HINDI GRAMMAR RULES • SAMAS KOSH

Hindi Samas Kosh (Compound Classification) (हिंदी समास कोष (भेद व विग्रह))

Comprehensive guide to 6 primary Hindi compound classifications, vigrah breakdowns, grammatical logic, and authentic textbook examples.

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6 मुख्य भेद
Samas Categories
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623
Compound Words
CLASSIFICATION DIRECTORY

समास के 6 मुख्य भेद (Rules & Definitions)

प्रत्येक समास के लक्षण, पद प्रधानता, उपभेद, पहचान की ट्रिक और सामान्य भ्रम से बचाव के नियम।

सभी 6 भेद विस्तृत देखें →
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भेद 1

अव्ययीभाव समास

Avyayibhav Samas (Adverbial Compound)

114+ उदाहरण
पद प्रधानता (Dominant Element)
पूर्व पद (पहला पद) प्रधान
First element (Purva-pada) is dominant

जिस समास का पहला पद (पूर्व पद) अव्यय या उपसर्ग हो तथा वही पद प्रधान हो, और समस्त पद मिलकर क्रिया-विशेषण अव्यय की भांति कार्य करे, उसे अव्ययीभाव समास कहते हैं।

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पहचान ट्रिक: शब्द के आरंभ में यथा, प्रति, आ, अनु, भर, बे, हर, नि: उपसर्ग देखें; अथवा एक ही शब्द दो बार जुड़ा हो (जैसे रातोंरात, कानोंकान)। समस्त पद का लिंग, वचन या कारक के आधार पर रूप नहीं बदलता।

विग्रह नियम व उदाहरणविस्तृत नियम देखें →
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भेद 2

तत्पुरुष समास

Tatpurush Samas (Determinative / Case Compound)

106+ उदाहरण
पद प्रधानता (Dominant Element)
उत्तर पद (दूसरा पद) प्रधान
Second element (Uttara-pada) is dominant

जिस समास में दूसरा पद (उत्तर पद) प्रधान होता है तथा दोनों पदों के बीच कर्ता और संबोधन को छोड़कर किसी अन्य कारक की विभक्ति (कारक चिह्न) का लोप होता है, उसे तत्पुरुष समास कहते हैं।

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पहचान ट्रिक: समस्त पद का विग्रह करें। यदि विग्रह करने पर बीच में कोई कारक विभक्ति (को, से, के लिए, से अलग, का/के/की, में, पर) आती है, तो वह निश्चित रूप से तत्पुरुष समास है।

विग्रह नियम व उदाहरणविस्तृत नियम देखें →
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भेद 3

कर्मधारय समास

Karmadharaya Samas (Descriptive / Appositional Compound)

99+ उदाहरण
पद प्रधानता (Dominant Element)
उत्तर पद प्रधान (विशेषण-विशेष्य अथवा उपमान-उपमेय)
Second element dominant with Adjective-Noun or Simile-Metaphor apposition

जिस समास में उत्तर पद प्रधान होता है तथा पूर्व पद व उत्तर पद में "विशेषण-विशेष्य" (गुण और गुणी) अथवा "उपमान-उपमेय" (तुलना) का संबंध होता है, उसे कर्मधारय समास कहते हैं।

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पहचान ट्रिक: विग्रह करते समय दोनों पदों के बीच "है जो", "के समान" अथवा "रूपी" शब्द आते हैं। उत्तर पद से "कैसा / कैसी?" प्रश्न पूछने पर पूर्व पद उसका उत्तर देता है (जैसे- कमल कैसा है? नीला = नीलकमल)।

विग्रह नियम व उदाहरणविस्तृत नियम देखें →
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भेद 4

द्विगु समास

Dvigu Samas (Numeral Aggregative Compound)

102+ उदाहरण
पद प्रधानता (Dominant Element)
उत्तर पद प्रधान (पूर्व पद संख्यावाचक विशेषण)
Second element dominant with first element being a numeral adjective denoting aggregate

जिस समास का पहला पद (पूर्व पद) संख्यावाचक विशेषण हो तथा समस्त पद किसी समूह (समाहार) का बोध कराता हो, उसे द्विगु समास कहते हैं।

