधपका पराठा खाने पर पेट में भारीपन हो गया।
Alpaahaar ↔ पूर्णाहार
यात्रा के दौरान उसने केवल फल और चाय का अल्पाहार लिया।
दोपहर के समय दाल-चावल, रोटी और सब्जी का पूर्णाहार ग्रहण करना चाहिए।
Alpaahaari ↔ बहुभोजी
योग साधक अल्पाहारी होते हैं ताकि उनका शरीर ध्यान के समय हल्का रहे।
पहलवान बहुभोजी होते हैं जिन्हें भारी व्यायाम के लिए अधिक कैलोरी चाहिए।
Swaadu ↔ अस्वादु
घी और मेवों से युक्त लड्डू अत्यंत स्वादु और मनभावन थे।
धूप में रखा रहने के कारण दूध फट गया और अस्वादु हो गया।
Ruchikar ↔ अरुचिकर
सजी हुई सलाद की थाली देखने में अत्यंत रुचिकर और ताजी लग रही थी।
जली हुई सब्जी की महक आने पर वह पूरी तरह अरुचिकर हो गई।
Lavan ↔ अलवण
सब्जी में उचित मात्रा में लवण मिलाने से उसका स्वाद निखरता है।
व्रत के फलाहार में अलवण भोजन ही ग्रहण किया जाता है।
Amla ↔ क्षार
सिरके और नीबू में प्राकृतिक अम्ल पाया जाता है जो खट्टापन देता है।
बेकिंग सोडा में क्षार होता है जो ढोकले को फूलाता है।
Aamleeya ↔ क्षारीय
अधिक कोला और सोड़ा पीने से पेट में अम्लीय प्रभाव बढ़ जाता है।
खीरे का रस और नारियल पानी पेट को क्षारीय आधार देकर एसिडिटी घटाते हैं।
Pakwata ↔ अपक्वता
केले में पक्वता आते ही छिलका पीला और गूदा मीठा हो जाता है।
अंगूर में अपक्वता रहने पर उसका स्वाद कसैला और खट्टा लगता है।
Khameeri ↔ अखमीरी
खमीरी नान तंदूर में फूलकर स्पंज की तरह मुलायम बन जाती है।
रोजमर्रा की रोटी अखमीरी आटे से तवे पर सेकी जाती है।
Phalaahaari ↔ अन्नाहारी
व्रत रखने वाले लोग फलाहारी भोजन के रूप में कूटू की पूरी और सिंघाड़ा लेते हैं।
साधारण दिनों में लोग अन्नाहारी होकर गेहूं और चावल पर निर्भर रहते हैं।
Chhana ↔ अछना
छलनी से छना हुआ मैदा एकदम चिकना और गांठ-रहित होता है।
अछना आटा चोकर सहित होने के कारण पाचन के लिए अधिक स्वास्थ्यवर्धक है।
Ruchya ↔ अरुच्य
अदरक और नीबू का अचार भोजन को अत्यंत रुच्य बना देता है।
बासी तेल की दुर्गंध से पूरी सब्जी अरुच्य हो गई और किसी ने नहीं खाई।
Atibhojan ↔ उपवास
दावत में अतिभोजन करने के कारण उसे रात भर पेट दर्द से जूझना पड़ा।
हफ्ते में एक दिन का उपवास पाचन तंत्र को विश्राम और ताजगी देता है।
Bhaksha ↔ अभक्ष
गेहूं और फल मानव के लिए सर्वमान्य भक्ष पदार्थ हैं।
सड़े-गले विषैले फल धार्मिक और स्वास्थ्य दोनों दृष्टि से अभक्ष हैं।
Bhakshya ↔ अभक्ष्य
ताजा पका हुआ भोजन ही शरीर के लिए भक्ष्य और लाभकारी होता है।
कीड़े लगी हुई दाल और सड़े फल स्वास्थ्य के लिए अभक्ष्य हैं।
Ajeerna ↔ सुजीर्ण
बिना भूख के अधिक खा लेने से पेट में अजीर्ण और खट्टी डकारें होने लगीं।
हल्का आहार लेने से भोजन का सुजीर्ण होकर शरीर को शक्ति मिलती है।
Paachakata ↔ अपाचकता
हींग और अजवाइन मिलाने से दाल की पाचकता कई गुना बढ़ जाती है।
