Sandhi Vichchhed (Split Form) (संधि विच्छेद)
यशः + इच्छा

दो मूल सार्थक पद

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अः + इ = अइ (केवल विसर्ग लोप)
✓Combined Word (Sandhiyukt Shabd) (संधियुक्त शब्द)

यशइच्छा

Yashaichchha (Yashah + Ichchha)

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Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र)

हिंदी व्याकरण नियम व्याख्या (Rule Explanation in Hindi):

विसर्ग से पूर्व "अ" होने तथा बाद में "इ" स्वर आने पर केवल विसर्ग का लोप होता है, अन्य कोई स्वर संधि नहीं होती।

English Grammatical Rule & Principle:

Visarga drops cleanly when preceded by "a" and followed by "i", without gun vowel contraction.

मूल सूत्र: ह्रस्व स्वर (इ, उ) + ः + र = दीर्घ स्वर (ई, ऊ) + विसर्ग लोप | अः + भिन्न स्वर = विसर्ग लोप
संपूर्ण नियम व्याख्या देखें →
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Sentence Usage (वाक्य प्रयोग)

प्रामाणिक हिंदी वाक्य प्रयोग:

"निष्काम कर्मयोगी किसी सांसारिक यशइच्छा के बिना ही समाज की निस्वार्थ सेवा में लीन रहता है।"

English Translation:

"A selfless karma-yogi remains immersed in service without any craving for personal fame (Yashaichchha)."

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'यशइच्छा' से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

"यशइच्छा" का सही संधि विच्छेद क्या है?▼

"यशइच्छा" का शुद्ध एवं प्रामाणिक संधि विच्छेद "यशः + इच्छा" है।

"यशइच्छा" में कौन सी संधि है?▼

"यशइच्छा" में मुख्य रूप से "विसर्ग संधि" (विशिष्ट उपभेद: विसर्ग का लोप एवं पूर्व स्वर का दीर्घ होना) है।

"यशइच्छा" के विच्छेद में कौन सा व्याकरण नियम और सूत्र प्रयुक्त हुआ है?▼

विसर्ग से पूर्व "अ" होने तथा बाद में "इ" स्वर आने पर केवल विसर्ग का लोप होता है, अन्य कोई स्वर संधि नहीं होती। (ध्वनि सूत्र: अः + इ = अइ (केवल विसर्ग लोप))

What is the meaning and sentence usage of "यशइच्छा" in English?▼

English Translation: "A selfless karma-yogi remains immersed in service without any craving for personal fame (Yashaichchha)." | Sentence in Hindi: "निष्काम कर्मयोगी किसी सांसारिक यशइच्छा के बिना ही समाज की निस्वार्थ सेवा में लीन रहता है।"

विसर्ग का लोप एवं पूर्व स्वर का दीर्घ होना के अन्य प्रमुख शब्द

सभी उदाहरण देखें →
इः + र = नीर (विसर्ग लोप + दीर्घीभाव)
Sandhi Vichchhed (Split Form) (संधि विच्छेद)निः + रोग
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Combined Word (Sandhiyukt Shabd) (संधियुक्त शब्द)नीरोग

Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग के बाद "र" वर्ण आने पर विसर्ग का लोप हो जाता है तथा पूर्ववर्ती ह्रस्व स्वर "इ" दीर्घ "ई" ( ी ) में बदल जाता है।

"नियमित योगाभ्यास और संतुलित सात्विक आहार शरीर को स्वस्थ और नीरोग बनाए रखता है।"

Sandhi Vichchhed (Split Form) (संधि विच्छेद)निः + रस
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Combined Word (Sandhiyukt Shabd) (संधियुक्त शब्द)नीरस

Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग के बाद "र" आने से विसर्ग लुप्त हो जाता है और पूर्ववर्ती ह्रस्व "इ" दीर्घ होकर "नी" बन जाता है।

"कला और साहित्य से विहीन मनुष्य का जीवन सर्वथा नीरस और प्रेरणाहीन हो जाता है।"

Sandhi Vichchhed (Split Form) (संधि विच्छेद)निः + रव
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Combined Word (Sandhiyukt Shabd) (संधियुक्त शब्द)नीरव

Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग के बाद "र" आने पर विसर्ग का लोप होता है और "नि" का ह्रस्व "इ" दीर्घ "ई" में परिवर्तित होता है।

"मध्यरात्रि के समय संपूर्ण गाँव में एक गहरा और नीरव सन्नाटा छाया हुआ था।"

इः + र = नीर
Sandhi Vichchhed (Split Form) (संधि विच्छेद)निः + रुज
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Combined Word (Sandhiyukt Shabd) (संधियुक्त शब्द)नीरुज

Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग के बाद "र" आने पर विसर्ग का लोप होकर पूर्ववर्ती स्वर "इ" दीर्घ "ई" में बदल जाता है।

"रोग (रुज) से रहित नीरुज काया ही मनुष्य के समस्त सांसारिक सुखों का पहला साधन है।"