बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 11-12
#manmath
Compound Word (Samasik Shabd) (सामासिक शब्द)

मन्मथ

Manmath (Man ko mathne wala arthat Kamadeva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)
मन को मथने वाला है जो अर्थात् कामदेव

सामासिक पद: मन्मथ ➔ विग्रह रूप: मन को मथने वाला है जो अर्थात् कामदेव

⚖️

Grammar Logic & Reason (व्याकरण तर्क व स्पष्टीकरण)

मानव मन में प्रेम और आकर्षण का मंथन करने वाले प्रेम के देवता कामदेव का रूढ़ नाम है।

An epithet of the Love Deity Kamadeva who agitates and churns human hearts with affection.

Dominant Element (Pad Pradhanta) (पद प्रधानता)अन्य पद प्रधान (कोई पद प्रधान नहीं)
बहुव्रीहि समास नियम →
📝

Sentence Usage (वाक्य प्रयोग)

"काव्यशास्त्र में श्रृंगार रस के स्थायी भाव रति के अधिष्ठाता देवता के रूप में मन्मथ की कल्पना की गई है।"

"In poetics, Manmath (Kamadeva) is celebrated as the presiding deity of the sentiment of romantic love."

EXAM PREPARATION Q&A

"मन्मथ" से संबंधित परीक्षा प्रश्नोत्तरी

"मन्मथ" का सही समास विग्रह क्या है?

"मन्मथ" का शुद्ध एवं प्रामाणिक समास विग्रह "मन को मथने वाला है जो अर्थात् कामदेव" है।

"मन्मथ" में कौन-सा समास है?

"मन्मथ" में "बहुव्रीहि समास" है (उपभेद: समानाधिकरण बहुव्रीहि)। मानव मन में प्रेम और आकर्षण का मंथन करने वाले प्रेम के देवता कामदेव का रूढ़ नाम है।

"मन्मथ" का वाक्य प्रयोग क्या है?

वाक्य प्रयोग: "काव्यशास्त्र में श्रृंगार रस के स्थायी भाव रति के अधिष्ठाता देवता के रूप में मन्मथ की कल्पना की गई है।"

RELATED ENTRIES

बहुव्रीहि समास के अन्य प्रमुख उदाहरण

सभी देखें →
बहुव्रीहि समासव्यधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#chandrashekhar

चंद्रशेखर

Chandrashekhar (Chandra hai Shikhar par jiske arthat Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)चंद्रमा है शिखर (मस्तक) पर जिसके अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: पूर्व पद "चंद्र" और उत्तर पद "शेखर" मिलकर तीसरे विशेष देवता देवाधिदेव महादेव शिव का बोध कराते हैं।

उदाहरण: "महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर श्रद्धालु भगवान चंद्रशेखर के ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक करते हैं।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#neelkanth

नीलकंठ

Neelkanth (Neela hai Kanth jiska arthat Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)नीला है कंठ जिसका अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: समुद्र मंथन से निकले कालकूट विष को कंठ में धारण करने के कारण भगवान शिव को नीलकंठ कहा जाता है।

उदाहरण: "संसार को विनाश से बचाने हेतु हलाहल विष पीकर देवाधिदेव महादेव नीलकंठ कहलाए।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#trilochan

त्रिलोचन

Trilochan (Teen hain Lochan jiske arthat Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)तीन हैं लोचन (नेत्र) जिसके अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: यद्यपि पहला पद "त्रि" संख्या है, किंतु समस्त पद किसी समूह का नहीं, बल्कि तीसरे विशेष देवता शिव का रूढ़ बोध कराता है।

उदाहरण: "जब भगवान त्रिलोचन ने अपना तीसरा नेत्र खोला तो कामदेव भस्म होकर अनंग हो गए।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →
बहुव्रीहि समाससमानाधिकरण बहुव्रीहि🎓 Class 8-10
#trinetra

त्रिनेत्र

Trinetra (Teen hain Netra jiske arthat Shiva)

Samas Vigrah (Breakdown) (समास विग्रह)तीन हैं नेत्र जिसके अर्थात् भगवान शिव

व्याकरण तर्क: दोनों पद मिलकर तीसरे विशेष अर्थ भगवान शंकर की ओर संकेत करते हैं; रूढ़ अर्थ में बहुव्रीहि समास है।

उदाहरण: "रणथंभौर के ऐतिहासिक दुर्ग में भगवान त्रिनेत्र गणेश जी का अति प्राचीन एवं चमत्कारी मंदिर स्थित है।"
विस्तृत विग्रह व विश्लेषणशब्द विवरण →