मानक संधि विच्छेद
Sandhi Vichchhed (Split Form) (संधि विच्छेद)
प्रति + उपकार

दो मूल सार्थक पद

➔
इ + उ = यु
✓Combined Word (Sandhiyukt Shabd) (संधियुक्त शब्द)

प्रत्युपकार

Pratyupkar (Prati + Upakar)

यण स्वर संधि के सभी नियम पढ़ें →
📖

Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र)

हिंदी व्याकरण नियम व्याख्या (Rule Explanation in Hindi):

ह्रस्व "इ" के बाद भिन्न स्वर "उ" आने पर "इ" का "य्" होकर "यु" बन जाता है।

English Grammatical Rule & Principle:

Short "i" followed by dissimilar "u" converts into "yu", leaving "t" half.

मूल सूत्र: इ/ई + असमान स्वर = य् | उ/ऊ + असमान स्वर = व् | ऋ + असमान स्वर = र्
संपूर्ण नियम व्याख्या देखें →
✍️

Sentence Usage (वाक्य प्रयोग)

प्रामाणिक हिंदी वाक्य प्रयोग:

"सज्जन व्यक्ति बिना किसी प्रत्युपकार की आशा किए निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा करते हैं।"

English Translation:

"Noble individuals serve society selflessly without harboring expectations of reciprocal favor (Pratyupkar)."

❓

'प्रत्युपकार' से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

"प्रत्युपकार" का सही संधि विच्छेद क्या है?▼

"प्रत्युपकार" का शुद्ध एवं प्रामाणिक संधि विच्छेद "प्रति + उपकार" है।

"प्रत्युपकार" में कौन सी संधि है?▼

"प्रत्युपकार" में मुख्य रूप से "स्वर संधि" (विशिष्ट उपभेद: यण स्वर संधि) है।

"प्रत्युपकार" के विच्छेद में कौन सा व्याकरण नियम और सूत्र प्रयुक्त हुआ है?▼

ह्रस्व "इ" के बाद भिन्न स्वर "उ" आने पर "इ" का "य्" होकर "यु" बन जाता है। (ध्वनि सूत्र: इ + उ = यु)

What is the meaning and sentence usage of "प्रत्युपकार" in English?▼

English Translation: "Noble individuals serve society selflessly without harboring expectations of reciprocal favor (Pratyupkar)." | Sentence in Hindi: "सज्जन व्यक्ति बिना किसी प्रत्युपकार की आशा किए निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा करते हैं।"

यण स्वर संधि के अन्य प्रमुख शब्द

सभी उदाहरण देखें →
स्वर संधियण स्वर संधि🎓 Class 8-10
इ + आ = या
Sandhi Vichchhed (Split Form) (संधि विच्छेद)इति + आदि
➔
Combined Word (Sandhiyukt Shabd) (संधियुक्त शब्द)इत्यादि

Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में ह्रस्व "इ" के बाद असमान स्वर "आ" आने से "इ" का "य्" होकर पूर्व व्यंजन "त्" आधा रह जाता है।

"दुकानदार ने फल, सब्जियाँ, दालें इत्यादि आवश्यक घरेलू सामग्री समय पर पहुँचा दीं।"

स्वर संधियण स्वर संधि🎓 Class 8-10
इ + अ = य
Sandhi Vichchhed (Split Form) (संधि विच्छेद)अति + अधिक
➔
Combined Word (Sandhiyukt Shabd) (संधियुक्त शब्द)अत्यधिक

Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): ह्रस्व "इ" के बाद असमान स्वर "अ" आने पर "इ" का "य्" हो जाता है और पूर्व व्यंजन आधा होकर "अत्यधिक" बनता है।

"ग्रीष्मकाल में अत्यधिक परिश्रम करने से शरीर में जल की कमी हो सकती है।"

स्वर संधियण स्वर संधि🎓 Class 8-10
इ + अ = य
Sandhi Vichchhed (Split Form) (संधि विच्छेद)यदि + अपि
➔
Combined Word (Sandhiyukt Shabd) (संधियुक्त शब्द)यद्यपि

Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): ह्रस्व "इ" के उपरांत भिन्न स्वर "अ" आने से "इ" का "य्" हो जाता है (द् + य् = द्य)।

"यद्यपि मार्ग अत्यंत दुर्गम था, तथापि पर्वतारोहियों ने शिखर पर विजय प्राप्त कर ली।"

स्वर संधियण स्वर संधि🎓 Class 8-10
इ + ए = ये
Sandhi Vichchhed (Split Form) (संधि विच्छेद)प्रति + एक
➔
Combined Word (Sandhiyukt Shabd) (संधियुक्त शब्द)प्रत्येक

Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): ह्रस्व "इ" के बाद भिन्न स्वर "ए" आने पर "इ" का "य्" होकर "ये" बनता है और पूर्व व्यंजन "त्" आधा रह जाता है।

"सच्चे लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक के मत का समान महत्व और सम्मान होता है।"