Agrim ↔ बकाया
मकान मालिक ने अनुबंध करते समय दो माह का अग्रिम किराया लिया।
बिजली का पिछला बकाया बिल जमा न करने पर कनेक्शन काट दिया गया।
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Agrim ↔ बकाया
मकान मालिक ने अनुबंध करते समय दो माह का अग्रिम किराया लिया।
बिजली का पिछला बकाया बिल जमा न करने पर कनेक्शन काट दिया गया।
Bayaana ↔ अंतिम-भुगतान
जमीन का सौदा पक्का होते ही खरीदार ने बयाना के रूप में एक लाख रुपये दिए।
रजिस्ट्री के दिन बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से अंतिम-भुगतान संपन्न किया गया।
Bhatta ↔ कटौती
कर्मचारियों को महंगाई से निपटने के लिए अतिरिक्त यात्रा भत्ता दिया जाता है।
भविष्य निधि के नाम पर वेतन से प्रतिमाह अनिवार्य कटौती की जाती है।
Baajaar-bhaav ↔ सरकारी-दर
मंडी में गेहूं का बाजार-भाव प्रतिदिन की मांग और आपूर्ति पर निर्भर करता है।
राशन की दुकान पर गरीबों को अनाज निर्धारित सरकारी-दर पर उपलब्ध कराया जाता है।
Bikree ↔ खरीद
त्योहारी सीजन में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की बिक्री में भारी इजाफा हुआ।
कच्चे माल की समय पर खरीद न होने से उत्पादन कुछ दिनों के लिए रुक गया।
Batta ↔ प्रीमियम
पुराने मॉडल के मोबाइल फोन पर दुकानदार ने दस प्रतिशत बट्टा दिया।
दुर्लभ सिक्कों और नए आईपीओ के शेयरों को भारी प्रीमियम देकर खरीदा गया।
Byaaj ↔ मूलधन
ऋण की अदायगी में पहले ब्याज कटता है और बाद में मूलधन घटता है।
बैंक की सावधि जमा योजना में उसका मूलधन पूरी तरह सुरक्षित रहता है।
Taksaal ↔ बाजार
सरकार की आधिकारिक टक्साल में नए सुरक्षा मानकों वाले सिक्के ढाले जाते हैं।
सिक्के टक्साल से निकलकर खुले बाजार में खरीदारी और बिक्री के माध्यम बनते हैं।
Rojgaar ↔ बेरोजगार
नए कारखानों के खुलने से क्षेत्र के हजारों युवाओं को सम्मानजनक रोजगार मिला।
डिग्री हासिल करने के बावजूद उपयुक्त कौशल न होने से युवक बेरोजगार भटक रहा था।
Rojgaaree ↔ बेरोजगारी
कौशल विकास कार्यक्रमों से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगारी के नए अवसर सृजित हुए।
आर्थिक मंदी के कारण कई विकसित देशों में भी बेरोजगारी की दर बढ़ गई।
Kaaragar ↔ बेकार
बुखार के उपचार के लिए यह पारंपरिक घरेलू औषधि अत्यंत कारगर सिद्ध हुई।
घटिया सामग्री से तैयार किया गया औजार कुछ ही दिनों में बेकार साबित हुआ।
Utsaahpoorvak ↔ बेमन-से
विद्यार्थियों ने विज्ञान प्रदर्शनी की तैयारी में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
बिना रुचि के बेमन-से किया गया कार्य कभी भी प्रभावशाली परिणाम नहीं देता।
Talleen ↔ बेपरवाह
मूर्तिकार अपनी कलाकृति को अंतिम रूप देने में पूरी तरह तल्लीन था।
कर्तव्य के प्रति बेपरवाह व्यक्ति आवश्यक दिशा-निर्देशों की भी अनदेखी कर देता है।
Karmath ↔ बातूनी
कर्मठ समाजसेवियों ने महामारी के समय दिन-रात पीड़ितों की सेवा की।
बातूनी लोग केवल चर्चाएं करते रहते हैं किंतु काम करने का समय आने पर भाग जाते हैं।
Karmayogee ↔ भोगवादी
गीता में श्रीकृष्ण ने निष्काम कर्मयोगी बनने का अमर उपदेश दिया है।
भोगवादी व्यक्ति केवल क्षणिक शारीरिक सुखों के पीछे भागता रहता है।
Niyukti ↔ बर्खास्तगी
कड़े साक्षात्कार और परीक्षा के बाद प्रतिभाशाली शिक्षक की नियुक्ति हुई।
भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए जाने पर अधिकारी की तत्काल प्रभाव से बर्खास्तगी कर दी गई।
Bhartee ↔ छंटनी
सेना में नवयुवकों के लिए खुली भर्ती रैली का आयोजन किया गया।
आर्थिक मंदी के कारण आईटी कंपनी ने सैकड़ों कर्मचारियों की छंटनी कर दी।
Saadhak ↔ बाधक
अनुशासन और एकाग्रता अध्ययन में सदा साधक सिद्ध होते हैं।
अनावश्यक मोबाइल फोन का उपयोग विद्यार्थियों के लिए सबसे बड़ा बाधक तत्व है।
Bhoot ↔ भविष्य
भूत की गलतियों से सीख लेकर ही मनुष्य अपने जीवन को संवार सकता है।
भविष्य की चिंता में वर्तमान के सुखद पलों को गंवाना बुद्धिमानी नहीं है।
Bhaavee ↔ भूतपूर्व
आज के विद्यार्थी ही राष्ट्र के भावी कर्णधार और नीति-निर्माता हैं।
भूतपूर्व सैनिकों के पुनर्वास के लिए सरकार कई कल्याणकारी योजनाएं चलाती है।
Baalyaavastha ↔ वृद्धावस्था
बाल्यावस्था में सीखे गए अच्छे संस्कार जीवन भर साथ निभाते हैं।
वृद्धावस्था में स्वास्थ्य का ध्यान रखना और शांत रहना सबसे बड़ा सुख है।
Vartamaanakaal ↔ भूतकाल
वर्तमानकाल में उठाया गया ठोस कदम ही हमारे उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करता है।
भूतकाल की यादों में ही खोए रहने से वर्तमान के कर्तव्य प्रभावित होते हैं।
Bhavishyakaal ↔ भूतकाल
पर्यावरणविद् भविष्यकाल में जल संकट की गंभीर चेतावनी दे रहे हैं।
भूतकाल की गलतियों को दोहराने से बचना हर विवेकशील मनुष्य का कर्तव्य है।
Shoorataa ↔ भीरुता
संकट और विपत्ति के समय शूरता का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने भीरुता का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Nirbheekataa ↔ भयभीतता
संकट और विपत्ति के समय निर्भीकता का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने भयभीतता का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Bahaadura ↔ डरपोक
