Mamta ↔ निष्ठुरता
माँ की निस्वार्थ ममता हर संतान के लिए संसार का सबसे बड़ा संबल है।
मासूम जीवों पर अत्याचार करना घोर निष्ठुरता का परिचायक है।
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Mamta ↔ निष्ठुरता
माँ की निस्वार्थ ममता हर संतान के लिए संसार का सबसे बड़ा संबल है।
मासूम जीवों पर अत्याचार करना घोर निष्ठुरता का परिचायक है।
Daya ↔ निर्दयता
दीन-दुखियों पर दया करना मानव धर्म का सबसे प्रमुख अंग है।
लाचार पशुओं पर लाठी बरसाना मनुष्य की निर्दयता दर्शाता है।
Sandeh ↔ निश्चय
अकारण संदेह करने से प्रेमपूर्ण रिश्तों में भी दरार आ जाती है।
दृढ़ निश्चय के साथ काम करने पर कोई भी बाधा मार्ग नहीं रोक सकती।
Nishtha ↔ विश्वासघात
सैनिकों ने मातृभूमि की रक्षा में अपनी अटूट निष्ठा का प्रमाण दिया।
मित्र के साथ विश्वासघात करना सबसे घृणित अपराध माना जाता है।
Nirbhay ↔ भयभीत
सत्य के मार्ग पर चलने वाला मनुष्य सदैव निर्भय रहता है।
शेर की दहाड़ सुनकर जंगल के सभी छोटे जीव भयभीत हो गए।
Nidar ↔ कातर
वह निडर बालक अंधकार में भी बिना किसी संकोच के आगे बढ़ता गया।
संकट की घड़ी में कातर दृष्टि से देखना कमजोरी की निशानी है।
Nishchint ↔ चिंतित
पुत्री का विवाह संपन्न होने के बाद पिता निश्चिंत महसूस करने लगे।
परीक्षा की तिथि निकट आते ही छात्र चिंतित होने लगे।
Vatsal ↔ निष्ठुर
वत्सल पिता ने अपने दोनों बालकों को गले से लगा लिया।
निष्ठुर डाकुओं ने निरीह यात्रियों पर कोई दया नहीं दिखाई।
Saday ↔ निर्दय
सदय न्यायाधीश ने अपराधी के पश्चाताप को देखकर सजा में नरमी बरती।
निर्दय शिकारी ने असहाय हिरण पर तीर चला दिया।
Namrata ↔ अकड़
नम्रता वह सद्गुण है जो कठोर हृदय को भी पिघला देता है।
मिथ्या अकड़ मनुष्य को अपनों से ही दूर कर देती है।
Mamtamayi ↔ निष्ठुरा
माँ की ममतामयी गोद में बच्चा सारे दुख भूल जाता है।
निष्ठुरा विमाता ने बालक के अधिकारों का हनन किया।
Nirash ↔ आशावान
एक बार की असफलता से निराश होकर बैठना कायरता है।
कर्मठ मनुष्य हर संकट में भी आशावान बना रहता है।
Nishchal ↔ चंचल
उसका निश्चल प्रेम सभी औपचारिकताओं से परे और पवित्र है।
हवा के झोंके की तरह चंचल मन को वश में करना कठिन अभ्यास मांगता है।
Sanshaygrast ↔ निसंशय
संशयग्रस्त व्यक्ति किसी भी नए कार्य की शुरुआत करने से डरता है।
निसंशय होकर आगे बढ़ने वाला कर्मवीर ही इतिहास रचता है।
Dayavan ↔ निर्दयी
दयावान डॉक्टर ने गरीब मरीजों का निःशुल्क उपचार किया।
निर्दयी बंधुआ मालिक मजदूरों से रात-दिन बिना वेतन काम कराता था।
Netraheen ↔ दृष्टिवान
नेत्रहीन व्यक्तियों में स्पर्श और श्रवण की अद्भुत संवेदनशीलता पाई जाती है।
दृष्टिवान लोगों को अपनी आँखों की सुरक्षा और उचित देखभाल के प्रति सचेत रहना चाहिए।
Rugna ↔ निरोग
रुग्ण शरीर को स्वस्थ बनाने के लिए पौष्टिक आहार और समुचित विश्राम आवश्यक है।
निरोग काया को ही मानव जीवन का सबसे बड़ा सुख और वास्तविक धन कहा गया है।
Lambotara ↔ नाटा
लंबोतरा कद होने के कारण उसे बास्केटबॉल टीम में सरलता से चुन लिया गया।
नाटा कद होने पर भी सैनिक की फुर्ती और बहादुरी अद्वितीय थी।
Nirogi ↔ रोगी
