समास भेद 6 of 6NCERT मानक व्याकरण
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बहुव्रीहि समास

Bahuvrihi Samas (Exocentric / Attributive Compound)

पद प्रधानता (Dominant Element in Compound)
अन्य पद प्रधान (कोई पद प्रधान नहीं)

Neither element dominant; refers to an external third referent

संग्रहित उदाहरण100+ शब्द

परिभाषा एवं स्वरूप (Definition & Concept)

जिस समास में पूर्व पद और उत्तर पद में से कोई भी पद प्रधान नहीं होता, अपितु दोनों पद मिलकर किसी तीसरे अन्य संज्ञा पद (व्यक्ति, देवता या विशेष वस्तु) की ओर संकेत करते हैं, उसे बहुव्रीहि समास कहते हैं।

An exocentric compound in which neither constituent element is head; instead, the entire compound functions as an attributive epithet denoting a third external entity.

DETAILED SUB-RULES & CLASSIFICATION

बहुव्रीहि समास के प्रमुख उपभेद व नियम

1. समानाधिकरण बहुव्रीहि समास

विग्रह में "... है जो वह / है जिसका वह"

Samanadhikarana Bahuvrihi

जिसमें दोनों पद प्रथमा विभक्ति के होते हैं और मिलकर किसी अन्य व्यक्ति का विशेषण बनते हैं।

मानक विग्रह उदाहरण:
लंबोदर = लंबा है उदर जिसका अर्थात् गणेश जीदशानन = दस हैं आनन (मुख) जिसके अर्थात् रावणचक्रपाणि = चक्र है पाणि (हाथ) में जिसके अर्थात् विष्णु जी

2. व्यधिकरण बहुव्रीहि समास

विग्रह में दोनों पदों की भिन्न विभक्ति

Vyadhikarana Bahuvrihi

जिसमें पूर्व पद और उत्तर पद भिन्न-भिन्न कारक विभक्तियों में होते हैं।

मानक विग्रह उदाहरण:
चंद्रशेखर = चंद्र है शिखर (मस्तक) पर जिसके अर्थात् भगवान शिवशूलपाणि = शूल है पाणि (हाथ) में जिसके अर्थात् शिव जी
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पहचान की अचूक ट्रिक (Instant Shortcut Method)

समस्त पद किसी पौराणिक देवता, ऐतिहासिक पात्र या विशेष उपाधि का पर्यायवाची/रूढ़ शब्द होता है। विग्रह करने पर अंत में अनिवार्य रूप से "अर्थात्..." लिखकर तीसरे व्यक्ति का नाम स्पष्ट होता है।

The word is almost invariably an epithet or conventional title for a deity, mythological figure, or unique entity. Vigrah always specifies "arthaat..." (meaning/referring to [third person]).

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सामान्य भ्रम एवं सावधानियाँ (Common Pitfalls & Exam Traps)

  • द्विगु बनाम बहुव्रीहि: "दशानन", "पंचानन", "त्रिनेत्र", "चतुर्भुज" में संख्या होने पर भी ये विशेष देवताओं/पात्रों (रावण, शिव, विष्णु) के रूढ़ नाम हैं, इसलिए बहुव्रीहि समास हैं।
  • कर्मधारय बनाम बहुव्रीहि: "पीतांबर", "नीलकंठ" में यदि रंग पर बल हो तो कर्मधारय, किंतु यदि श्रीकृष्ण या शिव जी का बोध हो तो बहुव्रीहि। यदि परीक्षा में दोनों विकल्प हों तो बहुव्रीहि को प्राथमिकता दी जाती है।
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परीक्षा विशेष टिप्स (Board & Competitive Exam Notes)

हिंदी व्याकरण की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं (CTET, REET, UP-TET, TGT/PGT, State PSC) में बहुव्रीहि समास का कर्मधारय और द्विगु के साथ तुलनात्मक प्रश्न सबसे अधिक बार पूछा जाता है।

EXAMPLE WORDS COLLECTION

बहुव्रीहि समास के प्रमुख सामासिक पद व विग्रह (100)

बहुव्रीहि समासव्यधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#chandrashekhar

चंद्रशेखर

Chandrashekhar (Chandra hai Shikhar par jiske arthat Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)चंद्रमा है शिखर (मस्तक) पर जिसके अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: पूर्व पद "चंद्र" और उत्तर पद "शेखर" मिलकर तीसरे विशेष देवता देवाधिदेव महादेव शिव का बोध कराते हैं।

उदाहरण: "महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर श्रद्धालु भगवान चंद्रशेखर के ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक करते हैं।"
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बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#neelkanth

नीलकंठ

Neelkanth (Neela hai Kanth jiska arthat Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)नीला है कंठ जिसका अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: समुद्र मंथन से निकले कालकूट विष को कंठ में धारण करने के कारण भगवान शिव को नीलकंठ कहा जाता है।

उदाहरण: "संसार को विनाश से बचाने हेतु हलाहल विष पीकर देवाधिदेव महादेव नीलकंठ कहलाए।"
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बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#trilochan

त्रिलोचन

Trilochan (Teen hain Lochan jiske arthat Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)तीन हैं लोचन (नेत्र) जिसके अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: यद्यपि पहला पद "त्रि" संख्या है, किंतु समस्त पद किसी समूह का नहीं, बल्कि तीसरे विशेष देवता शिव का रूढ़ बोध कराता है।

उदाहरण: "जब भगवान त्रिलोचन ने अपना तीसरा नेत्र खोला तो कामदेव भस्म होकर अनंग हो गए।"
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बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#trinetra

त्रिनेत्र

Trinetra (Teen hain Netra jiske arthat Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)तीन हैं नेत्र जिसके अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: दोनों पद मिलकर तीसरे विशेष अर्थ भगवान शंकर की ओर संकेत करते हैं; रूढ़ अर्थ में बहुव्रीहि समास है।

उदाहरण: "रणथंभौर के ऐतिहासिक दुर्ग में भगवान त्रिनेत्र गणेश जी का अति प्राचीन एवं चमत्कारी मंदिर स्थित है।"
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बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#gangadhar

गंगाधर

Gangadhar (Ganga ko dharan karne wale arthat Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)गंगा को जटाओं में धारण करने वाले हैं जो अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: स्वर्ग से उतरती गंगा के वेग को अपनी जटाओं में धारण करने के कारण शिव जी को गंगाधर कहा जाता है।

उदाहरण: "भगीरथ की कठिन तपस्या से प्रसन्न होकर गंगाधर ने पतितपावनी गंगा को अपनी जटाओं में स्थान दिया।"
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बहुव्रीहि समासव्यधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#shoolpani

शूलपाणि

Shoolpani (Shool hai Paani mein jiske arthat Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)शूल (त्रिशूल) है पाणि (हाथ) में जिसके अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: पूर्व पद "शूल" और उत्तर पद "पाणि" दोनों मिलकर त्रिशूलधारी महादेव का बोध कराते हैं।

उदाहरण: "दुष्टों और असुरों के दमन हेतु शूलपाणि सदा अपने हाथ में त्रिशूल धारण किए रहते हैं।"
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बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#aashutosh

आशुतोष

Aashutosh (Aashu tusht hone wale arthat Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)आशु (शीघ्र) तुष्ट (प्रसन्न) होने वाले हैं जो अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: जो अपने भक्तों की थोड़ी सी भक्ति और जल मात्र से शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं, वे भगवान शिव आशुतोष कहलाते हैं।

