बहुव्रीहि समासव्यधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#shoolpani
Compound Word (Samasik Shabd) (सामासिक शब्द)

शूलपाणि

Shoolpani (Shool hai Paani mein jiske arthat Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)
शूल (त्रिशूल) है पाणि (हाथ) में जिसके अर्थात् भगवान शिव

सामासिक पद: शूलपाणि ➔ विग्रह रूप: शूल (त्रिशूल) है पाणि (हाथ) में जिसके अर्थात् भगवान शिव

⚖️

Grammar Logic & Reason (व्याकरण तर्क व स्पष्टीकरण)

पूर्व पद "शूल" और उत्तर पद "पाणि" दोनों मिलकर त्रिशूलधारी महादेव का बोध कराते हैं।

Attributively describes Lord Shiva as the supreme ascetic holding the trident in His hand.

Dominant Element (Pad Pradhanta) (पद प्रधानता)अन्य पद प्रधान (कोई पद प्रधान नहीं)
बहुव्रीहि समास नियम →
📝

Sentence Usage (वाक्य प्रयोग)

"दुष्टों और असुरों के दमन हेतु शूलपाणि सदा अपने हाथ में त्रिशूल धारण किए रहते हैं।"

"For the destruction of demons and wickedness, trident-bearer Shoolpani (Shiva) wields His sacred weapon."

EXAM PREPARATION Q&A

"शूलपाणि" से संबंधित परीक्षा प्रश्नोत्तरी

"शूलपाणि" का सही समास विग्रह क्या है?

"शूलपाणि" का शुद्ध एवं प्रामाणिक समास विग्रह "शूल (त्रिशूल) है पाणि (हाथ) में जिसके अर्थात् भगवान शिव" है।

"शूलपाणि" में कौन-सा समास है?

"शूलपाणि" में "बहुव्रीहि समास" है (उपभेद: व्यधिकरण बहुव्रीहि)। पूर्व पद "शूल" और उत्तर पद "पाणि" दोनों मिलकर त्रिशूलधारी महादेव का बोध कराते हैं।

"शूलपाणि" का वाक्य प्रयोग क्या है?

वाक्य प्रयोग: "दुष्टों और असुरों के दमन हेतु शूलपाणि सदा अपने हाथ में त्रिशूल धारण किए रहते हैं।"

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#chandrashekhar

चंद्रशेखर

Chandrashekhar (Chandra hai Shikhar par jiske arthat Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)चंद्रमा है शिखर (मस्तक) पर जिसके अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: पूर्व पद "चंद्र" और उत्तर पद "शेखर" मिलकर तीसरे विशेष देवता देवाधिदेव महादेव शिव का बोध कराते हैं।

उदाहरण: "महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर श्रद्धालु भगवान चंद्रशेखर के ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक करते हैं।"
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#neelkanth

नीलकंठ

Neelkanth (Neela hai Kanth jiska arthat Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)नीला है कंठ जिसका अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: समुद्र मंथन से निकले कालकूट विष को कंठ में धारण करने के कारण भगवान शिव को नीलकंठ कहा जाता है।

उदाहरण: "संसार को विनाश से बचाने हेतु हलाहल विष पीकर देवाधिदेव महादेव नीलकंठ कहलाए।"
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#trilochan

त्रिलोचन

Trilochan (Teen hain Lochan jiske arthat Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)तीन हैं लोचन (नेत्र) जिसके अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: यद्यपि पहला पद "त्रि" संख्या है, किंतु समस्त पद किसी समूह का नहीं, बल्कि तीसरे विशेष देवता शिव का रूढ़ बोध कराता है।

उदाहरण: "जब भगवान त्रिलोचन ने अपना तीसरा नेत्र खोला तो कामदेव भस्म होकर अनंग हो गए।"
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#trinetra

त्रिनेत्र

Trinetra (Teen hain Netra jiske arthat Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)तीन हैं नेत्र जिसके अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: दोनों पद मिलकर तीसरे विशेष अर्थ भगवान शंकर की ओर संकेत करते हैं; रूढ़ अर्थ में बहुव्रीहि समास है।

उदाहरण: "रणथंभौर के ऐतिहासिक दुर्ग में भगवान त्रिनेत्र गणेश जी का अति प्राचीन एवं चमत्कारी मंदिर स्थित है।"
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