Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में "ए" के बाद भिन्न स्वर "अ" आने पर "ए" का "अय्" हो जाता है, जिससे न् + अय् + अन मिलकर नयन बनता है।
"करुणा से भरे हुए नयन बिना बोले ही अंतर्मन की सारी व्यथा बयां कर देते हैं।"
दो मूल सार्थक पद
Shayan (She + An)
"ए" के उपरांत भिन्न स्वर "अ" आने पर "ए" का विकार "अय्" होता है (श् + अय् + अन = शयन)।
Diphthong "e" before "a" breaks into "ay", forming sh-ay-an.
"दिनभर के मानसिक तनाव और शारीरिक थकान के उपरांत शांत शयन कक्ष में गहरी नींद आई।"
"Following a day of mental stress and bodily fatigue, deep slumber came in the tranquil bedroom (Shayan kaksh)."
"शयन" का शुद्ध एवं प्रामाणिक संधि विच्छेद "शे + अन" है।
"शयन" में मुख्य रूप से "स्वर संधि" (विशिष्ट उपभेद: अयादि स्वर संधि) है।
"ए" के उपरांत भिन्न स्वर "अ" आने पर "ए" का विकार "अय्" होता है (श् + अय् + अन = शयन)। (ध्वनि सूत्र: ए + अ = अय्)
English Translation: "Following a day of mental stress and bodily fatigue, deep slumber came in the tranquil bedroom (Shayan kaksh)." | Sentence in Hindi: "दिनभर के मानसिक तनाव और शारीरिक थकान के उपरांत शांत शयन कक्ष में गहरी नींद आई।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में "ए" के बाद भिन्न स्वर "अ" आने पर "ए" का "अय्" हो जाता है, जिससे न् + अय् + अन मिलकर नयन बनता है।
"करुणा से भरे हुए नयन बिना बोले ही अंतर्मन की सारी व्यथा बयां कर देते हैं।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में "ऐ" के बाद भिन्न स्वर "अ" आने पर "ऐ" का "आय्" हो जाता है (ग् + आय् + अक = गायक)।
"शास्त्रीय संगीत के प्रतिभाशाली गायक ने अपनी सुरीली तान से सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): "ऐ" के बाद भिन्न स्वर "अ" आने पर "ऐ" का "आय्" हो जाता है (न् + आय् + अक = नायक)।
"नाटक का नायक अपने अदम्य साहस और सत्यनिष्ठा से दर्शकों के दिलों पर छा गया।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): "ऐ" के उपरांत भिन्न स्वर "इ" आने पर "ऐ" का "आय्" होकर "इ" की मात्रा से "आयि" बनता है (न् + आयि + का = नायिका)।
"कालिदास के सुप्रसिद्ध नाटक अभिज्ञानशाकुंतलम् की नायिका शकुंतला का चरित्र अत्यंत गरिमामयी है।"