मानक संधि विच्छेद
Sandhi Vichchhed (Split Form) (संधि विच्छेद)
पितृ + आज्ञा

दो मूल सार्थक पद

➔
ऋ + आ = रा
✓Combined Word (Sandhiyukt Shabd) (संधियुक्त शब्द)

पित्राज्ञा

Pitragya (Pitri + Aagya)

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Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र)

हिंदी व्याकरण नियम व्याख्या (Rule Explanation in Hindi):

"ऋ" के बाद भिन्न स्वर "आ" आने से "ऋ" का "र्" हो जाता है और त् + र् मिलकर "त्र" बन जाता है।

English Grammatical Rule & Principle:

Vowel "ri" followed by dissimilar "aa" converts to "r", fusing dental "t" and "r" into compound "tra".

मूल सूत्र: इ/ई + असमान स्वर = य् | उ/ऊ + असमान स्वर = व् | ऋ + असमान स्वर = र्
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Sentence Usage (वाक्य प्रयोग)

प्रामाणिक हिंदी वाक्य प्रयोग:

"मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने पित्राज्ञा का पालन करते हुए चौदह वर्ष का वनवास सहर्ष स्वीकार किया।"

English Translation:

"Lord Rama joyfully accepted fourteen years of exile in devout compliance with paternal command (Pitragya)."

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'पित्राज्ञा' से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

"पित्राज्ञा" का सही संधि विच्छेद क्या है?▼

"पित्राज्ञा" का शुद्ध एवं प्रामाणिक संधि विच्छेद "पितृ + आज्ञा" है।

"पित्राज्ञा" में कौन सी संधि है?▼

"पित्राज्ञा" में मुख्य रूप से "स्वर संधि" (विशिष्ट उपभेद: यण स्वर संधि) है।

"पित्राज्ञा" के विच्छेद में कौन सा व्याकरण नियम और सूत्र प्रयुक्त हुआ है?▼

"ऋ" के बाद भिन्न स्वर "आ" आने से "ऋ" का "र्" हो जाता है और त् + र् मिलकर "त्र" बन जाता है। (ध्वनि सूत्र: ऋ + आ = रा)

What is the meaning and sentence usage of "पित्राज्ञा" in English?▼

English Translation: "Lord Rama joyfully accepted fourteen years of exile in devout compliance with paternal command (Pitragya)." | Sentence in Hindi: "मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने पित्राज्ञा का पालन करते हुए चौदह वर्ष का वनवास सहर्ष स्वीकार किया।"

यण स्वर संधि के अन्य प्रमुख शब्द

सभी उदाहरण देखें →
स्वर संधियण स्वर संधि🎓 Class 8-10
इ + आ = या
Sandhi Vichchhed (Split Form) (संधि विच्छेद)इति + आदि
➔
Combined Word (Sandhiyukt Shabd) (संधियुक्त शब्द)इत्यादि

Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में ह्रस्व "इ" के बाद असमान स्वर "आ" आने से "इ" का "य्" होकर पूर्व व्यंजन "त्" आधा रह जाता है।

"दुकानदार ने फल, सब्जियाँ, दालें इत्यादि आवश्यक घरेलू सामग्री समय पर पहुँचा दीं।"

स्वर संधियण स्वर संधि🎓 Class 8-10
इ + अ = य
Sandhi Vichchhed (Split Form) (संधि विच्छेद)अति + अधिक
➔
Combined Word (Sandhiyukt Shabd) (संधियुक्त शब्द)अत्यधिक

Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): ह्रस्व "इ" के बाद असमान स्वर "अ" आने पर "इ" का "य्" हो जाता है और पूर्व व्यंजन आधा होकर "अत्यधिक" बनता है।

"ग्रीष्मकाल में अत्यधिक परिश्रम करने से शरीर में जल की कमी हो सकती है।"

स्वर संधियण स्वर संधि🎓 Class 8-10
इ + अ = य
Sandhi Vichchhed (Split Form) (संधि विच्छेद)यदि + अपि
➔
Combined Word (Sandhiyukt Shabd) (संधियुक्त शब्द)यद्यपि

Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): ह्रस्व "इ" के उपरांत भिन्न स्वर "अ" आने से "इ" का "य्" हो जाता है (द् + य् = द्य)।

"यद्यपि मार्ग अत्यंत दुर्गम था, तथापि पर्वतारोहियों ने शिखर पर विजय प्राप्त कर ली।"

स्वर संधियण स्वर संधि🎓 Class 8-10
इ + ए = ये
Sandhi Vichchhed (Split Form) (संधि विच्छेद)प्रति + एक
➔
Combined Word (Sandhiyukt Shabd) (संधियुक्त शब्द)प्रत्येक

Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): ह्रस्व "इ" के बाद भिन्न स्वर "ए" आने पर "इ" का "य्" होकर "ये" बनता है और पूर्व व्यंजन "त्" आधा रह जाता है।

"सच्चे लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक के मत का समान महत्व और सम्मान होता है।"