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पहचान ट्रिक: पहला पद हमेशा कोई निश्चित संख्या (द्वि, त्रि, चतुर्/चौ, पंच, षट्, सप्त, अष्ट, नव, शत आदि) बताएगा और विग्रह के अंत में अनिवार्य रूप से "का समूह" या "का समाहार" आएगा।

विग्रह नियम व उदाहरणविस्तृत नियम देखें →
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भेद 5

द्वंद्व समास

Dvandva Samas (Copulative / Coordinate Compound)

102+ उदाहरण
पद प्रधानता (Dominant Element)
दोनों पद प्रधान (उभय पद प्रधान)
Both elements (Ubhay-pada) are equally dominant

जिस समास के दोनों पद (पूर्व पद और उत्तर पद) प्रधान होते हैं तथा विग्रह करने पर दोनों के बीच "और", "तथा", "या", "अथवा", "एवं" जैसे योजक शब्द लगते हैं, उसे द्वंद्व समास कहते हैं।

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पहचान ट्रिक: समस्त पद में प्रायः दोनों शब्दों के बीच योजक चिह्न (-) लगा होता है, अथवा दोनों शब्द एक-दूसरे के विलोम, पूरक या समान स्तर के होते हैं। विग्रह करने पर बीच में "और", "या", "एवं" आता है।

विग्रह नियम व उदाहरणविस्तृत नियम देखें →
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भेद 6

बहुव्रीहि समास

Bahuvrihi Samas (Exocentric / Attributive Compound)

100+ उदाहरण
पद प्रधानता (Dominant Element)
अन्य पद प्रधान (कोई पद प्रधान नहीं)
Neither element dominant; refers to an external third referent

जिस समास में पूर्व पद और उत्तर पद में से कोई भी पद प्रधान नहीं होता, अपितु दोनों पद मिलकर किसी तीसरे अन्य संज्ञा पद (व्यक्ति, देवता या विशेष वस्तु) की ओर संकेत करते हैं, उसे बहुव्रीहि समास कहते हैं।

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पहचान ट्रिक: समस्त पद किसी पौराणिक देवता, ऐतिहासिक पात्र या विशेष उपाधि का पर्यायवाची/रूढ़ शब्द होता है। विग्रह करने पर अंत में अनिवार्य रूप से "अर्थात्..." लिखकर तीसरे व्यक्ति का नाम स्पष्ट होता है।

विग्रह नियम व उदाहरणविस्तृत नियम देखें →
WORD DIRECTORY

सामासिक शब्द एवं विग्रह संग्रह

कक्षा 8-12 बोर्ड, CTET, REET, DSSSB एवं राज्य परीक्षाओं के लिए प्रामाणिक सामासिक पद व विग्रह।

⚡पूर्व पद (पहला पद) प्रधान114 शब्द संकलित

अव्ययीभाव समास (Avyayibhav Samas (Adverbial Compound))

जिस समास का पहला पद (पूर्व पद) अव्यय या उपसर्ग हो तथा वही पद प्रधान हो, और समस्त पद मिलकर क्रिया-विशेषण अव्यय की भांति कार्य करे, उसे अव्ययीभाव समास कहते हैं।

नियम व ट्रिक →
अव्ययीभाव समासउपसर्गयुक्त अव्ययीभाव🎓 Class 8-10
#yethashakti

यथाशक्ति

Yethashakti (Shakti ke Anusar)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)शक्ति के अनुसार

व्याकरण तर्क: पूर्व पद "यथा" अव्यय है जिसका अर्थ "के अनुसार" है। "यथा" के योग से समस्त पद क्रिया-विशेषण अव्यय बन गया है।

उदाहरण: "प्रत्येक सक्षम नागरिक को निर्धनों और असहायों की सहायता अपनी यथाशक्ति अवश्य करनी चाहिए।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
अव्ययीभाव समासउपसर्गयुक्त अव्ययीभाव🎓 Class 8-10
#yethasamay

यथासमय

Yethasamay (Samay ke Anusar)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)समय के अनुसार

व्याकरण तर्क: पूर्व पद "यथा" अव्यय कालवाचक संज्ञा "समय" के साथ जुड़कर सामयिक क्रिया-विशेषण का निर्माण करता है।

उदाहरण: "सभी किसान खरीफ की फसल की बुआई यथासमय पूरी करने के लिए दिन-रात खेतों में जुटे रहे।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
अव्ययीभाव समासउपसर्गयुक्त अव्ययीभाव🎓 Class 11-12
#yethamati

