Deh ↔ विदेह
पंचतत्वों से निर्मित यह भौतिक देह नश्वर है और समय के साथ ढल जाती है।
राजा जनक देह में रहते हुए भी आसक्तियों से परे होकर विदेह कहलाते थे।
अक्षर 'द' से प्रारंभ होने वाले विपरीतार्थक शब्द युग्म (प्रदर्शित: 51–100 / कुल: 149):
Deh ↔ विदेह
पंचतत्वों से निर्मित यह भौतिक देह नश्वर है और समय के साथ ढल जाती है।
राजा जनक देह में रहते हुए भी आसक्तियों से परे होकर विदेह कहलाते थे।
Drishtiheen ↔ दृष्टिमान
दृष्टिहीन संगीतकार ने अपनी कर्ण-संवेदना के सहारे सुरों का अनूठा संसार रच दिया।
दृष्टिमान दर्शक प्रकृति के सतरंगी दृश्यों का आनंद अपनी आँखों से लेते हैं।
Daayaan ↔ बायाँ
लेखन और प्रमुख कार्यों के लिए अधिकांश लोग दायाँ हाथ प्राथमिकता से प्रयोग करते हैं।
कुछ लोग जन्मजात रूप से बायाँ हाथ अधिक कुशलता और गति से उपयोग करने में दक्ष होते हैं।
Sumukha ↔ दुर्मुख
सदा प्रसन्न रहने वाले बालक का सुमुख देखकर हर किसी का मन आनंदित हो उठता है।
सदा क्रोध और कटुता में डूबे रहने वाले व्यक्ति का चेहरा दुर्मुख और विकृत प्रतीत होता है।
Dntaheena ↔ दंतयुक्त
चार माह के शिशु का मुख दंतहीन होता है, इसलिए वह केवल तरल आहार ही ग्रहण करता है।
वयस्क होने पर मनुष्य का मुख बत्तीस दांतों से युक्त और सुदृढ़ दंतयुक्त हो जाता है।
Sadaachaar ↔ दुराचार
विद्यालय में विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ-साथ सदाचार और अनुशासन की भी शिक्षा दी जाती है।
दुराचार और कुसंगति में लिप्त व्यक्ति अपने कुल और समाज की प्रतिष्ठा को कलंकित करता है।
Sadgun ↔ दुर्गुण
विनम्रता, सत्यवादिता और परोपकार जैसे सद्गुण व्यक्ति को महान बनाते हैं।
अहंकार, ईर्ष्या और लोभ जैसे दुर्गुण मनुष्य के समस्त पुण्यों को भस्म कर देते हैं।
Satkarm ↔ दुष्कर्म
जीवन में किए गए सत्कर्म ही मृत्यु के उपरांत व्यक्ति का नाम अमर रखते हैं।
दुष्कर्म करने वाला मनुष्य कानून की नजर से बच भी जाए, तो अंतरात्मा की अदालत से नहीं बच सकता।
Sadaachaari ↔ दुराचारी
सदाचारी व्यक्ति समाज में जहाँ भी जाता है, अपने आचरण से सबका सम्मान पाता है।
दुराचारी व्यक्ति अपने नीच कर्मों के कारण अपनों के बीच भी तिरस्कृत रहता है।
Sadbuddhi ↔ दुर्बुद्धि
भगवान से प्रार्थना है कि वे सभी को सद्विचार और सद्बुद्धि प्रदान करें।
दुर्बुद्धि के प्रभाव में आकर दुर्योधन ने पांडवों के साथ संधि का प्रस्ताव ठुकरा दिया था।
Sadgati ↔ दुर्गति
पवित्र कर्मों और निर्मल मन से जीवन जीने वाले को सद्गति प्राप्त होती है।
जुआ और मद्यपान की लत के कारण उस धनाढ्य परिवार की घोर दुर्गति हो गई।
Sadvichaar ↔ दुर्विचार
सद्विचार मनुष्य के अंतःकरण को शांति और आनंद से भर देते हैं।
ईर्ष्या और द्वेष से उपजे दुर्विचार मनुष्य की मानसिक शांति को छीन लेते हैं।
Daan ↔ याचना
सच्चा दान वही है जो बिना किसी दिखावे और स्वार्थ के सुपात्र को दिया जाए।
स्वाभिमानी व्यक्ति कभी किसी के सामने सहायता के लिए याचना नहीं करता।
Punyaatma ↔ दुरात्मा
पुण्यात्मा साधक अपने तपोबल से संपूर्ण वातावरण को पवित्र कर देते हैं।
दुरात्मा व्यक्ति दूसरों की प्रगति देखकर भीतर ही भीतर ईर्ष्या से जलता रहता है।
Mahaatma ↔ दुरात्मा
महात्मा बुद्ध ने दया और करुणा का उपदेश देकर मानवता का मार्गदर्शन किया।
