Prabhu ↔ दास
भक्त हनुमान ने अपने प्रभु श्रीराम की सेवा में संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया।
स्वामी के प्रति निष्ठावान दास कठिन घड़ी में भी कभी पलायन नहीं करता।
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Prabhu ↔ दास
भक्त हनुमान ने अपने प्रभु श्रीराम की सेवा में संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया।
स्वामी के प्रति निष्ठावान दास कठिन घड़ी में भी कभी पलायन नहीं करता।
Maargdarshak ↔ पथिक
पहाड़ों के दुर्गम रास्तों पर अनुभवी मार्गदर्शक की सहायता अनिवार्य होती है।
थका हुआ पथिक विश्राम करने के लिए घने बरगद की छाया में बैठ गया।
Phoopha ↔ बुआ
फूफा जी ने शादी समारोह में बारात का स्वागत बड़े सम्मान के साथ किया।
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बुआ अपने भाइयों को राखी बांधने गाँव आई।
Putra ↔ पुत्री
श्रवण कुमार एक आदर्श पुत्र थे जिन्होंने माता-पिता को तीर्थयात्रा कराई।
पुत्री दोनों कुलों को अपनी योग्यता और संस्कारों से गौरवान्वित करती है।
Pota ↔ पोती
पोता अपने दादा जी की उंगली पकड़कर प्रतिदिन पार्क में टहलता है।
पोती ने दादी जी की चश्मे की खोज करके उन्हें आदरपूर्वक थमाया।
Paahuna ↔ यजमान
गाँव में दामाद का पाहुना के रूप में भव्य और भावुक स्वागत किया गया।
यजमान ने धार्मिक अनुष्ठान के बाद पुरोहितों और आगंतुकों को दक्षिणा दी।
Saajhedaar ↔ प्रतिद्वंद्वी
दोनों साझेदार मिलकर नई कंपनी को उन्नति के शिखर पर ले गए।
बाजार में प्रतिद्वंद्वी कंपनी ने ग्राहकों को लुभाने के लिए छूट की घोषणा की।
Paksh ↔ विपक्ष
सदन में पक्ष के सांसदों ने नए विधेयक का पुरजोर समर्थन किया।
विपक्ष ने विधेयक की कमियों को उजागर करते हुए संशोधन की मांग की।
Pakshdhar ↔ विरोधी
वह पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा के प्रबल पक्षधर हैं।
योजना के विरोधी लोगों ने निर्माण कार्य पर रोक लगाने की याचिका दायर की।
Poshankarta ↔ शोषक
माता-पिता अपनी संतान के प्राथमिक पोषणकर्ता और मार्गदर्शक होते हैं।
मजदूरों का खून पसीने की कमाई छीनने वाला शोषक समाज के लिए अभिशाप है।
Paalak ↔ पाल्य
यशोदा मैया ने भगवान कृष्ण के पालक के रूप में असीम वात्सल्य दिया।
पाल्य बालक अपने माता-पिता के संरक्षण में सुरक्षित अनुभव करता है।
Sagotra ↔ परगोत्र
प्राचीन परंपराओं में सगोत्र बंधुओं के बीच पारस्परिक सहयोग अनिवार्य माना जाता था।
विवाह संबंध स्थापित करने के लिए परगोत्र के परिवारों का चयन किया जाता है।
Swajan ↔ परजन
संकट के समय स्वजन ही सबसे पहले सहायता के लिए हाथ बढ़ाते हैं।
सच्चा साधु किसी को परजन न मानकर संपूर्ण संसार को अपना कुटुंब मानता है।
Aatmeeya ↔ पराया
मित्र की आत्मीय वाणी ने संकट के समय उसका खोया हुआ ढाढ़स लौटा दिया।
अहंकार के कारण व्यक्ति अपने ही सगे भाइयों को भी पराया समझने लगता है।
Apna ↔ पराया
विपत्ति के समय ही परीक्षा होती है कि कौन अपना है और कौन केवल दिखावे का साथी।
दूसरों की भलाई करने वाला व्यक्ति कभी किसी को पराया नहीं समझता।
Sahpaathee ↔ प्रतिद्वंद्वी
सहपाठी मिलकर कठिन विषयों पर चर्चा करते हैं और एक-दूसरे की सहायता करते हैं।
परीक्षा में प्रतिद्वंद्वी छात्र एक-दूसरे से आगे निकलने के लिए कड़ा परिश्रम करते हैं।
Poorvaj ↔ वंशज