यथामति

Yethamati (Mati ke Anusar)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)मति (बुद्धि) के अनुसार

व्याकरण तर्क: पूर्व पद "यथा" अव्यय है और उत्तर पद "मति" (बुद्धि) है। समस्त पद अपनी बौद्धिक क्षमतानुसार कार्य करने का बोध कराता है।

उदाहरण: "मंत्री ने राज्य के जटिल आर्थिक संकट को सुलझाने के लिए राजा को यथामति उचित परामर्श दिया।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
अव्ययीभाव समासउपसर्गयुक्त अव्ययीभाव🎓 Class 8-10
#yetharuchi

यथारुचि

Yetharuchi (Ruchi ke Anusar)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)रुचि के अनुसार

व्याकरण तर्क: "यथा" अव्यय के प्रभाव से समस्त पद रुचि के अनुकूल कार्य करने का अव्यय रूप प्रकट करता है।

उदाहरण: "पुस्तकालय में विद्यार्थियों को यथारुचि अपनी पसंद की पुस्तकें चुनकर पढ़ने की पूर्ण स्वतंत्रता है।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
अव्ययीभाव समासउपसर्गयुक्त अव्ययीभाव🎓 Class 8-10
#yethakram

यथाक्रम

Yethakram (Kram ke Anusar)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)क्रम के अनुसार

व्याकरण तर्क: पूर्व पद "यथा" अव्यय "क्रम" संज्ञा के साथ मिलकर क्रमानुसार व्यवस्था का क्रिया-विशेषण बनाता है।

उदाहरण: "अध्यापक ने परीक्षा परिणाम की घोषणा करते हुए सभी मेधावी छात्रों को यथाक्रम मंच पर आमंत्रित किया।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
अव्ययीभाव समासउपसर्गयुक्त अव्ययीभाव🎓 Class 8-10
#yethavidhi

यथाविधि

Yethavidhi (Vidhi ke Anusar)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)विधि (नियम) के अनुसार

व्याकरण तर्क: पूर्व पद "यथा" अव्यय विधिपूर्वक कार्य संपादन का बोध कराता है, अतः अव्ययीभाव समास है।

उदाहरण: "पुरोहित जी ने यजमान के गृह-प्रवेश का संपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान यथाविधि श्रद्धापूर्वक संपन्न कराया।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
🏛️उत्तर पद (दूसरा पद) प्रधान106 शब्द संकलित

तत्पुरुष समास (Tatpurush Samas (Determinative / Case Compound))

जिस समास में दूसरा पद (उत्तर पद) प्रधान होता है तथा दोनों पदों के बीच कर्ता और संबोधन को छोड़कर किसी अन्य कारक की विभक्ति (कारक चिह्न) का लोप होता है, उसे तत्पुरुष समास कहते हैं।

नियम व ट्रिक →
तत्पुरुष समासकर्म तत्पुरुष🎓 Class 8-10
#gaganchumbi

गगनचुंबी

Gaganchumbi (Gagan ko choomne wala)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)गगन को चूमने वाला

व्याकरण तर्क: उत्तर पद "चुंबी" प्रधान है तथा दोनों पदों के मध्य कर्म कारक की विभक्ति "को" का लोप हुआ है।

उदाहरण: "महानगरों में आकाश को छूती गगनचुंबी इमारतें आधुनिक स्थापत्य कला का सुंदर उदाहरण हैं।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
तत्पुरुष समासकर्म तत्पुरुष🎓 Class 6-8
#makhanchor

माखनचोर

Makhanchor (Makhan ko churane wala)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)माखन को चुराने वाला

व्याकरण तर्क: उत्तर पद "चोर" प्रधान है और पूर्व पद "माखन" के साथ कर्म कारक के चिह्न "को" का लोप हुआ है।

उदाहरण: "गोकुल की गोपियाँ बालकृष्ण की बाल लीलाओं को देखकर उन्हें प्यार से माखनचोर पुकारती थीं।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
तत्पुरुष समासकर्म तत्पुरुष🎓 Class 8-10
#chidimar

चिड़ीमार

Chidimar (Chidiyon ko maarne wala)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)चिड़ियों को मारने वाला

