Garmaagarm ↔ ठंडा
बरसात में तवे से उतरी गरमागर्म जलेबी खाने का आनंद ही अलग है।
ठंडी हो चुकी चाय स्वाद और महक दोनों खो देती है।
Showing entries 51–96 of 96 Hindi antonyms starting with 'G'.
Garmaagarm ↔ ठंडा
बरसात में तवे से उतरी गरमागर्म जलेबी खाने का आनंद ही अलग है।
ठंडी हो चुकी चाय स्वाद और महक दोनों खो देती है।
Ghol ↔ चूर्ण
बेसन का घोल तैयार करके पकौड़े तले जाते हैं।
धनिया और जीरे का चूर्ण मसालों के डिब्बे में सूखा रखा जाता है।
Masaaladaar ↔ गंधरहित
गरम मसालों से युक्त मसालादार छोले भटूरों के साथ बहुत लोकप्रिय हैं।
बिना किसी तड़के का उबला पानी और सादा मांड गंधरहित होता है।
Gaadhaapan ↔ पतलापन
मलाई और काजू के पेस्ट से खीर में गाढ़ापन आ गया।
अधिक पानी डाल देने से कढ़ी का पतलापन बढ़ गया।
Ghrit ↔ तेल
हवन और सात्विक भोजन में गाय के घृत का प्रयोग किया जाता है।
अचार और तीखे व्यंजनों में सरसों के तेल का तड़का लगाया जाता है।
Gholak ↔ विलेय
खीर बनाते समय उबलता हुआ दूध मुख्य घोलक का कार्य करता है।
दूध में घुलने वाली चीनी और केसर विलेय के रूप में मिठास घोलते हैं।
Gathbandhan ↔ बिखराव
छोटे दलों ने मिलकर सरकार बनाने के लिए मजबूत गठबंधन तैयार किया।
पारस्परिक अविश्वास के कारण राजनीतिक मोर्चे में बिखराव आ गया।
Graahak ↔ विक्रेता
ग्राहक ने सामान खरीदने से पहले उसकी गुणवत्ता और मूल्य की जांच की।
ईमानदार विक्रेता ग्राहकों को उचित दाम पर सही वस्तु उपलब्ध कराता है।
Baaraati ↔ घराती
ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते हुए बाराती विवाह स्थल पर पहुंचे।
घराती पक्ष ने द्वार पर फूल बरसाकर बारात का गर्मजोशी से स्वागत किया।
Rishtedaar ↔ गैर
सच्चे रिश्तेदार वही होते हैं जो केवल सुख में ही नहीं, दुख में भी बराबर खड़े रहते हैं।
कभी-कभी मुश्किल समय में अपने दूर हो जाते हैं और गैर भी मददगार साबित होते हैं।
Grihaswaami ↔ किरायेदार
गृहस्वामी ने मकान की रंगाई-पुताई करवाकर उसे नया रूप दिया।
किरायेदार ने प्रत्येक माह की पहली तारीख को ईमानदारी से किराया चुका दिया।
Kutumbjan ↔ गैर
विवाह के निमंत्रण पर सभी कुटुंबजन एकत्र होकर उत्सव का आनंद ले रहे थे।
मुश्किल वक्त में अक्सर गैर भी परिजनों से बढ़कर सहारा बन जाते हैं।
Ameeri ↔ गरीबी
अमीरी का घमंड कभी भी इंसानियत पर भारी नहीं पड़ना चाहिए।
ईमानदारी और लगन से काम करके उसने गरीबी के अंधकार को दूर भगाया।
Munaafa ↔ घाटा
व्यापार में सही समय पर माल बेचने से दूकानदार को भारी मुनाफा हुआ।
परिवहन की लागत बढ़ने के कारण कंपनी को इस तिमाही घाटा सहना पड़ा।
Adhishesh ↔ घाटा
इस वित्तीय वर्ष के अंत में बजट में दस करोड़ का अधिशेष दर्ज हुआ।
अनावश्यक सरकारी व्यय बढ़ने से वित्तीय घाटा तेजी से बढ़ गया।
Aghoshit-aay ↔ घोषित-आय
छापेमारी के दौरान जांच दल ने करोड़ों की अघोषित-आय पकड़ी।
वार्षिक आयकर रिटर्न में व्यक्ति अपनी समस्त घोषित-आय का विवरण प्रस्तुत करता है।
Uchhaal ↔ गिरावट
उत्पाद की मांग बढ़ते ही कंपनी के शेयरों में जबर्दस्त उछाल आया।
कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट से परिवहन उद्योग को राहत मिली।
Mukta ↔ घोंघा
गहरे समुद्र में गोता लगाकर तैराक ने बहुमूल्य मुक्ता खोज निकाला।
रेत के तट पर बच्चे खेलने के लिए घोंघा और सीपियां एकत्र कर रहे थे।
Lekhaapareekshit ↔ गैर-लेखापरीक्षित
कंपनी ने निवेशकों के विश्वास के लिए अपनी लेखापरीक्षित वित्तीय रिपोर्ट सार्वजनिक की।
गैर-लेखापरीक्षित खातों पर बैंक कभी भी बड़ा औद्योगिक ऋण स्वीकृत नहीं करते।
Daayitva ↔ गैरजिम्मेदारी
एक जागरूक नागरिक होने के नाते मतदान करना हमारा परम दायित्व है।
कार्यस्थल पर गैरजिम्मेदारी बरतने से पूरी टीम की साख पर धब्बा लग सकता है।
Arunoday ↔ गोधूलि
अरुणोदय होते ही पक्षियों का सुमधुर कलरव वन में गूंजने लगा।
गोधूलि बेला में चरवाहे अपनी गायों को चराकर घर की ओर लौटने लगे।
Sharadritu ↔ ग्रीष्मऋतु
शरदऋतु में आकाश स्वच्छ और रातें सुहावनी तथा शीतल होने लगती हैं।
ग्रीष्मऋतु की चिलचिलाती धूप और लू से जनजीवन व्याकुल हो उठता है।
Ghabaraahata ↔ शांति
संकट और विपत्ति के समय घबराहट का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने शांति का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Sinha-garjanaa ↔ गीदड़-भभकी
संकट और विपत्ति के समय सिंह-गर्जना का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने गीदड़-भभकी का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Grnthakaara ↔ पाठक
विद्या और बौद्धिक विकास में ग्रंथकार का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में पाठक की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
Saralaartha ↔ गूढ़ार्थ