उदाहरण: "भगवान आशुतोष अपने भोले स्वभाव के कारण भक्तों की निष्कपट प्रार्थना पर तुरंत कृपा बरसाते हैं।"
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बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#pashupati

पशुपति

Pashupati (Pashuon ke pati arthat Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)पशुओं (समस्त जीवों) के पति (स्वामी) हैं जो अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: समस्त चराचर जीवों और प्राणियों के परम स्वामी होने के कारण शिव जी का नाम पशुपति है।

उदाहरण: "नेपाल की राजधानी काठमांडू में बागमती नदी के तट पर विश्वप्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर स्थित है।"
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बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#digambar

दिगंबर

Digambar (Dishaayein hain ambar jinke arthat Shiva / Jain Muni)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)दिशायें (दिक्) ही हैं अंबर (वस्त्र) जिनका अर्थात् भगवान शिव / जैन मुनि

व्याकरण तर्क: समस्त पद तीसरे अर्थ (दिशाओं को ही वस्त्र मानने वाले विरक्त संन्यासी/शिव) की ओर संकेत करता है।

उदाहरण: "मोक्ष की कामना से संसार के समस्त भौतिक परिधानों का त्याग कर मुनि दिगंबर वेश में तपस्या करते हैं।"
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बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#mrityunjay

मृत्युंजय

Mrityunjay (Mrityu ko jeetne wale arthat Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)मृत्यु को जीतने वाले हैं जो अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: जिन्होंने काल और मृत्यु पर विजय प्राप्त कर ली है, वे देवाधिदेव शिव मृत्युंजय कहलाते हैं।

उदाहरण: "ऋग्वेद का महामृत्युंजय मंत्र असाध्य रोगों और अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है।"
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बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#bhootnath

भूतनाथ

Bhootnath (Bhooton ke nath arthat Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)भूतों (समस्त पंचमहाभूतों व गणों) के नाथ हैं जो अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: समस्त भूतों, पंचमहाभूतों तथा शिवगणों के स्वामी होने के कारण शिव जी को भूतनाथ कहा जाता है।

उदाहरण: "शमशान वासी भूतनाथ भगवान शिव बाहरी आडंबरों से परे विशुद्ध वैराग्य के मूर्त प्रतीक हैं।"
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बहुव्रीहि समासव्यधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#chakrapani

चक्रपाणि

Chakrapani (Chakra hai Paani mein jiske arthat Vishnu)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)चक्र (सुदर्शन) है पाणि (हाथ) में जिसके अर्थात् भगवान विष्णु

व्याकरण तर्क: पूर्व पद "चक्र" और उत्तर पद "पाणि" मिलकर तीसरे विशेष देवता भगवान विष्णु की ओर संकेत करते हैं।

उदाहरण: "धर्म की रक्षा और अधर्म के नाश के लिए भगवान चक्रपाणि अपने दिव्य चक्र का संधान करते हैं।"
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बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#kamalapati

कमलापति

Kamalapati (Kamala ke pati arthat Vishnu)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)कमला (माँ लक्ष्मी) के पति हैं जो अर्थात् भगवान विष्णु

व्याकरण तर्क: पूर्व पद और उत्तर पद दोनों मिलकर तीसरे विशेष देवता भगवान विष्णु की ओर संकेत करते हैं, अतः यह बहुव्रीहि समास है।

उदाहरण: "क्षीरसागर में शेषनाग की शैय्या पर विश्राम करने वाले कमलापति श्रीहरि संपूर्ण जगत के पालनकर्ता हैं।"
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बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#chaturbhuj

चतुर्भुज

Chaturbhuj (Chaar hain Bhujaayein jiski arthat Vishnu)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)चार हैं भुजाएं जिसकी अर्थात् भगवान विष्णु

व्याकरण तर्क: संख्यावाची पद होने पर भी यह चार भुजाओं वाले देवता विष्णु का रूढ़ विशेषण है, अतः बहुव्रीहि समास है।

उदाहरण: "भक्त ध्रुव की अनन्य तपस्या से संतुष्ट होकर भगवान चतुर्भुज ने उन्हें साक्षात् दर्शन दिए।"
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बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 6-8
#murlidhar

मुरलीधर

Murlidhar (Murli ko dharan karne wale arthat Krishna)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)मुरली (बांसुरी) को धारण करने वाले हैं जो अर्थात् भगवान श्रीकृष्ण

व्याकरण तर्क: मुरली बजाने की अद्वितीय कला के कारण श्रीकृष्ण को जनमानस में मुरलीधर कहा जाता है।

उदाहरण: "मुरलीधर की मधुर तान सुनते ही वन के पशु-पक्षी और यमुना की जलधारा भी मंत्रमुग्ध होकर ठहर जाती थी।"
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बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 6-8
#giridhar

गिरिधर

Giridhar (Giri ko dharan karne wale arthat Krishna)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)गिरि (गोवर्धन पर्वत) को धारण करने वाले हैं जो अर्थात् भगवान श्रीकृष्ण

व्याकरण तर्क: इंद्र के कोप से गोकुलवासियों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत को उंगली पर उठाने वाले श्रीकृष्ण गिरिधर कहलाए।

उदाहरण: "भक्त शिरोमणि मीराबाई ने श्रीकृष्ण को अपना सर्वस्व मानकर कहा कि "मेरे तो गिरिधर गोपाल, दूसरो न कोई"।"
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बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 11-12
#damodar

दामोदर

Damodar (Daam se bandha tha udar jiska arthat Krishna)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)दाम (रस्सी) से बंधा था उदर (पेट) जिसका अर्थात् बालकृष्ण

व्याकरण तर्क: यशोदा माता द्वारा नटखट बालकृष्ण को ओखल से रस्सी द्वारा बांधे जाने की लीला के कारण उनका नाम दामोदर पड़ा।

उदाहरण: "कार्तिक मास में वैष्णव भक्त दामोदर अष्टकम का गायन कर भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का स्मरण करते हैं।"
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बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#chakradhar

चक्रधर

Chakradhar (Chakra ko dharan karne wale arthat Vishnu)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)चक्र को धारण करने वाले हैं जो अर्थात् भगवान विष्णु

व्याकरण तर्क: सुदर्शन चक्र को अपनी उंगली पर धारण करने वाले श्रीहरि विष्णु को चक्रधर कहा जाता है।

उदाहरण: "महाभारत के युद्ध में चक्रधर श्रीकृष्ण ने शस्त्र न उठाने की अपनी प्रतिज्ञा भी धर्म की रक्षा में तोड़ी।"
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बहुव्रीहि समासव्यधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#padmanabh

पद्मनाभ

Padmanabh (Padma hai naabhi mein jiske arthat Vishnu)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)पद्म (कमल) है नाभि में जिसके अर्थात् भगवान विष्णु

व्याकरण तर्क: जिनकी नाभि से सृष्टि-सर्जक ब्रह्मा का कमल प्रस्फुटित होता है, वे भगवान विष्णु पद्मनाभ कहलाते हैं।

उदाहरण: "केरल के तिरुवनंतपुरम में स्थित श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर भारत के सर्वाधिक भव्य और समृद्ध मंदिरों में से एक है।"
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बहुव्रीहि समासव्यधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 11-12
#garuddhwaj

