Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में "ए" के बाद भिन्न स्वर "अ" आने पर "ए" का "अय्" हो जाता है, जिससे न् + अय् + अन मिलकर नयन बनता है।
"करुणा से भरे हुए नयन बिना बोले ही अंतर्मन की सारी व्यथा बयां कर देते हैं।"
दो मूल सार्थक पद
Pavan (Po + An)
प्रथम पद के अंत में "ओ" के बाद भिन्न स्वर "अ" आने पर "ओ" का "अव्" हो जाता है, जिससे प् + अव् + अन मिलकर पवन बनता है।
Diphthong "o" followed by vowel "a" mutates into "av", forming p-av-an.
"वसंत ऋतु में बहने वाली शीतल-मंद पवन मन और तन दोनों को आह्लादित कर देती है।"
"The cool and gentle breeze (Pavan) blowing in springtime delights both mind and body."
"पवन" का शुद्ध एवं प्रामाणिक संधि विच्छेद "पो + अन" है।
"पवन" में मुख्य रूप से "स्वर संधि" (विशिष्ट उपभेद: अयादि स्वर संधि) है।
प्रथम पद के अंत में "ओ" के बाद भिन्न स्वर "अ" आने पर "ओ" का "अव्" हो जाता है, जिससे प् + अव् + अन मिलकर पवन बनता है। (ध्वनि सूत्र: ओ + अ = अव्)
English Translation: "The cool and gentle breeze (Pavan) blowing in springtime delights both mind and body." | Sentence in Hindi: "वसंत ऋतु में बहने वाली शीतल-मंद पवन मन और तन दोनों को आह्लादित कर देती है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में "ए" के बाद भिन्न स्वर "अ" आने पर "ए" का "अय्" हो जाता है, जिससे न् + अय् + अन मिलकर नयन बनता है।
"करुणा से भरे हुए नयन बिना बोले ही अंतर्मन की सारी व्यथा बयां कर देते हैं।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): "ए" के उपरांत भिन्न स्वर "अ" आने पर "ए" का विकार "अय्" होता है (श् + अय् + अन = शयन)।
"दिनभर के मानसिक तनाव और शारीरिक थकान के उपरांत शांत शयन कक्ष में गहरी नींद आई।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में "ऐ" के बाद भिन्न स्वर "अ" आने पर "ऐ" का "आय्" हो जाता है (ग् + आय् + अक = गायक)।
"शास्त्रीय संगीत के प्रतिभाशाली गायक ने अपनी सुरीली तान से सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): "ऐ" के बाद भिन्न स्वर "अ" आने पर "ऐ" का "आय्" हो जाता है (न् + आय् + अक = नायक)।
"नाटक का नायक अपने अदम्य साहस और सत्यनिष्ठा से दर्शकों के दिलों पर छा गया।"