Kaamgaar ↔ निठल्ला
कारखाने का हर कामगार अपने कार्य को पूरी निष्ठा और तत्परता से पूरा करता है।
दिन भर चौराहे पर समय गंवाने वाले निठल्ले व्यक्ति को कोई गंभीरता से नहीं लेता।
अक्षर 'क' से प्रारंभ होने वाले विपरीतार्थक शब्द युग्म (प्रदर्शित: 151–200 / कुल: 259):
Kaamgaar ↔ निठल्ला
कारखाने का हर कामगार अपने कार्य को पूरी निष्ठा और तत्परता से पूरा करता है।
दिन भर चौराहे पर समय गंवाने वाले निठल्ले व्यक्ति को कोई गंभीरता से नहीं लेता।
Kaareegar ↔ नौसिखिया
अनुभवी कारीगर ने पुरानी घड़ी के बारीक पुर्जों को कुछ ही मिनटों में ठीक कर दिया।
नौसिखिया चालक को अभी व्यस्त मार्गों पर वाहन चलाने का अनुभव नहीं है।
Karmasheelta ↔ अकर्मण्यता
जापान के नागरिकों की निरंतर कर्मशीलता ने युद्ध के बाद देश को समृद्ध बनाया।
अकर्मण्यता किसी भी समाज को पतन और पराधीनता के गर्त में धकेल देती है।
Kaaryakushal ↔ कार्यअक्षम
कार्यकुशल प्रबंधक हर परियोजना को समय सीमा से पूर्व ही पूर्ण करवा लेता है।
कार्यअक्षम कर्मियों को पुनः बुनियादी प्रशिक्षण प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
Kaaryadakshata ↔ कार्यअक्षमता
कंप्यूटर तकनीक के उपयोग से कार्यालयीन कार्यदक्षता में भारी वृद्धि हुई।
संसाधनों की कमी और कार्यअक्षमता के कारण उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त न हो सका।
Prabandhan ↔ कुप्रबंधन
कुशल प्रबंधन के कारण घाटे में चल रही कंपनी कुछ ही वर्षों में मुनाफे में आ गई।
वित्तीय कुप्रबंधन ने एक फलते-फूलते अंतरराष्ट्रीय बैंक को दिवालिया बना दिया।
Suprabandh ↔ कुप्रबंध
मेले में लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बावजूद पुलिस के सुप्रबंध से कोई अनहोनी नहीं हुई।
हवाई अड्डे पर कुप्रबंध के चलते यात्रियों को घंटों तक अपनी उड़ानों की प्रतीक्षा करनी पड़ी।
Kaaryaanvayan ↔ स्थगन
नीतियों का कागजों से धरातल पर सफल कार्यान्वयन ही लोकतंत्र की वास्तविक विजय है।
बजट की कमी के कारण महत्वपूर्ण सड़क निर्माण योजना का अनिश्चितकाल के लिए स्थगन हो गया।
Kritakaarya ↔ अकृतकार्य
कठिन अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करके कृतकार्य सैनिक गर्व से लौटे।
योजना के अभाव में अकृतकार्य दल को खाली हाथ वापस आना पड़ा।
Kaaragar ↔ बेकार
बुखार के उपचार के लिए यह पारंपरिक घरेलू औषधि अत्यंत कारगर सिद्ध हुई।
घटिया सामग्री से तैयार किया गया औजार कुछ ही दिनों में बेकार साबित हुआ।
Aklaant ↔ क्लांत
अक्लांत परिश्रमी व्यक्ति लक्ष्य प्राप्ति तक कभी रुकने का नाम नहीं लेता।
लंबी दौड़ पूरी करने के बाद धावक अत्यंत क्लांत अवस्था में जमीन पर बैठ गया।
Kaaryabhaar ↔ अवकाश
नए पद पर पदोन्नत होते ही अधिकारी पर भारी कार्यभार आ गया।
साल भर की निरंतर व्यस्तता के बाद कर्मचारियों को ग्रीष्मकालीन अवकाश मिला।
Kaaryakaal ↔ पदमुक्ति
राष्ट्रपति का कार्यकाल संविधान के अनुसार पांच वर्षों के लिए निर्धारित है।
जांच आयोग की रिपोर्ट आने के बाद भ्रष्ट अधिकारी की तत्काल पदमुक्ति कर दी गई।
Kaaryadivas ↔ छुट्टी
बैंक सप्ताह में पांच कार्यदिवस ग्राहकों की सेवा के लिए खुले रहते हैं।
राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर सभी शैक्षणिक संस्थानों में सार्वजनिक छुट्टी घोषित की गई।
Kaaryaavadhi ↔ विश्रामकाल
कारखाने में कर्मचारियों की दैनिक कार्यावधि आठ घंटे तय की गई है।
दोपहर में आधे घंटे का विश्रामकाल मिलने से श्रमिकों की थकान दूर हो जाती है।