गरुड़ध्वज

Garuddhwaj (Garud hai dhwaj par jiske arthat Vishnu)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)गरुड़ है ध्वज (पताका) पर जिसके अर्थात् भगवान विष्णु

व्याकरण तर्क: जिनके रथ की ध्वजा पर पक्षीराज गरुड़ का चिह्न अंकित है, वे भगवान श्रीहरि गरुड़ध्वज कहलाते हैं।

उदाहरण: "पौराणिक गाथाओं में भगवान गरुड़ध्वज को शरणागत-वत्सल और संकट-मोचन के रूप में नमन किया गया है।"
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बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 11-12
#janardan

जनार्दन

Janardan (Jan dwara yaachna par kripa karne wale arthat Vishnu)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)जन (भक्तों) द्वारा याचना करने पर फल देने वाले हैं जो अर्थात् भगवान विष्णु

व्याकरण तर्क: समस्त प्रजा की रक्षा करने और भक्तों के कष्ट हरने वाले भगवान विष्णु को जनार्दन कहा जाता है।

उदाहरण: "महाभारत के उद्योग पर्व में अर्जुन ने श्रीकृष्ण को जनार्दन कहकर मार्गदर्शन की प्रार्थना की थी।"
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बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#pankaj-bahuvrihi

पंकज

Pankaj (Pank mein janm leta hai jo arthat Kamal)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)पंक (कीचड़) में जन्म लेता है जो अर्थात् कमल का फूल

व्याकरण तर्क: कीचड़ में जन्म लेने वाला कोई भी कीट नहीं, बल्कि यह केवल पवित्र कमल के फूल का रूढ़ वाचक है।

उदाहरण: "सरोवर में खिले सुंदर पंकज को देखकर दर्शक प्रकृति के अनुपम सौंदर्य पर मुग्ध हो गए।"
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बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#jalaj-bahuvrihi

जलज

Jalaj (Jal mein janm leta hai jo arthat Kamal)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)जल में जन्म लेता है जो अर्थात् कमल

व्याकरण तर्क: जल में पैदा होने वाले सभी जीवों का नहीं, बल्कि केवल कमल के लिए रूढ़ अर्थ प्रकट करने से बहुव्रीहि समास है।

उदाहरण: "प्रातःकालीन सूर्य की किरणें पड़ते ही सरोवर के जलज खिलकर अपनी सुगंध फैलाने लगे।"
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बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 6-8
#lambodar

लंबोदर

Lambodar (Lamba hai Udar jiska arthat Ganesh)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)लंबा है उदर (पेट) जिसका अर्थात् भगवान श्री गणेश

व्याकरण तर्क: न "लंबा" पद प्रधान है और न "उदर" पद; दोनों मिलकर तीसरे विशेष व्यक्ति भगवान गणेश की ओर संकेत करते हैं।

उदाहरण: "किसी भी शुभ कार्य के आरंभ में प्रथम पूज्य देव लंबोदर की स्तुति और आराधना की जाती है।"
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बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 6-8
#gajanan

गजानन

Gajanan (Gaj ke saman aanan hai jiska arthat Ganesh)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)गज (हाथी) के समान आनन (मुख) है जिसका अर्थात् भगवान गणेश

व्याकरण तर्क: गजमुख धारण करने के कारण भगवान गणेश को गजानन कहा जाता है; यह तीसरे व्यक्ति का रूढ़ नाम है।

उदाहरण: "गणेशोत्सव के महापर्व पर संपूर्ण महाराष्ट्र में गणपति बप्पा गजानन के जयकारों की गूंज सुनाई देती है।"
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बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#ekdant

एकदंत

Ekdant (Ek hai dant jiska arthat Ganesh)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)एक है दंत (दांत) जिसका अर्थात् भगवान गणेश

व्याकरण तर्क: परशुराम जी के साथ युद्ध में एक दांत टूटने के बाद से भगवान गणेश को एकदंत के नाम से जाना जाता है।

उदाहरण: "आरती में भक्तगण भावविभोर होकर गाते हैं: "एकदंत दयावंत चार भुजाधारी, माथे सिंदूर सोहे मूसे की सवारी"।"
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बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#vakratunda

वक्रतुंड

Vakratunda (Vakra hai tund jiski arthat Ganesh)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)वक्र (घूमी हुई) है तुंड (सूंड) जिसकी अर्थात् भगवान गणेश

व्याकरण तर्क: वक्र सूंड से सुशोभित भगवान गणेश का यह प्रसिद्ध पौराणिक ध्यान-मंत्र का रूढ़ वाचक है।

उदाहरण: ""वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ" श्लोक का उच्चारण कर भक्त अपने विघ्नों के निवारण की प्रार्थना करते हैं।"
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बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#shadanana

षडानन

Shadanana (Shat hain aanan jiske arthat Kartikeya)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)षट् (छह) हैं आनन (मुख) जिसके अर्थात् कार्तिकेय (शिव-पुत्र)

व्याकरण तर्क: छह मुख होने के कारण देव-सेनापति कार्तिकेय को षडानन अथवा षन्मुख कहा जाता है।

उदाहरण: "तारकासुर के संहार हेतु देव-सेनापति भगवान षडानन ने अपनी अमोघ शक्ति का प्रयोग किया।"
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बहुव्रीहि समासव्यधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 6-8
#veenapani

वीणापाणि

Veenapani (Veena hai Paani mein jiske arthat Saraswati)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)वीणा है पाणि (हाथ) में जिसके अर्थात् माँ सरस्वती (विद्या की देवी)

व्याकरण तर्क: हाथ में वीणा धारण करने वाली विद्या एवं संगीत की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती का रूढ़ नाम है।

उदाहरण: "बसंत पंचमी के पावन उत्सव पर सभी विद्यालयों में माँ वीणापाणि की वंदना कर विद्या का आशीर्वाद लिया जाता है।"
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#veenavadini

वीणावादिनी

Veenavadini (Veena ka vaadan karne wali arthat Saraswati)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)वीणा का वादन करने वाली हैं जो अर्थात् माँ सरस्वती

व्याकरण तर्क: सूर्यकांत त्रिपाठी "निराला" की प्रसिद्ध कविता "वर दे वीणावादिनी वर दे" माँ सरस्वती को समर्पित है।

उदाहरण: "महाकवि निराला ने माँ वीणावादिनी से भारतवर्ष में नव-ज्योति और स्वतंत्रता का अमृत भरने की प्रार्थना की थी।"
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बहुव्रीहि समासव्यधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#padmasana

पद्मासना

Padmasana (Padma hai aasan jiska arthat Lakshmi)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)पद्म (कमल) है आसन जिसका अर्थात् माँ लक्ष्मी / सरस्वती

व्याकरण तर्क: कमल के पुष्प पर विराजमान होने के कारण देवी लक्ष्मी को पद्मासना कहा जाता है।

उदाहरण: "दीपावली के पूजन में धन-धान्य और समृद्धि की कामना से पद्मासना देवी महालक्ष्मी की अर्चना की जाती है।"
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बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#ashtabhuja

अष्टभुजा

Ashtabhuja (Aath hain bhujaayein jiski arthat Durga)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)आठ हैं भुजाएं जिसकी अर्थात् माँ दुर्गा

