Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में "ए" के बाद भिन्न स्वर "अ" आने पर "ए" का "अय्" हो जाता है, जिससे न् + अय् + अन मिलकर नयन बनता है।
"करुणा से भरे हुए नयन बिना बोले ही अंतर्मन की सारी व्यथा बयां कर देते हैं।"
दो मूल सार्थक पद
Gayak (Gai + Ak)
प्रथम पद के अंत में "ऐ" के बाद भिन्न स्वर "अ" आने पर "ऐ" का "आय्" हो जाता है (ग् + आय् + अक = गायक)।
Diphthong "ai" followed by vowel "a" expands into "aay", constructing g-aay-ak.
"शास्त्रीय संगीत के प्रतिभाशाली गायक ने अपनी सुरीली तान से सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।"
"The gifted classical music vocalist (Gayak) held all listeners spellbound with melodious notes."
"गायक" का शुद्ध एवं प्रामाणिक संधि विच्छेद "गै + अक" है।
"गायक" में मुख्य रूप से "स्वर संधि" (विशिष्ट उपभेद: अयादि स्वर संधि) है।
प्रथम पद के अंत में "ऐ" के बाद भिन्न स्वर "अ" आने पर "ऐ" का "आय्" हो जाता है (ग् + आय् + अक = गायक)। (ध्वनि सूत्र: ऐ + अ = आय्)
English Translation: "The gifted classical music vocalist (Gayak) held all listeners spellbound with melodious notes." | Sentence in Hindi: "शास्त्रीय संगीत के प्रतिभाशाली गायक ने अपनी सुरीली तान से सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में "ए" के बाद भिन्न स्वर "अ" आने पर "ए" का "अय्" हो जाता है, जिससे न् + अय् + अन मिलकर नयन बनता है।
"करुणा से भरे हुए नयन बिना बोले ही अंतर्मन की सारी व्यथा बयां कर देते हैं।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): "ए" के उपरांत भिन्न स्वर "अ" आने पर "ए" का विकार "अय्" होता है (श् + अय् + अन = शयन)।
"दिनभर के मानसिक तनाव और शारीरिक थकान के उपरांत शांत शयन कक्ष में गहरी नींद आई।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): "ऐ" के बाद भिन्न स्वर "अ" आने पर "ऐ" का "आय्" हो जाता है (न् + आय् + अक = नायक)।
"नाटक का नायक अपने अदम्य साहस और सत्यनिष्ठा से दर्शकों के दिलों पर छा गया।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): "ऐ" के उपरांत भिन्न स्वर "इ" आने पर "ऐ" का "आय्" होकर "इ" की मात्रा से "आयि" बनता है (न् + आयि + का = नायिका)।
"कालिदास के सुप्रसिद्ध नाटक अभिज्ञानशाकुंतलम् की नायिका शकुंतला का चरित्र अत्यंत गरिमामयी है।"