Sookhaa-mausama ↔ बरसाती-मौसम
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में सूखा-मौसम की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में बरसाती-मौसम का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
अक्षर 'ब' से प्रारंभ होने वाले विपरीतार्थक शब्द युग्म (प्रदर्शित: 101–117 / कुल: 117):
Sookhaa-mausama ↔ बरसाती-मौसम
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में सूखा-मौसम की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में बरसाती-मौसम का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Barasaatee-raata ↔ तारों-भरी-रात
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में बरसाती-रात की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में तारों-भरी-रात का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Bijalee-kee-kadka ↔ आकाश-की-शांति
मौसम और वायुमंडल के बदलते चक्र में बिजली-की-कड़क की उपस्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
ऋतुओं के परिवर्तन के साथ वातावरण में आकाश-की-शांति का प्रभाव अनुभव किया जा सकता है।
Andar ↔ बाहर
मूसलाधार बारिश शुरू होते ही सभी लोग भीगने से बचने के लिए कमरे के अंदर चले गए।
खुली धूप और शुद्ध हवा का आनंद लेने के लिए बालक घर से बाहर मैदान में खेलने दौड़े।
Khareedna ↔ बेचना
किसान अपनी मेहनत की कमाई से नई फसल के लिए उन्नत बीज और खाद खरीदना चाहता था।
मंडी में अच्छी कीमत मिलते ही व्यापारी ने अपना सारा अनाज बेचना उचित समझा।
Uthna ↔ बैठना
प्रातःकाल सूर्योदय से पूर्व बिस्तर से उठना स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए श्रेष्ठ माना गया है।
दिनभर की भागदौड़ के बाद शांत मुद्रा में बैठना मानसिक शांति प्रदान करता है।
Khushboo ↔ बदबू
बगीचे में खिले चमेली और गुलाब के फूलों की खुशबू पूरे वातावरण को महका देती है।
कूड़े-कचरे के ढेर से उठती बदबू के कारण रास्ते से गुजरना दूभर हो जाता है।
Khula ↔ बंद
ताजी हवा के आवागमन के लिए प्रातःकाल खिड़कियां खुला रखना उत्तम रहता है।
रात के समय सुरक्षा की दृष्टि से मुख्य द्वार को बंद रखना अनिवार्य है।
Jalna ↔ बुझना
अंगीठी में सूखी लकड़ियों का जलना कड़कड़ाती ठंड में सबको गर्माहट देता है।
हवा का तेज झोंका आते ही दीये की लौ का बुझना स्वाभाविक था।
Bolna ↔ चुप रहना
सभा में सत्य और न्याय के पक्ष में निडर होकर बोलना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
मूर्खों के निरर्थक विवाद में उलझने से कहीं बेहतर है चुप रहना और शांति बनाए रखना।
Kholna ↔ बाँधना
पार्सल की जटिल गांठ को कैंची से काटने के बजाय धीरे-धीरे खोलना चाहिए।
सामान को सुरक्षित रखने के लिए उसे मजबूत रस्सी से कसकर बाँधना जरूरी होता है।
Sajaana ↔ बिगाड़ना
दीपावली के पावन पर्व पर रंगोली और दीपकों से घर के आंगन को सजाना परंपरा है।
क्रोध और आवेश में आकर अपनी बनी-बनाई बात बिगाड़ना बुद्धिमानी नहीं है।
Bikherna ↔ समेटना
तेज हवा ने मेज पर रखे महत्वपूर्ण कागजात को पूरे कमरे में बिखेरना शुरू कर दिया।
काम पूरा होते ही औजारों और बस्तों को व्यवस्थित रूप से समेटना एक अच्छी आदत है।
Bona ↔ काटना
बरसात की शुरुआत होते ही किसान खेतों में अन्न के नए बीज बोना शुरू करते हैं।
कहावत प्रसिद्ध है कि जैसा बीज बोओगे, वैसा ही फल भविष्य में काटना पड़ेगा।
Thoda ↔ बहुत
संतोषी व्यक्ति थोड़ा सा मिलने पर भी प्रभु का धन्यवाद करते हुए प्रसन्न रहता है।
लालची व्यक्ति के पास बहुत धन-दौलत होने के बावजूद उसकी तृष्णा कभी शांत नहीं होती।
Badhna ↔ घटना
निरंतर अभ्यास और परिश्रम से मनुष्य का ज्ञान और आत्मविश्वास तेजी से बढ़ता है।
लापरवाही और आलस्य के कारण व्यापार में लाभ घटने लगता है।
Khada ↔ बैठा
बुजुर्गों और गुरुजनों के सम्मान में कक्षा के सभी विद्यार्थी आदरपूर्वक खड़े हो गए।
लंबी यात्रा की थकान के बाद पेड़ की शीतल छाया में बैठा यात्री सुखद विश्राम पा सका।