व्याकरण तर्क: आठ भुजाओं में विभिन्न अस्त्र-शस्त्र धारण कर दुष्टों का संहार करने वाली माँ दुर्गा का रूढ़ नाम है।

उदाहरण: "विंध्याचल पर्वत पर माँ अष्टभुजा देवी का प्राचीन शक्तिपीठ श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूरी करता है।"
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बहुव्रीहि समासव्यधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 6-8
#simhavahini

सिंहवाहिनी

Simhavahini (Simha hai vaahan jiska arthat Durga)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)सिंह है वाहन जिसका अर्थात् माँ भगवती दुर्गा

व्याकरण तर्क: सिंह पर सवारी करने वाली आदिशक्ति माँ दुर्गा को सिंहवाहिनी कहा जाता है।

उदाहरण: "महिषासुर के अत्याचारों का अंत करने के लिए माँ सिंहवाहिनी ने विकराल रूप धारण किया।"
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बहुव्रीहि समासव्यधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#hansavahini

हंसवाहिनी

Hansavahini (Hansa hai vaahan jiska arthat Saraswati)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)हंस है वाहन जिसका अर्थात् माँ सरस्वती

व्याकरण तर्क: पवित्र हंस को अपना वाहन बनाने वाली ज्ञान की देवी माँ सरस्वती का रूढ़ नाम है।

उदाहरण: "कला और साहित्य के साधक माँ हंसवाहिनी के चरणों में शीश नवाकर अपनी रचनाएं प्रारंभ करते हैं।"
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#dinkar

दिनकर

Dinkar (Din ko karne wale arthat Surya)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)दिन को करने वाले हैं जो अर्थात् सूर्य देव

व्याकरण तर्क: जो प्रभात में उदित होकर दिन का निर्माण करते हैं, वे सूर्य भगवान दिनकर कहलाते हैं।

उदाहरण: "पूर्व दिशा से दिनकर के उदित होते ही रात्रि का अंधकार स्वतः विलीन हो गया।"
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बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#divakar

दिवाकर

Divakar (Diva ko karne wale arthat Surya)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)दिवा (प्रकाश/दिन) को करने वाले हैं जो अर्थात् सूर्य

व्याकरण तर्क: संसार में प्रकाश और जीवन ऊर्जा का संचार करने वाले सूर्य देव का रूढ़ पर्यायवाची है।

उदाहरण: "ऋग्वेद के गायत्री मंत्र में भगवान दिवाकर के परम तेजस्वी स्वरूप का ध्यान किया गया है।"
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बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 6-8
#pawanputra

पवनपुत्र

Pawanputra (Pawan ke putra arthat Hanuman)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)पवन (वायु देव) के पुत्र हैं जो अर्थात् श्री हनुमान

व्याकरण तर्क: वायुदेव के अंश से उत्पन्न होने के कारण महावीर हनुमान जी को पवनपुत्र कहा जाता है।

उदाहरण: "माता सीता की खोज में पवनपुत्र हनुमान ने एक ही छलांग में विशाल समुद्र पार कर लिया।"
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बहुव्रीहि समासव्यधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#vajrapani

वज्रपाणि

Vajrapani (Vajra hai Paani mein jiske arthat Indra)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)वज्र है पाणि (हाथ) में जिसके अर्थात् देवराज इंद्र

व्याकरण तर्क: दधीचि की अस्थियों से बने वज्र को हाथ में धारण करने वाले देवराज इंद्र का रूढ़ नाम है।

उदाहरण: "वृत्रासुर के आतंक से मुक्ति दिलाने के लिए देवराज वज्रपाणि ने अपने अमोघ वज्र से प्रहार किया।"
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बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 11-12
#sahastraksha

सहस्राक्ष

Sahastraksha (Sahastra hain akshiyan jiski arthat Indra)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)सहस्र (हजार) हैं अक्षियां (आंखें) जिसकी अर्थात् देवराज इंद्र

व्याकरण तर्क: गौतम ऋषि के शाप के रूपांतरण से सहस्र नेत्र धारण करने वाले इंद्र का पौराणिक विशेषण है।

उदाहरण: "पौराणिक कथाओं में स्वर्ग के स्वामी सहस्राक्ष इंद्र के वैभव और शक्ति का विशद वर्णन मिलता है।"
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बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 11-12
#hutashan

हुताशन

Hutashan (Hut ka ashan karne wali arthat Agni)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)हुत (हवि/आहुति) का अशन (भक्षण) करने वाली है जो अर्थात् अग्नि देव

व्याकरण तर्क: यज्ञ में अर्पित हविष्य का भक्षण कर देवताओं तक पहुंचाने वाली अग्नि को हुताशन कहा जाता है।

उदाहरण: "वैदिक यज्ञ में ऋषियों ने वेदमंत्रों के सस्वर उच्चारण के साथ हुताशन को घी और अन्न की आहुतियां समर्पित कीं।"
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बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#paawak

पावक

Paawak (Pavitra karne wali arthat Agni)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)पवित्र (पावन) करने वाली है जो अर्थात् अग्नि

व्याकरण तर्क: जो संपर्क में आने वाले प्रत्येक पदार्थ को भस्म कर शुद्ध कर देती है, वह पावक (अग्नि) है।

उदाहरण: "सोने की शुद्धता की परीक्षा के लिए उसे पावक की धधकती ज्वालाओं में तपाया जाता है।"
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बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 6-8
#dashanana

दशानन

Dashanana (Das hain Aanan jiske arthat Ravana)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)दस हैं आनन (मुख) जिसके अर्थात् लंकापति रावण

व्याकरण तर्क: यद्यपि पूर्व पद "दस" संख्या है, किंतु समस्त पद किसी समूह का नहीं, बल्कि तीसरे विशेष व्यक्ति (रावण) का रूढ़ नाम है।

उदाहरण: "अहंकार और अधर्म के कारण दशानन का समस्त पराक्रम और विशाल साम्राज्य नष्ट हो गया।"
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बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#meghnaad

मेघनाद

Meghnaad (Megh ke saman naad hai jiski arthat Indrajit)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)मेघ (बादल) के समान नाद (गर्जना) है जिसकी अर्थात् रावण-पुत्र इंद्रजीत

व्याकरण तर्क: जन्म लेते ही मेघ के समान भयंकर गर्जना करने के कारण रावण के ज्येष्ठ पुत्र का नाम मेघनाद पड़ा।

उदाहरण: "मायावी युद्ध में पारंगत वीर मेघनाद ने अपनी गर्जना से वानर सेना में भय उत्पन्न कर दिया था।"
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बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 6-8
#kumbhakarna

कुंभकर्ण

Kumbhakarna (Kumbh ke saman karn hain jiske arthat Kumbhakarna)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)कुंभ (घड़े) के समान कर्ण (कान) हैं जिसके अर्थात् रावण का अनुज

व्याकरण तर्क: घड़े जैसे विशाल कानों वाले महाबली राक्षस कुंभकर्ण का रूढ़ नाम है।

उदाहरण: "छह महीने तक निरंतर गहरी नींद में सोने वाला कुंभकर्ण युद्ध के विकट समय में जगाया गया।"
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बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#panchanan

पंचानन

Panchanan (Paanch hain aanan jiske arthat Shiva / Singh)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)पाँच हैं आनन (मुख) जिसके अर्थात् भगवान शिव अथवा सिंह