Karmaveer ↔ वाकवीर
कर्मवीर मनुष्य मौन रहकर काम करता है और उसकी सफलता स्वयं बोलती है।
मंच से बड़ी-बड़ी बातें करने वाला वाकवीर जमीन पर कोई ठोस काम नहीं करता।
Karmath ↔ बातूनी
कर्मठ समाजसेवियों ने महामारी के समय दिन-रात पीड़ितों की सेवा की।
बातूनी लोग केवल चर्चाएं करते रहते हैं किंतु काम करने का समय आने पर भाग जाते हैं।
Kriyaasheel ↔ सुस्त
सदा क्रियाशील रहने वाला व्यक्ति वृद्धावस्था में भी स्वस्थ और प्रसन्न रहता है।
सुस्त स्वभाव के कारण वह दिन भर बिस्तर पर ही पड़ा रहता है।
Kriyaasheelta ↔ जड़ता
प्रकृति की निरंतर क्रियाशीलता हमें बिना थके आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
मानसिक जड़ता त्यागकर ही समाज नए वैज्ञानिक विचारों को स्वीकार कर सकता है।
Karmaparaayan ↔ कर्तव्यविमुख
कर्मपरायण सैनिक सीमा पर विषम परिस्थितियों में भी अपने मोर्चे पर डटे रहते हैं।
संकट के समय कर्तव्यविमुख होकर भाग जाने वाले अधिकारी को बर्खास्त कर दिया गया।
Kartavyanishtha ↔ कर्तव्यहीनता
पुलिस अधीक्षक की अद्भुत कर्तव्यनिष्ठा के कारण जिले में कानून व्यवस्था मजबूत हुई।
ड्यूटी के दौरान सोने वाले गार्ड को कर्तव्यहीनता के आरोप में निलंबित किया गया।
Kaamchor ↔ कर्मनिष्ठ
कामचोर व्यक्ति काम के समय बहाने बनाकर छुपने की कोशिश करता है।
कर्मनिष्ठ वैज्ञानिक ने दिन-रात प्रयोगशाला में रहकर नई वैक्सीन तैयार की।
Kaaryanishtha ↔ कामचोरी
कर्मचारियों की उच्च कार्यनिष्ठा ने कंपनी को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित किया।
सरकारी दफ्तरों में कामचोरी की प्रवृत्ति से आम नागरिकों को भारी परेशानी होती है।
Kaaryaarambh ↔ कार्यावसान
शुभ मुहूर्त में भूमि-पूजन के साथ विशाल अस्पताल निर्माण का कार्यारंभ हुआ।
समारोह के कार्यावसान पर सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।
Karmakshetra ↔ विश्रामस्थल
मानव जीवन एक कर्मक्षेत्र है जहाँ हर व्यक्ति को अपने कर्मों का फल भोगना पड़ता है।
तीर्थयात्रा की समाप्ति पर यात्रियों ने विश्रामस्थल में रात्रि बिताई।
Karmayogee ↔ भोगवादी
गीता में श्रीकृष्ण ने निष्काम कर्मयोगी बनने का अमर उपदेश दिया है।
भोगवादी व्यक्ति केवल क्षणिक शारीरिक सुखों के पीछे भागता रहता है।
Kaaryavaahee ↔ उदासीनता
शिकायत मिलते ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दोषी फैक्ट्री पर कड़ी कानूनी कार्यवाही की।
प्रशासन की उदासीनता के कारण सड़क के गड्ढे महीनों तक नहीं भरे गए।
Kaaryaanubhav ↔ अनभिज्ञता
दस वर्षों के कार्यानुभव के आधार पर उन्हें इस विशाल परियोजना का प्रमुख बनाया गया।
नियमों के प्रति अनभिज्ञता के कारण नए कर्मचारी से फॉर्म भरने में त्रुटि हो गई।
Kaaryaadesh ↔ कार्यमुक्ति
विभाग ने संवेदक को पुल निर्माण का औपचारिक कार्यादेश जारी कर दिया।
परियोजना सफलतापूर्वक पूरी होने पर तकनीकी विशेषज्ञों को कार्यमुक्ति दे दी गई।
Kartavyabodh ↔ लापरवाही
डॉक्टर ने गहरे कर्तव्यबोध से प्रेरित होकर आधी रात को आपात ऑपरेशन किया।
चिकित्सक की तनिक सी लापरवाही मरीज के जीवन को संकट में डाल सकती है।
Kaaryakushalta ↔ अक्षमता
कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए नियमित कार्यशालाएं आयोजित की जाती हैं।
नेतृत्व की अक्षमता के चलते कंपनी घाटे से उबरने में विफल रही।
Kaaryapranaalee ↔ अव्यवस्था
पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनाने से कार्यालय में भ्रष्टाचार समाप्त हो गया।