हमारे पूर्वज पर्यावरण और प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीने के पक्षधर थे।
योग्य वंशज अपने कुल के गौरव और सद्विचारों को आगे बढ़ाते हैं।
Purkha ↔ औलाद
गाँव की यह विशाल हवेली पुरखा द्वारा सौ वर्ष पूर्व बनवाई गई थी।
सपूत औलाद अपने माता-पिता के त्याग को समझकर उनका मान बढ़ाती है।
Naayak ↔ प्रतिनायक
कथा का नायक सत्य और न्याय की रक्षा के लिए अंत तक संघर्ष करता है।
प्रतिनायक अपने छल और शक्ति के बल पर नायक के मार्ग में बाधाएं डालता है।
Sagotree ↔ परदेशी
तीर्थयात्रा पर अपने सगोत्री बंधु से मिलने पर उसे अत्यधिक आनंद हुआ।
परदेशी मुसाफिर का सहारा बनकर उसकी मदद करना मानवता का नियम है।
Sahkarmee ↔ प्रतिस्पर्धी
कार्यालय में सहकर्मी की सहायता से जटिल परियोजना समय पर पूरी हो गई।
पदोन्नति की दौड़ में दोनों प्रतिस्पर्धी अधिकारी अपना सर्वश्रेष्ठ दे रहे थे।
Peehar ↔ ससुराल
सावन के महीने में नवविवाहिता अपने पीहर जाकर झूले झूलती है।
ससुराल के दायित्वों को समझदारी से निभाना एक सुसंस्कृत बहू का गुण है।
Parijan ↔ अपरिचित
दीपावली के शुभ अवसर पर सभी परिजन एक साथ बैठकर लक्ष्मी पूजन करते हैं।
सड़क पर किसी अपरिचित व्यक्ति से अनावश्यक विवाद में नहीं उलझना चाहिए।
Prajapaalak ↔ अत्याचारी
प्रजापालक राजा के शासन में दीन-दुखी भी निर्भय होकर जीवन यापन करते थे।
अत्याचारी शासक ने भारी कर लगाकर प्रजा को भुखमरी के कगार पर धकेल दिया।
Sagotra-bandhu ↔ पराया
संकट की घड़ी में सगोत्र-बंधु एकजुट होकर एक-दूसरे की ढाल बन जाते हैं।
निःस्वार्थ सेवा करने वाले सज्जन किसी को भी पराया नहीं समझते।
Poonjipati ↔ सर्वहारा
पूँजीपति वर्ग उद्योगों में भारी धन निवेश करके रोजगार के अवसर बनाता है।
सर्वहारा वर्ग अपने खून-पसीने की कमाई से ही राष्ट्र का निर्माण करता है।
Pratiphal ↔ अपव्यय
शिक्षा पर किया गया निवेश जीवन भर सुंदर प्रतिफल देता है।
दिखावे की पार्टियों में लाखों रुपये उड़ाना कोरा अपव्यय है।
Poonji ↔ कर्ज
व्यवसाय शुरू करने के लिए उसने अपनी वर्षों की संचित पूँजी लगाई।
उच्च ब्याज पर लिया गया भारी कर्ज चुकाने में उसकी सारी आय चली जाती है।
Peshgee ↔ चुकता
मकान की बुकिंग के लिए क्रेता ने दस प्रतिशत पेशगी राशि जमा की।
अंतिम किस्त मिलते ही विक्रेता ने संपत्ति का हिसाब पूरी तरह चुकता कर दिया।
Parisampatti ↔ देनदारी
भूमि और भवन किसी भी औद्योगिक घराने की सबसे ठोस परिसंपत्ति होते हैं।
अनियंत्रित ऋणों के कारण कंपनी की देनदारी उसकी कुल संपत्ति से अधिक हो गई।
Phutkar ↔ थोक
फुटकर बाजार में सब्जियां थोड़ी ऊंची कीमतों पर मिलती हैं।
थोक मंडी में आलू की पूरी बोरी काफी कम दाम में मिल जाती है।
Batta ↔ प्रीमियम
पुराने मॉडल के मोबाइल फोन पर दुकानदार ने दस प्रतिशत बट्टा दिया।
दुर्लभ सिक्कों और नए आईपीओ के शेयरों को भारी प्रीमियम देकर खरीदा गया।
Svarn ↔ पीतल
विवाह के अवसर पर कन्या को शुद्ध स्वर्ण के आभूषण भेंट किए गए।
पूजा के बर्तनों के निर्माण के लिए पीतल धातु का उपयोग किया जाता है।
Paarasmani ↔ लोहा
कहावत है कि पारसमणि के स्पर्श मात्र से निकृष्ट धातु भी सोना बन जाती है।
पुलों और इमारतों की नींव को मजबूती देने के लिए भारी लोहा उपयोग में लाया जाता है।
Svaamitva ↔ पट्टा
रजिस्ट्री कराने के बाद ही भवन का पूर्ण स्वामित्व क्रेता को प्राप्त हुआ।