व्याकरण तर्क: पाँच मुखों वाले शिव जी अथवा चौड़े मुख वाले सिंह के रूढ़ अर्थ में बहुव्रीहि समास है।

उदाहरण: "शास्त्रों में सदाशिव के पंचानन स्वरूप के पाँचों मुखों (सद्योजात, वामदेव, अघोर, तत्पुरुष, ईशान) का ध्यान किया गया है।"
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बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 6-8
#nishachar

निशाचर

Nishachar (Nisha mein vicharan karta hai jo arthat Rakshas)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)निशा (रात) में विचरण करता है जो अर्थात् राक्षस अथवा उल्लू

व्याकरण तर्क: रात में सक्रिय रहने वाले हिंसक राक्षस अथवा उल्लू के लिए रूढ़ अर्थ प्रकट करता है।

उदाहरण: "प्राचीन काल में दंडकारण्य में निशाचर राक्षस ऋषियों के यज्ञ-अनुष्ठानों में विघ्न डालते थे।"
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#ananga

अनंग

Ananga (Angon se rahit hai jo arthat Kamadeva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)अंगों से रहित (बिना शरीर का) है जो अर्थात् कामदेव

व्याकरण तर्क: शिव जी के तीसरे नेत्र की ज्वाला में भस्म होने के बाद बिना शरीर के मन में वास करने वाले कामदेव का नाम अनंग पड़ा।

उदाहरण: "वसंत ऋतु के आते ही प्रकृति में अनंग के प्रेम-बाणों का प्रभाव सर्वत्र दिखाई देने लगता है।"
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#manmath

मन्मथ

Manmath (Man ko mathne wala arthat Kamadeva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)मन को मथने वाला है जो अर्थात् कामदेव

व्याकरण तर्क: मानव मन में प्रेम और आकर्षण का मंथन करने वाले प्रेम के देवता कामदेव का रूढ़ नाम है।

उदाहरण: "काव्यशास्त्र में श्रृंगार रस के स्थायी भाव रति के अधिष्ठाता देवता के रूप में मन्मथ की कल्पना की गई है।"
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#chaturanan

चतुरानन

Chaturanan (Chaar hain aanan jiske arthat Brahma)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)चार हैं आनन (मुख) जिसके अर्थात् सृष्टि-रचयिता ब्रह्मा जी

व्याकरण तर्क: चार मुखों से चारों वेदों का उच्चारण करने वाले सृष्टि-सर्जक ब्रह्मा जी का रूढ़ नाम है।

उदाहरण: "कमलासन पर विराजमान भगवान चतुरानन ने वेदों के दिव्य ज्ञान से संपूर्ण सृष्टि की रचना की।"
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#patitpawan

पतितपावन

Patitpawan (Patiton ko pawan karne wale arthat Ram/Ishwar)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)पतितों (पापियों/दीनों) को पावन (पवित्र) करने वाले हैं जो अर्थात् परमात्मा / श्रीराम

व्याकरण तर्क: दीन-दुखियों और पापियों का उद्धार कर उन्हें पवित्र करने वाले परमपिता परमेश्वर या श्रीराम का रूढ़ बोध कराता है।

उदाहरण: ""रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीता राम" धुन भारत के जन-जन में पूजनीय और प्रिय है।"
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#trilokinath

त्रिलोकीनाथ

Trilokinath (Teeno lokon ke nath arthat Ishwar)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)तीनों लोकों के नाथ (स्वामी) हैं जो अर्थात् परमात्मा / भगवान विष्णु

व्याकरण तर्क: आकाश, पाताल और पृथ्वी के एकछत्र स्वामी परमात्मा का रूढ़ वाचक है।

उदाहरण: "दीन-हीन सुदामा की निष्कपट मित्रता देखकर त्रिलोकीनाथ श्रीकृष्ण ने अपने दोनों हाथ उनके चरणों में रख दिए।"
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#vishdhar

विषधर

Vishdhar (Vish ko dharan karne wala arthat Saanp)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)विष को धारण करने वाला है जो अर्थात् सर्प (सांप)

व्याकरण तर्क: विष को धारण करने वाले अन्य किसी पात्र का नहीं, बल्कि विषैले सर्प का रूढ़ बोध कराता है।

उदाहरण: "पुराने खंडहर के पत्थरों के बीच एक विशाल विषधर कुंडली मारकर बैठा हुआ था।"
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#mrigendra

मृगेंद्र

Mrigendra (Mrigon ka indra arthat Singh)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)मृगों (पशुओं) का इंद्र (राजा) है जो अर्थात् सिंह (शेर)

व्याकरण तर्क: जंगल के समस्त पशुओं का राजा होने के कारण सिंह को मृगेंद्र कहा जाता है।

उदाहरण: "वन का मृगेंद्र अपनी गुफा से बाहर निकलकर चट्टान पर बैठ अपनी राजसी गर्जना करने लगा।"
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#shakhamrig

शाखामृग

Shakhamrig (Shakhaon ka mrig arthat Bandar)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)शाखाओं (डालियों) का मृग (पशु) है जो अर्थात् वानर (बंदर)

व्याकरण तर्क: पेड़ों की डालियों पर हिरण के समान कुलांचे भरने वाले बंदर के लिए यह शब्द रूढ़ है।

उदाहरण: "विशाल बरगद के वृक्ष पर शाखामृगों का एक चंचल झुंड फलों को तोड़-तोड़कर गिरा रहा था।"
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#barahsingha

बारहसिंगा

Barahsingha (Barah hain seeng jiske arthat Hiran vishesh)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)बारह हैं सींग जिसके अर्थात् एक विशेष प्रजाति का हिरण

व्याकरण तर्क: बारह शाखाओं वाले सींगों वाले एक दुर्लभ दलदली हिरण (स्वाम्प डियर) का रूढ़ वाचक है।

उदाहरण: "कान्हा राष्ट्रीय उद्यान में दुर्लभ बारहसिंगा हिरणों के संरक्षण हेतु विशेष प्रबंध किए गए हैं।"
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#kanphata

कनफटा

Kanphata (Kaan hain phate hue jiske arthat Nath-panthi Sadhu)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)कान हैं फटे (छिदे) हुए जिसके अर्थात् एक विशेष नाथपंथी साधु

व्याकरण तर्क: गोरखनाथ संप्रदाय के उन योगियों का रूढ़ बोध कराता है जो दीक्षा के समय कानों को छिदवाकर कुंडल पहनते हैं।

उदाहरण: "गांव के बाहर कुटिया में एक कनफटा जोगी अपनी सारंगी पर गोरख-वाणी के पद गा रहा था।"
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#anshumaalee

अंशुमाली

Anshumaalee (Anshu hain maala jiski - Surya)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)अंशु (किरणें) हैं माला जिसकी अर्थात् सूर्य देव

व्याकरण तर्क: दोनों पदों में से कोई भी प्रधान नहीं है, अपितु दोनों मिलकर तीसरे अन्य पद "सूर्य" की ओर संकेत करते हैं।

उदाहरण: "प्रातःकाल पूर्व दिशा में अंशुमाली के उदित होते ही अंधकार छंट गया।"
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#makaradhwaja

मकरध्वज

Makaradhwaja (Makar hai dhwaja par jiske - Kamadeva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)मकर (मगरमच्छ) है ध्वज पर जिसके अर्थात् कामदेव

