Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग से पूर्व "इ" स्वर होने तथा बाद में "क" वर्ण आने पर विसर्ग मूर्धन्य वर्ण आधे "ष्" में बदल जाता है।
"बच्चों का निष्कपट और निश्छल स्वभाव प्रत्येक व्यक्ति के मन में आनंद का संचार कर देता है।"
दो मूल सार्थक पद
Chatushpad (Chatuh + Paad)
विसर्ग से पूर्व "उ" स्वर होने तथा बाद में "प" आने पर विसर्ग मूर्धन्य "ष्" में परिणत हो जाता है।
Visarga preceded by "u" mutates into retroflex "sh" before labial "p".
"चार पैरों वाले चौपाया पशुओं को संस्कृत व्याकरण और साहित्य में चतुष्पाद कहा जाता है।"
"Four-legged quadruped animals are traditionally designated as Chatushpad in Sanskrit."
"चतुष्पाद" का शुद्ध एवं प्रामाणिक संधि विच्छेद "चतुः + पाद" है।
"चतुष्पाद" में मुख्य रूप से "विसर्ग संधि" (विशिष्ट उपभेद: विसर्ग का मूर्धन्य 'ष्' में परिवर्तन) है।
विसर्ग से पूर्व "उ" स्वर होने तथा बाद में "प" आने पर विसर्ग मूर्धन्य "ष्" में परिणत हो जाता है। (ध्वनि सूत्र: उः + प = ष्प)
English Translation: "Four-legged quadruped animals are traditionally designated as Chatushpad in Sanskrit." | Sentence in Hindi: "चार पैरों वाले चौपाया पशुओं को संस्कृत व्याकरण और साहित्य में चतुष्पाद कहा जाता है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग से पूर्व "इ" स्वर होने तथा बाद में "क" वर्ण आने पर विसर्ग मूर्धन्य वर्ण आधे "ष्" में बदल जाता है।
"बच्चों का निष्कपट और निश्छल स्वभाव प्रत्येक व्यक्ति के मन में आनंद का संचार कर देता है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग से पूर्व "उ" स्वर होने तथा बाद में "ट" वर्ण आने से विसर्ग मूर्धन्य "ष्" बन जाता है।
"रणभूमि में श्रीराम के धनुष की भयानक धनुष्टंकार सुनते ही राक्षसी सेना में भगदड़ मच गई।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग से पूर्व "उ" स्वर होने तथा बाद में "क" आने पर विसर्ग मूर्धन्य "ष्" में बदल जाता है।
"मनुष्य को सदैव बुरे कर्मों से बचना चाहिए क्योंकि किसी भी दुष्कर्म का परिणाम कभी सुखद नहीं होता।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग से पूर्व "इ" स्वर होने तथा बाद में "फ" आने पर विसर्ग मूर्धन्य "ष्" में बदल जाता है।
"बिना सही दिशा और सुनियोजित रणनीति के किया गया अंधाधुंध प्रयास अंततः निष्फल ही सिद्ध होता है।"