अव्यवस्था के चलते अस्पताल में मरीजों को घंटों कतार में खड़े रहना पड़ा।
Kaaryaadhyaksh ↔ सहायक
कार्याध्यक्ष ने पूरी टीम को समयबद्ध लक्ष्य निर्धारित करके सौंपे।
सहायक ने आवश्यक दस्तावेज और रिपोर्ट तैयार करके तुरंत प्रस्तुत की।
Karmaleen ↔ उदासीन
कर्मलीन वैज्ञानिक चौबीसों घंटे शोध प्रयोगशाला में अनुसंधान में जुटे रहे।
कंपनी के संकट के प्रति उदासीन कर्मचारियों को चेतावनी जारी की गई।
Kaaryadaksh ↔ अयोग्य
कार्यदक्ष अभियंता ने मशीन की खराबी को तुरंत पहचानकर ठीक कर दिया।
अयोग्य कर्मियों के कारण महत्वपूर्ण परियोजना समय पर पूरी न हो सकी।
Kaaryatatpar ↔ ढीला-ढाला
कार्यतत्पर सिपाही ने संकेत मिलते ही त्वरित कार्यवाही की।
ढीला-ढाला रवैया अपनाने वाले कर्मचारियों को कार्यालय से चेतावनी पत्र दिया गया।
Kartavyapaalan ↔ कर्तव्यभंग
डॉक्टरों द्वारा निष्ठापूर्वक कर्तव्यपालन से कई गंभीर मरीजों की जान बच सकी।
ड्यूटी से बिना बताए गायब रहना स्पष्ट रूप से कर्तव्यभंग की श्रेणी में आता है।
Kaalajayee ↔ क्षणभंगुर
तुलसीदास रचित रामचरितमानस एक कालजयी महाकाव्य है जो सदियों से पूज्य है।
पानी का बुलबुला क्षणभंगुर होता है जो हवा के तनिक से झोंके से फूट जाता है।
Kaalaateet ↔ कालबद्ध
उपनिषदों का आध्यात्मिक ज्ञान कालातीत है जिसकी महत्ता कभी समाप्त नहीं होती।
सरकारी योजनाओं का कार्यान्वयन कालबद्ध कार्यक्रम के तहत पूरा किया जाना चाहिए।
Kusamay ↔ सुसमय
कुसमय में धैर्य खोना अपनी ही परेशानियों को और बढ़ाने जैसा है।
सुसमय आने पर मनुष्य के सोए हुए भाग्य के द्वार भी खुल जाते हैं।
Kuvela ↔ सुवेला
आधी रात को किसी के घर कुवेला दस्तक देना शिष्टाचार के विरुद्ध है।
प्रातः काल की सुवेला में किए गए शुभ संकल्प अवश्य पूर्ण होते हैं।
Aaj ↔ कल
आज का काम आज ही पूरा कर लेना बुद्धिमान व्यक्ति का लक्षण है।
कल क्या होगा, यह कोई नहीं जानता; अतः सत्कर्म में देर न करें।
Sada ↔ कभी-नहीं
सत्यवादी मनुष्य सदा सत्य के मार्ग पर ही अडिग रहता है।
ईमानदार व्यक्ति कभी-नहीं बेईमानी का धन अपने घर में लाने की सोचता।
Sarvada ↔ कदाचित
ईश्वर की कृपा समस्त प्राणियों पर सर्वदा समान रूप से बरसती है।
कदाचित ही ऐसा होता है जब मरुस्थल में मूसलाधार वर्षा देखने को मिले।
Kshanikata ↔ स्थायित्व
साधु-संत भौतिक सुखों की क्षणिकता को समझाकर विरक्ति का उपदेश देते हैं।
सत्य और न्याय पर आधारित समाज में ही वास्तविक स्थायित्व आ सकता है।
Kshanabhangurata ↔ अमरता
संसार के वैभव की क्षणभंगुरता को देखकर सिद्धार्थ ने संन्यास लिया।
महान बलिदानियों को राष्ट्र के इतिहास में अमरता प्राप्त होती है।
Kshan ↔ युग
एक क्षण की असावधानी से वर्षों की मेहनत नष्ट हो सकती है।
कठिन तपस्या के बाद कई युगों तक धर्म का राज स्थापित रहा।
Kishoraavastha ↔ प्रौढ़ावस्था
किशोरावस्था में शारीरिक और मानसिक बदलावों के कारण उचित मार्गदर्शन आवश्यक है।
प्रौढ़ावस्था में मनुष्य अपने अनुभवों से गंभीर और परिपक्व निर्णय लेता है।
Kaalik ↔ त्रैकालिक
राजनीतिक सत्ताएं कालिक होती हैं जो कुछ वर्षों के बाद समाप्त हो जाती हैं।
ईश्वरीय सत्य त्रैकालिक है जो भूत, वर्तमान और भविष्य तीनों में एक समान रहता है।
Yugayugaantar ↔ क्षणभर
भारत की ऋषि परंपरा का ज्ञान युगयुगांतर से मानवता का कल्याण करता आ रहा है।
क्षणिक क्रोध में क्षणभर के लिए मनुष्य अपने विवेक पर नियंत्रण खो बैठता है।