व्याकरण तर्क: पूर्व और उत्तर दोनों पद मिलकर कामदेव (प्रेम के देवता) की ओर विशिष्ट संकेत करते हैं।

उदाहरण: "वसंत ऋतु के आगमन के साथ ही मकरध्वज अपने पुष्प-बाणों से प्रकृति में उल्लास भर देते हैं।"
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#meenaketu

मीनकेतु

Meenaketu (Meen hai ketu par jiske - Kamadeva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)मीन (मछली) है केतु (ध्वज) पर जिसके अर्थात् कामदेव

व्याकरण तर्क: दोनों पद गौण होकर तीसरे अन्य पद कामदेव का बोध कराते हैं।

उदाहरण: "प्राचीन संस्कृत काव्यों में मीनकेतु के प्रभाव का बड़ा ही चित्ताकर्षक वर्णन प्राप्त होता है।"
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#chandramauli

चंद्रमौली

Chandramauli (Chandrama hai mauli par jiske - Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)चंद्रमा है मौलि (मस्तक) पर जिसके अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: पूर्व पद "चंद्र" और उत्तर पद "मौली" मिलकर अन्य पद भगवान शिव का बोध कराते हैं।

उदाहरण: "देवाधिदेव चंद्रमौली की आराधना से साधक के सभी संताप शांत हो जाते हैं।"
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#bhalachandra

भालचंद्र

Bhalachandra (Bhal par hai chandra jiske - Shiva/Ganesh)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)भाल (माथे) पर है चंद्रमा जिसके अर्थात् भगवान शिव / श्रीगणेश

व्याकरण तर्क: दोनों पद मिलकर मस्तक पर चंद्रमा धारण करने वाले विशिष्ट देव (शिव अथवा गणेश) का बोध कराते हैं।

उदाहरण: "संकटनाशन स्तोत्र में प्रथम पूज्य श्रीगणेश के भालचंद्र स्वरूप की वंदना की गई है।"
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#umapatee

उमापति

Umapatee (Uma ke pati hain jo - Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)उमा (पार्वती) के पति हैं जो अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: दोनों पद मिलकर पार्वती जी के पति भगवान शिव की ओर संकेत करते हैं।

उदाहरण: "भक्तजन कैलाश पर्वत पर ध्यानस्थ उमापति के पावन स्वरूप का ध्यान करते हैं।"
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#shashishekhara

शशिशेखर

Shashishekhara (Shashi hai shikhar par jiske - Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)शशि (चंद्रमा) है शिखर (सिर) पर जिसके अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: दोनों पद मिलकर भगवान शिव की ओर लक्षणा से संकेत करते हैं।

उदाहरण: "महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर श्रद्धालु शशिशेखर महादेव के जयकारे लगाते हैं।"
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#vyomakesha

व्योमकेश

Vyomakesha (Vyom hai kesh jiske - Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)व्योम (आकाश) ही है केश (बाल) जिसके अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: आकाश रूपी जटाओं को धारण करने वाले तीसरे अन्य पद भगवान शिव का बोध होता है।

उदाहरण: "दिगंबर और व्योमकेश रूप में भगवान शिव सृष्टि के असीम विस्तार का प्रतिनिधित्व करते हैं।"
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#nataraja

नटराज

Nataraja (Naton ke raja hain jo - Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)नटों (नृत्यकारों) के राजा हैं जो अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: तांडव नृत्य के अधिष्ठाता होने के कारण यह उपाधि भगवान शिव के लिए रूढ़ है।

उदाहरण: "चिदंबरम मंदिर में भगवान नटराज की तांडव मुद्रा की विश्वप्रसिद्ध कांस्य प्रतिमा स्थापित है।"
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#vageesha

वागीश

Vageesha (Vaak ke eesh hain jo - Brahma/Brihaspati)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)वाक् (वाणी) के ईश (स्वामी) हैं जो अर्थात् ब्रह्मा जी / बृहस्पति

व्याकरण तर्क: दोनों पद मिलकर वाणी के अधिष्ठाता देव ब्रह्मा अथवा देवगुरु बृहस्पति की ओर संकेत करते हैं।

उदाहरण: "ज्ञान और वक्तृत्व कला में निपुणता प्राप्त करने हेतु साधक वागीश की स्तुति करते हैं।"
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#kamalasana

कमलासन

Kamalasana (Kamal hai aasan jiska - Brahma)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)कमल है आसन जिसका अर्थात् ब्रह्मा जी

व्याकरण तर्क: दोनों पद मिलकर कमल पुष्प पर आसीन सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी का बोध कराते हैं।

उदाहरण: "सृष्टि के आरंभ में भगवान विष्णु की नाभि से निकले कमल पर कमलासन प्रकट हुए।"
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#hiranyagarbha

हिरण्यगर्भ

Hiranyagarbha (Hiranya hai garbha jiska - Brahma)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)हिरण्य (सुवर्णमय) है गर्भ जिसका अर्थात् ब्रह्मा जी / आदिपुरुष

व्याकरण तर्क: दोनों पद मिलकर ब्रह्मांड के मूल कारण सुवर्णमय अंड से उत्पन्न आदिदेव ब्रह्मा का संकेत करते हैं।

उदाहरण: "ऋग्वेद के प्रसिद्ध हिरण्यगर्भ सूक्त में ब्रह्मांड की उत्पत्ति का गूढ़ दार्शनिक वर्णन है।"
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#peetambaradharee

पीतांबरधारी

Peetambaradharee (Peela vastra dharan karne wale - Krishna)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)पीतांबर (पीले वस्त्र) को धारण करने वाले हैं जो अर्थात् श्रीकृष्ण

व्याकरण तर्क: पीले वस्त्र धारण करने वाले विशिष्ट रूप में श्रीकृष्ण/भगवान विष्णु का बोध होता है।

उदाहरण: "मुरली मनोहर पीतांबरधारी श्रीकृष्ण की छवि भक्तों के नयनों को असीम आनंद देती है।"
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#radharamana

राधारमण

Radharamana (Radha ke sath raman karne wale - Krishna)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)राधा के साथ रमण करने वाले हैं जो अर्थात् श्रीकृष्ण

व्याकरण तर्क: दोनों पद मिलकर तीसरे अन्य पद भगवान श्रीकृष्ण की ओर संकेत करते हैं।

उदाहरण: "वृंदावन के प्राचीन राधारमण मंदिर में ठाकुर जी की दिव्य सेवा विधिपूर्वक संपन्न होती है।"
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#kansari

कंसारि

Kansari (Kansa ke ari hain jo - Krishna)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)कंस के अरि (शत्रु) हैं जो अर्थात् श्रीकृष्ण

व्याकरण तर्क: अत्याचारी कंस का संहार करने वाले तीसरे अन्य पद भगवान श्रीकृष्ण का बोध होता है।

उदाहरण: "कंसारि भगवान श्रीकृष्ण ने मथुरावासियों को कंस के अत्याचारों से मुक्ति दिलाई।"
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#vasudeva

वासुदेव

Vasudeva (Vasudev ke putra - Krishna)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)वसुदेव के पुत्र हैं जो अर्थात् श्रीकृष्ण

व्याकरण तर्क: वसुदेव के सुपुत्र होने के कारण यह संज्ञा भगवान श्रीकृष्ण के लिए रूढ़ है।

उदाहरण: "श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान वासुदेव ने निष्काम कर्मयोग का सार्वभौमिक संदेश दिया।"
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#haladhara