खनिज खनन के लिए सरकार ने कंपनी को बीस वर्षों का पट्टा जारी किया।
Vimudreekaran ↔ पुनर्मुद्रीकरण
कालेधन पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने पुराने बड़े नोटों का विमुद्रीकरण किया।
नए सुरक्षा मानकों वाले नोट जारी करके अर्थव्यवस्था का पुनर्मुद्रीकरण तेजी से पूरा हुआ।
Arthadand ↔ पारितोषिक
यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर चालक पर दो हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
साहसी कार्य करने वाले बालक को गणतंत्र दिवस पर प्रशस्ति पत्र और नकद पारितोषिक दिया गया।
Parishramee ↔ आलसी
परिश्रमी विद्यार्थी निरंतर अभ्यास करके परीक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त करता है।
आलसी व्यक्ति आज का काम कल पर टालकर अपने भविष्य को अंधकारमय बना लेता है।
Prayaas ↔ प्रमाद
निरंतर निष्ठावान प्रयास करने पर असंभव दिखने वाला लक्ष्य भी सुलभ हो जाता है।
कर्मचारियों के तनिक से प्रमाद के कारण पूरी निर्माण परियोजना में भारी व्यवधान आया।
Prashikshit ↔ अप्रशिक्षित
प्रशिक्षित बचाव दल ने बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
आधुनिक मशीनों को अप्रशिक्षित मजदूरों के हाथों में सौंपना जोखिम भरा है।
Shramajeevee ↔ परजीवी
श्रमजीवी इंसान अपने परिश्रम से रूखी-सूखी रोटी खाकर भी आत्मसम्मान से जीता है।
दूसरों की गाढ़ी कमाई पर पलने वाला परजीवी कभी सम्मान का पात्र नहीं हो सकता।
Pahal ↔ सन्नाटा
ग्राम प्रधान ने स्वच्छता अभियान में स्वयं आगे बढ़कर सराहनीय पहल की।
विपदा के समय अधिकारियों के कार्यालयों में सन्नाटा पसरा हुआ था।
Prabandhan ↔ कुप्रबंधन
कुशल प्रबंधन के कारण घाटे में चल रही कंपनी कुछ ही वर्षों में मुनाफे में आ गई।
वित्तीय कुप्रबंधन ने एक फलते-फूलते अंतरराष्ट्रीय बैंक को दिवालिया बना दिया।
Kaaryakaal ↔ पदमुक्ति
राष्ट्रपति का कार्यकाल संविधान के अनुसार पांच वर्षों के लिए निर्धारित है।
जांच आयोग की रिपोर्ट आने के बाद भ्रष्ट अधिकारी की तत्काल पदमुक्ति कर दी गई।
Svaavalamban ↔ परावलंबन
स्वावलंबन से मनुष्य का आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान बढ़ता है।
परावलंबन की आदत व्यक्ति को कमजोर और लाचार बना देती है।
Svaavalambee ↔ परावलंबी
स्वावलंबी नारी अपने परिश्रम से परिवार का भरण-पोषण करने में सक्षम है।
परावलंबी व्यक्ति छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी दूसरों का मुंह ताकता है।
Aatmanirbhar ↔ पराश्रित
देश को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
विदेशी सहायता पर पराश्रित अर्थव्यवस्थाएं संकट के समय असहाय हो जाती हैं।
Aatmanirbharata ↔ पराश्रय
खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करना राष्ट्र की पहली प्राथमिकता थी।
दूसरों के पराश्रय में जीने से व्यक्ति की अपनी मौलिक प्रतिभा कुंठित हो जाती है।
Parishramasheel ↔ प्रमादी
परिश्रमशील कार्यकर्ताओं के बल पर संस्था ने कई राष्ट्रीय पुरस्कार जीते।
प्रमादी कर्मचारी की लापरवाही से महत्वपूर्ण सरकारी फाइल खो गई।
Prayatna ↔ निष्प्रयत्न
कठिन गणित के प्रश्नों को बार-बार हल करने का प्रयत्न करना चाहिए।
बिना किसी प्रयत्न के निष्प्रयत्न बैठे रहने से कोई उपलब्धि हासिल नहीं होती।