Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग से पूर्व "अ/आ" से भिन्न स्वर "इ" होने तथा बाद में सघोष व्यंजन "ध" आने पर विसर्ग "र्" (रेफ) में बदल जाता है।
"सच्चा धर्म वही है जो निर्धन और असहाय व्यक्तियों की सहायता के लिए प्रेरित करता है।"
दो मूल सार्थक पद
Durbal (Duh + Bal)
विसर्ग से पूर्व "उ" स्वर होने तथा बाद में प-वर्ग का तीसरा वर्ण "ब" आने पर विसर्ग "र्" (रेफ) बन जाता है।
Visarga preceded by "u" mutates into reph "r" upon facing voiced labial "b".
"किसी भी सबल व्यक्ति को अपने बाहुबल का दुरुपयोग दुर्बल लोगों को सताने के लिए नहीं करना चाहिए।"
"A strong person must never misuse physical power to harass weak or fragile (Durbal) individuals."
"दुर्बल" का शुद्ध एवं प्रामाणिक संधि विच्छेद "दुः + बल" है।
"दुर्बल" में मुख्य रूप से "विसर्ग संधि" (विशिष्ट उपभेद: विसर्ग का 'र्' में परिवर्तन (रेफ र्)) है।
विसर्ग से पूर्व "उ" स्वर होने तथा बाद में प-वर्ग का तीसरा वर्ण "ब" आने पर विसर्ग "र्" (रेफ) बन जाता है। (ध्वनि सूत्र: उः + ब = र्ब)
English Translation: "A strong person must never misuse physical power to harass weak or fragile (Durbal) individuals." | Sentence in Hindi: "किसी भी सबल व्यक्ति को अपने बाहुबल का दुरुपयोग दुर्बल लोगों को सताने के लिए नहीं करना चाहिए।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग से पूर्व "अ/आ" से भिन्न स्वर "इ" होने तथा बाद में सघोष व्यंजन "ध" आने पर विसर्ग "र्" (रेफ) में बदल जाता है।
"सच्चा धर्म वही है जो निर्धन और असहाय व्यक्तियों की सहायता के लिए प्रेरित करता है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग से पूर्व "इ" तथा बाद में स्वर "आ" आने पर विसर्ग "र्" में बदलता है और "आ" से मिलकर "रा" बनता है।
"असफलता से घबराकर कभी भी मन में निराशा की भावना को स्थान नहीं देना चाहिए।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग से पूर्व "उ" स्वर होने तथा बाद में अंतःस्थ "व" आने पर विसर्ग "र्" (रेफ) में परिवर्तित हो जाता है।
"आयुर्वेद भारत की प्राचीनतम प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति है जो समग्र स्वास्थ्य का पोषण करती है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग से पूर्व "इ" और बाद में सघोष वर्ण "ज्" आने पर विसर्ग "र्" (रेफ) बन जाता है।
"यात्री घने वन के बीच स्थित एक शांत और निर्जन मार्ग से होकर अपने गंतव्य की ओर आगे बढ़ा।"