दुरात्मा शासक ने अपने अहंकार की तुष्टि के लिए प्रजा पर भारी अत्याचार किए।
Vishwaaspaatra ↔ दगाबाज
राजा ने अपने सबसे विश्वासपात्र मंत्री को राज्य का खजाना सौंपा।
दगाबाज शत्रु से भी अधिक घातक होता है क्योंकि वह पीठ पीछे वार करता है।
Hitaishi ↔ द्वेषी
सच्चा हितैषी वही है जो आपकी गलतियों पर पर्दा डालने के बजाय सही रास्ता दिखाए।
द्वेषी व्यक्ति दूसरों की उन्नति देखकर जलता है और षड्यंत्र रचता है।
Sadprayaas ↔ दुष्प्रयास
समाज सुधारकों के सद्प्रयास से बाल विवाह जैसी कुरीतियों पर रोक लग सकी।
शत्रु के दुष्प्रयास को सुरक्षा बलों ने अपनी सतर्कता से विफल कर दिया।
Sadvyavahaar ↔ दुर्व्यवहार
ग्राहकों के साथ सद्व्यवहार करने से व्यापार की साख और लोकप्रियता बढ़ती है।
बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले युवक को पारिवारिक कलह का सामना करना पड़ा।
Sucharitra ↔ दुश्चरित्र
सुचरित्र मनुष्य कठिन परिस्थितियों में भी कभी असत्य और अधर्म का मार्ग नहीं चुनता।
दुश्चरित्र व्यक्ति अपने घृणित आचरण के कारण परिवार का विनाश कर देता है।
Sadbhaav ↔ दुर्भाव
त्योहारों का मूल संदेश समाज के सभी वर्गों के बीच आपसी सद्भाव और प्रेम बढ़ाना है।
पड़ोसियों के प्रति मन में दुर्भाव पालने से घर का वातावरण अशांत हो जाता है।
Sajjanta ↔ दुर्जनता
सज्जनता का गुण यही है कि वह दुष्टों के अपशब्दों का उत्तर भी मधुरता से देता है।
दुर्जनता और कुटिलता के कारण कोई भी सज्जन उसके साथ बैठना पसंद नहीं करता।
Dvipada ↔ चतुष्पद
पक्षी द्विपद प्राणी होते हैं जो दो पैरों पर चलते हैं और पंखों से उड़ते हैं।
घोड़ा और हाथी चतुष्पद जीव हैं जो चार मजबूत पैरों के सहारे भारी बोझ उठाते हैं।
Nishaachar ↔ दिवाचर
उल्लू और चमगादड़ निशाचर प्राणी हैं जो रात के अंधकार में सक्रिय होते हैं।
चिड़िया और कौआ दिवाचर पक्षी हैं जो सूर्योदय के साथ चहचहाने लगते हैं।
Danshtree ↔ अदंष्ट्री
चीता और सूअर दंष्ट्री प्राणी हैं जिनके नुकीले दांत शिकार को चीर डालते हैं।
कछुआ और पक्षी अदंष्ट्री जीव हैं जिनके मुख में दांतों के बजाय चोंच या जबड़ा होता है।
Dudhaaru ↔ सूखा
किसान के पास दो दुधारू गायें हैं जो रोज बीस लीटर दूध देती हैं।
सूखा गाय को भी किसान प्रेम से पौष्टिक चारा देकर सेवा करता है।
Dahi ↔ दूध
गर्मी के दिनों में ठंडा दही पेट को ठंडक और प्रोबायोटिक लाभ देता है।
गुनगुना मीठा दूध रात को सोने से पहले पीने से अच्छी नींद आती है।
Doodhiya ↔ पानीदार
काजू और मलाई से बनी शाही पनीर की ग्रेवी एकदम दूधिया और गाढ़ी थी।
ढाबे की दाल में पानीदार झोल अधिक था और दाल के दाने कम।
Daanedaar ↔ चिकना
शुद्ध खोए से बना दानेदार कलाकंद मुंह में घुल जाता है।
मिक्सी में पिसी हुई चिकनी चटनी समोसे के साथ बहुत अच्छी लगती है।
Madira ↔ दूध
मदिरा का सेवन बुद्धि और स्वास्थ्य दोनों का विनाश करता है।
गाय का ताजा दूध तन और मन को पवित्रता और बल प्रदान करता है।
Daal-roti ↔ छप्पन-भोग
संतोषी व्यक्ति अपनी गाढ़ी कमाई की दाल-रोटी में ही परम सुख मानता है।
मंदिर के उत्सव में भगवान को छप्पन-भोग का भव्य प्रसाद अर्पित किया गया।
Dost ↔ दुश्मन
बचपन का सच्चा दोस्त हर सुख-दुख में बिना बुलाए साथ निभाता है।
