Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में ह्रस्व "अ" और द्वितीय पद के प्रारंभ में ह्रस्व "इ" के मिलने से गुण रूप "ए" बन जाता है।
"स्वामी विवेकानन्द का बाल्यकाल का नाम नरेन्द्रनाथ दत्त था।"
When "a" or "aa" is followed by short or long "i/ee", "u/oo", or "ri", they blend into single vowel qualities: "e" (ay), "o", and "ar" respectively.
यदि "अ" या "आ" के बाद ह्रस्व या दीर्घ "इ/ई", "उ/ऊ" या "ऋ" आए, तो दोनों मिलकर क्रमशः "ए", "ओ" और "अर्" में परिवर्तित हो जाते हैं। इसे गुण संधि कहते हैं।
शब्द के मध्य में एकल चोटी वाली मात्रा "ए" ( े ) या "ओ" ( ो ) अथवा अंत में "र्षि" (अर्) दिखे तो वहाँ 99% गुण संधि होती है। जैसे: राकेश, परोपकार, महर्षि।
English Tip: A single upper stroke ("e" or "o") or an "ar" reph sound near the middle/end indicates Guna Sandhi.
अ अथवा आ के बाद इ या ई आने पर दोनों के स्थान पर "ए" की मात्रा ( े ) बन जाती है।
"a/aa" + "i/ee" combines to produce "e" sound.
अ अथवा आ के बाद उ या ऊ आने पर दोनों मिलकर "ओ" ( ो ) बन जाते हैं।
"a/aa" + "u/oo" combines to produce "o" sound.
अ अथवा आ के बाद ऋ आने पर दोनों के स्थान पर "अर्" (शिरोरेखा के ऊपर रेफ र्) हो जाता है।
"a/aa" + "ri" produces "ar", where "r" becomes a reph.
"सूर्योदय", "राकेश", "महोत्सव", "देवर्षि" और "गंगोदक" माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की हर परीक्षा में पूछे जाते हैं।
इस नियम को सिद्ध करने वाले प्रामाणिक संधियुक्त शब्द एवं उनके विच्छेद
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में ह्रस्व "अ" और द्वितीय पद के प्रारंभ में ह्रस्व "इ" के मिलने से गुण रूप "ए" बन जाता है।
"स्वामी विवेकानन्द का बाल्यकाल का नाम नरेन्द्रनाथ दत्त था।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): ह्रस्व "अ" के बाद ह्रस्व "इ" आने पर दोनों के स्थान पर एकल मात्रा "ए" ( े ) हो जाती है।
"पौराणिक कथाओं में देवराज इन्द्र को देवताओं का अधिपति होने से सुरेन्द्र कहा गया है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में दीर्घ "आ" और द्वितीय पद के आदि में ह्रस्व "इ" मिलकर "ए" बन जाते हैं।
"महेन्द्र पर्वत का उल्लेख प्राचीन भारतीय इतिहास और रामायण काल के भूगोल में मिलता है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में स्थित "अ" और द्वितीय पद के प्रारंभ में स्थित दीर्घ "ई" मिलकर "ए" हो जाते हैं।
"सुरेश ने राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में प्रथम पुरस्कार जीतकर विद्यालय का नाम रोशन किया।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): दीर्घ "आ" के उपरांत दीर्घ "ई" आने पर दोनों के स्थान पर गुण स्वर "ए" हो जाता है।
"भगवान शिव को देवों के महान अधिपति होने के कारण महेश के नाम से पूजा जाता है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): दीर्घ "आ" (राका = पूर्णिमा) के बाद दीर्घ "ई" आने से दोनों मिलकर "ए" बनते हैं (राकेश = चंद्रमा)।
"शरद पूर्णिमा की स्वच्छ रात्रि में आकाश में राकेश अपनी शीतल किरणों से अमृत बरसाता है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में ह्रस्व "अ" और द्वितीय पद के आदि में ह्रस्व "उ" के मिलने से गुण रूप "ओ" बन जाता है।
"पर्वतों के पीछे से सूर्योदय का अलौकिक दृश्य पर्यटकों के मन को मुग्ध कर लेता है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में दीर्घ "आ" और द्वितीय पद के प्रारंभ में ह्रस्व "उ" मिलकर गुण स्वर "ओ" बन जाते हैं।
"नगर में वसंत पंचमी के पावन अवसर पर भव्य सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन किया गया।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में ह्रस्व "अ" और द्वितीय पद के आदि में "ऋ" के मेल से "अर्" (रेफ र्) बन जाता है।
"देवर्षि नारद वीणा बजाते हुए तीनों लोकों में भगवान नारायण के नाम का संकीर्तन करते हैं।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में दीर्घ "आ" और द्वितीय पद के आदि में "ऋ" के मेल से "अर्" ध्वनि (रेफ र्) बनती है।
"महर्षि वाल्मीकि ने महाकाव्य रामायण की रचना कर भारतीय संस्कृति को अमूल्य धरोहर दी।"
यदि "अ" या "आ" के बाद ह्रस्व या दीर्घ "इ/ई", "उ/ऊ" या "ऋ" आए, तो दोनों मिलकर क्रमशः "ए", "ओ" और "अर्" में परिवर्तित हो जाते हैं। इसे गुण संधि कहते हैं।
इसका मुख्य सूत्र है: अ/आ + इ/ई = ए | अ/आ + उ/ऊ = ओ | अ/आ + ऋ = अर्
शब्द के मध्य में एकल चोटी वाली मात्रा "ए" ( े ) या "ओ" ( ो ) अथवा अंत में "र्षि" (अर्) दिखे तो वहाँ 99% गुण संधि होती है। जैसे: राकेश, परोपकार, महर्षि।
When "a" or "aa" is followed by short or long "i/ee", "u/oo", or "ri", they blend into single vowel qualities: "e" (ay), "o", and "ar" respectively.