Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में ह्रस्व "अ" और द्वितीय पद के प्रारंभ में ह्रस्व "इ" के मिलने से गुण रूप "ए" बन जाता है।
"स्वामी विवेकानन्द का बाल्यकाल का नाम नरेन्द्रनाथ दत्त था।"
दो मूल सार्थक पद
Devarshi (Deva + Rishi)
प्रथम पद के अंत में ह्रस्व "अ" और द्वितीय पद के आदि में "ऋ" के मेल से "अर्" (रेफ र्) बन जाता है।
Short "a" followed by "ri" merges into "ar", visible as a superscript reph.
"देवर्षि नारद वीणा बजाते हुए तीनों लोकों में भगवान नारायण के नाम का संकीर्तन करते हैं।"
"The celestial sage (Devarshi) Narada plays his veena while chanting the divine name of Narayana across three realms."
"देवर्षि" का शुद्ध एवं प्रामाणिक संधि विच्छेद "देव + ऋषि" है।
"देवर्षि" में मुख्य रूप से "स्वर संधि" (विशिष्ट उपभेद: गुण स्वर संधि) है।
प्रथम पद के अंत में ह्रस्व "अ" और द्वितीय पद के आदि में "ऋ" के मेल से "अर्" (रेफ र्) बन जाता है। (ध्वनि सूत्र: अ + ऋ = अर्)
English Translation: "The celestial sage (Devarshi) Narada plays his veena while chanting the divine name of Narayana across three realms." | Sentence in Hindi: "देवर्षि नारद वीणा बजाते हुए तीनों लोकों में भगवान नारायण के नाम का संकीर्तन करते हैं।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में ह्रस्व "अ" और द्वितीय पद के प्रारंभ में ह्रस्व "इ" के मिलने से गुण रूप "ए" बन जाता है।
"स्वामी विवेकानन्द का बाल्यकाल का नाम नरेन्द्रनाथ दत्त था।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): ह्रस्व "अ" के बाद ह्रस्व "इ" आने पर दोनों के स्थान पर एकल मात्रा "ए" ( े ) हो जाती है।
"पौराणिक कथाओं में देवराज इन्द्र को देवताओं का अधिपति होने से सुरेन्द्र कहा गया है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में दीर्घ "आ" और द्वितीय पद के आदि में ह्रस्व "इ" मिलकर "ए" बन जाते हैं।
"महेन्द्र पर्वत का उल्लेख प्राचीन भारतीय इतिहास और रामायण काल के भूगोल में मिलता है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में स्थित "अ" और द्वितीय पद के प्रारंभ में स्थित दीर्घ "ई" मिलकर "ए" हो जाते हैं।
"सुरेश ने राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में प्रथम पुरस्कार जीतकर विद्यालय का नाम रोशन किया।"