कच्चे मैदे की अपाचकता आंतों में रुकावट पैदा कर सकती है।
Annapoorn ↔ अन्नहीन
नई फसल कटने के बाद किसान का भंडार अन्नपूर्ण हो गया।
अकाल के समय सूखा पड़ने से गाँव के गरीब परिवार अन्नहीन हो गए।
Namkeenpan ↔ अलौनापन
समुद्री नमकीनपन के कारण समुद्री शैवाल का स्वाद अनोखा होता है।
सब्जी में नमक न डालने से उसका अलौनापन गले से नहीं उतर रहा था।
Adhpaka ↔ सुरांधा
जल्दबाजी में तवे से उतारी गई अधपकी रोटी पेट में दर्द कर सकती है।
धीमी आंच पर पकी सुरांधा खीर का स्वाद बेमिसाल था।
Pishta ↔ अपिष्ट
चक्की में पिष्ट गेहूं के आटे से कोमल रोटियाँ बनती हैं।
अपिष्ट साबुत गेहूं को उबालकर दलिया बनाया जाता है।
Supakwa ↔ अपक्व
सुपक्व आम की महक से पूरा कमरा भर गया था।
अपक्व फल खाने से पेट में मरोड़ हो सकती है।
Madya ↔ अमृत
मद्य पान करने वाले मनुष्य की समाज में प्रतिष्ठा समाप्त हो जाती है।
संतों की वाणी कानों के लिए अमृत तुल्य मधुर होती है।
Annadaata ↔ भिखारी
खेतों में पसीना बहाने वाला किसान ही देश का सच्चा अन्नदाता है।
द्वार पर आए भूखे भिखारी को अन्न और जल देना मानवीय कर्तव्य है।
Rasoiya ↔ अतिथि
दक्ष रसोइया स्वादिष्ट और स्वच्छ भोजन तैयार करने में निपुण था।
घर आए अतिथि का सत्कार प्रेमपूर्वक भोजन कराकर किया गया।
Amritmay ↔ विषैला
भूखे यात्री के लिए कुएं का मीठा पानी अमृतमय प्रतीत हुआ।
सड़े हुए मशरूम से बना सूप विषैला और जानलेवा साबित हो सकता है।
Adhikaari ↔ अधीनस्थ
जिले के वरिष्ठ अधिकारी ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा के लिए बैठक बुलाई।
अधीनस्थ कर्मचारियों ने निष्ठापूर्वक दिए गए निर्देशों का पालन किया।
Neta ↔ अनुयायी
सच्चा नेता संकट की स्थिति में आगे रहकर दल का मार्गदर्शन करता है।
अनुयायी अपने मार्गदर्शक के आदर्शों पर चलकर समाज में बदलाव लाते हैं।
Agraj ↔ अनुज
अग्रज का कर्तव्य होता है कि वह छोटे भाइयों को सन्मार्ग और सुरक्षा प्रदान करे।
अनुज लक्ष्मण ने वनवास में भी अपने बड़े भाई श्रीराम की निरंतर सेवा की।
Agraja ↔ अनुजा
अग्रजा अपनी छोटी बहनों को पढ़ाई और संस्कारों में मार्गदर्शन देती है।
अनुजा अपनी बड़ी बहन के पदचिह्नों पर चलकर परीक्षा में सफल हुई।
Atithi ↔ मेजबान
भारतीय संस्कृति में अतिथि देवो भवः कहकर मेहमान का आदर किया जाता है।
मेजबान ने अतिथियों की सुविधा और खान-पान का अत्यंत उत्तम प्रबंध किया।
Darshak ↔ अभिनेता
नाटक के मार्मिक दृश्य को देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध और भावुक हो गए।
कुशल अभिनेता ने अपने जीवंत अभिनय से मंच पर पात्र को साकार कर दिया।
Abhibhaavak ↔ आश्रित
विद्यालय की बैठक में अभिभावक अपने बच्चों की प्रगति पर चर्चा करने पहुंचे।
बुजुर्ग और छोटे बच्चे परिवार के अन्य सदस्यों पर आश्रित होते हैं।