निरोगी व्यक्ति हर मौसम के बदलाव को सहजता से सहन कर लेता है।
रोगी व्यक्ति को चिकित्सक के परामर्श के अनुसार दवा और परहेज रखना चाहिए।
Oopari ↔ निचला
शरीर के ऊपरी भाग में फेफड़े, हृदय और मस्तिष्क जैसे नाजुक अंग सुरक्षित रहते हैं।
निचला भाग अर्थात् जांघें और पैर संपूर्ण शरीर का भार वहन करते हैं।
Sashastra ↔ निहत्था
सीमा पर सशस्त्र प्रहरी हाथों में बंदूक लिए देश की सुरक्षा में तैनात रहते हैं।
युद्ध के नियमों के अनुसार किसी निहत्थे व्यक्ति पर वार करना वर्जित है।
Nakha ↔ शिख
योग और आयुर्वेद में नख अर्थात पैर के नाखूनों की स्वच्छता और रंग से शारीरिक स्वास्थ्य परखा जाता है।
प्राचीन काव्य परंपरा में सौंदर्य का संपूर्ण वर्णन नख से शिख अर्थात पैर के अंगूठे से सिर की चोटी तक किया जाता था।
Unmeelana ↔ निमीलन
प्रातःकाल सूर्य की प्रथम किरण पड़ते ही नेत्रों का उन्मीलन होता है और चेतनता लौट आती है।
गहरी ध्यानस्थ अवस्था में साधक के नेत्रों का स्वाभाविक निमीलन हो जाता है।
Uchchhvaasa ↔ निःश्वास
कठिन शारीरिक श्रम के उपरांत खिलाड़ी का उच्छ्वास तेज गति से भीतर वायु खींचता है।
विश्राम की स्थिति में लंबा निःश्वास छोड़कर शरीर की संपूर्ण थकान दूर की जाती है।
Nyaay ↔ अन्याय
अदालत का प्रमुख कर्तव्य निष्पक्ष होकर प्रत्येक नागरिक को न्याय दिलाना है।
समाज में निर्बलों पर होने वाले अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाना प्रत्येक जागरूक नागरिक का धर्म है।
Neeti ↔ अनीति
महात्मा विदुर ने शासक को सदा नीति और प्रजा-कल्याण के सिद्धांतों पर चलने का उपदेश दिया।
अनीति और स्वार्थ के बल पर स्थापित किया गया साम्राज्य कभी चिरस्थायी नहीं हो सकता।
Niswarth ↔ स्वार्थी
निःस्वार्थ भाव से की गई समाजसेवा ही ईश्वर की सच्ची उपासना कहलाती है।
स्वार्थी मित्र केवल अपने काम के समय याद करता है और संकट में साथ छोड़ देता है।
Naitik ↔ अनैतिक
व्यापार में लाभ कमाने के लिए नैतिक मूल्यों से समझौता नहीं करना चाहिए।
अनैतिक साधनों से प्राप्त की गई सफलता क्षणिक और आत्मग्लानि से भरी होती है।
Pravritti ↔ निवृत्ति
गृहस्थ आश्रम में सामाजिक व पारिवारिक कर्तव्यों की ओर मनुष्य की स्वाभाविक प्रवृत्ति होती है।
वानप्रस्थ और संन्यास आश्रम में व्यक्ति सांसारिक मोह से निवृत्ति की ओर अग्रसर होता है।
Nyaayochit ↔ अनुचित
मजदूरों को उनकी मेहनत का उचित पारिश्रमिक देना पूरी तरह न्यायोचित है।
बिना किसी प्रमाण के किसी पर झूठा आरोप लगाना अत्यंत अनुचित और निंदनीय है।
Nirmal ↔ मलिन
छोटे बच्चों का निर्मल हृदय छल-कपट और दुर्भावना से सर्वथा मुक्त होता है।
लोभ और वासनाओं से मलिन हुआ अंतःकरण सत्य को देखने की क्षमता खो देता है।
Nyaaypoorn ↔ अन्यायपूर्ण
पंचों का निर्णय पूरी तरह न्यायपूर्ण और निष्पक्ष था जिससे दोनों पक्ष संतुष्ट हुए।
कमजोर पक्ष पर अन्यायपूर्ण शर्तें थोपना नैतिक दृष्टि से सर्वथा अनुचित है।
Nishpaksh ↔ पक्षपाती
निष्पक्ष पत्रकारिता ही किसी भी स्वतंत्र लोकतंत्र का चौथा मजबूत स्तंभ होती है।
पक्षपाती मीडिया समाचारों को तोड़-मरोड़ कर जनता के सामने पेश करता है।
Niswaarthata ↔ स्वार्थपरता