विद्या और बौद्धिक विकास में सरलार्थ का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में गूढ़ार्थ की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
Gunagraahee ↔ दोषदर्शी
विद्या और बौद्धिक विकास में गुणग्राही का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में दोषदर्शी की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
Ghane-baadala ↔ साफ-आकाश
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में घने-बादल की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में साफ-आकाश का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Tushaara ↔ घाम
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में तुषार की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में घाम का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Garamee ↔ सरदी
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में गरमी की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में सरदी का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Ghaama ↔ छांव
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में घाम की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में छांव का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Sheetakaala ↔ ग्रीष्मकाल
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में शीतकाल की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में ग्रीष्मकाल का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Geelaapana ↔ सूखापन
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में गीलापन की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में सूखापन का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Havaadaara ↔ घुटनभरा
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में हवादार की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में घुटनभरा का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Galana ↔ तपन
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में गलन की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में तपन का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Baadalaviheena ↔ घटाटोप
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में बादलविहीन की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में घटाटोप का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Sheetala-phuhaara ↔ गरम-हवा
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में शीतल-फुहार की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में गरम-हवा का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Sheeta-ritu ↔ ग्रीष्म-ऋतु
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में शीत-ऋतु की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में ग्रीष्म-ऋतु का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Hima-tushaara ↔ ग्रीष्म-तपन
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में हिम-तुषार की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में ग्रीष्म-तपन का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Ghanaa-koharaa ↔ तेज-धूप
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में घना-कोहरा की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में तेज-धूप का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Sheeta-havaa ↔ गर्म-हवा
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में शीत-हवा की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में गर्म-हवा का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Ghataatopa-andheraa ↔ निर्मल-उजाला
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में घटाटोप-अंधेरा की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में निर्मल-उजाला का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Geelee-mittee ↔ सूखी-धूल
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में गीली-मिट्टी की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में सूखी-धूल का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Girna ↔ उठना
ठोकर खाकर जमीन पर गिरना मनुष्य की असफलता नहीं, बल्कि सीख का अवसर है।
सच्चा वीर वही है जो हर बार गिरकर पुनः उठना और संघर्ष करना जानता है।
Jodna ↔ घटाना
गणित में संख्याओं को जोड़ना और उनका योग निकालना सबसे पहला बुनियादी नियम है।
फिजूलखर्ची में कटौती करके अनावश्यक व्यय को घटाना ही बचत की कुंजी है।
Badhna ↔ घटना
निरंतर अभ्यास और परिश्रम से मनुष्य का ज्ञान और आत्मविश्वास तेजी से बढ़ता है।
लापरवाही और आलस्य के कारण व्यापार में लाभ घटने लगता है।