Aatmeeya ↔ पराया
मित्र की आत्मीय वाणी ने संकट के समय उसका खोया हुआ ढाढ़स लौटा दिया।
अहंकार के कारण व्यक्ति अपने ही सगे भाइयों को भी पराया समझने लगता है।
Apna ↔ पराया
विपत्ति के समय ही परीक्षा होती है कि कौन अपना है और कौन केवल दिखावे का साथी।
दूसरों की भलाई करने वाला व्यक्ति कभी किसी को पराया नहीं समझता।
Sambaddha ↔ असंबद्ध
महाविद्यालय विश्वविद्यालय से विधिवत संबद्ध होकर शिक्षा प्रदान करता है।
विवाद से पूरी तरह असंबद्ध लोगों को मुकदमे में घसीटना अनुचित है।
Aagyaakaari ↔ उद्दंड
आज्ञाकारी बालक अपने गुरुजनों और बड़ों के वचनों का कभी उल्लंघन नहीं करता।
उद्दंड छात्र अनुशासन की अवहेलना कर कक्षा में बाधा उत्पन्न करता है।
Anugat ↔ बागी
अनुगत सेनापति ने राजा के हर आदेश का तत्काल और निष्ठापूर्वक पालन किया।
बागी सरदारों ने सामंतशाही के विरुद्ध हथियार उठाकर जंग का ऐलान कर दिया।
Purkha ↔ औलाद
गाँव की यह विशाल हवेली पुरखा द्वारा सौ वर्ष पूर्व बनवाई गई थी।
सपूत औलाद अपने माता-पिता के त्याग को समझकर उनका मान बढ़ाती है।
Avivaahit ↔ विवाहित
अविवाहित युवा अपनी पढ़ाई और करियर पर पूरा ध्यान केंद्रित कर रहा था।
विवाहित दंपति ने मिलकर नए गृहस्थ जीवन की सुंदर शुरुआत की।
Sakutumb ↔ अकेला
निमंत्रण पत्र पर आदरपूर्वक लिखा था कि आप समारोह में सकुशल व सकुटुंब पधारें।
अजनबी शहर में अकेला रहने पर व्यक्ति को परिजनों की कमी बहुत खलती है।
Sagotraj ↔ अगोत्रज
सगोत्रज भाइयों ने पैतृक संपत्ति के विभाजन का मामला आपस में सुलझा लिया।
अगोत्रज व्यापारी के साथ पारदर्शी समझौते के आधार पर अनुबंध किया गया।
Kutumbi ↔ अजनबी
संकट के समय सभी कुटुंबी एक छत के नीचे जमा होकर सहायता करते हैं।
अजनबी व्यक्ति से कोई भी निजी जानकारी साझा करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए।
Sahodar ↔ अन्योधर
सहोदर भाइयों के बीच का प्रेम बचपन की स्मृतियों से सींचा हुआ होता है।
अन्योधर भाई होने पर भी दोनों ने पैतृक संपत्ति के मामले को शांति से सुलझाया।
Parijan ↔ अपरिचित
दीपावली के शुभ अवसर पर सभी परिजन एक साथ बैठकर लक्ष्मी पूजन करते हैं।
सड़क पर किसी अपरिचित व्यक्ति से अनावश्यक विवाद में नहीं उलझना चाहिए।
Naatedaar ↔ अजनबी
विवाह के शुभ अवसर पर दूर-दराज से नातेदार घर पहुंचे।
रेल यात्रा में साथ बैठे अजनबी व्यक्ति से भी उसने शालीनता से बात की।
Prajapaalak ↔ अत्याचारी
प्रजापालक राजा के शासन में दीन-दुखी भी निर्भय होकर जीवन यापन करते थे।
अत्याचारी शासक ने भारी कर लगाकर प्रजा को भुखमरी के कगार पर धकेल दिया।
Sahodara ↔ अन्योदरा
सहोदरा बहनें एक-दूसरे के सुख-दुख को बिना कहे ही समझ लेती हैं।
अन्योदरा बहन के साथ भी उसने कभी सौतेला व्यवहार नहीं किया और पूरा मान दिया।