व्याकरण तर्क: उत्तर पद "मार" प्रधान है तथा विग्रह करने पर कर्म कारक की विभक्ति "को" का प्रयोग होता है।

उदाहरण: "घने जंगल के किनारे चिड़ीमार पक्षियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाकर बैठ गया।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
तत्पुरुष समासकर्म तत्पुरुष🎓 Class 6-8
#jebkatra

जेबकतरा

Jebkatra (Jeb ko katarne wala)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)जेब को कतरने वाला

व्याकरण तर्क: उत्तर पद "कतरा" प्रधान है तथा कर्म कारक के विभक्ति चिह्न "को" का लोप हुआ है।

उदाहरण: "भीड़भाड़ वाले रेलवे स्टेशन पर सतर्क रहें ताकि कोई जेबकतरा आपका बटुआ न पार कर दे।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
तत्पुरुष समासकर्म तत्पुरुष🎓 Class 8-10
#rathchalak

रथचालक

Rathchalak (Rath ko chalane wala)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)रथ को चलाने वाला

व्याकरण तर्क: उत्तर पद "चालक" प्रधान है तथा दोनों पदों के बीच कर्म कारक की विभक्ति "को" का लोप है।

उदाहरण: "महाभारत के भीषण धर्मयुद्ध में भगवान श्रीकृष्ण स्वयं अर्जुन के कुशल रथचालक बने थे।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
तत्पुरुष समासकर्म तत्पुरुष🎓 Class 8-10
#yashprapt

यशप्राप्त

Yashprapt (Yash ko praapt)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)यश को प्राप्त

व्याकरण तर्क: उत्तर पद "प्राप्त" प्रधान है और विग्रह में कर्म कारक का चिह्न "को" प्रयुक्त होता है।

उदाहरण: "अपने अद्वितीय समाजसेवा कार्यों से वे पूरे देश में यशप्राप्त महापुरुष बन गए।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
🌸उत्तर पद प्रधान (विशेषण-विशेष्य अथवा उपमान-उपमेय)99 शब्द संकलित

कर्मधारय समास (Karmadharaya Samas (Descriptive / Appositional Compound))

जिस समास में उत्तर पद प्रधान होता है तथा पूर्व पद व उत्तर पद में "विशेषण-विशेष्य" (गुण और गुणी) अथवा "उपमान-उपमेय" (तुलना) का संबंध होता है, उसे कर्मधारय समास कहते हैं।

नियम व ट्रिक →
कर्मधारय समासविशेषण-विशेष्य कर्मधारय🎓 Class 8-10
#neelkamal

नीलकमल

Neelkamal (Neela hai jo Kamal)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)नीला है जो कमल

व्याकरण तर्क: पूर्व पद "नील" विशेषण (गुणवाचक) है तथा उत्तर पद "कमल" विशेष्य (संज्ञा) है। दोनों में विशेषण-विशेष्य का संबंध है।

उदाहरण: "शारदीय नवरात्रि में देवी भगवती की विशेष पूजा के लिए दुर्लभ नीलकमल अर्पित किया गया।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
कर्मधारय समासविशेषण-विशेष्य कर्मधारय🎓 Class 6-8
#mahatma

महात्मा

Mahatma (Mahan hai jo Aatma)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)महान है जो आत्मा

व्याकरण तर्क: पूर्व पद "महा (महान)" विशेषण है और उत्तर पद "आत्मा" विशेष्य है। दोनों मिलकर एक श्रेष्ठ आत्मा का बोध कराते हैं।

उदाहरण: "सत्य और अहिंसा के पावन मार्ग पर चलकर महात्मा गांधी ने पूरे राष्ट्र को स्वाधीनता दिलाई।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
कर्मधारय समासविशेषण-विशेष्य कर्मधारय🎓 Class 8-10
#peetambar-karmadharaya

पीतांबर

Peetambar (Peela hai jo ambar)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)पीत (पीला) है जो अंबर (वस्त्र)

व्याकरण तर्क: पूर्व पद "पीत" (पीला रंग) विशेषण है और उत्तर पद "अंबर" (वस्त्र) विशेष्य है। विशेषण-विशेष्य संबंध होने से यह कर्मधारय समास है।

