Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में "आ" और द्वितीय पद के आदि में "ए" के मिलने से दोनों के स्थान पर वृद्धि रूप "ऐ" हो जाता है।
"सत्य और निष्ठा के मार्ग पर चलने वाले व्यक्ति को समाज में सदैव सम्मान मिलता है।"
दो मूल सार्थक पद
Mahoshadh (Maha + Aushadh)
दीर्घ "आ" के उपरांत "औ" आने पर दोनों के स्थान पर वृद्धि स्वर "औ" ( ौ ) हो जाता है।
Long "aa" meeting "au" transforms into long diphthong "au".
"आयुर्वेद में गिलोय को रोगों से रक्षा करने वाली महौषध के रूप में स्वीकार किया गया है।"
"In Ayurveda, Giloy is accepted as a sovereign remedy (Mahoshadh) shielding against ailments."
"महौषध" का शुद्ध एवं प्रामाणिक संधि विच्छेद "महा + औषध" है।
"महौषध" में मुख्य रूप से "स्वर संधि" (विशिष्ट उपभेद: वृद्धि स्वर संधि) है।
दीर्घ "आ" के उपरांत "औ" आने पर दोनों के स्थान पर वृद्धि स्वर "औ" ( ौ ) हो जाता है। (ध्वनि सूत्र: आ + औ = औ)
English Translation: "In Ayurveda, Giloy is accepted as a sovereign remedy (Mahoshadh) shielding against ailments." | Sentence in Hindi: "आयुर्वेद में गिलोय को रोगों से रक्षा करने वाली महौषध के रूप में स्वीकार किया गया है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में "आ" और द्वितीय पद के आदि में "ए" के मिलने से दोनों के स्थान पर वृद्धि रूप "ऐ" हो जाता है।
"सत्य और निष्ठा के मार्ग पर चलने वाले व्यक्ति को समाज में सदैव सम्मान मिलता है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): दीर्घ "आ" के उपरांत "ए" आने से दोनों वर्ण मिलकर वृद्धि स्वर "ऐ" ( ै ) में परिवर्तित हो जाते हैं।
"गुरु ने जैसा उपदेश दिया, शिष्य ने तथैव जीवन में निष्ठापूर्वक आचरण किया।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में ह्रस्व "अ" और द्वितीय पद के आदि में "ए" मिलकर वृद्धि रूप "ऐ" बन जाते हैं।
"अध्यापक ने परीक्षा कक्ष में एकैक छात्र के पहचान-पत्र की सूक्ष्मता से जाँच की।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): ह्रस्व "अ" के बाद "ऐ" आने पर दोनों के स्थान पर वृद्धि रूप "ऐ" हो जाता है।
"समिति के सभी सदस्यों में नए प्रस्ताव पर पूर्ण मतैक्य स्थापित हो गया।"