बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#mrityunjay
Compound Word (Samasik Shabd) (सामासिक शब्द)

मृत्युंजय

Mrityunjay (Mrityu ko jeetne wale arthat Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)
मृत्यु को जीतने वाले हैं जो अर्थात् भगवान शिव

सामासिक पद: मृत्युंजय ➔ विग्रह रूप: मृत्यु को जीतने वाले हैं जो अर्थात् भगवान शिव

⚖️

Grammar Logic & Reason (व्याकरण तर्क व स्पष्टीकरण)

जिन्होंने काल और मृत्यु पर विजय प्राप्त कर ली है, वे देवाधिदेव शिव मृत्युंजय कहलाते हैं।

An epithet of Lord Shiva as the Conqueror of Death and the ultimate bestower of immortality.

Dominant Element (Pad Pradhanta) (पद प्रधानता)अन्य पद प्रधान (कोई पद प्रधान नहीं)
बहुव्रीहि समास नियम →
📝

Sentence Usage (वाक्य प्रयोग)

"ऋग्वेद का महामृत्युंजय मंत्र असाध्य रोगों और अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है।"

"The Mahamrityunjay mantra of the Rigveda is believed to liberate one from fatal illnesses and fear of untimely death."

EXAM PREPARATION Q&A

"मृत्युंजय" से संबंधित परीक्षा प्रश्नोत्तरी

"मृत्युंजय" का सही समास विग्रह क्या है?

"मृत्युंजय" का शुद्ध एवं प्रामाणिक समास विग्रह "मृत्यु को जीतने वाले हैं जो अर्थात् भगवान शिव" है।

"मृत्युंजय" में कौन-सा समास है?

"मृत्युंजय" में "बहुव्रीहि समास" है (उपभेद: समानाधिकरण बहुव्रीहि)। जिन्होंने काल और मृत्यु पर विजय प्राप्त कर ली है, वे देवाधिदेव शिव मृत्युंजय कहलाते हैं।

"मृत्युंजय" का वाक्य प्रयोग क्या है?

वाक्य प्रयोग: "ऋग्वेद का महामृत्युंजय मंत्र असाध्य रोगों और अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है।"

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#chandrashekhar

चंद्रशेखर

Chandrashekhar (Chandra hai Shikhar par jiske arthat Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)चंद्रमा है शिखर (मस्तक) पर जिसके अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: पूर्व पद "चंद्र" और उत्तर पद "शेखर" मिलकर तीसरे विशेष देवता देवाधिदेव महादेव शिव का बोध कराते हैं।

उदाहरण: "महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर श्रद्धालु भगवान चंद्रशेखर के ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक करते हैं।"
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#neelkanth

नीलकंठ

Neelkanth (Neela hai Kanth jiska arthat Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)नीला है कंठ जिसका अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: समुद्र मंथन से निकले कालकूट विष को कंठ में धारण करने के कारण भगवान शिव को नीलकंठ कहा जाता है।

उदाहरण: "संसार को विनाश से बचाने हेतु हलाहल विष पीकर देवाधिदेव महादेव नीलकंठ कहलाए।"
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#trilochan

त्रिलोचन

Trilochan (Teen hain Lochan jiske arthat Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)तीन हैं लोचन (नेत्र) जिसके अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: यद्यपि पहला पद "त्रि" संख्या है, किंतु समस्त पद किसी समूह का नहीं, बल्कि तीसरे विशेष देवता शिव का रूढ़ बोध कराता है।

उदाहरण: "जब भगवान त्रिलोचन ने अपना तीसरा नेत्र खोला तो कामदेव भस्म होकर अनंग हो गए।"
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#trinetra

त्रिनेत्र

Trinetra (Teen hain Netra jiske arthat Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)तीन हैं नेत्र जिसके अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: दोनों पद मिलकर तीसरे विशेष अर्थ भगवान शंकर की ओर संकेत करते हैं; रूढ़ अर्थ में बहुव्रीहि समास है।

उदाहरण: "रणथंभौर के ऐतिहासिक दुर्ग में भगवान त्रिनेत्र गणेश जी का अति प्राचीन एवं चमत्कारी मंदिर स्थित है।"
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