संकट और विपत्ति के समय बहादुर का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने डरपोक का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Bahaaduree ↔ बुजदिली
संकट और विपत्ति के समय बहादुरी का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने बुजदिली का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Dilera ↔ बुजदिल
संकट और विपत्ति के समय दिलेर का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने बुजदिल का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Dileree ↔ बुजदिली
संकट और विपत्ति के समय दिलेरी का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने बुजदिली का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Bhayamukta ↔ भयग्रस्त
संकट और विपत्ति के समय भयमुक्त का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने भयग्रस्त का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Dridhchetaa ↔ भयभीत
संकट और विपत्ति के समय दृढ़चेता का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने भयभीत का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Nirbhayataa ↔ भीरुता
संकट और विपत्ति के समय निर्भयता का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने भीरुता का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Baagee ↔ आज्ञाकारी
संकट और विपत्ति के समय बागी का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने आज्ञाकारी का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Bebaaka ↔ दब्बू
संकट और विपत्ति के समय बेबाक का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने दब्बू का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Hamalaa ↔ बचाव
संकट और विपत्ति के समय हमला का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने बचाव का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Muktidaataa ↔ बंधककर्ता
संकट और विपत्ति के समय मुक्तिदाता का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने बंधककर्ता का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Abhayamudraa ↔ भयभीत-मुद्रा
संकट और विपत्ति के समय अभयमुद्रा का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने भयभीत-मुद्रा का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Veerarasa ↔ भयानक-रस
संकट और विपत्ति के समय वीररस का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने भयानक-रस का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Bhayaanaka ↔ मनोहर
संकट और विपत्ति के समय भयानक का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने मनोहर का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Bhayaavaha ↔ सुखद
संकट और विपत्ति के समय भयावह का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने सुखद का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Bhayaprada ↔ अभयकारी
संकट और विपत्ति के समय भयप्रद का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने अभयकारी का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Dilera-javaana ↔ बुजदिल-भगोड़ा
संकट और विपत्ति के समय दिलेर-जवान का परिचय देना ही वीर पुरुष का वास्तविक धर्म है।
कठिन चुनौतियों के सामने बुजदिल-भगोड़ा का भाव मन में लाकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
Bauddhika ↔ अबौद्धिक
विद्या और बौद्धिक विकास में बौद्धिक का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में अबौद्धिक की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
Bodhagamya ↔ क्लिष्ट
विद्या और बौद्धिक विकास में बोधगम्य का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में क्लिष्ट की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
Smaranashakti ↔ भूलक्कड़पन
विद्या और बौद्धिक विकास में स्मरणशक्ति का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में भूलक्कड़पन की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
Tathyaparaka ↔ भ्रामक
विद्या और बौद्धिक विकास में तथ्यपरक का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में भ्रामक की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
Bhaashya ↔ संक्षिप्त-टिप्पणी
विद्या और बौद्धिक विकास में भाष्य का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में संक्षिप्त-टिप्पणी की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
Avadhaaranaa ↔ भ्रांति
विद्या और बौद्धिक विकास में अवधारणा का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में भ्रांति की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
Buddhimattaa ↔ मूर्खता
विद्या और बौद्धिक विकास में बुद्धिमत्ता का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में मूर्खता की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।
Bodha ↔ अज्ञान
विद्या और बौद्धिक विकास में बोध का गहरा महत्व स्वीकार किया गया है।
अध्ययन और चिंतन के मार्ग में अज्ञान की बाधा को दूर करना अनिवार्य होता है।