Mishthaann ↔ नमकीन
दीपावली पर घर आए मेहमानों को काजू कतली और मिष्ठान्न भेंट किए गए।
चाय की चुस्की के साथ भुजिया और नमकीन परोसा गया।
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Mishthaann ↔ नमकीन
दीपावली पर घर आए मेहमानों को काजू कतली और मिष्ठान्न भेंट किए गए।
चाय की चुस्की के साथ भुजिया और नमकीन परोसा गया।
Mitra ↔ शत्रु
सच्चा मित्र विपत्ति के समय ढाल बनकर साथ खड़ा रहता है।
कपटी शत्रु मीठी बातें बोलकर पीठ में छुरा घोंपने का अवसर खोजता है।
Mitrata ↔ शत्रुता
कृष्ण और सुदामा की निस्वार्थ मित्रता संसार में अमर उदाहरण है।
पुरानी शत्रुता को भुलाकर दोनों परिवारों ने आपस में सुलह कर ली।
Mel ↔ फूट
गाँव में सभी जातियों और वर्गों के बीच आपसी मेल और सद्भाव बना हुआ है।
स्वार्थी तत्वों ने अफवाहें फैलाकर समुदाय में फूट डालने की चेष्टा की।
Mitrabhaav ↔ वैरभाव
पड़ोसियों के साथ मित्रभाव रखने से रोजमर्रा की समस्याएं सरलता से सुलझ जाती हैं।
मन में अकारण वैरभाव पालने से व्यक्ति का अपना मानसिक स्वास्थ्य नष्ट होता है।
Maargdarshak ↔ पथिक
पहाड़ों के दुर्गम रास्तों पर अनुभवी मार्गदर्शक की सहायता अनिवार्य होती है।
थका हुआ पथिक विश्राम करने के लिए घने बरगद की छाया में बैठ गया।
Mousa ↔ मौसी
मौसा जी बच्चों के लिए शहर से नई-नई पुस्तकें और खिलौने लाए।
मौसी अपनी बहन के बच्चों को माँ जैसा ही निस्वार्थ दुलार देती है।
Maama ↔ मामी
मामा जी अपने भांजे के जन्मदिन पर सुंदर साइकिल उपहार में लाए।
मामी जी ने भांजी को अपनी गोद में लेकर खूब लाड़-प्यार किया।
Atithi ↔ मेजबान
भारतीय संस्कृति में अतिथि देवो भवः कहकर मेहमान का आदर किया जाता है।
मेजबान ने अतिथियों की सुविधा और खान-पान का अत्यंत उत्तम प्रबंध किया।
Maata-pita ↔ संतान
माता-पिता अपनी संतान के सुख और प्रगति के लिए सर्वस्व न्योछावर कर देते हैं।
संतान का धर्म है कि वह बड़े होकर अपने वृद्ध अभिभावकों का आदर और संबल बने।
Mahaaraanee ↔ महाराज
महारानी ने प्रजा के संकट को देखकर अन्न के सरकारी भंडार खुलवा दिए।
महाराज ने राजदरबार में न्याय की घोषणा करते हुए अपराधियों को दंड दिया।
Mitrapaksh ↔ शत्रुपक्ष
विश्वयुद्ध में मित्रपक्ष की सेनाओं ने संयुक्त रणनीति बनाकर विजय प्राप्त की।
शत्रुपक्ष की हर चाल पर खुफिया एजेंसियों द्वारा कड़ी निगरानी रखी जा रही थी।
Maayka ↔ ससुराल
त्योहार पर मायका आकर बेटी अपने बचपन की सहेलियों से मिलकर भावुक हो गई।
ससुराल में उसने अपने मधुर व्यवहार से सभी परिजनों को अपना बना लिया।
Maitree ↔ वैर
दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान से मैत्री के नए युग का सूत्रपात हुआ।
पुरानी बातों को लेकर मन में वैर पाले रखना केवल विनाश की ओर ले जाता है।
Mitrarashtra ↔ शत्रुराष्ट्र
आपदा के समय मित्रराष्ट्र ने तुरंत राहत सामग्री और दवाएं भेजीं।
शत्रुराष्ट्र की सीमा पर होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर सेना सतर्क रहती है।
Mitramandalee ↔ शत्रुदल
शाम को पार्क में मित्रमंडली बैठकर हँसी-मजाक और विचार साझा करती है।