हलधर

Haladhara (Hal ko dharan karne wale - Balaram)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)हल को धारण करने वाले हैं जो अर्थात् बलराम

व्याकरण तर्क: हल को शस्त्र रूप में धारण करने वाले तीसरे अन्य पद बलराम जी का बोध होता है।

उदाहरण: "महाबली हलधर बलराम ने महाभारत काल में द्वंद्व युद्ध की शिक्षा भीम और दुर्योधन दोनों को दी थी।"
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#madanmohana

मदनमोहन

Madanmohana (Madan ko mohit karne wale - Krishna)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)मदन (कामदेव) को भी मोहित करने वाले हैं जो अर्थात् श्रीकृष्ण

व्याकरण तर्क: कामदेव के अभिमान को भंग कर उसे भी अपनी सुंदरता से मोहित करने वाले श्रीकृष्ण का बोध होता है।

उदाहरण: "ब्रजभूमि में भक्त मदनमोहन के मनोहारी बाल स्वरूप की प्रेमाभक्ति में मग्न रहते हैं।"
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#gopinatha

गोपीनाथ

Gopinatha (Gopiyon ke nath - Krishna)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)गोपियों के नाथ (स्वामी) हैं जो अर्थात् श्रीकृष्ण

व्याकरण तर्क: दोनों पद मिलकर गोपियों के परम आराध्य भगवान श्रीकृष्ण की ओर विशिष्ट संकेत करते हैं।

उदाहरण: "शरद पूर्णिमा की चांदनी रात में गोपीनाथ ने यमुना तट पर महारास रचाया था।"
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#kaushalyanandana

कौशल्यानंदन

Kaushalyanandana (Kaushalya ke nandan - Rama)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)कौशल्या के नंदन (आनंददाता/पुत्र) हैं जो अर्थात् मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम

व्याकरण तर्क: दोनों पद मिलकर माता कौशल्या के ज्येष्ठ पुत्र भगवान श्रीराम का बोध कराते हैं।

उदाहरण: "चौदह वर्षों के वनवास के पश्चात कौशल्यानंदन श्रीराम के अयोध्या लौटने पर दीपोत्सव मनाया गया।"
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#raghupatee

रघुपति

Raghupatee (Raghu kul ke pati - Rama)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)रघु कुल के पति (स्वामी) हैं जो अर्थात् श्रीराम

व्याकरण तर्क: रघुकुल के शिरोमणि के रूप में यह पद भगवान श्रीराम के लिए रूढ़ है।

उदाहरण: "रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीता राम की धुन बापू को अत्यंत प्रिय थी।"
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#janakeenatha

जानकीनाथ

Janakeenatha (Janaki ke nath - Rama)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)जानकी (सीता) के नाथ (स्वामी) हैं जो अर्थात् श्रीराम

व्याकरण तर्क: दोनों पद मिलकर माता सीता के पति मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का बोध कराते हैं।

उदाहरण: "भक्त शिरोमणि तुलसीदास जी ने सदैव जानकीनाथ प्रभु राम के चरणों में अपनी निष्ठा व्यक्त की।"
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#kharari

खरारि

Kharari (Khara ke ari - Rama)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)खर (राक्षस) के अरि (शत्रु) हैं जो अर्थात् श्रीराम

व्याकरण तर्क: दंडकारण्य में खर-दूषण का वध करने वाले तीसरे अन्य पद भगवान श्रीराम का बोध होता है।

उदाहरण: "पंचवटी में खरारि श्रीराम ने ऋषियों-मुनियों को राक्षसों के आतंक से अभयदान दिया।"
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#lankapati

लंकापति

Lankapati (Lanka ke pati - Ravana)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)लंका के पति (राजा) हैं जो अर्थात् रावण

व्याकरण तर्क: दोनों पद मिलकर स्वर्ण लंका के शासक रावण की ओर संकेत करते हैं।

उदाहरण: "अहंकार के वशीभूत होकर लंकापति रावण ने नीति और धर्म की समस्त मर्यादाओं को भंग कर दिया।"
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#dashagreeva

दशग्रीव

Dashagreeva (Das hain greevaayein jiski - Ravana)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)दस हैं ग्रीवाएं (गर्दनें) जिसकी अर्थात् रावण

व्याकरण तर्क: दस गर्दनों/मुखों वाले तीसरे अन्य पद लंकाधिपति रावण का बोध होता है।

उदाहरण: "महापराक्रमी दशग्रीव को अपने बाहुबल और शिवभक्ति पर अपार गर्व था।"
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#maarutee

मारुति

Maarutee (Marut ke putra - Hanuman)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)मरुत (पवन) के पुत्र हैं जो अर्थात् हनुमान जी

व्याकरण तर्क: पवनदेव के तेज से उत्पन्न होने के कारण यह उपाधि हनुमान जी के लिए रूढ़ है।

उदाहरण: "संकटमोचन मारुति नंदन हनुमान जी भक्तों के समस्त कष्टों का निवारण करते हैं।"
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#anjaneeputra

अंजनीपुत्र

Anjaneeputra (Anjani ke putra - Hanuman)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)अंजनी के पुत्र हैं जो अर्थात् हनुमान जी

व्याकरण तर्क: माता अंजनी के तेजस्वी सुपुत्र भगवान हनुमान जी का बोध कराने वाला बहुव्रीहि पद है।

उदाहरण: "अंजनीपुत्र हनुमान ने विशाल समुद्र को एक छलांग में लांघकर सीता जी की खोज की।"
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#sooryaputra

सूर्यपुत्र

Sooryaputra (Surya ke putra - Karna/Yamraj)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)सूर्य के पुत्र हैं जो अर्थात् कर्ण / यमराज / शनिदेव

व्याकरण तर्क: सूर्यदेव के तेज से उत्पन्न महादानी कर्ण अथवा धर्मराज यम का संकेत करने वाला बहुव्रीहि समास है।

उदाहरण: "महादानी सूर्यपुत्र कर्ण ने अपने कवच-कुंडल याचक बने इंद्र को दान में दे दिए।"
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#dhananjaya

धनंजय

Dhananjaya (Dhan ko jeetne wale - Arjuna)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)धन (दिग्विजय में संपत्ति) को जीतने वाले हैं जो अर्थात् अर्जुन

व्याकरण तर्क: राजसूय यज्ञ के लिए दिग्विजय कर धन जीतने वाले पांडुपुत्र अर्जुन का बोध होता है।

उदाहरण: "कुरुक्षेत्र के मैदान में भगवान श्रीकृष्ण ने विषादग्रस्त धनंजय को निष्काम कर्म का उपदेश दिया।"
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#gandeevadharee

गांडीवधारी

Gandeevadharee (Gandeeva dharan karne wale - Arjuna)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)गांडीव (दिव्य धनुष) को धारण करने वाले हैं जो अर्थात् अर्जुन

व्याकरण तर्क: अग्निदेव द्वारा प्रदत्त गांडीव धनुष चलाने वाले तीसरे अन्य पद अर्जुन का बोध होता है।

उदाहरण: "गांडीवधारी अर्जुन के बाणों की तीव्र वर्षा के समक्ष शत्रु सेना में हाहाकार मच गया।"
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#parthasarathi

पार्थसारथि

Parthasarathi (Partha ke sarathi - Krishna)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)पार्थ (अर्जुन) के सारथि हैं जो अर्थात् श्रीकृष्ण