उदाहरण: "पूजा के पावन अवसर पर पंडित जी ने रेशमी पीतांबर धारण किया हुआ था।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
कर्मधारय समासविशेषण-विशेष्य कर्मधारय🎓 Class 8-10
#shwetambar-karmadharaya

श्वेतांबर

Shwetambar (Shwet hai jo ambar)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)श्वेत (सफेद) है जो अंबर (वस्त्र)

व्याकरण तर्क: पूर्व पद "श्वेत" रंगवाचक विशेषण है और उत्तर पद "अंबर" विशेष्य है, जिससे श्वेत वस्त्र का बोध होता है।

उदाहरण: "जैन परंपरा में श्वेतांबर संप्रदाय के मुनिजन सादगी के प्रतीक स्वरूप श्वेत वस्त्र धारण करते हैं।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
कर्मधारय समासविशेषण-विशेष्य कर्मधारय🎓 Class 6-8
#neelgagan

नीलगगन

Neelgagan (Neela hai jo gagan)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)नीला है जो गगन (आकाश)

व्याकरण तर्क: पूर्व पद "नील" गुणवाचक विशेषण है तथा उत्तर पद "गगन" विशेष्य है।

उदाहरण: "शरद ऋतु में बादलों के छंटते ही नीलगगन में चमकीले तारे स्पष्ट दिखाई देने लगे।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
कर्मधारय समासविशेषण-विशेष्य कर्मधारय🎓 Class 6-8
#neelgaay

नीलगाय

Neelgaay (Neeli hai jo gaay)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)नीली है जो गाय (विशेष पशु)

व्याकरण तर्क: पूर्व पद "नील" रंगसूचक विशेषण है और उत्तर पद "गाय" विशेष्य है।

उदाहरण: "गांव के निकट खेतों में नीलगाय का झुंड चरता हुआ दिखाई दिया।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
🔢उत्तर पद प्रधान (पूर्व पद संख्यावाचक विशेषण)102 शब्द संकलित

द्विगु समास (Dvigu Samas (Numeral Aggregative Compound))

जिस समास का पहला पद (पूर्व पद) संख्यावाचक विशेषण हो तथा समस्त पद किसी समूह (समाहार) का बोध कराता हो, उसे द्विगु समास कहते हैं।

नियम व ट्रिक →
द्विगु समाससमाहार द्विगु🎓 Class 6-8
#dopahar

दोपहर

Dopahar (Do paharon ka samahar)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)दो पहरों का समाहार

व्याकरण तर्क: पूर्व पद "दो" संख्यावाचक विशेषण है और समस्त पद दिन के दो पहरों के बीतने के समय (मध्याह्न) का बोध कराता है।

उदाहरण: "ग्रीष्म ऋतु में दोपहर की चिलचिलाती धूप में सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
द्विगु समाससमाहार द्विगु🎓 Class 6-8
#doraha

दोराहा

Doraha (Do raahon ka samahar)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)दो राहों (मार्गों) का समाहार

व्याकरण तर्क: पूर्व पद "दो" संख्यावाचक है और समस्त पद दो अलग-अलग दिशाओं में फूटने वाले मार्गों के संगम का बोध कराता है।

उदाहरण: "जंगल के दोराहे पर खड़े होकर यात्री सोचने लगा कि किस मार्ग से सुरक्षित गांव पहुंचा जाए।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
द्विगु समाससमाहार द्विगु🎓 Class 6-8
#dupatta

दुपट्टा

Dupatta (Do paaton ka samahar)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)दो पाटों (वस्त्र-खंडों) का समाहार

व्याकरण तर्क: पूर्व पद "दु" (दो) संख्यावाचक है और उत्तर पद "पट्टा" (वस्त्र का पाट) है, जिससे दो पाटों के वस्त्र का बोध होता है।

उदाहरण: "पारंपरिक परिधान के साथ सिल्क का कशीदाकारी दुपट्टा अत्यंत सुरुचिपूर्ण लग रहा था।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
द्विगु समाससमाहार द्विगु🎓 Class 8-10
#dunaali

दुनाली

Dunaali (Do naalon ka samahar)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)दो नालों (नली) का समाहार / दो नालों वाली बंदूक

व्याकरण तर्क: पूर्व पद "दु" (दो) संख्यावाचक है और यह दो नालों के समाहार का बोध कराता है।

