Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग के बाद "र" वर्ण आने पर विसर्ग का लोप हो जाता है तथा पूर्ववर्ती ह्रस्व स्वर "इ" दीर्घ "ई" ( ी ) में बदल जाता है।
"नियमित योगाभ्यास और संतुलित सात्विक आहार शरीर को स्वस्थ और नीरोग बनाए रखता है।"
दो मूल सार्थक पद
Neerav (Nih + Rav)
विसर्ग के बाद "र" आने पर विसर्ग का लोप होता है और "नि" का ह्रस्व "इ" दीर्घ "ई" में परिवर्तित होता है।
Visarga elides before "r" and short "i" lengthens into long "ee".
"मध्यरात्रि के समय संपूर्ण गाँव में एक गहरा और नीरव सन्नाटा छाया हुआ था।"
"At midnight, a profound and soundless (Neerav) silence enveloped the entire hamlet."
"नीरव" का शुद्ध एवं प्रामाणिक संधि विच्छेद "निः + रव" है।
"नीरव" में मुख्य रूप से "विसर्ग संधि" (विशिष्ट उपभेद: विसर्ग का लोप एवं पूर्व स्वर का दीर्घ होना) है।
विसर्ग के बाद "र" आने पर विसर्ग का लोप होता है और "नि" का ह्रस्व "इ" दीर्घ "ई" में परिवर्तित होता है। (ध्वनि सूत्र: इः + र = नीर)
English Translation: "At midnight, a profound and soundless (Neerav) silence enveloped the entire hamlet." | Sentence in Hindi: "मध्यरात्रि के समय संपूर्ण गाँव में एक गहरा और नीरव सन्नाटा छाया हुआ था।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग के बाद "र" वर्ण आने पर विसर्ग का लोप हो जाता है तथा पूर्ववर्ती ह्रस्व स्वर "इ" दीर्घ "ई" ( ी ) में बदल जाता है।
"नियमित योगाभ्यास और संतुलित सात्विक आहार शरीर को स्वस्थ और नीरोग बनाए रखता है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग के बाद "र" आने से विसर्ग लुप्त हो जाता है और पूर्ववर्ती ह्रस्व "इ" दीर्घ होकर "नी" बन जाता है।
"कला और साहित्य से विहीन मनुष्य का जीवन सर्वथा नीरस और प्रेरणाहीन हो जाता है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग के बाद "र" आने पर विसर्ग का लोप होकर पूर्ववर्ती स्वर "इ" दीर्घ "ई" में बदल जाता है।
"रोग (रुज) से रहित नीरुज काया ही मनुष्य के समस्त सांसारिक सुखों का पहला साधन है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग से पूर्व "अ" हो तथा बाद में "अ" से भिन्न स्वर (यहाँ "ए") आने पर विसर्ग का मात्र लोप हो जाता है।
"वर्षा बहुत तीव्र गति से हो रही थी, अतएव आज विद्यालय में अवकाश घोषित कर दिया गया।"