माँ का प्रेम अपनी संतान के प्रति निःस्वार्थता की पराकाष्ठा है।
आज के युग में स्वार्थपरता के कारण पारस्परिक संबंधों में दूरियाँ बढ़ती जा रही हैं।
Nishkapat ↔ कपटी
निष्कपट व्यक्ति के मन में जो बात होती है, वही उसकी वाणी पर भी होती है।
कपटी व्यक्ति मीठी बातें बोलकर दूसरों को अपने जाल में फंसा लेता है।
Neki ↔ बदी
नेकी कर दरिया में डाल अर्थात् भलाई करके उसके बदले में कुछ पाने की अपेक्षा मत करो।
बदी का रास्ता अख्तियार करने वाले व्यक्ति को अंततः पश्चाताप की अग्नि में जलना पड़ता है।
Nek ↔ बद
नेक दिल इंसान हमेशा दूसरों के आंसुओं को पोंछने का प्रयास करता है।
बद नियत वाले व्यक्ति के साथ कोई भी सज्जन साझेदारी नहीं करना चाहता।
Neknaam ↔ बदनाम
अपने परोपकारी कार्यों के कारण वह पूरे शहर में एक नेकनाम नागरिक बन गया।
घोटाले में संलिप्त पाए जाने पर वह व्यापारी चारों ओर बदनाम हो गया।
Satkaar ↔ निरादर
गृहस्थ ने अपने घर आए अतिथियों का बड़े प्रेम और सत्कार के साथ स्वागत किया।
विद्वान सभा में किसी योग्य व्यक्ति का निरादर करना अत्यंत अशोभनीय है।
Prashansneeya ↔ निंदनीय
आपदा के समय युवाओं का राहत कार्य अत्यंत प्रशंसनीय और प्रेरणादायक रहा।
संकट के समय दवाओं की कालाबाजारी करना एक अत्यंत निंदनीय और घृणित कृत्य है।
Stutya ↔ निंद्य
पर्यावरण संरक्षण के लिए किए गए उनके प्रयास सर्वथा स्तुत्य हैं।
सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुँचाना कानून और समाज दोनों की नजर में निंद्य है।
Neetigya ↔ अनीतिज्ञ
नीतिज्ञ मंत्री ने राजा को युद्ध के संकट से बचाकर शांति का मार्ग सुझाया।
अनीतिज्ञ सलाहकारों की संगति में रहकर राजा ने विनाशकारी निर्णय ले लिए।
Neetisammat ↔ नीतिविरुद्ध
राजा ने केवल वही निर्णय लागू किए जो शास्त्रों और लोक-कल्याण की दृष्टि से नीतिसम्मत थे।
सत्ता हथियाने के लिए किया गया कोई भी नीतिविरुद्ध षड्यंत्र अंततः विनाश ही लाता है।
Nabhchar ↔ भूचर
चील और बाज नभचर पक्षी हैं जो आकाश में ऊँची उड़ान भरते हैं।
गाय और भैंस जैसे भूचर पशु धरती पर विचरण करते हैं।
Nishaachar ↔ दिवाचर
उल्लू और चमगादड़ निशाचर प्राणी हैं जो रात के अंधकार में सक्रिय होते हैं।
चिड़िया और कौआ दिवाचर पक्षी हैं जो सूर्योदय के साथ चहचहाने लगते हैं।
Narpashu ↔ मादापशु
जंगली झुंड में नरपशु अपने इलाके की सीमाओं की रक्षा करता है।
मादापशु नवजात शावकों को आहार और सुरक्षा प्रदान करती है।
Namkeen ↔ अलौना
शाम की चाय के साथ कुरकुरा नमकीन नाश्ता सबको बहुत पसंद आया।
उच्च रक्तचाप के मरीज को चिकित्सक ने अलौना भोजन करने का निर्देश दिया।
Niraamish ↔ सामिष
मंदिर के भंडारे में केवल शुद्ध निरामिष भोजन ही परोसा जाता है।
तटीय इलाकों में मछली से बना सामिष भोजन मुख्य आहार के रूप में खाया जाता है।
Rasvaan ↔ नीरस
गर्मियों में रसवान संतरा और तरबूज शरीर में जल की कमी नहीं होने देते।
धूप में सूखा हुआ बेर एकदम नीरस और कड़ा हो जाता है।
Namkeenpan ↔ अलौनापन
समुद्री नमकीनपन के कारण समुद्री शैवाल का स्वाद अनोखा होता है।
सब्जी में नमक न डालने से उसका अलौनापन गले से नहीं उतर रहा था।