Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग से पूर्व "अ/आ" से भिन्न स्वर "इ" होने तथा बाद में सघोष व्यंजन "ध" आने पर विसर्ग "र्" (रेफ) में बदल जाता है।
"सच्चा धर्म वही है जो निर्धन और असहाय व्यक्तियों की सहायता के लिए प्रेरित करता है।"
दो मूल सार्थक पद
Nirjhar (Nih + Jhar)
विसर्ग से पूर्व "इ" तथा बाद में च-वर्ग का चौथा वर्ण "झ" आने पर विसर्ग "र्" बन जाता है।
Visarga preceded by "i" turns into reph "r" before voiced aspirate "jh".
"पर्वत की ऊँची चट्टानों से कल-कल ध्वनि करता हुआ शीतल जल का निर्झर फूट पड़ा।"
"A fresh waterfall and brook (Nirjhar) burst forth from high mountain cliffs with murmuring waters."
"निर्झर" का शुद्ध एवं प्रामाणिक संधि विच्छेद "निः + झर" है।
"निर्झर" में मुख्य रूप से "विसर्ग संधि" (विशिष्ट उपभेद: विसर्ग का 'र्' में परिवर्तन (रेफ र्)) है।
विसर्ग से पूर्व "इ" तथा बाद में च-वर्ग का चौथा वर्ण "झ" आने पर विसर्ग "र्" बन जाता है। (ध्वनि सूत्र: इः + झ = र्झ)
English Translation: "A fresh waterfall and brook (Nirjhar) burst forth from high mountain cliffs with murmuring waters." | Sentence in Hindi: "पर्वत की ऊँची चट्टानों से कल-कल ध्वनि करता हुआ शीतल जल का निर्झर फूट पड़ा।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग से पूर्व "अ/आ" से भिन्न स्वर "इ" होने तथा बाद में सघोष व्यंजन "ध" आने पर विसर्ग "र्" (रेफ) में बदल जाता है।
"सच्चा धर्म वही है जो निर्धन और असहाय व्यक्तियों की सहायता के लिए प्रेरित करता है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग से पूर्व "उ" स्वर होने तथा बाद में प-वर्ग का तीसरा वर्ण "ब" आने पर विसर्ग "र्" (रेफ) बन जाता है।
"किसी भी सबल व्यक्ति को अपने बाहुबल का दुरुपयोग दुर्बल लोगों को सताने के लिए नहीं करना चाहिए।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग से पूर्व "इ" तथा बाद में स्वर "आ" आने पर विसर्ग "र्" में बदलता है और "आ" से मिलकर "रा" बनता है।
"असफलता से घबराकर कभी भी मन में निराशा की भावना को स्थान नहीं देना चाहिए।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग से पूर्व "उ" स्वर होने तथा बाद में अंतःस्थ "व" आने पर विसर्ग "र्" (रेफ) में परिवर्तित हो जाता है।
"आयुर्वेद भारत की प्राचीनतम प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति है जो समग्र स्वास्थ्य का पोषण करती है।"