उदाहरण: "शिकारी ने अपनी सुरक्षा के लिए कंधे पर दुनाली बंदूक संभाल रखी थी।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
द्विगु समाससमाहार द्विगु🎓 Class 6-8
#dumanzila

दुमंजिला

Dumanzila (Do manzilon ka samahar)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)दो मंजिलों का समाहार

व्याकरण तर्क: पूर्व पद "दु" संख्यावाचक विशेषण है जो दो मंजिलों के समूह/भवन का बोध कराता है।

उदाहरण: "कॉलोनी के कोने पर बना नया दुमंजिला मकान आधुनिक वास्तुकला का सुंदर नमूना है।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
द्विगु समाससमाहार द्विगु🎓 Class 8-10
#dvipad

द्विपद

Dvipad (Do padon ka samahar)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)दो पदों (पैरों या श्लोक-चरणों) का समाहार

व्याकरण तर्क: पूर्व पद "द्वि" (दो) संख्यावाचक है तथा समस्त पद दो पदों के समूह का बोध कराता है।

उदाहरण: "जीवविज्ञान के वर्गीकरण में मानव को द्विपद (दो पैरों पर चलने वाला प्राणी) माना गया है।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
⚖️दोनों पद प्रधान (उभय पद प्रधान)102 शब्द संकलित

द्वंद्व समास (Dvandva Samas (Copulative / Coordinate Compound))

जिस समास के दोनों पद (पूर्व पद और उत्तर पद) प्रधान होते हैं तथा विग्रह करने पर दोनों के बीच "और", "तथा", "या", "अथवा", "एवं" जैसे योजक शब्द लगते हैं, उसे द्वंद्व समास कहते हैं।

नियम व ट्रिक →
द्वंद्व समासइतरेतर द्वंद्व🎓 Class 6-8
#mata-pita

माता-पिता

Mata-Pita (Mata aur Pita)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)माता और पिता

व्याकरण तर्क: दोनों पद ("माता" और "पिता") समान रूप से प्रधान हैं और विग्रह करने पर योजक शब्द "और" से जुड़ते हैं।

उदाहरण: "संतान का परम कर्तव्य है कि वह अपने वृद्ध माता-पिता की श्रद्धा और सेवा भाव से देखभाल करे।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
द्वंद्व समासइतरेतर द्वंद्व🎓 Class 6-8
#bhai-behan

भाई-बहन

Bhai-Behan (Bhai aur Behan)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)भाई और बहन

व्याकरण तर्क: दोनों पद स्वतंत्र सत्ता रखते हैं तथा विग्रह में "और" योजक का प्रयोग होता है।

उदाहरण: "रक्षाबंधन का पावन पर्व भाई-बहन के अटूट स्नेह और परस्पर विश्वास का पावन प्रतीक है।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
द्वंद्व समासइतरेतर द्वंद्व🎓 Class 6-8
#sitaram

सीताराम

Sitaram (Sita aur Ram)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)सीता और राम

व्याकरण तर्क: पूर्व पद और उत्तर पद दोनों ही समान रूप से पूज्य और प्रधान हैं; विग्रह में "और" आता है।

उदाहरण: "प्रातःकाल गांव के मंदिरों से सीताराम के मधुर भजनों की दिव्य ध्वनि गूंजने लगती है।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
द्वंद्व समासइतरेतर द्वंद्व🎓 Class 6-8
#radhakrishna

राधाकृष्ण

Radhakrishna (Radha aur Krishna)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)राधा और कृष्ण

व्याकरण तर्क: दोनों पद समान महत्व के हैं और विग्रह करने पर "और" योजक से जुड़ते हैं।

उदाहरण: "वृंदावन के हर मंदिर में राधाकृष्ण के निस्वार्थ और दिव्य प्रेम की गाथाएं गाई जाती हैं।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
द्वंद्व समासइतरेतर द्वंद्व🎓 Class 8-10
#gaurishankar

गौरीशंकर

Gaurishankar (Gauri aur Shankar)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)गौरी (पार्वती) और शंकर (शिव)

व्याकरण तर्क: दोनों पद स्वतंत्र सत्ता वाले देवस्वरूप हैं तथा विग्रह में "और" से जुड़ते हैं।