व्याकरण तर्क: महाभारत के युद्ध में अर्जुन के रथ के सारथि बनने वाले भगवान श्रीकृष्ण का बोध होता है।

उदाहरण: "रथ की बागडोर थामे पार्थसारथि भगवान श्रीकृष्ण ने न्याय की विजय सुनिश्चित की।"
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#dharmaraja

धर्मराज

Dharmaraja (Dharma ke raja - Yudhishthira/Yama)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)धर्म के राजा हैं जो अर्थात् युधिष्ठिर / यमराज

व्याकरण तर्क: सत्य और न्याय की मर्यादा का पालन करने वाले ज्येष्ठ पांडव युधिष्ठिर अथवा यमराज का बोध होता है।

उदाहरण: "धर्मराज युधिष्ठिर ने जीवन के कठिनतम संकटों में भी कभी असत्य का मार्ग नहीं अपनाया।"
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#vrikodara

वृकोदर

Vrikodara (Vrik ke saman udar jiska - Bhima)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)वृक (भेड़िए) के समान उदर (जठराग्नि/पेट) है जिसका अर्थात् महाबली भीम

व्याकरण तर्क: तीव्र जठराग्नि और विशाल क्षुधा वाले द्वितीय पांडव भीमसेन के लिए यह पद रूढ़ है।

उदाहरण: "महाबली वृकोदर भीम ने अपने गदा प्रहार से दुर्योधन की जंघा तोड़कर प्रतिज्ञा पूरी की।"
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#shatakratu

शतक्रतु

Shatakratu (Sau yajna kiye hain jisne - Indra)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)सौ क्रतु (अश्वमेध यज्ञ) किए हैं जिसने अर्थात् देवराज इंद्र

व्याकरण तर्क: सौ महान अश्वमेध यज्ञ पूर्ण कर अमरावती का सिंहासन प्राप्त करने वाले देवराज इंद्र का बोध होता है।

उदाहरण: "इंद्र पद की प्राप्ति के लिए साधक को शतक्रतु बनना पड़ता है।"
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#amarapati

अमरपति

Amarapati (Amaron ke pati - Indra)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)अमरों (देवताओं) के पति (स्वामी) हैं जो अर्थात् देवराज इंद्र

व्याकरण तर्क: स्वर्गलोक के अमर देवताओं के अधिपति देवराज इंद्र का बोध कराने वाला बहुव्रीहि पद है।

उदाहरण: "असुरों के आक्रमण से भयभीत होकर देवता अपने स्वामी अमरपति इंद्र की शरण में पहुंचे।"
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#devaraja

देवराज

Devaraja (Devon ke raja - Indra)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)देवताओं के राजा हैं जो अर्थात् इंद्र

व्याकरण तर्क: देवताओं के शासक के रूप में यह पद देवराज इंद्र के लिए रूढ़ है।

उदाहरण: "देवराज इंद्र अपने प्रसिद्ध ऐरावत हाथी पर सवार होकर स्वर्ग की रक्षा करते हैं।"
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बहुव्रीहि समासउपपद बहुव्रीहि🎓 Class 11-12
#dhanada

धनद

Dhanada (Dhan ko dene wale - Kubera)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)धन को देने वाले हैं जो अर्थात् कुबेर

व्याकरण तर्क: धन और समृद्धियों के कोषाध्यक्ष देव कुबेर का बोध कराने वाला बहुव्रीहि समास है।

उदाहरण: "उत्तर दिशा के दिक्पाल और धन के स्वामी धनद कुबेर की कृपा से व्यापार में समृद्धि आती है।"
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#yaksharaja

यक्षराज

Yaksharaja (Yakshon ke raja - Kubera)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)यक्षों के राजा हैं जो अर्थात् कुबेर

व्याकरण तर्क: अलकापुरी के अधिपति और यक्षों के अधिराज कुबेर का बोध होता है।

उदाहरण: "महाकवि कालिदास के मेघदूत में यक्षराज कुबेर द्वारा शापित विरही यक्ष की मार्मिक गाथा है।"
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#shailasuta

शैलसुता

Shailasuta (Shaila ki suta - Parvati)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)शैल (हिमालय) की सुता (पुत्री) हैं जो अर्थात् माता पार्वती

व्याकरण तर्क: पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण यह उपाधि भगवती पार्वती के लिए रूढ़ है।

उदाहरण: "शैलसुता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए घोर तपस्या की थी।"
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#girija

गिरिजा

Girija (Giri se utpanna - Parvati)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)गिरि (पर्वत) से उत्पन्न हुई हैं जो अर्थात् माता पार्वती

व्याकरण तर्क: हिमालय पर्वत से जन्म लेने के कारण देवी पार्वती को गिरिजा कहा जाता है।

उदाहरण: "गोस्वामी तुलसीदास जी ने रामचरितमानस में गिरिजा पूजन के अत्यंत रमणीय प्रसंग का वर्णन किया है।"
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#patajhad-bahuvrihi

पतझड़

Patajhad (Jhadte hain patte jis ritu mein - Autumn)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)झड़ते हैं पत्ते जिस ऋतु में अर्थात् एक विशेष ऋतु (हेमंत/शिशिर)

व्याकरण तर्क: वृक्षों के पत्ते झड़ने की क्रिया से एक विशिष्ट मौसम/ऋतु (शरद-शिशिर) का बोध होता है।

उदाहरण: "पतझड़ के समाप्त होते ही बसंत के सुहावने मौसम का आगमन होता है।"
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#jitendriya

जितेंद्रिय

Jitendriya (Jeet li hain indriyan jisne - Sanyasi)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)जीत ली हैं इंद्रियां जिसने अर्थात् संयमी / संन्यासी व्यक्ति

व्याकरण तर्क: दोनों पद मिलकर अपनी समस्त ज्ञानेंद्रियों पर पूर्ण संयम रखने वाले प्रबुद्ध साधक का बोध कराते हैं।

उदाहरण: "एक जितेंद्रिय साधु सुख और दुख की परिस्थितियों में सर्वदा अविचल और शांत रहता है।"
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#kritakarya

कृतकार्य

Kritakarya (Krit kar liya hai karya jisne - Safal vyakti)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)कृत (सिद्ध) कर लिया है कार्य जिसने अर्थात् सफल व्यक्ति

व्याकरण तर्क: दोनों पद मिलकर अपने अभीष्ट उद्देश्य को सफलतापूर्वक सिद्ध कर चुके व्यक्ति की ओर संकेत करते हैं।

उदाहरण: "मिशन पूरा करके जब वैज्ञानिक वापस लौटे, तो देशवासियों ने कृतकार्य टीम का भव्य अभिनंदन किया।"
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#sulochana

सुलोचना

Sulochana (Sundar hain lochan jiske - Meghnada's wife)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)सुंदर हैं लोचन (नेत्र) जिसके अर्थात् एक विशिष्ट पतिव्रता स्त्री (मेघनाद की पत्नी)

व्याकरण तर्क: सुंदर नेत्रों वाली स्त्री अथवा पौराणिक संदर्भ में मेघनाद की सती पत्नी का बोध होता है।

उदाहरण: "रामायण में सुलोचना के सतीत्व और पातिव्रत्य धर्म की भूरि-भूरि प्रशंसा की गई है।"
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