बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#trilokinath
Compound Word (Samasik Shabd) (सामासिक शब्द)

त्रिलोकीनाथ

Trilokinath (Teeno lokon ke nath arthat Ishwar)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)
तीनों लोकों के नाथ (स्वामी) हैं जो अर्थात् परमात्मा / भगवान विष्णु

सामासिक पद: त्रिलोकीनाथ ➔ विग्रह रूप: तीनों लोकों के नाथ (स्वामी) हैं जो अर्थात् परमात्मा / भगवान विष्णु

⚖️

Grammar Logic & Reason (व्याकरण तर्क व स्पष्टीकरण)

आकाश, पाताल और पृथ्वी के एकछत्र स्वामी परमात्मा का रूढ़ वाचक है।

Attributively denotes the Supreme Lord as Sovereign Master of the three cosmic realms.

Dominant Element (Pad Pradhanta) (पद प्रधानता)अन्य पद प्रधान (कोई पद प्रधान नहीं)
बहुव्रीहि समास नियम →
📝

Sentence Usage (वाक्य प्रयोग)

"दीन-हीन सुदामा की निष्कपट मित्रता देखकर त्रिलोकीनाथ श्रीकृष्ण ने अपने दोनों हाथ उनके चरणों में रख दिए।"

"Moved by impoverished Sudama's pure friendship, Lord of the Three Worlds Krishna embraced his feet."

EXAM PREPARATION Q&A

"त्रिलोकीनाथ" से संबंधित परीक्षा प्रश्नोत्तरी

"त्रिलोकीनाथ" का सही समास विग्रह क्या है?

"त्रिलोकीनाथ" का शुद्ध एवं प्रामाणिक समास विग्रह "तीनों लोकों के नाथ (स्वामी) हैं जो अर्थात् परमात्मा / भगवान विष्णु" है।

"त्रिलोकीनाथ" में कौन-सा समास है?

"त्रिलोकीनाथ" में "बहुव्रीहि समास" है (उपभेद: समानाधिकरण बहुव्रीहि)। आकाश, पाताल और पृथ्वी के एकछत्र स्वामी परमात्मा का रूढ़ वाचक है।

"त्रिलोकीनाथ" का वाक्य प्रयोग क्या है?

वाक्य प्रयोग: "दीन-हीन सुदामा की निष्कपट मित्रता देखकर त्रिलोकीनाथ श्रीकृष्ण ने अपने दोनों हाथ उनके चरणों में रख दिए।"

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#chandrashekhar

चंद्रशेखर

Chandrashekhar (Chandra hai Shikhar par jiske arthat Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)चंद्रमा है शिखर (मस्तक) पर जिसके अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: पूर्व पद "चंद्र" और उत्तर पद "शेखर" मिलकर तीसरे विशेष देवता देवाधिदेव महादेव शिव का बोध कराते हैं।

उदाहरण: "महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर श्रद्धालु भगवान चंद्रशेखर के ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक करते हैं।"
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#neelkanth

नीलकंठ

Neelkanth (Neela hai Kanth jiska arthat Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)नीला है कंठ जिसका अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: समुद्र मंथन से निकले कालकूट विष को कंठ में धारण करने के कारण भगवान शिव को नीलकंठ कहा जाता है।

उदाहरण: "संसार को विनाश से बचाने हेतु हलाहल विष पीकर देवाधिदेव महादेव नीलकंठ कहलाए।"
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#trilochan

त्रिलोचन

Trilochan (Teen hain Lochan jiske arthat Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)तीन हैं लोचन (नेत्र) जिसके अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: यद्यपि पहला पद "त्रि" संख्या है, किंतु समस्त पद किसी समूह का नहीं, बल्कि तीसरे विशेष देवता शिव का रूढ़ बोध कराता है।

उदाहरण: "जब भगवान त्रिलोचन ने अपना तीसरा नेत्र खोला तो कामदेव भस्म होकर अनंग हो गए।"
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#trinetra

त्रिनेत्र

Trinetra (Teen hain Netra jiske arthat Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)तीन हैं नेत्र जिसके अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: दोनों पद मिलकर तीसरे विशेष अर्थ भगवान शंकर की ओर संकेत करते हैं; रूढ़ अर्थ में बहुव्रीहि समास है।

उदाहरण: "रणथंभौर के ऐतिहासिक दुर्ग में भगवान त्रिनेत्र गणेश जी का अति प्राचीन एवं चमत्कारी मंदिर स्थित है।"
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