उदाहरण: "हिमालय की मनोरम पर्वतमाला में स्थित गौरीशंकर मंदिर श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र है।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
द्वंद्व समासइतरेतर द्वंद्व🎓 Class 6-8
#ann-jal

अन्न-जल

Ann-Jal (Ann aur Jal)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)अन्न और जल

व्याकरण तर्क: जीवन के दो मूलभूत आधार "अन्न" और "जल" दोनों पद प्रधान हैं और विग्रह में "और" आता है।

उदाहरण: "कठोर तपस्या के दौरान साधक ने कई दिनों तक अन्न-जल का त्याग कर दिया था।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
👑अन्य पद प्रधान (कोई पद प्रधान नहीं)100 शब्द संकलित

बहुव्रीहि समास (Bahuvrihi Samas (Exocentric / Attributive Compound))

जिस समास में पूर्व पद और उत्तर पद में से कोई भी पद प्रधान नहीं होता, अपितु दोनों पद मिलकर किसी तीसरे अन्य संज्ञा पद (व्यक्ति, देवता या विशेष वस्तु) की ओर संकेत करते हैं, उसे बहुव्रीहि समास कहते हैं।

नियम व ट्रिक →
बहुव्रीहि समासव्यधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#chandrashekhar

चंद्रशेखर

Chandrashekhar (Chandra hai Shikhar par jiske arthat Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)चंद्रमा है शिखर (मस्तक) पर जिसके अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: पूर्व पद "चंद्र" और उत्तर पद "शेखर" मिलकर तीसरे विशेष देवता देवाधिदेव महादेव शिव का बोध कराते हैं।

उदाहरण: "महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर श्रद्धालु भगवान चंद्रशेखर के ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक करते हैं।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#neelkanth

नीलकंठ

Neelkanth (Neela hai Kanth jiska arthat Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)नीला है कंठ जिसका अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: समुद्र मंथन से निकले कालकूट विष को कंठ में धारण करने के कारण भगवान शिव को नीलकंठ कहा जाता है।

उदाहरण: "संसार को विनाश से बचाने हेतु हलाहल विष पीकर देवाधिदेव महादेव नीलकंठ कहलाए।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#trilochan

त्रिलोचन

Trilochan (Teen hain Lochan jiske arthat Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)तीन हैं लोचन (नेत्र) जिसके अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: यद्यपि पहला पद "त्रि" संख्या है, किंतु समस्त पद किसी समूह का नहीं, बल्कि तीसरे विशेष देवता शिव का रूढ़ बोध कराता है।

उदाहरण: "जब भगवान त्रिलोचन ने अपना तीसरा नेत्र खोला तो कामदेव भस्म होकर अनंग हो गए।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#trinetra

त्रिनेत्र

Trinetra (Teen hain Netra jiske arthat Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)तीन हैं नेत्र जिसके अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: दोनों पद मिलकर तीसरे विशेष अर्थ भगवान शंकर की ओर संकेत करते हैं; रूढ़ अर्थ में बहुव्रीहि समास है।

उदाहरण: "रणथंभौर के ऐतिहासिक दुर्ग में भगवान त्रिनेत्र गणेश जी का अति प्राचीन एवं चमत्कारी मंदिर स्थित है।"
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बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#gangadhar

गंगाधर

Gangadhar (Ganga ko dharan karne wale arthat Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)गंगा को जटाओं में धारण करने वाले हैं जो अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: स्वर्ग से उतरती गंगा के वेग को अपनी जटाओं में धारण करने के कारण शिव जी को गंगाधर कहा जाता है।

उदाहरण: "भगीरथ की कठिन तपस्या से प्रसन्न होकर गंगाधर ने पतितपावनी गंगा को अपनी जटाओं में स्थान दिया।"
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बहुव्रीहि समासव्यधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#shoolpani

शूलपाणि

Shoolpani (Shool hai Paani mein jiske arthat Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)शूल (त्रिशूल) है पाणि (हाथ) में जिसके अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: पूर्व पद "शूल" और उत्तर पद "पाणि" दोनों मिलकर त्रिशूलधारी महादेव का बोध कराते हैं।

उदाहरण: "दुष्टों और असुरों के दमन हेतु शूलपाणि सदा अपने हाथ में त्रिशूल धारण किए रहते हैं।"
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समास क्या है? अर्थ, परिभाषा, भेद एवं पहचान के नियम

