Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग से पूर्व "अ/आ" से भिन्न स्वर "इ" होने तथा बाद में सघोष व्यंजन "ध" आने पर विसर्ग "र्" (रेफ) में बदल जाता है।
"सच्चा धर्म वही है जो निर्धन और असहाय व्यक्तियों की सहायता के लिए प्रेरित करता है।"
When a visarga preceded by any vowel other than 'a/aa' is followed by a vowel or voiced consonant, the visarga turns into 'r' (often sitting as a reph above the next letter).
यदि विसर्ग से पहले "अ" और "आ" को छोड़कर कोई अन्य स्वर (जैसे इ, उ) हो और बाद में कोई स्वर या किसी वर्ग का तीसरा, चौथा, पाँचवाँ वर्ण, अथवा य, र, ल, व, ह आए, तो विसर्ग "र्" (रेफ) में बदल जाता है।
यदि शब्द के ऊपर रेफ "र्" दिखे (जैसे निर्धन, दुर्बल) या "निरा-", "दुरा-" दिखाई दे, तो वहाँ विसर्ग का र् में परिवर्तन होता है। विच्छेद: निः + धन, निः + आशा।
English Tip: A top reph 'r' or syllables 'Nira-', 'Dura-' usually point to root 'Nih' (निः) or 'Duh' (दुः).
विसर्ग के बाद स्वर आने पर र् में वह स्वर जुड़कर पूरा र बन जाता है।
Visarga becomes "r", which absorbs the following vowel.
विसर्ग के बाद व्यंजन आने पर विसर्ग ऊपर रेफ ( र् ) बन जाता है।
Visarga becomes a reph resting on top of the consonant.
"निर्धन", "दुर्बल", "निराशा", "आयुर्वेद" और "निर्झर" प्रतियोगी परीक्षाओं में बहुत लोकप्रिय हैं।
इस नियम को सिद्ध करने वाले प्रामाणिक संधियुक्त शब्द एवं उनके विच्छेद
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग से पूर्व "अ/आ" से भिन्न स्वर "इ" होने तथा बाद में सघोष व्यंजन "ध" आने पर विसर्ग "र्" (रेफ) में बदल जाता है।
"सच्चा धर्म वही है जो निर्धन और असहाय व्यक्तियों की सहायता के लिए प्रेरित करता है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग से पूर्व "उ" स्वर होने तथा बाद में प-वर्ग का तीसरा वर्ण "ब" आने पर विसर्ग "र्" (रेफ) बन जाता है।
"किसी भी सबल व्यक्ति को अपने बाहुबल का दुरुपयोग दुर्बल लोगों को सताने के लिए नहीं करना चाहिए।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग से पूर्व "इ" तथा बाद में स्वर "आ" आने पर विसर्ग "र्" में बदलता है और "आ" से मिलकर "रा" बनता है।
"असफलता से घबराकर कभी भी मन में निराशा की भावना को स्थान नहीं देना चाहिए।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग से पूर्व "उ" स्वर होने तथा बाद में अंतःस्थ "व" आने पर विसर्ग "र्" (रेफ) में परिवर्तित हो जाता है।
"आयुर्वेद भारत की प्राचीनतम प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति है जो समग्र स्वास्थ्य का पोषण करती है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग से पूर्व "इ" और बाद में सघोष वर्ण "ज्" आने पर विसर्ग "र्" (रेफ) बन जाता है।
"यात्री घने वन के बीच स्थित एक शांत और निर्जन मार्ग से होकर अपने गंतव्य की ओर आगे बढ़ा।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग से पूर्व "उ" होने तथा बाद में स्वर "आ" आने पर विसर्ग "र्" बनकर "रा" में परिवर्तित होता है।
"बिना कठिन श्रम किए केवल भाग्य के भरोसे सर्वोच्च सफलता की दुराशा करना व्यर्थ है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग से पूर्व "इ" तथा बाद में च-वर्ग का चौथा वर्ण "झ" आने पर विसर्ग "र्" बन जाता है।
"पर्वत की ऊँची चट्टानों से कल-कल ध्वनि करता हुआ शीतल जल का निर्झर फूट पड़ा।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग से पूर्व "उ" तथा बाद में स्वर "उ" आने पर विसर्ग "र्" बनकर "रु" में बदल जाता है।
"प्राकृतिक संसाधनों और बहुमूल्य जल का दुरुपयोग भावी पीढ़ियों के लिए संकट बन सकता है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग से पूर्व "इ" तथा बाद में अनुनासिक "म्" आने पर विसर्ग "र्" (रेफ) में परिणत हो जाता है।
"मनोविज्ञान के अनुसार बहिर्मुख व्यक्तित्व वाले लोग समाज में सहजता से नए मित्र बना लेते हैं।"
यदि विसर्ग से पहले "अ" और "आ" को छोड़कर कोई अन्य स्वर (जैसे इ, उ) हो और बाद में कोई स्वर या किसी वर्ग का तीसरा, चौथा, पाँचवाँ वर्ण, अथवा य, र, ल, व, ह आए, तो विसर्ग "र्" (रेफ) में बदल जाता है।
इसका मुख्य सूत्र है: अ/आ से भिन्न स्वर + ः + घोष वर्ण (स्वर या 3/4/5 या य/र/ल/व/ह) = र् (रेफ)
यदि शब्द के ऊपर रेफ "र्" दिखे (जैसे निर्धन, दुर्बल) या "निरा-", "दुरा-" दिखाई दे, तो वहाँ विसर्ग का र् में परिवर्तन होता है। विच्छेद: निः + धन, निः + आशा।
When a visarga preceded by any vowel other than 'a/aa' is followed by a vowel or voiced consonant, the visarga turns into 'r' (often sitting as a reph above the next letter).