Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में ह्रस्व "अ" और द्वितीय पद के प्रारंभ में ह्रस्व "इ" के मिलने से गुण रूप "ए" बन जाता है।
"स्वामी विवेकानन्द का बाल्यकाल का नाम नरेन्द्रनाथ दत्त था।"
दो मूल सार्थक पद
Rakesh (Raka + Eesh)
दीर्घ "आ" (राका = पूर्णिमा) के बाद दीर्घ "ई" आने से दोनों मिलकर "ए" बनते हैं (राकेश = चंद्रमा)।
Long "aa" of Raka (full-moon night) combines with "ee" of Eesh (lord) to form Rakesh (the moon).
"शरद पूर्णिमा की स्वच्छ रात्रि में आकाश में राकेश अपनी शीतल किरणों से अमृत बरसाता है।"
"On the crisp night of Sharad Purnima, the moon (Rakesh) pours cool nectareous light across the sky."
"राकेश" का शुद्ध एवं प्रामाणिक संधि विच्छेद "राका + ईश" है।
"राकेश" में मुख्य रूप से "स्वर संधि" (विशिष्ट उपभेद: गुण स्वर संधि) है।
दीर्घ "आ" (राका = पूर्णिमा) के बाद दीर्घ "ई" आने से दोनों मिलकर "ए" बनते हैं (राकेश = चंद्रमा)। (ध्वनि सूत्र: आ + ई = ए)
English Translation: "On the crisp night of Sharad Purnima, the moon (Rakesh) pours cool nectareous light across the sky." | Sentence in Hindi: "शरद पूर्णिमा की स्वच्छ रात्रि में आकाश में राकेश अपनी शीतल किरणों से अमृत बरसाता है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में ह्रस्व "अ" और द्वितीय पद के प्रारंभ में ह्रस्व "इ" के मिलने से गुण रूप "ए" बन जाता है।
"स्वामी विवेकानन्द का बाल्यकाल का नाम नरेन्द्रनाथ दत्त था।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): ह्रस्व "अ" के बाद ह्रस्व "इ" आने पर दोनों के स्थान पर एकल मात्रा "ए" ( े ) हो जाती है।
"पौराणिक कथाओं में देवराज इन्द्र को देवताओं का अधिपति होने से सुरेन्द्र कहा गया है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में दीर्घ "आ" और द्वितीय पद के आदि में ह्रस्व "इ" मिलकर "ए" बन जाते हैं।
"महेन्द्र पर्वत का उल्लेख प्राचीन भारतीय इतिहास और रामायण काल के भूगोल में मिलता है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में स्थित "अ" और द्वितीय पद के प्रारंभ में स्थित दीर्घ "ई" मिलकर "ए" हो जाते हैं।
"सुरेश ने राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में प्रथम पुरस्कार जीतकर विद्यालय का नाम रोशन किया।"