शत्रुदल ने राजा के खिलाफ षड्यंत्र रचने के लिए गुप्त बैठक की।
Mahanga ↔ सस्ता
आजकल बाजार में सोने के आभूषण बहुत महंगे हो गए हैं।
थोक बाजार से सामान खरीदने पर वस्तुएं काफी सस्ती मिल जाती हैं।
Moolyavaan ↔ मूल्यहीन
यह ऐतिहासिक पांडुलिपि अत्यंत मूल्यवान राष्ट्रीय धरोहर है।
पुराने अनुपयोगी कागजात अब पूरी तरह मूल्यहीन हो चुके हैं।
Daulatmand ↔ मुफ़लिस
दौलतमंद लोग समाज के वंचित वर्गों की शिक्षा के लिए धन दान करते हैं।
अचानक आई मंदी ने कई संपन्न परिवारों को मुफ़लिस कर दिया।
Maalomaal ↔ तंगहाल
बंपर फसल की बिक्री के बाद मंडी के सभी आढ़ती मालोमाल हो गए।
कारोबार ठप हो जाने के कारण वह कई महीनों से तंगहाल चल रहा है।
Munaafa ↔ घाटा
व्यापार में सही समय पर माल बेचने से दूकानदार को भारी मुनाफा हुआ।
परिवहन की लागत बढ़ने के कारण कंपनी को इस तिमाही घाटा सहना पड़ा।
Mitavyayee ↔ अपव्ययी
मितव्ययी व्यक्ति सोच-समझकर ही आवश्यक वस्तुओं पर धन लगाता है।
अपव्ययी पुत्र ने अपने पूर्वजों की संचित पैतृक संपत्ति कुछ ही वर्षों में उड़ा दी।
Mitavyayita ↔ अपव्ययिता
गांधीजी ने जीवन में सादगी और मितव्ययिता के महत्व पर सदा बल दिया।
उत्सवों में अनावश्यक अपव्ययिता समाज में दिखावे की होड़ पैदा करती है।
Mahaajan ↔ कर्जदार
पुराने समय में महाजन ऊंचे ब्याज पर किसानों को धन उधार देते थे।
कर्जदार ने फसल बिकते ही अपना पुराना हिसाब चुकता कर दिया।
Sashulk ↔ मुफ्त
विशिष्ट परामर्श प्राप्त करने के लिए यह सेवा सशुल्क उपलब्ध कराई जाती है।
सार्वजनिक पुस्तकालय में वाचनालय की सुविधा सभी पाठकों के लिए मुफ्त है।
Savaitanik ↔ मानद
महाविद्यालय के प्राचार्य का पद एक स्थायी सवेतनिक पद है।
खेल संघ के अध्यक्ष का पद मानद है जिसके लिए कोई पारिश्रमिक नहीं मिलता।
Maalgujaari ↔ माफी
अकाल के बावजूद सामंत किसानों से मालगुजारी की पाई-पाई वसूलते थे।
फसल बर्बाद होने पर सरकार ने संपूर्ण जनपद की मालगुजारी की माफी घोषित कर दी।
Munaafaakhori ↔ सेवाभाव
आपदा के समय मुनाफाखोरी करना मानवता के सिद्धांतों के विरुद्ध है।
सच्चे स्वयंसेवक सेवाभाव से प्रेरित होकर संकटग्रस्तों को निःशुल्क राहत बांटते हैं।
Tejee ↔ मंदी
अर्थव्यवस्था में सुधार होते ही शेयर बाजार में भारी तेजी देखने को मिली।
वैश्विक मंदी के कारण कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में छंटनी की नौबत आ गई।
Dalaali ↔ मजदूरी
जमीन के सौदे में बिचौलिए ने दोनों पक्षों से भारी दलाली वसूल की।
दिन भर धूप में ईंटें ढोने के बाद श्रमिक को उसकी पसीने की मजदूरी मिली।
Mudrasfeeti ↔ मुद्राअवस्फीति
मुद्रास्फीति बढ़ने से दैनिक उपभोग की आवश्यक वस्तुएं आम जनता की पहुंच से बाहर हो जाती हैं।
मुद्राअवस्फीति के दौर में मांग कम होने से उद्योगों में उत्पादन घटाना पड़ता है।
Moolyavriddhi ↔ मूल्यह्रास
शहरी क्षेत्र में जमीन की कीमतों में अप्रत्याशित मूल्यवृद्धि हुई है।
पुरानी मशीनों के निरंतर उपयोग से उनके मूल्यह्रास को बही-खाते में दर्ज किया गया।
Mukta ↔ घोंघा
गहरे समुद्र में गोता लगाकर तैराक ने बहुमूल्य मुक्ता खोज निकाला।
