Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में "आ" और द्वितीय पद के आदि में "ए" के मिलने से दोनों के स्थान पर वृद्धि रूप "ऐ" हो जाता है।
"सत्य और निष्ठा के मार्ग पर चलने वाले व्यक्ति को समाज में सदैव सम्मान मिलता है।"
दो मूल सार्थक पद
Ekaik (Eka + Eka)
प्रथम पद के अंत में ह्रस्व "अ" और द्वितीय पद के आदि में "ए" मिलकर वृद्धि रूप "ऐ" बन जाते हैं।
Short "a" and "e" coalesce into the amplified vowel "ai".
"अध्यापक ने परीक्षा कक्ष में एकैक छात्र के पहचान-पत्र की सूक्ष्मता से जाँच की।"
"The teacher meticulously checked the identity credentials of one by one (Ekaik) student in the hall."
"एकैक" का शुद्ध एवं प्रामाणिक संधि विच्छेद "एक + एक" है।
"एकैक" में मुख्य रूप से "स्वर संधि" (विशिष्ट उपभेद: वृद्धि स्वर संधि) है।
प्रथम पद के अंत में ह्रस्व "अ" और द्वितीय पद के आदि में "ए" मिलकर वृद्धि रूप "ऐ" बन जाते हैं। (ध्वनि सूत्र: अ + ए = ऐ)
English Translation: "The teacher meticulously checked the identity credentials of one by one (Ekaik) student in the hall." | Sentence in Hindi: "अध्यापक ने परीक्षा कक्ष में एकैक छात्र के पहचान-पत्र की सूक्ष्मता से जाँच की।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में "आ" और द्वितीय पद के आदि में "ए" के मिलने से दोनों के स्थान पर वृद्धि रूप "ऐ" हो जाता है।
"सत्य और निष्ठा के मार्ग पर चलने वाले व्यक्ति को समाज में सदैव सम्मान मिलता है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): दीर्घ "आ" के उपरांत "ए" आने से दोनों वर्ण मिलकर वृद्धि स्वर "ऐ" ( ै ) में परिवर्तित हो जाते हैं।
"गुरु ने जैसा उपदेश दिया, शिष्य ने तथैव जीवन में निष्ठापूर्वक आचरण किया।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): ह्रस्व "अ" के बाद "ऐ" आने पर दोनों के स्थान पर वृद्धि रूप "ऐ" हो जाता है।
"समिति के सभी सदस्यों में नए प्रस्ताव पर पूर्ण मतैक्य स्थापित हो गया।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में "अ" और द्वितीय पद के प्रारंभ में "ए" मिलकर वृद्धि रूप "ऐ" बन जाते हैं।
"सच्चा साधक सांसारिक प्रतिष्ठा व लोकैषणा से परे रहकर आत्म-कल्याण में लीन रहता है।"