छिपकर वार करने वाले दुश्मन से सावधान रहना ही समझदारी है।
Dosti ↔ दुश्मनी
उनकी पक्की दोस्ती कॉलेज के दिनों से लेकर आज तक अटूट बनी हुई है।
जमीन के छोटे टुकड़े के लिए भाइयों में पीढ़ियों पुरानी दुश्मनी पैदा हो गई।
Prabhu ↔ दास
भक्त हनुमान ने अपने प्रभु श्रीराम की सेवा में संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया।
स्वामी के प्रति निष्ठावान दास कठिन घड़ी में भी कभी पलायन नहीं करता।
Jeth ↔ देवर
पारंपरिक परिवार में जेठ का आदर ससुर के समान माना जाता है।
देवर और भाभी का रिश्ता पारिवारिक हंसी-मजाक और आत्मीयता से भरा होता है।
Bahoo ↔ दामाद
सुलक्षणा बहू ने अपनी सेवा और व्यवहार से पूरे ससुराल का दिल जीत लिया।
दामाद के घर आने पर ससुराल में विशेष सत्कार और दावत का प्रबंध किया गया।
Nanad ↔ देवर
ननद ने अपनी नई भाभी का गृह-प्रवेश में आरती उतारकर स्वागत किया।
देवर अपनी भाभी के घरेलू कामों में हमेशा हाथ बंटाता था।
Daada ↔ दादी
दादा जी शाम को पोते-पोतियों को नैतिक मूल्यों की रोचक कहानियाँ सुनाते हैं।
दादी जी परिवार की कुशल क्षेम के लिए नित्य पूजा-अर्चना करती हैं।
Darshak ↔ अभिनेता
नाटक के मार्मिक दृश्य को देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध और भावुक हो गए।
कुशल अभिनेता ने अपने जीवंत अभिनय से मंच पर पात्र को साकार कर दिया।
Saahukaar ↔ देनदार
प्राचीन समय में साहूकार ग्रामीणों को फसल की बुवाई के लिए ऋण देते थे।
ईमानदार देनदार ने फसल कटते ही साहूकार का संपूर्ण हिसाब चुकता कर दिया।
Doolha ↔ दुल्हन
घोड़ी पर सवार दूल्हा बारात के साथ विवाह मंडप की ओर अग्रसर हुआ।
लाल जोड़े में सजी दुल्हन का स्वागत मंगल गीतों और आरती से किया गया।
Jethaani ↔ देवरानी
जेठानी ने घर की बड़ी बहू के रूप में रसोई और पूजा का प्रबंध संभाला।
देवरानी अपनी जेठानी का आदर बड़ी बहन की तरह करती थी।
Vaibhav ↔ दैन्य
राजमहल का अद्वितीय वैभव देखकर सभी विदेशी राजदूत चकित रह गए।
भीषण अकाल के कारण संपूर्ण जनपद में दैन्य और लाचारी छा गई।
Aishvarya ↔ दारिद्र्य
अहंकारी मनुष्य अत्यधिक ऐश्वर्य पाकर भी मानसिक शांति नहीं पाता।
कठोर श्रम और निरंतर निष्ठा से परिवार ने दारिद्र्य पर विजय प्राप्त की।
Sampannata ↔ दरिद्रता
हरित क्रांति के फलस्वरूप गांव में आर्थिक संपन्नता लौट आई।
उचित रोजगार के अभाव में समाज के कई वर्ग दरिद्रता में जीवन बिता रहे हैं।
Kuber ↔ दरिद्र
व्यापार में अप्रत्याशित सफलता से वह रातों-रात कुबेर बन बैठा।
सच्चे संत दरिद्र की झोपड़ी में भी प्रेम से भोजन ग्रहण करते हैं।
Daulatmand ↔ मुफ़लिस
दौलतमंद लोग समाज के वंचित वर्गों की शिक्षा के लिए धन दान करते हैं।
अचानक आई मंदी ने कई संपन्न परिवारों को मुफ़लिस कर दिया।
Dhaneemaani ↔ दीनहीन
शहर के सभी धनीमानी लोग दान उत्सव में सम्मिलित हुए।
कड़ाके की ठंड में दीनहीन लोगों को गर्म कंबल बांटे गए।
Divaaliya ↔ समर्थ
सट्टे में भारी नुकसान उठाने के बाद व्यापारी दिवालिया घोषित हो गया।
वित्तीय रूप से समर्थ कंपनी ने घाटे में चल रहे कारखाने को खरीद लिया।
Rinashodhan ↔ दिवालियापन
नियमित किस्तों द्वारा ऋणशोधन करने से ग्राहक का क्रेडिट स्कोर सुधरता है।
भारी कर्ज न चुका पाने पर न्यायालय ने कंपनी के दिवालियापन पर मुहर लगाई।