'समास' शब्द दो शब्दों के योग से बना है — सम् (भली-भांति/पास) + आस (बैठना या जोड़ना)। इसका शाब्दिक अर्थ है संक्षिप्त करना। जब दो या दो से अधिक शब्दों के बीच की कारक विभक्तियों, योजकों या संबंधसूचक शब्दों को हटाकर एक स्वतंत्र नया शब्द गढ़ा जाता है, तो उस संक्षिप्त पद को समस्त पद (सामासिक शब्द) तथा इस प्रक्रिया को समास कहते हैं।

1. समस्त पद (सामासिक शब्द)

समास के नियमों से निर्मित नवीन शब्द को समस्त पद कहते हैं। समस्त पद में दो पद होते हैं: पहले पद को पूर्व पद और दूसरे पद को उत्तर पद कहा जाता है। (उदा: 'राजपुत्र' में 'राज' पूर्व पद और 'पुत्र' उत्तर पद है)।

2. समास विग्रह (Samas Vigrah)

सामासिक शब्दों के बीच के संबंध को स्पष्ट करते हुए उन्हें पुनः अलग-अलग करके लिखने की रीति को समास विग्रह कहते हैं। (उदा: 'राजपुत्र' का विग्रह है = 'राजा का पुत्र'; 'चौराहा' का विग्रह = 'चार राहों का समाहार')।

पद प्रधानता तालिका (Dominance of Elements in Samas)

प्रतियोगी परीक्षाओं में सबसे अधिक प्रश्न पद प्रधानता से पूछे जाते हैं:

  • पूर्व पद प्रधान: अव्ययीभाव समास (पहला पद अव्यय/उपसर्ग होता है)।
  • उत्तर पद प्रधान: तत्पुरुष समास, कर्मधारय समास एवं द्विगु समास।
  • दोनों पद प्रधान: द्वंद्व समास (दोनों शब्दों का समान स्तर होता है)।
  • दोनों पद अप्रधान (अन्य पद प्रधान): बहुव्रीहि समास (दोनों मिलकर तीसरे अर्थ की ओर संकेत करते हैं)।
FREQUENTLY ASKED QUESTIONS

समास से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी (FAQ)

समास किसे कहते हैं? (What is Samas in Hindi Grammar?)

दो या दो से अधिक सार्थक शब्दों के परस्पर मेल से एक नया सार्थक संक्षिप्त शब्द बनाने की प्रक्रिया को 'समास' कहते हैं। समास का शाब्दिक अर्थ होता है — 'संक्षेप' या 'संक्षिप्तिकरण'। जैसे: 'राजा का पुत्र' से संक्षिप्त होकर 'राजपुत्र' बनता है।

संधि और समास में क्या अंतर है? (Difference between Sandhi and Samas)

संधि में दो 'वर्णों' (ध्वनियों) का मेल होता है और ध्वनि विकार उत्पन्न होता है (जैसे: विद्या + आलय = विद्यालय)। इसके विपरीत, समास में दो 'पदों' (सार्थक शब्दों) का मेल होता है और बीच की कारक विभक्तियों या योजकों का लोप होता है (जैसे: रसोई के लिए घर = रसोईघर)। संधि को तोड़ना 'विच्छेद' कहलाता है, जबकि समास को अलग करना 'विग्रह' कहलाता है।

समास के मुख्य कितने भेद होते हैं? (How many types of Samas are there?)

हिंदी व्याकरण (NCERT एवं मानक व्याकरण) में समास के 6 मुख्य भेद माने गए हैं: 1. अव्ययीभाव समास, 2. तत्पुरुष समास, 3. कर्मधारय समास, 4. द्विगु समास, 5. द्वंद्व समास, एवं 6. बहुव्रीहि समास।

पद प्रधानता के आधार पर समास का वर्गीकरण कैसे किया जाता है?

पद प्रधानता के आधार पर: 1. पूर्व पद प्रधान = अव्ययीभाव समास, 2. उत्तर पद प्रधान = तत्पुरुष, कर्मधारय एवं द्विगु समास, 3. दोनों पद प्रधान = द्वंद्व समास, 4. दोनों पद अप्रधान (अन्य पद प्रधान) = बहुव्रीहि समास।