रेत के तट पर बच्चे खेलने के लिए घोंघा और सीपियां एकत्र कर रहे थे।
Aadhat ↔ मजदूरी
कृषि मंडी में आढ़त का कार्य करने वाले व्यापारी किसानों और मिलों को जोड़ते हैं।
कड़ी मेहनत के बाद शाम को पल्लेदार अपनी दैनिक मजदूरी लेकर घर लौटा।
Byaaj ↔ मूलधन
ऋण की अदायगी में पहले ब्याज कटता है और बाद में मूलधन घटता है।
बैंक की सावधि जमा योजना में उसका मूलधन पूरी तरह सुरक्षित रहता है।
Aapoorti ↔ मांग
बाजार में प्याज की भरपूर आपूर्ति होने से कीमतों में गिरावट आई।
त्योहारों पर मिठाइयों और खोए की मांग कई गुना बढ़ जाती है।
Mehnat ↔ सुस्ती
किसान की कड़ी मेहनत का ही परिणाम है कि देश का अन्न भंडार भरा है।
सुबह की सुस्ती को त्यागकर व्यायाम करना स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।
Mehnatee ↔ काहिल
मेहनती मजदूर ने सूर्यास्त तक सारा भारी सामान सुरक्षित उतार दिया।
काहिल व्यक्ति काम से बचने के लिए सदैव झूठे बहाने बनाता रहता है।
Fuurtee ↔ मंदी
खिलाड़ी ने गजब की फुर्ती दिखाते हुए सीमा रेखा पर शानदार कैच लपका।
कारोबार में आई मंदी के कारण बाजार की हलचल शांत पड़ गई।
Jawaabdehee ↔ मनमानी
लोकतांत्रिक शासन प्रणाली में जनता के प्रति सरकार की जवाबदेही तय होती है।
तानाशाह शासक की मनमानी से पूरे देश की व्यवस्था तहस-नहस हो गई।
Prabandhak ↔ मजदूर
कुशल प्रबंधक पूरी परियोजना की रूपरेखा बनाकर कार्यों का आवंटन करता है।
मजदूर अपनी शारीरिक शक्ति से जमीन पर योजना को साकार रूप देता है।
Shramamoolya ↔ मुफ्तखोरी
सभ्य समाज में हर मजदूर को उसके श्रममूल्य का उचित सम्मान मिलना चाहिए।
मुफ्तखोरी की आदत व्यक्ति को अकर्मण्य और समाज पर बोझ बना देती है।
Majdoori ↔ मुफ्तखोरी
ईमानदार मजदूर अपने पसीने की मजदूरी से परिवार का सम्मानपूर्वक पोषण करता है।
मुफ्तखोरी की आदत व्यक्ति की कार्यक्षमता और आत्मसम्मान को नष्ट कर देती है।
Madhyakaaleen ↔ आधुनिककालीन
मध्यकालीन भारत में भक्ति आंदोलन ने समाज में समरसता का संदेश दिया।
आधुनिककालीन समाज में वैज्ञानिक अनुसंधान और डिजिटल क्रांति का बोलबाला है।
Madhyaahn ↔ मध्यरात्रि
ग्रीष्म ऋतु में मध्याह्न के समय सूर्य की तपन असहनीय हो जाती है।
मध्यरात्रि के सन्नाटे में दूर से आती रेलगाड़ी की सीटी सुनाई दे रही थी।
Satvar ↔ मंथन
सेनापति ने परिस्थिति का आकलन करके सत्वर निर्णय लिया।
नीतियों पर गहरा विचार-मंथन करने में महीनों का समय लग गया।
Drut ↔ मंथर
संगीतकार ने तबले पर द्रुत लय में शानदार तान छेड़ी।
नदी की मंथर गति देखकर मन में शांति का संचार होता है।
Drutagaamee ↔ मंदगामी
बुलेट ट्रेन जैसी द्रुतगामी रेलगाड़ियां महानगरों की दूरी मिनटों में तय कर देती हैं।
भारी लोड से लदी बैलगाड़ी मंदगामी चाल से कच्ची सड़क पर आगे बढ़ रही थी।
Sadaabahaar ↔ मौसमी
उष्णकटिबंधीय वनों के सदाबहार वृक्ष वर्ष भर हरे-भरे रहते हैं।
मौसमी फल केवल वर्ष के विशेष महीनों में ही बाजार में उपलब्ध होते हैं।
Amar ↔ मर्त्य
देश पर मर मिटने वाले अमर शहीदों का नाम इतिहास के पन्नों में सदा जीवित रहेगा।
मर्त्य मनुष्य को इस नश्वर संसार की क्षणभंगुरता को स्वीकार करना ही पड़ता है।